Class 12 Political Science Ch-15 MCQs With Answers Pdf Download | अध्याय 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर

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मैं यह लेख किस आधार पर किस आधार पर लिखा रहा हूं = मैं खुद कक्षा 12वीं का टॉपर रह चुका हूं और मुझे यह ज्ञात है कि किस प्रकार के प्रश्न Class 12 के परीक्षा में पूछे जाते हैं| वर्तमान समय में ,मैं शिक्षक का भी भूमिका निभा रहा हूं ,और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं के महत्वपूर्ण जानकारी व विषयों का अभ्यास भी कराता हूं | मैंने यहां mcqs का लेख अपने 5 सालों के अधिक अनुभव से लिखा है | इस पोस्ट के सहायता से आप परीक्षा में इस अध्याय से इतिहास में काफी अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगे |

Class 12 Political Science Ch-15 MCQs With Answers Pdf Download | अध्याय 15 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter15
अध्याय का नाम | Chapter Nameलोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectराजनीति विज्ञान | Political science
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsबहुविकल्पीय प्रश्न | MCQ

स्मरणीय बिन्दु (Points to Remember)

हर राज्य में स्थायी लोक सेवकों की बड़ी संख्या होती है जो प्रशासन को कुशलतापूर्वक चलाते हैं। महत्वपूर्ण निर्णयों के। लिए जाने व उन्हें लागू करने में उनकी विशेष भूमिका होती है। इसी को नौकरशाही कहते हैं। 

उदारवादी विचार यह मानता है कि नौकरशाही को निष्पक्ष या तटस्थ रहना चाहिए अर्थात् उन्हें राजनीति से अलग रहना चाहिए। कोई दल सत्ता में आये या सत्ता से बाहर हो जाये, उनका कार्य अपने राजनीतिक स्वामियों की सेवा करना है। 

लेकिन फासीवादी व साम्यवादी व्यवस्थाओं में प्रतिबद्ध नौकरशाही होती है। लोकसेवकों को सत्ताधारी दल की नीतियों व कार्यक्रमों के प्रति निष्ठावान होना जरूरी है। सत्ताधारी दल के राजनेता ही स्थायी लोकसेवकों की भर्ती करते हैं।

लोकतान्त्रिक देशों में तटस्थ नौकरशाही होती है। लेकिन 1969 में विवाद पैदा हुआ जब प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी तथा नई कांग्रेस के अध्यक्ष जगजीवन राम ने प्रतिबद्ध नौकरशाही के विचार का समर्थन किया। 

संविधान व सेवा सम्बन्धी नियमों के अनुसार लोकसेवक राजनीति में संलिप्त नहीं हो सकते। आलोचकों ने कहा कि इंदिरा सरकार भारत में सोवियत संघ जैसी व्यवस्था लाना चाहती है। लेकिन थोड़े अन्तराल के बाद यह विवाद टल गया जब सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि लोकसेवकों को किसी राजनीतिक दल की विचारधारा के प्रति नहीं बल्कि भारत के संविधान के आदर्शों व सिद्धान्तों के प्रति निष्ठावान होना चाहिए। उन्हें पुरानी मानसिकता छोड़कर देश के कल्याण सम्बन्धी कार्यों में पूर्ण सहयोग देना चाहिए। यह विचार मान्य हुआ कि भारत जैसे विकासशील देश के सन्दर्भ में नौकरशाही की प्रतिबद्धता की पुनर्व्याख्या की जानी चाहिए।

नौकरशाही की तरह न्यायपालिका भी तटस्थ होनी चाहिए लोकतंत्र में न्यायपालिका की स्वतन्त्रता बहुत जरूरी है। इसका यह अर्थ है कि न्यायाधीशों को राजनीति से दूर रखा जाये। वे स्वतन्त्र होकर विवादों का निपटान करें। फासीवादी व साम्यवादी देशों में न्यायालयों को सत्ताधारी पार्टी की नीतियों के अनुसार काम करना पड़ता है लेकिन भारत में न्यायपालिका की स्वतन्त्रता को बनाये रखने हेतु अनेक उपाय किये गये हैं। 

भारत में प्रतिबद्ध न्यायपालिका का मुद्दा उठा जब सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के विरुद्ध निर्णय दिये। गोलकनाथ केस (1967) में न्यायालय ने कहा कि संविधान में कोई ऐसा संशोधन नहीं हो सकता जो मौलिक अधिकारों में कटौती करे।

इन्दिरा सरकार ने यह रणनीति बनाई कि न्यायालय में ऐसे लोगों की नियुक्तियों की जायें जिनका सामाजिक दर्शन सरकार की नीतियों के अनुकूल हो। इसीलिए 1973 में वरिष्ठता को स्थापित परम्परा को तोड़ते हुए ए. एन. रे को प्रधान न्यायाधीश बनाया गया जिसके विरोध में तीन वरिष्ठ जजों ने त्यागपत्र दिये।

लोकतन्त्र का अर्थ है उत्तरदायी शासन संसदीय प्रणाली में विधान मण्डल अविश्वास के प्रस्ताव से सरकार को अपदस्थ कर सकता है। 

लेकिन 1972 में जयप्रकाश नारायण ने नव-निर्माण आन्दोलन चलाया जिसका पहला प्रयोग गुजरात में हुआ। 

युवाओं व छात्रों ने कांग्रेस की सरकार को भ्रष्ट कहकर निन्दित किया तथा विधायकों से बलपूर्वक त्यागपत्र लिखवाए गये। 1974 में राज्यपाल ने विधानसभा को भंग कर दिया। लेकिन यह आन्दोलन बिहार में विफल हुआ। 

यह प्रयोग जयप्रकाश नारायण की सम्पूर्ण क्रान्ति का अंश था। ऐसी क्रान्ति का आशय था कि देश में सभी क्षेत्रों में आमूल

परिवर्तन होना चाहिए। तभी भारत का नव-निर्माण होगा। 8. संविधान में आपातकाल से निपटने के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं। ऐसे प्रावधान जर्मनी के वायकर संविधान में रखे हुए थे जिनका हिटलर ने दुरुपयोग किया। इसीलिए संविधान सभा में एच. वी. कामथ जैसे सदस्यों ने इन प्रावधानों का विरोध किया। 

लेकिन प्रारूप समिति के सदस्य सर अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर ने इन्हें संविधान की ‘श्वास नली’ कहा। जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रान्ति अभियान ने देश की आन्तरिक व्यवस्था को हिला दिया। इसी से निपटने हेतु जून

1975 में अनु. 352 के तहत राष्ट्रपति ने संकट काल की घोषणा की जो मार्च 1977 तक चला। 10: आपात काल के दौरान सरकार ने अनेक प्रकार की ज्यादतियाँ कीं। विपक्ष को लगभग कुचल दिया गया। मनमाने तौर पर नजरबन्दियाँ की गयीं। 

इसीलिए 1977 के चुनावों में निर्वाचकों ने जयप्रकाश नारायन द्वारा रचित जनता पार्टी को विजयी बनाया। केन्द्र एवं अनेक राज्यों में जनता पार्टी की सरकारें बनीं। लोगों की अनिवार्य स्वतन्त्रताओं की रक्षा के लिए अनेक संगठन बने। 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Class 12 Political Science Ch-15 MCQs With Answers

Class 12 Political Science Ch-15 MCQs
Class 12 Political Science Ch-15 MCQs

1. भारत में प्रतिबद्ध नौकरशाही के विचार का समर्थन किसने किया ? 

(क) राजेन्द्र प्रसाद

(ख) जवाहरलाल नेहरू

(ग) लाल बहादुर शास्त्री

(घ) इन्दिरा गाँधी

2. किसने कहा कि दोष होते हुए भी नौकरशाही एक अपरिहार्य आवश्यकता है?

(क) कार्ल मार्क्स

(ख) मैक्स वेबर

(ग) हैरोल्ड लॉस्की

(घ) एफ. एम. मार्क्स

3. किस प्रधानमन्त्री के समय में यह बात उठी कि जज के पद पर नियुक्ति से पूर्व उस व्यक्ति के सामाजिक दर्शन को देखा जाना चाहिए ?

(क) जवाहरलाल नेहरू

(ख) लाल बहादुर शास्त्री

(ग) इन्दिरा गाँधी

(घ) राजीव गाँधी

4. नव-निर्माण आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया?

(क) महात्मा गाँधी

(ख) विनोबा भावे

(ग) जयप्रकाश नारायण 

(घ) राममनोहर लोहिया

5. नव-निर्माण आन्दोलन किस राज्य में विफल हुआ?

(क) उत्तर प्रदेश

(ख) गुजरात

(ग) राजस्थान

(घ) बिहारजब

6.  जनता सरकार बनी तो प्रधानमंत्री का पद किसे मिला?

(क) मोरारजी देसाई

(ख) जगजीवन राम

(ग) चरण सिंह

(घ) जयप्रकाश नारायण

7.जनता सरकार के समय में किसे विशेषाधिकार हनन के आरोप पर लोकसभा की सदस्यता से वंचित किया गया ?

(क) राजनारायण

(ख) चन्द्रशेखर

(ग) मधुलिमये

(घ) इन्दिरा गाँधी

8.नागरिक स्वतन्त्रता संघ से किसका नाम जुड़ा है ?

(क) वी. एम. तारकुंडे

(ख) राजेन्द्र सच्चर

(ग) अधिवक्ता मुखी

(घ) एच. डी. सूरी

class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

9. भारतीय संविधान में 42वाँ  संशोधन कब हुआ ?

(क) 1971 में

(ग) 1977 में

(ख) 1976 में

(घ) 1978 में 

10. 1977 के लोकसभा चुनावों में किस पार्टी को सबसे ज्यादा स्थान मिले ?

(क) इन्दिरा कांग्रेस

(ख) जनता पार्टी

(ग) कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी 

(घ) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी

11. ‘सम्पूर्ण क्रांति’ से किसका नाम जुड़ा है ? (JAC, 2017)

(क) महात्मा गाँधी

(ख) राज नारायण

(ग) जयप्रकाश नारायण 

(घ) इन्दिरा गाँधी जनता पार्टी

12. संवैधानिक व्यवस्था का संकट का गठन हुआ था-

(क) 1 मई, 1977

(ख) 29 अगस्त, 1974 

(ग) 25 जून, 1974

(घ) इनमें से कोई नहीं

13. “जय जवान, जय किसान” का नारा किसने दिया ?

(क) अटल बिहारी चित्र 

(ख) लाल बहादुर शास्त्री

(ग) इन्दिरा गाँधी

(घ) मोरारजी देसाई

14. 1975 में आपातकाल की घोषणा करने वाले राष्ट्रपति का नाम है-

(क) फखरुद्दीन अली अहमद

(ख) जाकिर हुसैन 

(ग) ज्ञानी जैल सिंह

(घ) इनमें से कोई नहीं

15. 1975 में राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया था ?

(क) जयप्रकाश नारायण ने 

(ख) वी. पी. सिंह ने

(ग) मोरारजी देसाई ने 

(घ) चन्द्रशेखर ने

16. भारत में संविधान के किस अनुच्छेद के तहत वित्तीय आपातकाल लगाया जाता है ?

(क) अनुच्छेद 352 

(ख) अनुच्छेद 356

(ग) अनुच्छेद 360 

(घ) अनुच्छेद 364

17. देश में ‘ आन्तरिक गड़बड़ी’ के कारण संकटकालीन स्थिति की घोषणा कब हुई?

(क) 1975 में 

(ख) 1974 में

(ग) 1972 में

(घ) 1977 में

18. भारतीय जनता पार्टी किस पार्टी का नया नाम है ? (BSEB, 2017)

(क) भारतीय जनसंघ

(ख) भारतीय क्रांति दल

(ग) भारतीय लोक दल 

(घ) भारतीय जनता दल 19.

19.सम्पूर्ण क्रांति आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया?

(क) कर्पूरी ठाकुर

(ख) चन्द्रशेखर

(ग) जयप्रकाश नारायण 

(घ) इनमें से कोई नहीं 

20. 1977 में जनता पार्टी के शासन में प्रधानमंत्री कौन बना?

(क) चन्द्रशेखर

(ख) विश्वनाथ प्रताप सिंह

(ग) मोरारजी देसाई

(घ) इन्द्रकुमार गुजराल 

21. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत (राष्ट्रीय) आपातकाल लगाया जा सकता है?

(क) अनुच्छेद 352

(ख) अनुच्छेद 356 

(ग) अनुच्छेद 360

(घ) इनमें से सभी

22. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति अन्तर्निहित है ?

(क) अनुच्छेद 368 

(ख) अनुच्छेद 13

(ग) अनुच्छेद्र 72

(घ) अनुच्छेद 108

23. बिहार में सम्पूर्ण क्रान्ति का नेतृत्व किसने किया? 

(क) मोरारजी देसाई

(ख) नितिश कुमार

(ग) इन्दिरा गाँधी

(घ) जयप्रकाश नारायण

24. भारत में गैर-कांग्रेस सरकार के पहले प्रधानमन्त्री कौन थे ?

(क) चन्द्रशेखर

(ख) मोरारजी देसाई

(ग) वी. पी. सिंह

(घ) आई. के. गुजराल

25. किस वर्ष श्रीमती इन्दिरा गाँधी ने आपातकाल की घोषणा की ?

(क) 1975

(ग) 1977

(ख) 1976

(घ) 1974

26. केन्द्र में जनता पार्टी किस वर्ष सत्ता में आई ?

(क) 1975

(ख) 1977

(ग) 1979

(घ) 1980

[उत्तर- 1. (घ), 2. (ग), 3. (ग), 4. (ग), 5. (घ), 6. (क), 7. (घ), 8. (क) , 9. (ख), 10. (ख), 11. (ख), 12. (घ), 13. (क), 14. (क), 15. (क), 16. (ग), 17. (क), 18. (क), 19. (ग), 20। (ग), 21. (क), 22. (ग), 23. (घ), 24. (ख), 25. (क), 26. (ख)।]


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FAQs

1. नौकरशाही का क्या अर्थ है ?

 उत्तर- राज्य का प्रशासन स्थायी लोकसेवकों के हाथों में होता है जिनका योग्यता के आधार पर चयन किया जाता है, वरिष्ठता व कार्यकुशलता के आधार पर उन्हें पदोन्नत किया जाता है, वे जनता या विधान मण्डल के प्रति उत्तरदायी नहीं होते ।

2. प्रतिबद्ध नौकरशाही किसे कहते हैं? (BSEB, 2015) 

उत्तर- सत्ताधारी दल के नेतागण लोकसेवकों का चयन करते हैं तथा उन्हें सत्ताधारी दल की विचारधारा व नीतियों के अनुसार काम करना पड़ता है।

3. न्यायपालिका की स्वतन्त्रता का क्या अभिप्राय है ? 

उत्तर – न्यायाधीश किसी प्रकार के भय या दबाव से मुक्त होकर विवादों को सुनें, न्यायालय की कार्यवाही खुली हो तथा उनका निर्णय निष्पक्ष हो।

4. सम्पूर्ण क्रान्ति का क्या उद्देश्य था ? 

उत्तर – 1972 में जयप्रकाश नारायण ने इसका आह्वान किया, ताकि देश के सभी क्षेत्रों (सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षिक, विधिक व मनोवैज्ञानिक) में आमूल परिवर्तन हो ।

5. संवैधानिक व्यवस्था के संकट का क्या अर्थ है ? 

उत्तर- जब लोगों के समूह या संगठन संवैधानिक प्रावधानों की वैधता पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं या उनके प्रयोग को अवैध बताकर प्रबल विरोध करते हैं तो संवैधानिक संकट पैदा हो जाता है।

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