Class 12 Political Science Notes Ch-6 In Hindi | अंतर्राष्ट्रीय संगठन कक्षा 12 विषय राजनीति विज्ञान पाठ 6 के प्रश्न उत्तर

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Class 12 Political Science Notes Ch-6 In Hindi में यह अध्याय काफी महत्वपूर्ण है| इस अध्याय से काफी प्रश्न परीक्षा में पूछे जा चुके हैं तथा यह अध्याय विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है क्योंकि इस अध्याय से हमें विश्व की राजनीति समझ में आती है|

तो छात्रों, इस लेख को पढ़ने के बाद, आपको इस अध्याय से परीक्षा में बहुत अधिक अंक प्राप्त होंगे, क्योंकि इसमें सभी परीक्षाओं से संबंधित प्रश्नों का वर्णन किया गया है, इसलिए इसे पूरा अवश्य पढ़ें।

मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यहां 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ प्रश्न-उत्तर लेख लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से राजनीति विज्ञान में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

Class 12 Political Science Notes Ch-6 In Hindi | अंतर्राष्ट्रीय संगठन कक्षा 12 विषय राजनीति विज्ञान पाठ 6 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter06
अध्याय का नाम | Chapter Nameअंतर्राष्ट्रीय संगठन
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectराजनीति विज्ञान | Political Science
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

पाठ के मुख्य बिंदु | Main Points

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ही युद्धों को रोकने, राज्यों के आपसी झगड़ों को शांतिपूर्ण साधन से सुलझाने तथा विश्व-शांति तथा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए किसी अधिक शक्तिशाली और प्रभावकारी विश्वसंस्था की स्थापना की आवश्यकता को और अधिक महसूस किया गया और इसके लिए प्रयत्न आरंभ हुआ। परिणामस्वरूप 24 अक्टूबर, 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ का जन्म हुआ।

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image credit : class notes

आज का युग अंतर्राष्ट्रवाद का युग है और प्रत्येक देश को अन्य राष्ट्रों के साथ मिल-जुलकर चलना पड़ता है तथा अपनी आंतरिक व विदेश नीति का निर्धारण एवं संचालन अन्य राष्ट्रों के सुख-दुख, सुविधा- असुविधा यहाँ तक कि विश्व जनमत या विश्व के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर करना पड़ता है। 

आज कोई भी देश चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, महायुद्धों में जीवन एवं सम्पत्ति की हानि को देखते हुए यह महसूस किया गया कि विश्वशांति के बने रहने से ही मानव का कल्याण और विकास संभव है और प्रत्येक राष्ट्र के लिए इसमें सहयोग देना आवश्यक है। 

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई जिसने पिछले 60 वर्षों में विश्व शांति की स्थापना, युद्धों की रोकथाम, राष्ट्रों के आपसी विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने और विश्व के सामाजिक तथा आर्थिक विकास में सराहनीय योगदान दिया है। 

भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर सदस्य है और इसने संयुक्त राष्ट्र संघ के लक्ष्यों की प्राप्ति तथा इस को मजबूत तथा सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।

भारतीय संविधान में भी संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों की प्राप्ति तथा विकास का उल्लेख अनुच्छेद 51 में किया गया है जिसमें कहा गया है कि भारत अपनी नीति ऐसी बनाए ताकि अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्वक तथा बातचीत से समाधान हो, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में बढ़ावा हो, राष्ट्रों के बीच उचित तथा सम्मानपूर्वक संबंध बने रहें। स्पष्ट है कि भात का संविधान भी संयुक्त राष्ट्र संघ और उसके उद्देश्य का समर्थक है। 

अति लघु उत्तरीय प्रश्न | VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12 Political Science Notes
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Q. 1. अंतर्राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता क्यों होती है ?

Ans. 1. अंतर्राष्ट्रीय संगठन युद्ध और शांति के मामलों में सहायता करते हैं। 

2. ये संगठन अंतर्राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं। ऐसे में संगठन इस कार्य के लिए देशों को प्रेरित करते हैं। उदाहरण के लिए वैश्विक तापवृद्धि में देशे के सम्मिलित सहयोग की आवश्यकता होती है।

3. अंतर्राष्ट्रीय संगठन सहयोग करने के उपाय और सूचनाएँ जुटाने में मदद कर 

Q. 2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की क्या भूमिका है ?

Ans. 1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोप वैश्विक स्तर की वित्त व्यवस्था की देखरेख करता है।

2. यह विभिन्न देशों की माँग पर वित्तीय और तकनीकी सहायता मुहैया कराता है। 

3. इस कोष के 184 देश सदस्य हैं।

Q.3. संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा पर कब हस्ताक्षर हुए ? 

Ans. 1. पुरी शक्तियों के खिलाफ लड़ रहे 26 मित्र राष्ट्र अटलांटिक चार्टर के समर्थन में वाशिंगटन में मिले। 

2. उसी समय दिसंबर 1943 में संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा पर हस्ताक्षर हुए।

Q.4. संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्यों को लिखिए । 

Ans. संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य 

1. अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की स्थापना 

2. विभिन्न राष्ट्रों के मध्य संबंध एवं सहयोग की वृद्धि करना। 

3. शांतिपूर्ण उपायों से अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाना 4. विश्व की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदि मानवीय समस्याओं के समाधान हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करना। 

5. इन सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति में लगे विभिन्न राष्ट्रों के कार्यों में समन्वयकारी केन्द्र के रूप में कार्य करना । 

Q.5. संयुक्त राष्ट्र संघ के सिद्धांत क्या हैं ?

Ans. 1. संयुक्त राष्ट्र सभी सदस्यों की प्रभुसत्ता और समानता के सिद्धांत में विश्वास रखता है। 

2. सभी सदस्य राष्ट्रों का यह कर्त्तव्य है कि इस चार्टर के अनुसार उनकी जो जिम्मेदारियों हैं, उन्हें वे ईमानदारी के साथ निभाएँ। 

3. सभी सदस्य राष्ट्र अपने विवादों का निपटारा शांतिपूर्ण तरीकों से करें। 

4. अन्य राष्ट्रों की अखण्डता और राजनीतिक स्वाधीनता का आदर करें। 

5. संयुक्त राष्ट्र इस चार्टर के अनुसार कोई कार्यवाही करे तो सभी सदस्य राष्ट्रों को उसकी सहायता करनी चाहिए। 

6. संयुक्त राष्ट्र उन मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा जो अनिवार्य रूप से किसी राज्य के आंतरिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

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HistoryPolitical Science
EnglishHindi

Q.6. संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग कौन-कौन-से हैं ? 

Ans. 

1. महासभा या आमसभा 

2. सुरक्षा परिषद् 

3. आर्थिक सामाजिक परिषद्

4. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय 

5. सचिवालय।

Q.7. राष्ट्रसंघ (League of Nations) की स्थापना कब और क्यों हुई ? 

Ans. 1. संयुक्त राष्ट्र संघ राष्ट्रसंघ का उत्तराधिकारी है और इसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् 1920 में हुई थी। 

2. अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा एवं भविष्य में युद्धों को रोकने के लिए इस संगठन की स्थापना की गई। 

Q.8. संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतीक चिह्न क्या है ?

Ans. 1. संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतीक चिह्न में विश्व का मानचित्र बना हुआ है और इसके चारों ओर जैतून की पत्तियाँ हैं। 

2. जैतून की पत्तियाँ विश्व शांति का संकेत करती हैं। 

Q.9. सुरक्षा परिषद् में कितने सदस्य होते हैं ?

Ans. सुरक्षा परिषद् (Security Council): सुरक्षा परिषद् संयुक्त राष्ट्र की कार्यपालिका के समान है। इसके 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थायी सदस्य हैं-अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, चीन और रूस । पहले सोवियत संघ इसका स्थायी सदस्य था परंतु जनवरी 1992 में सोवियत संघ की समाप्ति के बाद यह स्थान रूसी गणराज्य को दे दिया गया। इसके अन्य 10 सदस्य महासभा के द्वारा 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं। भारत कई बार सुरक्षा परिषद् का सदस्य चुना जा चुका है।

Q10. क्या भारत सुरक्षा परिषद् का सदस्य रहा है ?

Ans. भारत सुरक्षा परिषद् का 6 बार सदस्य चुना जा चुका है। प्रथम बार 1950 में, द्वितीय बार 1967 में तथा तृतीय वार 1972 में, चतुर्थ बार 1977 में, पाँचवीं बार 1984 में, छठी बार 1991 में भारत दो-दो वर्षों के लिए सुरक्षा परिषद् का सदस्य चुना गया था। 

लघु उत्तरीय प्रश्न | SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

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Q1. अंतर्राष्ट्रीय संगठन क्यों आवश्यक है ? 

Ans. अंतर्राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता के कारण :

अंतर्राष्ट्रीय संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र शांति और प्रगति के प्रति मानवता की आशा के प्रतीक होते हैं। डेग हैमरसोल्ड (संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव) ने कहा है- “संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन मानवता को स्वर्ग पहुँचाने के लिए नहीं बल्कि उसे नरक से बचाने के लिए हुआ है।”

Q. 2. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की शक्तियों एवं कार्यों का वर्णन करे। 

Ans. न्यायालय की शक्तियाँ और कार्य : न्यायालय के समक्ष मामलों में केवल राज्य पेक्षकार (Parties) हो सकेंगे, व्यक्ति नहीं। वे सभी राज्य जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं, न्यायाल में जा सकेंगे। ऐसे राज्य भी अपने मामले न्यायालय में ले जा सकते हैं जो संयुक्त राष्ट्र के सदस् नहीं हैं। उस स्थिति में उस राज्य को न्यायालय के व्यय का कुछ अंश वहन करना पड़ेगा।

1. अनिवार्य अथवा बाध्यकर अधिकार क्षेत्र : न्यायालय उन विवादों पर विचार करता जिनमें किसी संधि (Treaty) की व्याख्या का प्रश्न निहित है। वह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों की व्याख करता है और किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि के भंग किए जाने की स्थिति में हानिपूर्ति (reparation की प्रकृति और मात्रा तय करता है।

2. ऐच्छिक अधिकार क्षेत्र : न्यायालय का अधिकार क्षेत्र उन सभी मामलों को लेकर है ज राज्यों या सुरक्षा परिषद् द्वारा उसके समक्ष लाए जाते हैं। जब एक राज्य न्यायालय के समक्ष को विवाद लाता है और दूसरा राज्य उस मामले में प्रतिवादी बनना स्वीकार कर लेता है तो यह मान लिया जाता है कि दोनों राज्य अपने झगड़े का न्यायालय द्वारा समाधान चाहते हैं।

3. सलाहकारी अधिकारी क्षेत्र : महासभा अथवा सुरक्षा परिषद की प्रार्थना पर न्यायालय परामर्श भी देता है। संयुक्त राष्ट्र के विशिष्ट अभिकरण (Specialized Agencies) भी कानूनी पर न्यायालय से सलाहकारी राय देने का अनुरोध कर सकते हैं।

Q.3. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिका का विवेचन कीजिए।

Ans. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की भूमिका 

1. यह संगठन वैश्विक स्तर की दिन व्यवस्था की देखरेख करता है। 

2. यह माँग के आधार पर वित्तीय तथा तकनीकी सहायता मुहैया कराता है। 

3. इस संगठन के 184 देश सदस्य हैं परंतु प्रत्येक सदस्य की सलाह का वजन समान नहीं है। 

4. अग्रणी दस सदस्यों के 55% मत हैं। ये देश अमरीका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, कनाडा, रूस, सऊदी अरब और चीन हैं। 

5. अकेले अमरीका के पास 174 प्रतिशत मताधिकार है।

Q.4. संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता से भारत को क्या लाभ हुए हैं ?

Ans. संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता से भारत को लाभ: संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता से भारत को विभिन्न क्षेत्रों में अनेक लाभ हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संघ की सदस्यता के कारण भारतीयों को स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अनेक सुविधायें प्राप्त हुई। भारत में पेनसिलिन बनाने का कारखाना इसकी मदद से खोला गया। टी. बी. की रोकथाम के लिए बी.सी.जी. के टीके उपलब्ध हुए। इसके अतिरिक्त लगभग बीस हजार डॉलर की सहायता स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिये प्राप्त हुए। 

यूनेस्को से शिक्षा संस्कृति और विज्ञान के क्षेत्र में उन्नति करने के लिए जो विशेष सहायता मिली है, वह इस क्षेत्र में हमारी प्रगति को आगे बढ़ाने में विशेष सहायक हुई है। इसकी सहायता में भारतीय विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए विदेशों में जाने और विदेशी विद्यार्थियों को भारत में आने की सुविधायें दी गयी हैं। 

जोधपुर में यूनेस्को की सहायता से सेन्ट्रल ग्रिड जोन रिसर्च इन्स्टीट्यूट (Central Grid Zone Research Institute) की स्थापना की गई है, जिसमें बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के उपायों पर काम हो रहा है। इसी प्रकार से अनेक संस्थायें यूनेस्को की सहायता से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। विश्व बैंक द्वारा कई सौ करोड़ रुपयों की सहायता विकास कार्यों के लिये मिली है। 

अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष विनिमय की व्यवस्था करता है जिसमें हमारे विदेशी व्यापार को बहुत अधिक प्रोत्साहन मिलता है। संयुक्त राष्ट्र विश्व शिशु आपात कोप (UNICEF) द्वारा भारत में बाल कल्याण के लिये सन् 1964 में 77300 डॉलर सहायता के रूप में मिले। 

Q.5. संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए क्या-क्या ये मानदंड सुझावों से आये हैं ? 

Ans. सुरक्षा परिषद् की सदस्यता के नये मानदंड 

1. किसी सदस्य राष्ट्र को बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित होना चाहिए।

2. उसे सैनिक दृष्टि से ताकतवर होना चाहिए जिससे वह बड़े से बड़े मुखों का सामना कर सके। 

3. उस देश को लोकतंत्र और मानवाधिकारों को सम्मान देने में अग्रणी होना चाहिए।

4. संयुक्त राष्ट्रसंघ के बजट में उसका अधिक से अधिक योगदान होना चाहिए। 

5. उसकी जनसंख्या विशाल होनी चाहिए। 

6. सुरक्षा परिषद् की सदस्यता के लिए उस देश को अपने भूगोल, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की दृष्टि से विश्व की विविधता का नेतृत्व करना चाहिए।

Q6. विश्व बैंक (World Bank) के प्रमुख कार्य बताइए । 

Ans. विश्व बैंक के कार्य: 

1. द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् विश्व के विभिन्न देशों की पर्याप्त बर्बादी हुई थी। उन देशों के पुनरुद्धार के लिए 1945 ई. में विश्व बैंक की स्थापना हुई। 

2. इस बैंक का कार्यक्षेत्र विकासशील देश है और उनके विकास के लिए यह पन उपलब्ध कराता है। 

3. यह बैंक मानवीय विकास (शिक्षा, स्वास्थ्य), कृषि और ग्रामीण विकारा (सिंचाई और ग्रामीण सेवायें) के कार्य करता है।

Q. 7. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का क्या स्थान है? 

Ans. संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थान — संयुक्त राष्ट्र में भारत के योगदान के कारण उसे बहुत सम्मान मिला है। उसकी विभिन्न एजेंसियों व आयोगों में भारत का स्थान महत्त्वपूर्ण रहा है। श्रीमती विजय लक्ष्मी पंडित सं. रा. की महासभा ‘जनरल असेम्बली’ की अध्यक्ष चुनी गई। 

इसकी आर्थिक व सामाजिक परिषद् के पाँचवें अधिवेशन के अध्यक्ष भारत के श्री रामास्वामी मुदालियार चुने गये और 1962 में भारत इसका सदस्य चुना गया। सन् 1957 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी अमृतकौर बर्नी। 

यूनेस्को की कार्य समिति का अध्यक्ष पद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा श्री लक्ष्मी स्वामी मुदालियर ने सुशोभित किया और यूनेस्को का नौवां अधिवेशन भारत में हुआ जिसकी अध्यक्षता स्व. अब्दुल कलाम आजाद ने की। वित्तमंत्री श्री देशमुख की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अंतर्राष्ट्रीय । 

न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर स्व. श्री बी. राव नियुक्त हुए। भारत जनसंख्या आयोग व मानव अधिकारों के आयोग का सदस्य चुना गया। इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन सं. रा. का द्वितीय व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुआ और भी कितनी ही गोष्ठियों को भारत में आयोजित करने गौरव हमें प्राप्त हुआ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Long Answer Type Questions

Class 12 Political Science Notes
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Q1. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ? संयुक्त राष्ट्र के संगठन और इसके अंगों के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए । 

Ans. संयुक्त राष्ट्र एक ऐसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना युद्धों को रोकने, आपक शांति और भाईचारा स्थापित करने तथा जनकल्याण के कार्य करने के लिए की गई है। आजकल संसार के छोटे-बड़े लगभग 192 देश इसके सदस्य हैं। इस संस्था की विधिवत स्थापन

24 अक्टूबर, 1945 ई. को हुई थी। इस संस्था का मुख्य कार्यालय न्यूयार्क, अमेरिका में है। 

उद्देश्य (Aims) : 

1. अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखना । 

2. भिन्न-भिन्न राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देना ।

3. आपसी सहयोग द्वारा आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मानवीय ढंग की अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं को हल करना। 

4. ऊपर दिये गये हितों की पूर्ति के लिए भिन्न-भिन्न राष्ट्रों की कार्यवाही में तालमेल करना

संयुक्त राष्ट्र का संगठन (Organization of the United Nations) : 

1. साधारण सभा या महासभा (General Assembly): यह सभा संयुक्त राष्ट्र का अंग है। इसमें सब सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि सम्मिलित होते हैं। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इसके भी सदस्य हैं। प्रत्येक सदस्य राष्ट्र 5 प्रतिनिधि भेज सकता है, परंतु उनका वोट एक ही होता । इसका अधिवेशन वर्ष में एक बार होता है।

कार्य (Functions) : 

(i) यह सभा शांति तथा सुरक्षा कार्यों पर विचार करती है। 

(ii) यह भा संयुक्त राष्ट्र का बजट पास करती है। 

(iii) महासभा संयुक्त राष्ट्र के बाकी सब अंगों स्यों का चुनाव करती है।

2. सुरक्षा परिषद् (Security Council): यह परिषद् संयुक्त राष्ट्र की कार्यकारिणी है। इसके कुल 15 सदस्य होते हैं जिनमें 5 स्थायी सदस्य हैं और 10 अस्थायी 5 स्थायी सदस्य हैं- 

(i) अमेरिका, (ii) रूस, (iii) इंग्लैंड, (iv) फ्रांस, (v) साम्यवादी चीन अस्थायी सदस्यों का चुनाव सभा द्वारा 2 वर्ष के लिए किया जाता है। 

सुरक्षा परिषद् के कार्य (Functions of Security Council): 

(i) यह परिषद् विश्व में शांति स्थापित करने के लिए जिम्मेदार है। कोई भी देश अपनी शिकायत इस परिषद् के सामने रख सकता है। 

(ii) यह झगड़ों का निर्णय करती है और यदि उचित समझे तो किसी भी देश के विरुद्ध सैनिक शक्ति का प्रयोग कर सकती है। 

(iii) साधारण सभा के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के जजों को नियुक्त करती है । 

3. आर्थिक तथा सामाजिक परिषद् (Economic and Social Council); इस परिषद्

के 27 सदस्य होते हैं जो साधारण सभा के द्वारा 3 वर्ष के लिए चुने जाते हैं। इनमें से एक-तिहाई सदस्य हर वर्ष टूट जाते हैं। उनके स्थान पर नये सदस्य चुन लिए जाते हैं।” 

कार्य (Function) : यह परिषद् अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य सम्बन्धी मामलों पर विचार करती है। 

4. संरक्षण परिषद् (Trusteeship Council) : यह परिषद् उन प्रदेशों के शासन की देखभाल करती है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने अन्य देशों के संरक्षण में रखा हो। इसके अतिरिक्त यह इस बात का भी प्रयत्न करती है कि प्रशासन चलाने वाले देश इन प्रदेशों को हर प्रकार से उन्नत करके स्वतंत्रता के योग्य बना दें।

कार्य (Functions)

संरक्षण परिषद् समय-समय पर संरक्षित इलाकों की उन्नति का अनुमान लगाने के लिए मिशन भेजती है।

5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice): 

यह न्यायालय संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख न्यायिक अंग है। इस न्यायालय के 15 न्यायाधीश होते हैं जो साधारण सभा तथा सुरक्षा परिषद् द्वारा 9 वर्षों के लिए चुने जाते हैं। यह न्यायालय संयुक्त राष्ट्र के भिन्न-भिन्न अंगों द्वारा उनकी समाजसेवी संस्थाओं को न्यायिक परामर्श भी देता है। 

कार्य (Functions) : यह न्यायालय उन झगड़ों का फैसला करता है जो भिन्न-भिन्न देश उसके सामने पेश करते हैं।

6. सचिवालय (Secretariat ) : यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य कार्यालय है। इसका सबसे बड़ा अधिकारी महासचिव (Secretary General) होता है जिसको सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर साधारण सभा नियुक्त करती है। यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य प्रबन्धक होता है। उसके अधीन दफ्तर के लगभग 6000 कर्मचारी काम करते हैं जो भिन्न-भिन्न देशों के होते हैं। 

कार्य (Functions) : संयुक्त राष्ट्र के सचिवालय का प्रमुख कार्य सारे विश्व में फैले संयुक्त राष्ट्र के अंगों की शाखाओं का प्रबन्ध करना है और उनकी आर्थिक एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना है

Q.2. संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका पर एक लेख लिखें। 

Ans. संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की भूमिका (Role of India in United Nations) :

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में विश्व शांति व सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। भारत 1945 से ही संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है, इस प्रकार भारत को संयुक्त राष्ट्र का मौलिक सदस्य कहा जा सकता है। भारत का संयुक्त राष्ट्र के मूलभूत उद्देश्यों में अटूट विश्वास रहा है। 

इसीलिए भारतीय संविधान में इसके उद्देश्यों को ग्रहण करते हुए कहा गया है कि “भारत विश्व-शांति व अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाली नीति का पालन करेगा।” श्री जवाहर लाल नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रति भारतीय नीति स्पष्ट करते हुए कहा था कि “भारत का संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रति व्यवहार पूर्ण सहयोग वाला रहेगा और भारत इसकी समस्त गतिविधियों में पूरी तरह भाग लेगा। “

संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का पूर्ण विश्वास प्रकट करने के उद्देश्य से ही श्री नेहरू 1948 में कश्मीर का मामला संयुक्त राष्ट्र में ले गए अन्यथा भारतीय सेना विजय की ओर अग्रसर भारत का संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने में काफी योगदान रहा है जिसे हम निम्न शीर्षकों वॉट सकते हैं- 

1. भारत संयुक्त राष्ट्र का चार्टर सदस्य (India a Charter Member of United Nations)—भारत उन पहले 51 देशों में है जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के संबंध में हुई सम्मेलनों में भाग लिया था और इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे। 

2. संयुक्त राष्ट्र के अंगों तथा अन्य एजेंसियों की गतिविधियों में सक्रिय भागी (Active Participation in the Activities of its Organs and Other Agencies) भारत ने आरंभ से ही संयुक्त राष्ट्र के मुख्य अंगों तथा अन्य एजेंसियों की गतिविधियों में सि भाग लिया है। 

3. अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बढ़ाने में योगदान (Contribution in Promoting International Place and Security ) — संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बढ़ावा देना है जिसमें भारत ने सक्रिय भूमिका अदा की है। 

4. संयुक्त राष्ट्र के प्रसार में भूमिका ( India’s Role in the Expansion of United Nations ) —— भारत ने सदैव संयुक्त राष्ट्र के प्रसार के लिए अनेक प्रयत्न किए हैं। भारत 1950 से साम्यवादी चीन को संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाए जाने का प्रबल समर्थक रहा है। इस नीति को भारत ने चीन के साथ युद्ध होने के बावजूद भी नहीं छोड़ा। 

5. रंग-भेद की नीति के विरुद्ध संघर्ष (Opposition to Apartheid) संयुक्त राष्ट्र के आधारभूत उद्देश्यों में गहरी आस्था है जिसमें रंग-भेद की नीति का खुला भी सम्मिलित है। 

Q. 3 विश्व शांति बनाये रखने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का परीक्षण करें । 

Ans. संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रधान उद्देश्य विश्व में शांति और सुरक्षा की स्थापना करना राज्यों के आपसी झगड़ों का शांतिपूर्ण निपटारा तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को कायम रखना है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के चार्टर के अनुच्छेद 1 में संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों का वर्णन इस प्रकार किया गया है–

अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाये रखना, शांति के खतरों को सामूहिक तथा प्रभावकारी उपायों से रोकना, आक्रमण तथा शांति भंग होने वाले प्रयासों को तथा न्याय और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार शांतिपूर्ण साधनों द्वारा शांति भंग करने वाली स्थितियों तथा विवादों का निपटारा करना तथा सुलझाना।

विश्व में शांति स्थापित रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कार्य किये गये हैं। उनमें से मुख्य कार्यों का संक्षिप्त विवेचन निम्नलिखित है :

1. कोरिया की समस्या (Korean Problem ) – 1950 ई. में उत्तरी कोरिया ने कोरिया पर आक्रमण कर दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने युद्ध को रोकने के लिए 16 राष्ट्रों की सेनादे उत्तरी कोरिया में प्रतिरोध के लिए भेजीं। भारत के सैनिकों ने भी इस कार्यवाही में भाग लिया। भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सहायता करते हुए दोनों देशों में युद्ध को समाप्त करवाया और दोनों देशों के युद्धबंदियों के आदान-प्रदान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2. स्वेज नहर की समस्या ( Problem concerned with Suez Canal) — जुलाई, 1965 ई. में मिस्र ने स्वेज नहर के राष्ट्रीयकरण की घोषणा कर दी। इसके राष्ट्रीयकरण से इस और फ्रांस को बहुत अधिक हानि होने का भय था। अतः उन्होंने स्वेज नहर पर अपना अधिकार जमाने के उद्देश्य से इजराइल द्वारा मिस्र पर आक्रमण कर दिया। इस युद्ध को बन्द कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने सभी प्रयास किये। इन प्रयासों में भारत ने भी पूरा सहयोग दिया और यह युद्ध बंद हो गया। 

3. भारत-पाक युद्ध ( Into-Pak War) –1965 ई. में जब पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण कर दिया तो संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस युद्ध को समाप्त करवाने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। यह युद्ध जनवरी, 1966 ई. में ताशकन्द संधि के साथ समाप्त हुआ। 

4. खाड़ी युद्ध (Gulf War) – 1991 ई. में खाड़ी युद्ध के प्रारंभ होने पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् ने तुरंत अपनी बैठक बुलाई और वहाँ पर शांति स्थापित करने के लिए प्रस्ताव पास किया। इस प्रकार खाड़ी युद्ध की समाप्ति में संयुक्त राष्ट्र ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

5. निःशस्त्रीकरण के लिए प्रयास (Efforts made for the disarmament) संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में महासभा और सुरक्षा परिषद् दोनों के ऊपर यह जिम्मेदारी डाली गई है कि वे निःशस्त्रीकरण के लिए कार्य करें। संयुक्त राष्ट्र ने निःशस्त्रीकरण को लागू करने और विध्वंसक परमाणु हथियारों पर पाबंदी लगाने के लिए समय-समय पर कई सम्मेलन बुलाये हैं तथा कई प्रस्ताव पास किये हैं। संयुक्त राष्ट्र को निःशस्त्रीकरण के प्रयासों में भारत का सहयोग भी प्राप्त हुआ है और यह काफी हद तक शस्त्रों के प्रसार को रोकने में सफल रहा है।

इस आर्टिकल में किसी भी प्रकार का त्रुटि आपको मिलती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करेंगे क्योंकि लिखने समय सबसे गलती हो जाती है 😅😅😅😅😅😅😅😅😅


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FAQs

Q1. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय क्या है ?

Ans. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय-अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का प्रधान न्यायिक अंग है। उसका प्रधान कार्यालय हेग (हॉलैंड) में है। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के 15 न्यायाधीश होते हैं। वे महासभा और सुरक्षा परिषद् द्वारा 9 वर्ष की अवधि के लिए चुने जाते हैं। केवल वे व्यक्ति न्यायाधीश चुने जायेंगे जिन्हें दोनों निकायों (महासभा और सुरक्षा परिषद्) में अधिकतम मत मिले हैं। इनमें से कोई भी दो न्यायाधीश एक ही राज्य के राष्ट्रिक नहीं हो सकेंगे। 9 वर्ष की अवधि के पश्चात् किसी भी न्यायाधीश को पुनः निर्वाचित किया जा सकेगा। न्यायाधीश केवल वही व्यक्ति बन सकेंगे जो अपने-अपने देशों में उच्चतम न्यायिक पदों पर नियुक्त किये जाने की योग्यताएँ रखते हैं। 

Q.2. संयुक्त राष्ट्र संघ के कुछ विशेष एजेंसियों के नाम बताइए । 

Ans. 
1. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) 
2. खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) 
3. संयुक्त राष्ट्र संघ शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)

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