Class 12 Political Science Notes Ch-5 In Hindi | समकालीन दक्षिण एशिया कक्षा 12 विषय राजनीति विज्ञान पाठ 5 के प्रश्न उत्तर

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Class 12 Political Science Notes Ch-5 In Hindi में यह अध्याय काफी महत्वपूर्ण है| इस अध्याय से काफी प्रश्न परीक्षा में पूछे जा चुके हैं तथा यह अध्याय विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है क्योंकि इस अध्याय से हमें विश्व की राजनीति समझ में आती है|

तो छात्रों, इस लेख को पढ़ने के बाद, आपको इस अध्याय से परीक्षा में बहुत अधिक अंक प्राप्त होंगे, क्योंकि इसमें सभी परीक्षाओं से संबंधित प्रश्नों का वर्णन किया गया है, इसलिए इसे पूरा अवश्य पढ़ें।

मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यहां 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ प्रश्न-उत्तर लेख लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से राजनीति विज्ञान में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

Class 12 Political Science Notes Ch-5 In Hindi | समकालीन दक्षिण एशिया कक्षा 12 विषय राजनीति विज्ञान पाठ 5 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter05
अध्याय का नाम | Chapter Nameसमकालीन दक्षिण एशिया
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectराजनीति विज्ञान | Political Science
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

पाठ के मुख्य बिंदु | Main Points

विश्व की राजनीति में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र का ही नहीं बल्कि एशिया क्षेत्र का भी भूमिका है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका आदि देश इसी क्षेत्र के भाग हैं। 1998 में इसके दो देश भारत और पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण किए जिससे इस क्षेत्र की शक्ति, क्षमता और विश्व में इसकी भूमिका में वृद्धि हुयी है। सारे संसार ने इन परमाणु परीक्षणों को अच्छी दृष्टि से नहीं देखा क्योंकि इनसे इन देशों के साथ-साथ सारे क्षेत्र की ताकत में वृद्धि हुयी है। 

यह एक स्वाभाविक बात है कि ताकतवर देश नहीं चाहते कि कोई अन्य देश उनके समान ताकतवर बने क्योंकि इससे उनकी अपनी स्थिति पर प्रभाव पड़ता है और दूसरा देश उनसे आगे भी निकल सकता है। सभी बड़े राष्ट्रों ने इन पर प्रतिबंध लगाए और परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने के लिए दबाव डाला। परन्तु इन्होंने अपने को परमाणु शक्ति वाले देशों की सूची में सम्मिलित करवा लिया है। इस क्षेत्र के देशों में आपसी संघर्ष भी होता रहता है और सीमा तथा नदी-जल बँटवारे संबंधी विवाद तो काफी है। 

एशिया
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इस क्षेत्र के देशों की सीमाएँ आपस में भी संघर्ष भी होता रहता है और सीमा तथा नदी जल बंटवारे संबंधी विवाद तो काफी हैं। इस क्षेत्र के देशों की सीमाएँ आपस में मिली रहने के कारण कुछ देश अपने पड़ोसी देशों में आतंकवाद को फैलाने के लिए अपने क्षेत्र के आतंकवादी गुटों को प्रोत्साहन भी देते हैं। इन विवादों के कारण इस क्षेत्र के देशों में क्षेत्रीय सहयोग तेजी से नहीं हो पाया है।

दक्षिण एशिया के देशों में आपसी सहयोग विकसित करने, उन्हें अपने सामाजिक-आर्थिक विकास में पड़ोसी देशों से सहायता तथा सहयोग प्राप्त करने, दक्षिण एशिया के क्षेत्र में बाहरी महाशक्ति के प्रभाव को रोकने तथा संयुक्त राष्ट्र व अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक प्रभावकारी क्षेत्रीय गुट के रूप में भूमिका निभाने के लिए दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संघ (दसेस) की स्थापना 1985 में की गयी थी। 

इस संघ के सात सदस्य देश है भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और मालदीव पिछले सार्क शिखर सम्मेलन में जो ढाका में 2005 में हुआ था, अफगानिस्तान को इसका आठवाँ सदस्य देश के रूप में शिखर सम्मेलन की सभी बैठकों में भाग लिया। भारत इनमें सबसे बड़ा देश है, जनसंख्या की दृष्टि से भी, क्षेत्र की दृष्टि से भी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति की दृष्टि से भी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की दृष्टि से भी इसकी स्थापना में भारत की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है और भारत ने इसकी सभी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। अबतक सार्क के कई शिखर सम्मेलन हो चुके हैं।

‘वास्तव में, दक्षिण एशिया के देशों के बीच सीमा और नदी जल के बँटवारे को लेकर विवाद कायम है। इसके अतिरिक्त विद्रोह, जातीय संघर्ष और संसाधनों के बँटवारे को लेकर होने वाले झगड़े भी हैं। परिणामस्वरूप दक्षिण एशिया का क्षेत्र बहुत संवेदनशील है। बहुत-से राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आज विश्व में यह क्षेत्र सुरक्षा के दृष्टिकोण से आशंका वाला क्षेत्र है। भारत, पाकिस्तानन, बांग्लादेश, श्रीलंका तथा नेपाल के बीच कुछ मुद्दों पर विवाद कायम है, जो इस क्षेत्र के लिए अशांति उत्पन्न करता है। इस क्षेत्र में विकास करने में बाधा होती है। इसलिए यदि दक्षिण एशिया के देश आपस में सहयोग और शांति बनाए रखें तो यह क्षेत्र विकसित हो सकता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न | VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

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Q. 1. दक्षिण एशिया क्या है ?

Ans. यह एक विशिष्ट प्राकृतिक क्षेत्र है जो उत्तर में विशाल हिमालय पर्वत से लेकर दक्षिण में हिंद महासागर तक एक पूर्व में बंगाल की खाड़ी से लेकर पश्चिम में अरब सागर तक फैला हुआ है। 

प्रायः इसमें सात देश-बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।

Q. 2. समकालीन दक्षिण एशिया विश्व की नजर में क्यों महत्त्वपूर्ण है ?

Ans. भारत और पाकिस्तान दोनों ने स्वयं को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्रों की बिरादरी में स्थापित कर लिया है। 

इस क्षेत्र में कई विवाद और संघर्ष चल रहे हैं। कई देशों के बीच सीमा और नदी जल बँटवारे को लेकर विवाद कायम है। इसके अलावा विद्रोह, जातीय संघर्ष और संसाधनों के विभाजन को लेकर भी संघर्ष है। इन कारणों से यह इलाका बहुत अधिक संवेदनशील है।

Q. 3. नेपाल में राजनीतिक प्रणाली में क्या परिवर्तन आया है ? 

Ans. 1. नेपाल एक शुद्ध हिंदू देश है और यहाँ 2006 तक संवैधानिक राजतंत्र स्थापित था और इस बात का हमेशा खतरा था कि राजा कार्यपालिका की संपूर्ण शक्ति अपने हाथ में ले लेगा।

2. 2006 में एक सफल विद्रोह के द्वारा लोकतंत्र की बहाली हुई और राजा के अधिकार अति सीमित रह गये हैं। 

Q. 4. पाकिस्तान के किन नेताओं के काल में पाकिस्तान में लोकतांत्रिक प्रणाली थी ?

Ans. 1. जुल्फिकार अली भुट्टो 2. श्रीमति बेनजीर भुट्टो 3. नवाज शरीफ।

Q.5. मालदीव की राजनीतिक प्रणाली का वर्णन कीजिए । 

Ans. 1. 1968 तक यहाँ सुल्तानों का शासन होता था परंतु 1968 में यहाँ गणतंत्र की स्थापना हुई और यहाँ शासन की अध्यक्षात्मक प्रणाली अपनायी गई। 

2. 2005 के जून में मालदीव की संसद ने बहुदलीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में एकमत से मतदान किया। 2005 के निर्वाचनों के पश्चात् यहाँ लोकतंत्र मजबूत हुआ है, क्योंकि इस चुनाव में विपक्षी दलों को कानूनी मान्यता प्रदान कर दी गयी है।

Q.6. बांग्लादेश की स्थापना कैसे हुई ?

Ans. 1. पाकिस्तान के जनरल याहिया खान के सैनिक शासन के दौरान 1971 ई. में भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ। युद्ध में पाकिस्तान पराजित हुआ। 

2. युद्ध के परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान टूटकर एक स्वतंत्र देश बना जो बांग्लादेश कहलाया।

Q.7. शिमला समझौता कब और कैसे हुआ ? 

Ans. 

1.1971 ई. में बांग्लादेश की मुक्ति को लेकर भारत और पाकिस्तान में युद्ध हुआ जिसमें पाकिस्तान बुरी तरह पराजित हुआ और अनेक पाकिस्तानी युद्धबंदी बनाये गये । 

2. आगे चलकर दोनों देशोंके बीच राजनायिक संबंध सामान्य बनाने के लिए पाकिस्तान की पहल पर शिमला में दोनों प्रधानमंत्रियों में (इंदिरा गाँधी और जुल्फिकार अली भुट्टों) 2 जुलाई, 1972 को समझौता हुआ। इसी राजनयिक समझौते को शिमला समझौता कहते हैं।

Q.8. जनरल परवेज मुशर्रफ किस प्रकार पाकिस्तान के तानाशाह शासक बन गये ? 

Ans. 1. बेनजीर भुट्टो और नवाज मुर्शरफ की निर्वाचित सरकार 1999 तक कायम रही। 1999 में पुनः सेना ने हस्तक्षेप किया और जनरल परवेज मुशर्रफ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को हटाकर स्वयं शासक बन बैठे।

Q. 9 श्रीलंका की अर्थव्यवस्था की विशेषतायें बताइए

Ans. 1. जातीय संघर्ष के बावजूद उसका आर्थिक विकास उच्च स्तर का रहा। उसने विकासशील देशों में सर्वप्रथम जनसंख्या की वृद्धि दर पर नियंत्रण स्थापित किया। 

2. दक्षिण एशिया के देशों में श्रीलंका वह प्रथम देश है जिसने एशिया के देशों में सर्वप्रथम अपनी अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किया। इस देश का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा है। 

Q. 10. भारत पाकिस्तान में संघर्ष का क्या कारण है ? 

Ans. 1. दोनों देशों के संघर्ष का मुख्य कारण काश्मीर है। पाकिस्तान की सरकार का दावा था कि कश्मीर पाकिस्तान का है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच 1947-48 और 1965 में दो बार युद्ध हुए। 

2. 1948 के युद्ध के फलस्वरूप कश्मीर दो भागों में बँट गया। एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहलाया जबकि दूसरा हिस्सा भारत का जम्मू कश्मीर प्रांत बना। दोनों के बीच नियंत्रण रेखा है। 1971 में दोनों के बीच फिर युद्ध हुआ था। 

Q.11. ताशकन्द समझौते पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।

Ans. ताशकन्द समझौता (Taskand Agreement ) : भारत और पाक के 1965 के युद्ध के बाद दोनों के बीच एक संधि हुई है जिसे ताशकंद समझौता कहा गया। ताशकंद समझौता सोवियत संघ के प्रभाव से हुआ था। इस समझौते पर भारत के प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री तथा पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब ख़ाँ के हस्ताक्षर हुए और उसी 11 जनवरी, 1966 को लाल बहादुर शास्त्री का हृदय गति रुकने से निधन हो गया।

लघु उत्तरीय प्रश्न | SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

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Q. 1. दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों में एक-सी राजनीतिक प्रणाली नहीं है ? विवेचन कीजिए ।

Ans. दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों में एक-सी राजनीतिक प्रणाली नहीं है जो निम्नलिखित वालों से स्पष्ट है

1. अनेक समस्याओं और सीनाओं के बावजूद भारत और पश्चात् लोकतंत्र कायम है।

2. पाकिस्तान और बांग्लादेश में लोकतांत्रिक और सैनिक दोनों प्रकार के नेताओं का शासन रहा है। शीतयुद्ध के बाद के सालों में बांग्लादेश में लोकतंत्र कायम रहा है। पाकिस्तान में शीतयुद्ध के बाद के वर्षों में लगातार दी लोकतांत्रिक सरकारें बनीं। 1999 में यहाँ सैनिक शासन स्थापित हुआ। 

3. 2006 तक नेपाल में संवैधानिक राजतंत्र था परंतु 2006 सफल जनविद्रोह के कारण लोकतंत्र की नीव पड़ी।

4. भूटान में अब भी राजतंत्र है लेकिन यहाँ के राजा ने भूटान में बहुदलीय लोकतंत्र स्थापित करने की योजना की शुरुआत कर दी है।

5. मालदीव 1968 तक सल्तनत राज्य था परंतु उसके बाद वह गणतंत्र हो गया और यहाँ शासन अध्यक्षात्मक प्रणाली अपनायी गयी। 

Q2. दक्षिण एशिया में लोकतंत्र मजबूत है, समीक्षा कीजिए !

Ans. 1. यद्यपि दक्षिण एशिया में लोकतंत्र का रिकॉर्ड मिला जुला रहा है, परंतु यहाँ की जनता की आकांक्षायें लोकतंत्र से जुड़ी हैं। 

2. इस क्षेत्र के पाँच देशों के सर्वेक्षण से ज्ञात होता है कि यहाँ लोकतंत्र को व्यापक जन समर्थन प्राप्त है। 

3. इन देशों के आम नागरिक धनी गरीब अथवा सभी धर्म के लोगों को लोकतंत्र अच्छा लगता है। 

4. यहाँ के नागरिकों के शासन को किसी और प्रणाली

‘की अपेक्षा लोकतंत्र को वरीयता देते हैं और मानते हैं कि उनके देश के लिए लोकतंत्र ही ठीक है। 

Q. 3. पाकिस्तान में सैनिक शासन का उल्लेख कीजिए । 

Ans. पाकिस्तान में सैनिक शासन : 

1. पाकिस्तान में संविधान निर्माण के बाद अयूब खान ने सत्ता अपने हाथ में ले ली और शीघ्र ही अपना निर्वाचन भी करा लिया परंतु शीघ्र ही उनके खिलाफ विद्रोह हो गया।

2. अयूब खान के बाद जनरल माहिया खान ने शासन की बागडोर संभाली। उनके शासन काल में बांग्लादेश का संकट आया।

3. इसके बाद जुल्फिकार अली भुट्टो की निर्वाचित सरकार ने 1971 से 1977 तक शासन किया। 1977 में जनरल जिया-उल-हक ने इस सरकार को गिरा दिया और उन्होंने 1882 तक शासन किया।

4. 1982 के बाद लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के बाद बेनजीर भुट्टो और बाद में नवाज शरीफ की सरकार बनी जो 1999 तक कायम रही।

5. 1999 में एक बार फिर सेना ने हस्तक्षेप किया और जनरल परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को हटा दिया। 2001 में परवेज मुशर्रफ ने अपना निर्वाचन राष्ट्रपति के रूप में कराया। 

Q.4. पाकिस्तान में लोकतंत्र स्थायी न होने के क्या कारण हैं ? 

Ans. पाकिस्तान में लोकतंत्र स्थायी न होने के कारण 

1. पाकिस्तान में सेना, धर्मगुरु और भूस्वामी वर्ग का प्रभुत्व है और यह निर्वाचित सरकार को गिरा देता है। 2. पाकिस्तान का भारत से तनाव के कारण सैनिक शासन को समर्थन मिला है। ऐसे लोगों का कहना है कि राजनैतिक दलों में यह साहस नहीं है कि ये पाकिस्तान की सुरक्षा कायम रख सकें।

3. पाकिस्तान में लोकतंत्र के सफल न होने का कारण यह भी है कि लोकतंत्र को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन का न होना है। इससे सैनिक शासन को बढ़ावा मिला है। है। 

4. अमरीका और पश्चिमी देशों ने अपने स्वार्थ के अनुसार सैनिक शासन का समर्थन किया । 

Q5. श्रीलंका में जातीय संघर्ष के क्या कारण हैं ?

Ans. श्रीलंका में जातीय संघर्ष के कारण 

1. श्रीलंका में जातीय संघर्ष श्रीलंका सरकार और लिट्टे के मध्य है। यह श्रीलंका के एक विशेष भाग को एक अलग राष्ट्र के रूप में मंग कर रहा है। 

2. 1948 (आजादी के बाद श्रीलंका की राजनीति पर बहुसंख्यक सिंहली समुदाय के लिका नेतृत्व करने वाला प्रभुत्व था। वे भारत से आगे तमिल आबादी के खिलाफ थे और ज श्रीलंका का नागरिक नहीं मानते थे। 

3. फलस्वरूप तमिल राष्ट्रवाद की आवाज बुलंद हुई। 1983 के बाद से उम्र तमिल संग (Leberation Tigers of Tamil Elum) जिन्हें लिट्टे भी कहा जाता था, सेना के साथ कर रहा है।

4. लिट्टे का श्रीलंका के उत्तर पूर्वी भाग पर कब्जा है। वे भारत सरकार चाहते हैं।

class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

Q6 भारत और बांग्लादेश के संबंध का विवेचन कीजिए।

Ans. एक सम्प्रभु राज्य के रूप में बांग्लादेश का उदय 1971 में हुआ। 1947 में पाकिस्तान का निर्माण हुआ तो पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान एक-दूसरे से 1000 मील की दूरी पर थे। पूर्व पाकिस्तान क्षेत्रफल में पश्चिमी पाकिस्तान से छोटा परंतु जनसंख्या की दृष्टि से बड़ा था। पू स्तान के जूट का निर्यात करने से विदेशी मुद्रा प्राप्त होती थी किंतु इससे प्राप्त आय पूर्व पाकिस्तान के आर्थिक विकास में व्यय नहीं की जाती थी। बंगला भाषा और बंगला मुस्लिम संस्कृति को गौण बना दिया। पाकिस्तान के दोनों भागों में तनाव रहने लगा। 

1970 में शेख मुजीबुर्रहमान ने पूर्वी पाकिस्तान के लिए आरक्षित 169 सीटों में से 168 सीटें जीत लीं। लेकिन जुल्फीकार अ भुट्टो तथा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने पाकिस्तान में बहुमत हासिल किया था, ने शेख मुजीब को सरकार नहीं बनने दी करोड़ों शरणार्थी पूर्वी पाकिस्तान से भारत आ गए। 

दिसम्बर 1971 में भारत को पूर्वी पाकिस्तान की जनता की मुक्ति संग्राम के समर्थन में हस्तक्षेप करना पड़ा। परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ। भारत बांग्लादेश संबंधों में गंगा जल बंटवारा, बांग्लादेश की बाढ़ समस्या, चकमा शरणार्थी, बांग्लादेशी घुसपैठिये आदि समस्याएँ दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा करती रहती है।

Q-7: शिमला समझौते (1971) में कौन-कौन-सी शर्तें थीं ?

Ans. शिमला समझौते की शर्तें 1971 के भारत-पाक युद्ध की समाप्ति के बाद दोनों 8 देशों में 1972 में शिमला समझौता हुआ था। 

इस समझौते में निम्न तथ्यों पर जोर दिया गया था– 

1. दोनों देश अपने परस्पर विवादों को शांतिपूर्ण उपायों से हल करेंगे। 

2. दोनों देश मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देंगे। 

3. दोनों देश अपने मतभेदों को द्विपक्षीय बातचीत द्वारा दूर करें अथवा उन शांतिपूर्ण उपाय से करेंगे जो दोनों को स्वीकार होंगे।

4. दोनों देश किसी की ऐसी सहायता नहीं करेंगे जिससे दोनों के संबंधों में कटुता आए।

5. पंचशील के सभी नियमों का दोनों देश सम्मान करेंगे।

6. यातायात, संचार, संस्कृति, विज्ञान आदि में दोनों देश एक-दूसरे की सहायता व आदान-प्रदान करेंगे।

Q8. दक्षेस या सार्क के मुख्य उद्देश्य क्या हैं ?. 

Ans. दक्षेस या सार्क के मुख्य उद्देश्य दक्षेस या सार्क के चार्टर में उसके निम्नलिखित‘उद्देश्य बताए गए हैं-

1. दक्षिण एशिया के लोगों के कल्याण की कामना करना और उनकी आजीविका स्तर में सुधार लाना। 

2. इस क्षेत्र में अधिक विकास, सामाजिक प्रगति तथा सांस्कृतिक उन्नति को प्राप्त करना और इस क्षेत्र में सभी व्यक्तियों के लिए प्रतिष्ठा के अवसर देना ताकि लोग अपनी सभी क्षमताओं को प्राप्त कर सकें।

3. दक्षिणी एशिया के देशों में सामूहिक आत्मविश्वास का समर्थन करना तथा उसे बढ़ावा देना। 

4. एक-दूसरे की समस्याओं को पारस्परिक विश्वास और सूझ-बूझ से हल करना। 

5. दक्षेस जैसे उद्देश्यों के हेतु बनी अन्य अंतर्राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग करना। 6. अन्य विकासशील देशों के साथ सहयोग को बढ़ाना।

Q9. सार्क (SAARC) के कौन-कौन से कार्य हैं ? 

Ans. सार्क (SAARC) के कार्य : 

1. सदस्य देशों में जीवन स्तर को सुधार कर जन- कल्याण के कार्यक्रम बनाना।

2. दक्षिणी एशियाई प्रदेश में सामाजिक प्रगति एवं सांस्कृतिक उन्नति करना।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Long Answer Type Questions

Class 12 Political Science Notes
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Q. 1. पाकिस्तान में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की क्या स्थिति रही है ? 

Ans. पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिति का इतिहास (History of Status of Democracy in Pakistan ) – पाकिस्तान दक्षिण एशिया के क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण देश है जं विश्व समुदाय में 1947 में हुए भारत विभाजन के कारण बना तथा अस्तित्व में आया। भारत में भाँति पाकिस्तान में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया आश्चर्य और खेद की बात है कि भारत में तो लोकतंत्र सफल होता गया परंतु पाकिस्तान में कमजोर होता गया। वहाँ नया संविधान बनने के बाद संसदीय शासन लागू हुआ। 

परंतु सरका जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकी और शासन में भ्रष्टाचार भी फैला इस स्थिति का लाभ उठाकर सेनाध्यक्ष जनरल अयूब खान ने सैन्य शक्ति के आधार पर शास पर कब्जा कर लिया और वहाँ सैन्य शासन शुरू हुआ। शीघ्र ही अयूब खान ने अपने को राष्ट्रपति भी निर्वाचित करवा लिया। परंतु जनता सैन्य शासन के विरुद्ध थी और जन आक्रोश बढ़ने लगा इसके कारण उसने अपना पद त्याग दिया और शासन फिर से नागरिक प्रशासन में बदला त संसदीय शासन प्रणाली शुरु हुई।

कुछ समय बाद शासन के विरुद्ध लोग असंतुष्ट होने लगे और प्रशासन में भ्रष्टाचार बढ़ फिर से वहाँ सैन्य शासन के लिए रास्ता साफ हुआ और जनरल याहिया खान ने शासन बागडोर संभाली तथा नेताओं और मंत्रियों को जेल भेज दिया। याहिया खान के शासन में बंग्लादेश का संकट उत्पन्न हुआ और 1971 का भारत-पाक युद्ध भी हुआ जिसमें पाकिस्तान 23000 सैनिकों ने भारतीय सेना के आगे आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध के कारण बंग्ला बना। 

पाकिस्तान में सैनिक शासन के स्थान पर भुट्टो के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार अस्ति में आई और भारत तथा पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता हुआ। यह निर्वाचित सरकार अधिक दिन सत्ता में नहीं रही और 1979 में जनरल जियाउल हक ने सैन्य शक्ति के आधार प फिर शासन पर कब्जा कर लिया। सैनिक शासन भी अधिक समय शांति स्थापित नहीं रख स और 1982 में वहाँ सरकार विरोधी आंदोलन आरंभ हो गए। 



Q2. भारत-पाकिस्तान संबंधों का विवेचन कीजिए । 

Ans. भारत-पाक संबंध (India-Pakistan Relations) भारत व पाकिस्तान एशिया महाद्वीप की दो प्रमुख पड़ोसी राष्ट्र हैं। इसमें सहयोग की अपेक्षा घृणा व शत्रुता के संबंध अधिक पाए जाते हैं। 1947 में जहाँ एक ओर भारत स्वतंत्र हुआ था वहीं दूसरी ओर धर्म के आधार पर भारत का विभाजन भी हुआ। पाकिस्तान का निर्माण ‘दो धर्म दो राष्ट्र’ के सिद्धान्त के आधार पर हुआ तथा विभाजन के समय हजारों लोग मारे गए और बेघर बार हो गए। 

इस प्रकार भारत-

पाक संबंधों का प्रारंभ ही घृणा व शत्रुता से हुआ जिसमें आगे चलकर और अधिक बढ़ोतरी हुई। सर्वप्रथम कश्मीर, जूनागढ़ व हैदराबाद के मामलों को लेकर दोनों राष्ट्रों में तनाव उत्पन्न हुआ। 1947 के अंत में पाकिस्तान ने कश्मीर के मुजाहिदों के नाम पर अपनी प्रशिक्षित सेना को भेज दिया और कश्मीर के एक बड़े भाग पर कब्जा कर लिया जिसे पाकिस्तान में ‘आजाद कश्मीर’ व भारत में ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ के नाम से जाना जाता है। 

जब भारतीय सेना इस इलाके को पुनः जीतने की स्थिति में आई तो भारतीय प्रधानमंत्री श्री नेहरू ने मामला संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाना स्वीकार कर लिया ताकि विश्व शांति के लिए बनाए गए संघ को मजबूती प्रदान की जा सके। लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ कश्मीर का मामला सुलझाने में पूर्णतया असफल रहा।

भारत-पाक संबंधों में कश्मीर का मामला निरन्तर विवाद को विषय बना रहा है। इसके साथ-साथ पाकिस्तान द्वारा आवश्यकता से अधिक अस्त्र-शस्त्रों का भंडार प्राप्त करने, भारत में हुए साम्प्रदायिक दंगों को राजनीतिक रूप देकर बढ़ावा देने इत्यादि के कारण इनमें कटुता और बढ़ती गई। जनवरी 1965 में पाकिस्तान ने कच्छ में अपनी सेना द्वारा छोटा आक्रमण भी किया। जिसके परिणामस्वरूप एक छोटा-सा युद्ध भारत-पाक के बीच हुआ। 

इस युद्ध का समाधान ब्रिटेन की मध्यस्थता से किया गया और परिणाम स्वच्छ कच्छ समझौता हुआ। लेकिन अभी कच्छ समझौते की स्याही भी नहीं सूखी थी कि पाकिस्तान ने पुनः सितम्बर में व्यापक पैमाने पर भारत पर आक्रमण कर दिया। भारतीय सेनाओं ने इस आक्रमण का मुँह तोड़ जवाब दिया और भारतीय सेना लाहौर तक पहुँचने की स्थिति में आ गई थी। भारत निर्णायक विजय की स्थिति में था लेकिन भारत ने 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ की अपील पर युद्ध विराम स्वीकार कर लिया।

उस समय पाकिस्तान के 740 वर्ग मील क्षेत्रफल पर भारतीय सेना का अधिकार था जबकि पाकिस्तानी सेना का भारत के 210 वर्ग मील क्षेत्रफल पर जनवरी 1966 में सोवियत संघ की मध्यस्थता से भारत-पाक के बीच ताशकन्द समझौता हुआ जिसमें तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री ने पाकिस्तान को उसकी भूमि वापस देना स्वीकार कर लिया ताकि विश्व शांति बनी रहे और भारत-पाक के मध्य तनाव समाप्त हो सके।

1970 में पाकिस्तान में आम चुनाव हुए जिसमें पूर्वी पाकिस्तान में शेख मुजीबुर्रहमान की आवामी लीग को लगभग सारी सीटें प्राप्त हो गई। लेकिन पश्चिमी पाकिस्तान के शासक शेख मुजीव को पूर्वी पाकिस्तान का शासक बनाने के लिए तैयार न हुए। परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान ने बांग्लादेश का आंदोलन प्रारंभ कर दिया तथा पाकिस्तानी सेना ने अत्याचार प्रारंभ कर दिए। लाखों लोग पूर्वी पाकिस्तान से शरणार्थी के रूप में भारत आ गए। 

पाकिस्तान के शासकों ने जनता का ध्यान इस ओर से हटाने के लिए बौखलाहट में 3 दिसम्बर, 1971 को भारत पर आक्रमण कर दिया। भारतीय सेना ने अभूतपूर्व शौर्य तथा बहादुरी का परिचय दिया। भारतीय सेना ने जे. ज. जगजीत सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में पूर्वी पाकिस्तान में पाक सेना को आत्म समर्पण के लिए बाध्य कर दिया। 1972 में भारत-पाक के बीच शिमला समझौता हुआ जिसके अंतर्गत भारत ने पाकिस्तान के बंदी सैनिकों को छोड़ दिया तथा दोनों देशों ने कश्मीर समस्या रहित अन्य समस्याओं को आपसी वार्ता द्वारा हल करने की बात कही।

Q3 भारत और श्रीलंका के सम्बन्धों का विवेचन कीजिए ।

Ans. भारत-श्रीलंका के संबंध (India Sri Lanka Relations ) —— भारत और श्रीलंका एशिया महाद्वीप के दो अत्यंत महत्त्वपूर्ण राष्ट्र हैं जिनके आपसी सम्बन्धों का सीधा प्रभाव अंतर्राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। श्रीलंका भारत का पड़ोसी दक्षिणी राष्ट्र है जो हिन्द महासागर के द्वारा भारत से जुड़ा हुआ है। ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से दोनों राष्ट्रों में प्राचीन काल से ही सम्बन्ध पाए जाते हैं। गौतम बुद्ध भारतीय थे लेकिन बौद्ध धर्म का सर्वाधिक प्रभाव श्रीलंका पर पड़ा। श्रीलंका के नागरिक मुख्य रूप से बौद्ध धर्म को ही मानने वाले हैं। दोनों ही ब्रिटेन के अधीन रहे हैं। ब्रिटेन ने श्रीलंका को 1948 में स्वतंत्र किया था। प्रारंभ से ही श्रीलंका ने भारतीय विदेश नीति के आधार पर गुट निरपेक्षता को अपनाया। 

इसीलिए 1950 में भारत के सहयोग से कोलम्बो सम्मेलन हुआ था। भौगोलिक दृष्टि से सुरक्षा के लिए दोनों राष्ट्र एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं। जब से हिन्द महासागर में बड़ी शक्तियों की होड़ बढ़ी है, तब से इनके आपसी सम्बन्धों का महत्त्व और अधिक बढ़ गया है। इसीलिए दोनों राष्ट्र हिन्द महासागर को शांति का क्षेत्र घोषित करने की माँग करते हैं।

भारत-श्रीलंका सम्बन्धों में तनाव भी आते रहे हैं। प्रारंभ में श्रीलंका स्थित भारतीयों की नागरिकता का प्रश्न तनाव का कारण बना था जिसका समाधान 1964 में शास्त्री-भंडारनायके समझौते द्वारा हुआ। तनाव का दूसरा कारण आर्थिक भी रहा है, क्योंकि दोनों ही राष्ट्र चाय के प्रमुख निर्यातक राष्ट्र रहे हैं। 

लेकिन अब वापसी वार्ता व सहयोग द्वारा आर्थिक क्षेत्र में प्रतियोगिता समाप्त कर दी गई है और दोनों राष्ट्र एक-दूसरे के साथ सहयोग करने लगे हैं। परिणामस्वरूप भारत-श्रीलंका व्यापार में बढ़ोतरी हुई है।

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FAQs

Q.1 सिंधु जल संधि क्या है ?

Ans. 1. 1960 में विश्व बैंक की सहायता से भारत और पाकिस्तान ने ‘सिंधु जल संवि’ पर हस्ताक्षर किये और यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच कई सैनिक संघर्षो के बावजूद भी कायम है। 
2. संधि होने के बाद भी इसकी व्याख्या और नदी जल के इस्तेमाल को लेकर अभी भी कुछ छोटे विवाद हैं।

Q. 2 ‘भारत और नेपाल के बीच मधुर संबंध है’ एक उदाहरण दीजिए । 

Ans. भारत और नेपाल के बीच मधुर संबंध के विरले ही उदाहरण मिलते हैं। दोनों देशों के बीच एक विशेष संधि हुई है। इस संधि के अंतर्गत दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के देश में बिना पासपोर्ट (पार-पत्र) और वीजा के आ-जा सकते हैं और काम कर सकते हैं।

Q.3 भारत और मालदीव के संबंधों का खुलासा कीजिए ।

Ans. 1. मालदीव के साथ भारत के संबंध सौहार्द्रपूर्ण तथा गर्मजोशी से भरे हैं। 1988 में श्रीलंका के भाड़े के तमिल सैनिकों ने जब मालदीव पर हमला किया तब मालदीव ने आक्रमण रोकने के लिए भारत से सहायता माँगी तो भारत ने वायुसेना और नौसेना से तुरंत कार्यवाही की।
2. भारत ने मालदीव के आर्थिक विकास, पर्यटन और मत्स्य उद्योग में भी सहायता की है।

Q. 4 दक्षेस या सार्क (SAARC) क्या है ?

Ans. 1. दक्षेस (South Asian Association for Regional Cooperation) दक्षिण एशियाई देशों द्वारा बहुस्तरीय साधनों से आपस में सहयोग करने की दिशा में उठाया गत बड़ा कदम है। 
2. इसका आरंभ 1985 में हुआ। इसके देशों के बीच आपसी मतभेद है। इसलिए इसको अधिक सफलता नहीं मिली है। 

Q.5 साफ्टा (SAFTA) क्या है ?

Ans. 1. दक्षेस के सदस्य देशों ने 2002 में ‘दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र समझीते’ (South Asian Free Trade Area Agreement ) पर हस्ताक्षर किये। 
2. इसमें संपूर्ण दक्षिण एशिया के लिए मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने का वायदा है। यदि दक्षिण एशिया के सभी देश इससे सहमत हो जायें तो शांति और सहयोग की एक नई धारा शुरू हो सकती

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