Class 12 Hindi Book Antral-II Chapter 3 Question Answer बिस्कोहर की माटी Summary

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मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यह लेख 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से भूगोल में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

NCERT Solutions for Humanities Class 12 Hindi Book Antral-II Chapter 2 Question Answer आरोहण Summary

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter03
अध्याय का नाम | Chapter Nameबिस्कोहर की माटी
लेखक का नाम | Author Nameविश्वनाथ त्रिपाठी
किताब | Bookअंतराल भाग 2 ऐच्छिक | Antral-II Hindi Elective
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectहिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer


बिस्कोहर की माटी पाठ का सार | बिस्कोहर की माटी summary

प्राकृतिक परिवेश का पारखी एवं सफल गद्य रचनाकार श्री त्रिपाठी द्वारा रचित स्वयं की आत्मकथा ‘नंगा तलाई’ एक प्रभावोत्पादक गद्य है। प्रस्तुत पाठ लेखक की आत्मकथा ‘नंगा तलाई’ का एक प्रमुख अंश है।

ग्रामीण जीवन तथा स्वयं के परिवार का प्रेरक स्थिति का चित्रण करना लेखक की कला मानी गई है। सुन्दर फूल, जहरीले जीव (साँप-बिच्छू), पारिवारिक भ्रम आदि का सजीव चित्रण करके लेखक ग्रामीण जीवन का सटीक वर्णन प्रस्तुत किया है।

class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

बिस्कोहर की माटी का सारांश | biskohar ki mati summary

ग्रामीण संसाधनों के प्रति लोगों का लगाव बतलाने हेतु प्रारम्भ में लेखक कमल-पत्र तथा कमल ककड़ी का वर्णन करता है। लोग कमल ककड़ी खाने के लिए ले जाते हैं। लेकिन इसे गाँवों में नहीं खाया जाता, यहाँ कमल गट्टा खाया जाता है। कोइयाँ नामक जल-पुष्प गाँवों में बहुत अधिक मिलता है। यह पानी में उगता है और इसे ही कुमुद तथा कोका-वेली भी कहते हैं। 

पहले बिसनाथ यह समझते थे कि कोइयाँ सिर्फ उनके ही गाँव में होती है। लेकिन जब वे वैष्णो देवी गए, तो उन्होंने पंजाब में भी इसे उगा हुआ देखा। यहाँ इन्होंने दूधिया रंग के सिंघाड़े भी उगे देखे। जिनकी गंध अद्भुत थी। इसके अतिरिक्त गाँव में अनेक फूल तथा वनस्पतियाँ भी मिलती थीं। यहाँ का आकाश, चन्द्रमा और प्राकृतिक वातावरण भी अद्भुत था। 

Class 12 Hindi Book Antral-II Chapter 3 Question Answer
image credit: Social media

माँ तथा बच्चे के संबंधों की चर्चा करते हुए लेखक छोटे बच्चे के क्रियाकलापों का वर्णन करता है। किस प्रकार बच्चा माँ का दूध पीता है और अपनी बाल सुलभ क्रीड़ाएँ करता है। बत्तख भी किसी माँ की भाँति अपने अंडों की देखभाल करती है। इन सबके पीछे कुछ-न-कुछ प्रयोजन अवश्य होता है। यह उनका मानना है।

लेखक का छेटा भाई जन्म लेता है, जिसे वे अपने ऊपर अत्याचार कहते हैं, क्योंकि उनसे माँ का दूध छिन गया। उनका पालन-पोषण भी एक दाई के द्वारा हुआ। गाँव में अनेक प्रकार के फूल होते हैं। जिनसे अलग-अलग प्रकार की गंध आती है। 

कुछ फूलों का प्रयोग रोगों के उपचार में भी होता है फूलों के अलावा गाँव में तालाबों के किनारों, मैदानों तथा खेतों में डोंड्हा, मजगिदवा, धामिन, गोहुअन, घोर कड़ाइच, भटिहा जैसे विषैले साँप भी मिलते हैं जो अलग-अलग तरीके से अपना, शिकार करते हैं। यहाँ बिच्छू भी बहुत होते हैं, जिनके काटने पर बहुत दर्द होता है। यहाँ पाए जाने वाले फूलों का प्रयोग दवाई के रूप में होता है। जब कभी किसी को लू आदि लग जाती है, तो इसका इलाज भी फल-फूलों द्वारा ही होता है।

यहाँ की बरसात अत्यन्त भीषण होती है, बादल जोर-जोर से गरजते और आँधियाँ भी चलती हैं। बारिश आने से मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों में भी खुशी फैल जाती है। इस बारिश से फोड़े-फुंसी आदि ठीक हो जाते है। लेकिन मच्छर, मक्खी, तथा अन्य कीड़े पैदा हो जाते हैं। फिर भी बारिश से चारों ओर हरियाली छा जाती है। 

लेकिन कभी-कभी बारिश इतनी अधिक होती है कि बाढ़ तक आ जाती है। जिससे यहाँ का जीवन अत्यन्त कठिन हो जाता है। खेत-खलिहान, खाने-पीने का सामान आदि बरबाद हो जाता है। यहाँ खेती के लिए छोटी-छोटी नालियाँ बनाई जाती हैं, जिन्हें बरहा कहते हैं।

लेखक ने दस साल की अवस्था में एक औरत को देखा जो उम्र में उससे लगभग दुगनी थी। उसके मन में उस औरत के प्रति आकर्षण का भाव पैदा हुआ। उन्हें प्रकृति में विद्यमान समस्त सौंदर्य उसके आगे फीका लगने लगा। लेकिन बिसनाथ अपनी भावना उसके आगे व्यक्त न कर पाए और उसकी शादी विस्कोहर में ही हो गई। बिसनाथ को अपना गाँव और यहाँ की औरतें सबसे सुंदर लगती है।

बिसनाथ को अपने आस-पास के समस्त पदार्थों की गंध, मादक, गंभीर और असीमित की ओर ले जाने वाली लगती थी। वह गंध, संगीत और प्राकृतिक वातावरण बिसनाथ आज भी नहीं भूल सका। कितना कुछ पाया, कितना नहीं पाया। 

लेकिन आज भी वे स्मृतियाँ आँखों में विद्यमान हैं। हर कला में एक इंतजार है। हर दुख आने वाले सुख को पाने का मार्ग है। साथ ही स्मृतियों में मृत्यु का बोध भी अजीब तौर पर जुड़ा है।


बिस्कोहर की माटी कठिन शब्दों के अर्थ

भसीण— कमल का तना, कमलनाल। कुमुदबुद अनवरत लगातार सिंघाड़ा एक कोटेदार फल जो पानी में होता है। बतिया—फल का अविकसित रूप । पितर-पक्ख— पितृ कुल । अनायास — बिना प्रयत्न के। सकर्मक—–कर्मयुक्त। अकर्मक – जिसके लिए कर्म जरूरी न हो। सुबुकना-धीमे स्वर में रोना। नाउन — नाइन (नाई की स्त्री)। पुलक — रोमांच । स्वतर्कता सावधान होना | रूपांतरित रूपांतर हुआ। प्रयोजन — उद्देश्य | कसेरिन—वर्तन

बनाने व बेचने वाली जाति। कथरी – विछौना। साफ-सफ्फाक—साफ और स्वच्छ । इफरात- अधिकता। सत्यानाशी – सत्यानाश करने वाला। आँख आना-आँखों का एक रोग।

भीटों-टीला अवचेतन— जिसमें चेतना न हो। पुलकित — रोमांचित अगाध – भरपूर बरहा-खेतों की सिंचाई के लिए छोटी नाती। तदाकार— उसी के आकार का परिणति—परिणत होने की अवस्था उत्कट – तीव्र आर्द्र-नमः। व्यथा- आंतरिक दुःख । स्थापत्य – वास्तुकला बोध-ज्ञान।


बिस्कोहर की माटी पाठ का प्रश्न उत्तर | Class 12 Hindi Book Antral-II Chapter 3 Question Answer

प्रश्न 1. कोइयाँ किसे कहते हैं ? उसकी विशेषताएँ बताइए।

उत्तर—कोइयाँ—कोइयाँ एक प्रकार का जल-पुष्प है। यह पानी में उगता है। इसे कुमुद तथा कोका-बेली भी कहते हैं। लेखक के गाँव में यह बहुत अधिक पाया जाता है। विशेषताएँ 

(i) जहाँ कहीं भी पानी भर जाता है, यह स्वयं ही वहाँ उग जाता है।

(ii) इसकी गंध अत्यन्त मादक होती है। 

(iii) ये चाँदनी की तरह दूधिया रंग के होते हैं। इनका रंग अत्यन्त आकर्षक होता है। 

(iv) यह मुख्यतः शरद ऋतु में अधिक होता है। 

प्रश्न 2. ‘बच्चे का माँ का दूध पीना सिर्फ दूध पीना नहीं, माँ से बच्चे के सारे संबंधों का जीवन चरित होता है।’ टिप्पणी कीजिए।

उत्तर- (क) माँ के दूध से बच्चे का विकास जन्म के उपरांत बच्चा भोजन के रूप में माँ का दूध ही ग्रहण करता है। वह काफी समय तक माँ के दूध से ही अपना पेट भरता है। उसी से बच्चे का वास्तविक विकास होता है। वैसे भी नवजात शिशु के लिए माँ का दूध अति आवश्यक है।

(ख) दूध पिलाना संबंधों का आधार- माँ अपने बच्चे को गोद में लेकर दूध पिलाती है। बच्चा गोद में कभी रोता है, कभी हँसता है, कभी वह माँ से चिपटता है, तो कभी माँ को पैर आदि मारता है। इन सब क्रियाओं के दौरान माँ बच्चे को प्यार करती रहती है। वह उसे अपनी स्नेह छाया से दूर नहीं करती। धीरे-धीरे बच्चे का विकास होता है। लेकिन फिर भी वह माँ का स्नेह पाता रहता है। यह स्नेह उसे आजीवन मिलता है। 

प्रश्न 3. बिसनाथ पर क्या अत्याचार हो गया ?

उत्तर—

(क) दूध छिन जानता—विसनाथ अभी कुछ ही बड़े हुए थे कि उनके छोटे भाई ने जन्म ले लिया। माँ छोटे भाई के दूध पिलाने लग गई और उनका दूध पीना बंद हो गया। छोटा भाई माँ का पौष्टिक दूध पीता और वह गाय का बेस्वाद दूध पीते ।

(ख) दाई द्वारा पालन पोषण—छोटे भाई के जन्म लेने के बाद बिसनाथ का माँ का दूध पीना बंद हो गया था। साथ ही उन्हें पालन-पोषण के लिए दाई को सौंप दिया गया। वह उनको जमीन पर एक बिछौने पर लेटा देती और वह चुपचाप चाँद को देखते रहते। माँ का दूध छूटना और दाई द्वारा पालन-पोषण विसनाथ को अत्याचार लगता है। 

प्रश्न 4. गरमी और लू से बचने के उपायों का विवरण दीजिए। क्या आप भी उन उपायों से परिचित हैं ?

उत्तर- लेखक ने पाठ में ग्रामीण परिवेश का चित्रण किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार घर में ही कर लिया जाता है। पाठ में गर्मी तथा लू से बचने के कुछ उपाए बताए हैं। 

(क) प्याज द्वारा इलाज लेखक की माँ गर्मियों के मौसम में लू से बचने के लिए उसकी धोती या कमीज से गाँठ लगाकर प्याज बाँध देती थी। 

(ख) कच्चे आम द्वारा इलाज – कच्चे आम का पन्ना लू तथा गर्मी से बचने की एक दवा थी। लेखक की माँ लू से बचने के लिए कच्चे आम को विभिन्न प्रकार से प्रयोग करती है। जैसे-गुड़ या चीनी मिलाकर उसके शरबत पीना, देह में लेपना, कच्चे आम को नूनकर या उबालकर उससे सिर धोना । हौं, हम सभी इन उपायों से परिचित हैं। प्रायः हर क्षेत्र में इस प्रकार के उपाय किए जाते हैं। 

प्रश्न 5. लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तुलना बत्तख से की है ?

उत्तर- 

(क) बच्चों की सुरक्षा-लेखक के अनुसार जब बत्तख अंडा देने वाली होती है, तो वह पानी छोड़कर जमीन पर आ जाती है। वह उन्हें पंखों में छिपाए रखती है। वह अपने अंडे बड़ी ही सतर्कता से फोड़ती है। इसी प्रकार माँ भी अपने बच्चों की देखभाल बड़ी सतर्कता से करती है और अपने बच्चों को संकटों से बचाती है। 

(ख) ममता — लेखक ने माँ और बत्तख दोनों को ममतामयी बताया है। दोनों ही अपने बच्चों की देखभाल भली-भाँति करती हैं।

(ग) दूध पिलाना — लेखक के अनुसार उसकी माँ उसे दूध पिलाती है ठीक उसी प्रकार बत्तख भी अपने बच्चों को पंखों में छिपाकर उसकी रक्षा करती है।

प्रश्न 6. बिस्कोहर में हुई बरसात का जो वर्णन बिसनाथ ने किया है उसे अपने शब्दों में लिखिए। 

उत्तर—

(क) बरसात से पूर्व की स्थिति — बिस्कोहर में बरसात अचानक नहीं आ जाती। उससे पहले बादल गरजते हैं और बिजलियाँ कड़कती हैं। ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति एक संगीत उत्पन्न कर रही हो। आसमान में बादल इधर-उधर भागने लगते हैं। तेज आंधियाँ चलने

लगती हैं। इसके बाद घनघोर वर्षा होती है। 

(ख) बरसात के बाद की स्थिति-कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद हुई बरसात से सभी जीव-जन्तु प्रसन्न हो उठते हैं। चारों ओर हरियाली छा जाती है। लेकिन इस बरसात से मच्छर, जोंक, जुगनू, केंचुए आदि अनेक कीड़े-मकोड़े पैदा हो जाते हैं। गंदगी और कीचड़ भी हो जाता है। बाढ़ आ जाए, तो खेत खलिहान तथा मैदानों में पानी भर जाता है। वैसे बरसात के बाद बिस्कोहर की घरती, आकाश, तालाब आदि निखर उठते हैं। पेड़-पौधे पूर्ण रूप से विकसित होने लगते हैं। चारों ओर शीतलता छा जाती है।

प्रश्न 7. ‘फूल केवल गंध ही नहीं देते दवा भी करते हैं’, कैसे ? 

उत्तर—फूल केवल गंध ही नहीं देते, अपितु दवा का काम भी करते हैं। लेखक के गाँव में अनेक रोगों का उपचार फूलों के द्वारा होता था। उनमें से निम्नलिखित का वर्णन लेखक ने पाठ में किया है- 

(i) गाँव में फूलों की गंध से साँप, महामारी, देवी, चुड़ैल आदि का संबंध जोड़ा जाता था। 

(ii) नीम के फूल और पत्ते चेचक के रोगी के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

(iii) बेर के फूल को सूँघने से ततैया का डंक झड़ जाता है।

(iv) आम के फूलों को भी अनेक प्रकार के रोगों में दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है। 

प्रश्न 8. ‘प्रकृति सजीव नारी बन गई’- इस कथन के संदर्भ में लेखक की प्रकृति, नारी और सौंदर्य संबंधी मान्यताएँ स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर- 

(क) सौंदर्य आकर्षण- लेखक अपने किसी रिश्तेदार के घर गया था। वहाँ उसने एक औरत को देखा। वह औरत अत्यन्त रूपवती थी लेखक पर उसके सौंदर्य का आकर्षण इस कदर हावी हुआ कि उसे समस्त प्रकृति में वही औरत नजर आने लगी। वह औरत विसनाथ को और औरत के रूप में नहीं, बल्कि जूही की लता बन गई, चाँदनी के रूप में लगी जिसके फूलों से खुशबू आ रही थी। उन्हें लगा प्रकृति सजीव नारी बन गई अर्थात् प्रकृति का समस्त सौंदर्य उन्हें उस नारी में समाहित प्रतीत होने लगा। 

(ख) प्रकृति प्रेम-विसनाथ को फूलों, पेड़ों, लताओं तच प्रकृति की समस्त वस्तुओं से प्रेम था। प्रकृति उनके हृदय में बसी हुई थी। वह प्रकृति को सजीव रूप में देखते थे। वह औरत भी उन्हें प्रकृति की तरह बहुत सुन्दर लगी। इसलिए उन्हें लगा कि प्रकृति सजीव नारी बन गई। 

प्रश्न 9. ऐसी कौन सी स्मृति है जिसके साथ लेखक को मृत्यु का बोध अजीब तौर से जुड़ा मिलता है।

उत्तर- वैसे तो लेखक को अनेक अप्राप्तियों की स्मृति है, जो उसे कभी-कभी पीड़ा पहुँचाती रहती है। लेकिन जिस औरत को देखकर वह समस्त प्रकृति के सौन्दर्य को ही भूल गया। था, परन्तु उससे अपनी भावनाओं का इजहार न कर पाया यह एक ऐसी स्मृति है, जिसके साथ लेखक को मृत्यु का बोध अजीब तौर से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।

प्रश्न 10. ग्रामीण जीवन में आने वाली विपत्तियों का वर्णन कीजिए।

उत्तर—

(क) रोग तथा महामारियों का प्रकोप गाँवों में प्रायः कोई-न-कोई रोग या महामारी फैल जाती है। जैसे—चेचक आदि। इसके अलावा गर्मियों में लू लगना, साँप जैसे जहरीले कीड़ों द्वारा काटना आदि का भय भी रहता है। बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाता है जिससे मच्छर बढ़ने के साथ मलेरिया तथा हैजा जैसी महामारियाँ फैल जाती हैं। फोड़े-फुंसी तथा दाद-खाज जैसी बीमारियाँ फैलने लगती हैं।

(ख) प्राकृतिक आपदाएँ- ग्रामीण क्षेत्र अधिकांशतः खुले हुए होते हैं। इन क्षेत्रों में विभिन्न मौसमों में अनेक आपदाएँ आती रहती हैं। वर्षा ऋतु में अधिक वरसात के कारण बाढ़ आ जाती है जिससे जान-माल के साथ-साथ खेत-खलिहान भी तबाह हो जाते हैं। इसके अलावा आँधियाँ- -तूफान आदि भी इन क्षेत्रों में भीषण तबाही फैलाते हैं। ग्रामीण जीवन में प्राकृतिक आपदाएँ आम बात हैं।

प्रश्न 11. माँ अपने बच्चे के लिए क्या-क्या क्रियाएँ करती है ? पाठ के आधार पर बताइए।

उत्तर- 

(क) बच्चे का पालन-पोषण माँ जन्म के उपरांत अपने बच्चे का पालन-पोषण बड़े ही लाड़-प्यार से करती है। वह अपने नवजात शिशु को आँचल में छिपाकर उसे दूध पिलाती। है। उसे अपनी छाती से चिपकाए रखती है। बच्चा अपनी माँ के पेट का स्पर्श, गंध भोगता है। बड़े ही प्यार से माँ की गोद में सोया रहता है। माँ उसे अपनी ममता और स्नेह निस्वार्थ देती रहती है।

(ख) बच्चे की सुरक्षा— माँ अपने बच्चे का पालन-पोषण अत्यन्त प्रेमपूर्वक करती है। साथ ही बच्चे की सुरक्षा का भी खास ख्याल रखती है। उसे अपने बच्चे की हर पीड़ा का पता होता है। वह अपने बच्चे पर आने वाले संकटों के प्रति सतर्क रहती है। वह अपने बच्चे को हर खतरे से बचाना चाहती है।

प्रश्न 12. पाठ में लेखक द्वारा किए गए प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन कीजिए। 

उत्तर- 

(क) फूलों का वर्णन लेखक ने पाठ में ग्रामीण प्राकृतिक परिवेश में पाए जाने वाले विभिन्न फूलों का वर्णन किया है। सरसों के फूल जब खेतों में खिलते हैं, तो चारो ओर पीली चादर बिछी प्रतीत होती है। ये फूल अपनी अनुपम गंध से वातावरण को महका देते हैं। 

(ख) वर्षा ऋतु का वर्णन — लेखक ने वर्षा ऋतु का मनोहारी वर्णन किया है। इस ऋतु में चारों ओर हरियाली छा जाती है। तालाबों में साफ जल भर जाता है जो बिल्कुल शीतल और विशुद्ध होता है जीव-जन्तु, पशु-पक्षी सभी पुलकित हो उठते हैं।

(ग) अन्य वर्णन लेखक ने फसलों, वनस्पतियों, गाँव की मिट्टी तथा वृक्ष आदि का भी वर्णन किया है। ये सभी प्रकृति को सुन्दरता प्रदान करते हैं।



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VVI Question for VIP Topper Students

प्रश्न 1. ‘छोटा भाई दुमका दमक कर अम्मों का दूध पीता और बिसनाथ गाय का वाद दूध के आधार पर बिसनाथ की मनोदशा स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर- 
(क) पीड़ा की भावना इस कथन से बिसनाव की हृदयगत पीड़ा का आभास होता है। विनाथ अमी दूध पीने वाले ही हुए थे कि उनका छोटा भाई का जन्म हो गया जिससे उनका दूध पीना टूट गया। इससे उन्हें उत्पन्त पीड़ा हुई। इस कारण वह कहते भी है कि विसनाव पर अत्याचार हो गया।
(ख) ईर्ष्या की भावना-विसनाथ बचपन में अपनी माँ का दूध पीने की चाह रखते थे। लेकिन उनके यहाँ छोटे भाई के जन्म लेने की वजह से उनका दूध समय से पहले छूट गया जिससे उन्हें एक और दुख पहुँचा तो दूसरी और उनके मन में अपने छोटे भाई के प्रति ईर्ष्या का भाव भी जगा जो उनके इस कथन से स्पष्ट हो जाता है। 

प्रश्न 2. ‘किसने दी बिसनाथ की माँ और बतख की माँ को इतनी ममता’ के माध्यम से लेखक क्या बताना चाहता है ? 

उत्तर– 
(क) माँ का प्रेम लेखक इस कथन के माध्यम से मों के अपने बच्चे के प्रति असीमित प्रेम को उजागर करता है। माँ अपने बच्चे से बहुत अधिक प्रेम करती है। वह अपने बच्चे की हर प्रकार की खुशी देना चाहती है और उसे सारे संकटों से बचाना चाहती है। बच्चा भीम के आंचल में अपने को सुरक्षित महसूस करता है। 
(ख) जीव-जन्तुओं में ममता-भाव-जिस प्रकार एक नारी अपने बच्चे को प्रेम-भाव से पाली पोसती है, उसी प्रकार जीव-जन्तु भी अपने बच्चे का पालन-पोषण करते हैं। उदाहरण से लेखक यही स्पष्ट करना चाहता है। इसके लिए वह लिखता है कि ‘बतख अपने अंडों को बड़ी सतर्कता, कोमलता से डैनों के अंदर छिपा लेती है। वह अंडों को बड़ी ही सतर्कता से उलटती पलटती है। साथ ही उसकी नजर अपने बच्चे पर आने वाले संकटों पर भी रहती है।

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