Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi | अध्याय 1 शीत युद्ध का दौर MCQs

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क्या आप Class 12 के विद्यार्थी हैं और आप Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi में महत्वपूर्ण MCQs के तलाश में है ?क्योंकि यह अध्याय परीक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है इस अध्याय से काफी प्रश्न परीक्षा में आ चुके हैं | जिसके कारण इस अध्याय का प्रश्न उत्तर जाना काफी जरूरी है|

तो विद्यार्थी इस लेख को पढ़ने के बाद आप इस अध्याय से काफी अंक परीक्षा में प्राप्त कर लेंगे ,क्योंकि इसमें सारी परीक्षा से संबंधित प्रश्नों का विवरण किया गया है तो इसे पूरा अवश्य पढ़ें |

मैं यह लेख किस आधार पर किस आधार पर लिखा रहा हूं = मैं खुद कक्षा 12वीं का टॉपर रह चुका हूं और मुझे यह ज्ञात है कि किस प्रकार के प्रश्न Class 12 के परीक्षा में पूछे जाते हैं| वर्तमान समय में ,मैं शिक्षक का भी भूमिका निभा रहा हूं ,और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं के महत्वपूर्ण जानकारी व विषयों का अभ्यास भी कराता हूं | मैंने यहां mcqs का लेख अपने 5 सालों के अधिक अनुभव से लिखा है | इस पोस्ट के सहायता से आप परीक्षा में इस अध्याय से इतिहास में काफी अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगे |

Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi | अध्याय 1 शीत युद्ध का दौर MCQs

Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi | अध्याय 1 शीत युद्ध का दौर MCQs
Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi | अध्याय 1 शीत युद्ध का दौर MCQs

Class 12 Political science MCQs CH-1 in Hindi | अध्याय 1 शीत युद्ध का दौर MCQs

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter01
अध्याय का नाम | Chapter Nameशीत युद्ध का दौर
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectराजनीति विज्ञान | Political science
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsबहुविकल्पीय प्रश्न | MCQ

स्मरणीय बिन्दु (Points to Remember)

  • 1. दूसरे महायुद्ध के बाद संयुक्त राज्य अमरीका तथा सोवियत संघ दो महाशक्तियों के रूप में उभरे। दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वन्द्वी हो गए। अत: परस्पर घृणा, निन्दा व टीका-टिप्पणी के कारण दोनों के बीच तनावपूर्ण सम्बन्ध स्थापित हुए जो किसी भी समय तीसरे महायुद्ध का द्वार खोल सकते थे। इसी स्थिति को शीत युद्ध का नाम दिया गया।  लेकिन 1953 के बाद दोनों महाशक्तियों के बीच सम्बन्धों में तनावपूर्ण स्थिति का पतन शुरू हुआ, दोनों एक-दूसरे के निकट आने लगे, परस्पर सहयोग व वार्ता का क्रम शुरू हुआ। 
  • 2.1954 में जिनेवा में शिखर सम्मेलन से हिन्द-चीन की समस्या का समाधान हुआ। धीरे-धीरे प्रगति का क्रम चलता रहा जिससे शीत युद्ध का कटाव हुआ जिसे तनाव शैथिल्य का नाम दिया गया। 
  • 3. शीत युद्ध के उतार-चढ़ाव का सिलसिला चलता रहा। 1970 के बाद शीत युद्ध की जगह दिनोंत (Detente) की स्थिति प्रकट हुई लेकिन जब दिसम्बर 1979 में सोवियत रूस की सेनाएँ अफगानिस्तान में आर्यों तो राष्ट्रपति कार्टर ने खिन्न होकर कहा कि दूसरा या नया शीत युद्ध शुरू हो गया। 1985 में सोवियत संघ में गोर्वाच्योव का नेतृत्व आया। स्थिति फिर सुधरी। इसे नया या दूसरा तनाव शैथिल्य कहा गया। 1991 में सोवियत संघ के विखण्डन के साथ शीत युद्ध व तनाव शैथिल्य | दोनों का दौर समाप्त हुआ।
  • 4. शीत युद्ध के दौरान दोनों महाशक्तियों ने अपने सैनिक गुट बना लिए। उन्होंने अनेक देशों को विशाल सैनिक व वित्तीय सहायता देकर अपने शिविर में शामिल किया। दुनिया द्विध्रुवीय हो गई लेकिन भारत के प्रधानमन्त्री नेहरू युगोस्लाविया के राष्ट्रपति टीटो इण्डोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णी व मिस्र के राष्ट्रपति नासिर जैसे नेताओं ने गुट निरपेक्षता का मार्ग चुना। उन्होंने शोत युद्ध की निन्दा की किन्तु दोनों महाशक्तियों से अच्छे सम्बन्ध बनाकर अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के क्षेत्र में अपना सहयोग दिया।
  • 5. शीत युद्ध के दौर में दो ध्रुवीयता की स्थिति बनी रही लेकिन उसे भीतरी व बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सैनिक गुटों में दरारें पड़ने लगीं। गुटनिरपेक्ष आन्दोलन ने बाहरी चुनौती पेश की।
  • 6. गुट निरपेक्ष आन्दोलन की प्रगति होती रही। 1961 में बेलग्रेड में पहला गुट निरपेक्ष सम्मेलन हुआ। इसी तरह के सम्मेलन होते रहे। इसका 17वीं सम्मेलन 2016 में वेनेजुएला के मार्गरीटा द्वीप पर हुआ जिसमें 120 सदस्य राष्ट्रों ने भाग लिया। गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की निरन्तर सफलता ने शीत युद्ध को स्थिति को कमजोर करके उसे तनाव शैथिल्य में बदला।
  • 7. जब 1947 में भारत स्वतन्त्र हुआ, शीत युद्ध शुरू हो चुका था। प्रधानमन्त्री नेहरू ने स्पष्ट कर दिया कि भारत स्वतन्त्र विदेश नीति अपनाकर किसी महाशक्ति के शिविर में शामिल नहीं होगा। अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति सुरक्षा व सहयोग को बनाए रखने को खातिर भारत सभी के साथ रहेगा। 8. शुरू में भारत की विदेश नीति का अर्थ समझ में नहीं आया। दोनों महाशक्तियों का यही आग्रह बना रहा कि जो हमारे साथ नहीं है, हमारे खिलाफ है। लेकिन कोरिया को लड़ाई (1950) के बाद वे इस नीति का भावार्थ समझ गए। जब सुरक्षा परिषद् के निर्णयानुसार सामूहिक सुरक्षा की कार्यवाही की गई तो भारत ने उसमें अपनी सैनिक टुकड़ी भेज दी।
  • 9. भारत ने साम्यवादी चीन से अच्छे सम्बन्ध बनाए। 1954 में पंचशील की रचना हुई। जब पाकिस्तान अमरीकी सैनिक गुटों में चला गया तो नेहरू ने इसकी कड़ी निन्दा की। अमरीका तथा अन्य पाश्चात्य देशों ने पाकिस्तान के पक्ष का समर्थन किया, इसीलिए गुट निरपेक्ष भारत को सोवियत संघ के प्रति अपना झुकाव बढ़ाना पड़ा। भारत ने सोवियत संघ के साथ कोई सशर्त सन्धि नहीं की। इसलिए 1971 की भारत – सोवियत सन्धि का होना गुटनिरपेक्षता को नीति का हनन नहीं कहा जा सकता। 
  • 10. दुनिया के विकासशील देशों ने नयी अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था लाने का अभियान चलाया। उन्होंने माँग की कि विश्व के सम्पन्न देश अविकसित तथा विकासशील देशों को वित्तीय सहायता व नई तकनीकी दें तथा अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में उनके साथ भेदभाव न किया जाए। 
  • 11. 1970 व 1980 के दशकों में उत्तर-दक्षिण संवाद चलता रहा लेकिन इस अभियान को वांछित सफलता न मिल सकी। तब विकासशील देशों ने सामूहिक निर्भरता तथा दक्षिण-दक्षिण सहयोग का अभियान चलाया जिसमें भारत ने अग्रणी भूमिका निभाई।
  • 12. शीत युद्ध कालीन दो विरोधी गुट (i) पूँजीवादी गुट (संयुक्त राज्य अमेरिका का नेतृत्व), (ii) साम्यवादी गुट (सोवियत संघ का नेतृत्व) ।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions) 

1. ‘पूर्व बनाम पश्चिम’ पदबन्ध का आशय किससे है?

(क) विश्व युद्ध से

(ख) शीत युद्ध से

(ग) तनाव शैथिल्य से

(घ) उत्तर-शीत युद्ध दौर से

2.दो – ध्रुवीयता का क्या अर्थ है ?

(क) अमरीका का प्रभुत्व 

(ख) सोवियत संघ का प्रभुत्व 

(ग) अमरीका व सोवियत संघ का प्रतिद्वन्द्वी प्रभुत्व

(घ) सोवियत संघ व चीन का प्रभुत्व

3. तनाव शैथिल्य का दौर कब शुरू हुआ ? 

(क) 1945 के बाद 

(ख) 1960 के बाद 

(ग) 1970 के बाद 

(घ) 1980 के बाद

4. पहला गुट निरपेक्ष सम्मेलन कहाँ हुआ ?

(क) नई दिल्ली में

(ख) बेलग्रेड में

(ग) कैरो में

(घ) हवाना में

5. सोवियत संघ ने कौन-सा सैनिक गुट बनाया ?

(क) नाटो

(ख) सीटो

(ग) सेन्टो

(घ)वारसा सन्धि

6. किस गुट निरपेक्ष सम्मेलन में नयी अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रस्ताव पास किया गया ?

(क) 1961 के बेलग्रेड सम्मेलन में

(ख) 1964 के कैरो सम्मेलन में

(ग) 1973 के ऐल्जियर्स सम्मेलन में 

(घ) 1983 के नयी दिल्ली सम्मेलन में

7. तनाव शैथिल्य का दूसरा चरण शुरू करने का श्रेय किसको दिया जाता है ?

(क) अमरीकी राष्ट्रपति रीगन

(ख) भारतीय प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी 

(ग) सोवियत राष्ट्रपति गोर्वाच्योव

(घ) चीनी नेता माओ

class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

8. जी-77 का आशय दुनिया के किन देशों से है ?

(क) विकसित देश

(ख) विकासशील देश

(ग) विकसित एवं विकासशील देश

(घ) अविकसित देश

9. पाकिस्तान के किस अमरीको सैनिक गुट में शामिल होने पर नेहरू ने तीखी आलोचना की ?

(क) नाटो

(ख) रियो सन्धि

(म) सीटो

(घ) आजंस सन्धि

10. संयुक्त राष्ट्र का व्यापार व विकास सम्मेलन कब स्थापित हुआ ?

(क) 1945 में

(ख) 1950 में 

(ग) 1964 में 

(घ) 1977 में

11. किस देश ने सबसे पहले समाजवादी राष्ट्रकुल छोड़ा ?

(क) युगोस्लाविया

(ख) पोलैण्ड

(ग) अल्बानिया

(घ) चीन

12. किस देश ने नाटो में अमरीकी नेतृत्व का विरोध किया?

(क) ब्रिटेन

(ख) फ्रांस 

(ग) पश्चिमी जर्मनी

(घ) इटली

13. शीत युद्ध के लिए उत्तरदायी कारण नहीं है

(क) दोनों महाशक्तियों में सैद्धान्तिक मतभेद

(ख) द्वितीय मोर्चे का प्रश्न

(ग) युद्धकालीन निर्णयों का अतिक्रमण

(घ) वर्साय की सन्धि

14. द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था में पूर्वी गठबन्धन का नेतृत्व किसने किया था?

(क) ग्रेट ब्रिटेन 

(ख) फ्रांस

(ग) अमेरिका

(घ) सोवियत संघ

15. गुटनिरपेक्षता की नींव रखने में किस भारतीय नेता का प्रमुख योगदान था ?

(के) महात्मा गाँधी

(ख) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर

(ग) जवाहरलाल नेहरू 

(घ) सरदार पटेल

16. प्रथम गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के अध्यक्ष कौन थे ?

(क) जवाहरलाल नेहरू

(ख) सुकर्णो

(ग) अब्दुल नासिर 

(घ) मार्शल टीटो

17. निम्नलिखित में कौन सत्य है ?

-(क) गोर्वाच्योव ने ‘ग्लासनोस्ट’ और ‘प्रेसोएका’ का विचार किया। 

(ख) तालिबान व्यवस्था बांग्लादेश में 1996 से 2001 तक स्थापित रहा।

(ग) नाटो एक सैन्य संगठन था जिसकी स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा की गई थी।

(घ) दक्षिण एशिया के सभी देश लोकतान्त्रिक हैं। 

18. निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है ? 

(क) भारतीय स्वतन्त्रता के समय विश्व को दो शक्तिशाली गुटों में प्रभुत्व क्षेत्र के फैलाव को लेकर रस्साकशीथी। 

(ख) पश्चिमी गुट का नेतृत्व संयुक्त राज्य अमेरिका और साम्यवादी गुट का नेतृत्व सोवियत संघ कर रहा था। 

(ग) इन दोनों गुटों की आपसी खींचतान से विश्व में शीतयुद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

(घ) इनमें से सभी। 

19. निम्नलिखित में से कौन एक गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के जनक नहीं थे?

(क) सुकर्णो 

(ख) अराफात

(ग) मार्शल टीटो

(घ) पंडित नेहरू

20. इनमें से किसने खुले द्वार की नीति अपनायी ?

(क) चीन 

(ख) यूरोपीय संघ

(ग) जापान

(घ) अमेरिका

21. गुट निरपेक्ष देशों का शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में कब आयोजित किया गया था ?

(क) 1982 

(ख) 1983

(ग)1969

(घ) 1970 

22. सोवियत व्यवस्था के निर्माताओं ने निम्नलिखित में से किसको महत्व नहीं दिया ?

(क) निजी सम्पत्ति की समाप्ति

(ख) समानता के सिद्धान्त पर समाज का निर्माण

(ग) विरोधी दल अथवा प्रतिपक्ष का कोई स्थान नहीं

(घ) अर्थव्यवस्था पर राज्य का कोई नियन्त्रण नहीं

23. भारत ने पहला सफल परमाणु परीक्षण कब किया ?

(क) 1963

(ख) 1974

(ग) 1980

(घ) 1998

24. परमाणु अप्रसार सन्धि पर किस राज्य ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं ?

(क) ईरान

(ख) उत्तरी कोरिया

(ग) भारत

(घ) चीन

25. अप्रैल 1949 में निम्न में से कौन-सा संगठन बनाया गया था ?

(क) वारसा पैक्ट 

(ख) नॉटो

(ग) सीटो

(घ) सेन्टो

26. क्यूबा मिसाइल संकट किस वर्ष हुआ था ? 

(क) 1962

(ख) 1971

(ग) 1950

(घ) 1962

1. (ख), 2. (ग), 3. (ग), 4. (ख), 5. (घ), 6. (ग), 7. (ग), 8. (ख), 9. (ग), 10. (ग), 11. (क), 12. (ख), 13. (घ), 14. (घ), 15. (ग), 16. (घ), 17. (क), 18. (घ), 19. (ख), 20. (क), 21. (ग), 22. (क), 23. (ख), 24. (ग), 25. (ख), 26. (क) ।]


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FAQs

1 टुमैन सिद्धान्त का क्या निहितार्थ था ? 

उत्तर – सोवियत संघ के साम्यवादी विस्तारवाद को रोकने के लक्ष्य से राष्ट्रपति टुमैन ने घोषित किया कि अमरीका स्वतन्त्र देशों की रक्षा करेगा।

2 मार्शल योजना के क्या उद्देश्य थे ? (JAC, 2017)

Ans-यूरोप के देशों को वित्तीय सहायता देकर उनका आर्थिक पुनरुद्धार करना। इन देशों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण करके वहाँ साम्यवादी विस्तारवाद को रोका जाए।

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