Ncert class 12 Psychology important questions in Hindi PDF Download

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now

Ncert class 12 Psychology important questions in Hindi PDF Download, Ncert class 12 Psychology important questions in Hindi, class 12 Psychology important questions

class 12 Psychology important questions in Hindi

Class12th 
Book NCERT
SubjectPsychology
Medium Hindi
Study MaterialsImportant questions answers
Download PDFclass 12 Psychology important questions in Hindi pdf


Ncert class 12 Psychology important questions in Hindi PDF Download

Ncert class 12 Psychology important questions in Hindi

1.बुद्धि का बीने साईमन परीक्षण कब विकसित हुआ ? (When has Binet-Simon test of intelligence developed ?)

(1) 1879

(2) 1905

(3) 1900

(4) 1800 

Ans.(2)

2. किसने बुद्धि को एक ‘सार्वभौमि क्षमता’ कहा ? (Who said that intelligence is a ‘global capacity’ ?)

(1) वेश्लर (Wechsler)

(3) गार्डनर (Gardner)

(2) अलफ्रेड बीने (Alfred Binet)

(4) fes (Hilgard) 

Ans. (1)

3. बुद्धि का त्री-तत्वीय सिद्धान्त का प्रतिपादन किस मनोवैज्ञानिक ने किया ? 

(1) स्टर्नबर्ग (Sternberg)

(2) स्पीयरमैन (Spearman)

(3) थार्नडाइक (Thorndike)

(4) थर्सटन (Thurstone) 

Ans. (1)

4.बुद्धि मापन के लिए बुद्धि-लब्धि (I.Q.) का उपयोग पहले किस मनोवैज्ञानिक द्वारा किया गया ? 

(1) टर्मन (Terman)

(2) Buckingham) 

(3) स्टर्न (Stern)

(4) बीने साईमन (Binet-Simon)

Ans. (3)

5. व्यक्तिगत विभिन्नताएँ के मुख्य कारण कौन है ? (What is the main reason for individual difference?)

(1) आनुवंशिकता और पर्यावरण (Heredity and environment)

(2) संस्कृति (Culture)

(3) परिवार (Family)

(4) शिक्षा (Education)

Ans. (1)

6. मन्द या अल्प बुद्धि बालकों को iQ. (बुद्धि लब्धि) कितनी होती है ? (What is the I.Q. of children with mentally intelligence deficient ?)

(1) 70 से (to) S6

(2) 87 से (to) 112 

(3) 70 से कम (Below 70)

(4) 113 से (to) 128

Ans. (3)

7. निम्न में क्रियात्मक बुद्धि परीक्षण (Performence Intelligence test) कौन-सा है ? (Which of the following is a performance: intelligence test ?)

(1) सामान्य बुद्धि परीक्षण (General Intelligence Test)

(2) ब्लॉक डिजाईन टेस्ट (Block Design Test)

(3) पवन (Maudsley Personality Inventory (MPI))

(4) अभियोजन परीक्षण (Adjustment Test) 

Ans. (2)

8. बुद्धि के कितने प्रकार हैं? (How many types of intelligence are there?)

(1) दो (Two)

(2) तीन (Three)

(3) चार (Four)

(4) पाँच (Five)

Ans. (2)

9. अलेक्जेंडर के क्रियात्मक परीक्षणमाला में कितने उप-परीक्षण हैं ? (How many sub-tests are there in Alexander’s Battery Test ?)

(1) पाँच (Five)

(2) प्यार (Four)

(3) तीन (Three)

 (4) दो (Two)

Ans. (1)

10. किस आयु के बच्चों में अभिक्षमताएँ स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगती हैं ? (At what age children have aptitudes that are clearly visible ? )

(1) 11 से 13 वर्ष (11 to 13 years)

(2) 15 से 18 वर्ष (15 to 18 years)

(3) 7 से 10 वर्ष (7 to 10 years)

(4) 18 से 21 वर्ष (18 to 21 years)

Ans. (3)

11. “अभिक्षमता किसी व्यक्ति के प्रशिक्षण के बाद उसके ज्ञान, दक्षता तथा प्रतिक्रियाओं को जानने की योग्यता है।” ये कथन किनका है ?

(1) विधाम (Bingham)

(2) सायरिल बर्ट (Cyril-Burt)

(3) टर्मन (Terman)

(4) गोडार्ड (Godard) 

Ans. (3)

12. स्व (Self) क्या है? (What is Self?)

(1) स्व अपने बारे में विश्वासों, भावों और अनुभवों को बतलाता है (Self expresses beliefs, feeling and experiences about himself herself

(2) स्व दूसरों के बारे में बतलाता है (Self tells about others)

(3) स्व जन्मजात होता है (Self is born)

(4) इनमें से कोई नहीं (None of these)

Ans. (1)

13 ‘व्यक्तित्व’ किस शब्द से बना है ? 

(1) परसोना (Persona) 

(2) परसनल (Personal)

(3) परसोनिक (Personic) 

(4) परसोनिया (Personia) 

Ans. (1)

14. शेल्डन के अनुसार व्यक्तित्व के कितने प्रकार हैं ? 

(1) दो (Two)

(2) तीन (Three)

(3) चार (Four)

(4) पाँच (Five)

Ans. (2)

15. मन के आकारात्मक पहलू कितने हैं ? (How many topographical aspects of mind are there ?)

(1) दो (Two)

(2) तीन (Three)

(3) चार (Four)

(4) पाँच (Five)

उत्तर. (2)

16. निम्न में से कौन व्यक्तित्व निर्माण का जैविक निर्धारक नहीं है ? (Which of the following is not a biological determinant of personality formation ?)

(1) शारीरिक संरचना (Body structure)

(2) बुद्धि (Intelligence)

(3) अन्तःस्रावी ग्रंथि (Endocrine gland) 

(4) परिवार (Family) 

Ans. (4)

17. स्याही धब्बा परीक्षण (Ink-blot test) (R.T.) किस मनोवैज्ञानिक ने किया ? (Which psychologist did the Ink-blot test ?)

(1) हरमन रौशांक (Hermann Rorschac)

(2) मरे (Murray)

(3) आईजेक (Eysenck)

(4) कैटेल (Cattell) 

Ans. (I)

18. प्रक्षेपण (Projective ) का क्या अर्थ है ? (What does ‘projective’ mean?).

(1) व्यक्ति अपने मनोभावों एवं विचारों को दूसरे पर आरोपित करता है (A person accuses others of his feelings and thoughts)

(2) व्यक्ति दूसरों के विचारों को समझता है (A person understands the thoughts of others)

(3) व्यक्ति दूसरों के विचारों को देखता है (A person sees the thoughts of others)

(4) व्यक्ति अपने अन्दर नकारात्मक विचार रखता है (A person holds negative thoughts in himself/herself) 

19. निम्न में से कौन सद्गुण नहीं है ? 

(1) ईमानदारी (Honesty)

(2) दृढ़ संकल्प (Determination)

(3) सत्यवादिता (सच्चाई)

(4) मानसिक शक्ति (Mental strength)

उत्तर. (4)

20. व्यक्तित्व का शीलगुण है (Trait of personality is)

(1) सौन्दर्य (Beauty)

(2) परिधान ( Apparel)

(3) व्यवहार का विशिष्ट तरीका

(4) आभूषण (Jewellery)

उत्तर. (3)

21. मनुष्य के स्वभाव के प्रति सकारात्मक एवं आशावादी दृष्टिकोण पर बल देता है 

(1) मानवतावादी दृष्टिकोण (Humanistic approach) 

(2) व्यवहारवादी दृष्टिकोण (Behaviouristic approach)

(3) फ्रायडवादी दृष्टिकोण (Freudian approach)

(4) इनमें से कोई नहीं (None of these)

Ans. (1)

 22. शेर और वायु प्रदूषण कौन-सा प्रतिबल कारक है ? (What is the stress factor of noise and air pollution?)

(1) सामाजिक प्रतिबल (Social stress)

(2) पर्यावरणीय प्रतिबल (Environmental stress)

(3) (1) और (2) दोनों (Both (1) and (2)) 

(4) मनोवैज्ञानिक विकार

Ans. (2)

23. ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ कब मनाया जाता है ? (‘World पर्यावरण दिवस’ मनाया जाता है)

(1) 2 जून (2nd June) 

(2) 5 जून (5th June)

(3) 7 जून (7 जून)

(4) 1 जून (1 June)

उत्तर. (2)

24. प्रतिबल किसे प्रभावित करती है? (Whom does stress प्रभाव ?)

(1) फैशन (Fashion)

(2) व्यवहार (Behaviour) 

(3) प्रचार (Propaganda)

(4) इनमें से कोई नहीं 

Ans. (2)

25. निम्न में कौन मानव-निर्मित आपदा नहीं है ? 

(1) सुनामी (Tsunami)

(2) भोपाल गैस कांड (Bhopal Gas Tragedy)

(3) थ्री माइल आईलैण्ड ( Three Mile Island)

(4) चेरनोवील (Chernobyl)

Ans. (1)

26. निम्न में से कौन प्रतिबल का स्रोत नहीं है ? (Which of the following is not a source of stress ?)

(1) चिन्ता (Anxiety)

(2) निराशा या कुण्ठा (Frustration )

(3) संघर्ष (Confict)

(4) सामाजिक प्रतिबल (Social stress)

Ans. (4)

27. स्ट्रेस (Stress) शब्द लैटिन के किस शब्द से बना है ? (Which Latin word is the origin of the word ‘stress ‘ ?)

(1) स्ट्रीक्टस (Strictus)

(2) स्ट्रक्चर (Structure)

(3) स्टीक (Stick)

(4) स्ट्रीक्टर (Stricter) 

Ans. (1)

28. निम्न में से कौन पर्यावरणीय प्रतिबल है ? (Which of the following is an environmental stress ?)

(1) भूकंप (Earthquake)

(2) हताशा या कुंठा (Frustration)

(3) तनावपूर्ण (Stressful)

(4) विवाह विच्छेद (Divorce) 

Ans. (1)

29. रोगी और चिकित्सक के बीच चिकित्सात्मक संबंध की कितनी अवस्थाएँ हैं ? (How many stages are there in a medical relationship between patient and doctor ?)

(1) तीन (Three)

(2) चार (Four)

(3) पाँच (Five)

(4) दो (Two)

Ans. (1)

30. निम्न में से कौन मनोविशलेषण विधि से संबंधित नहीं है ? (Which of the following is not related to Psychoanalytic method?)

(1) मुक्त साहचर्य ( Free association)

(2) स्वप्न विश्लेषण (Dream interpretation or analysis)

(3) क्रमिक विसंवेदीकरण (Systematic desensitization)

(4) स्थानांतरण की अवस्था (Stage of transfer)

Ans. (4)

31. व्यवहार चिकित्सा लिन्डस्ले और स्कीनर के द्वारा विकसित किया गया। (Behaviour therapy was developed by Lindsley and Skinner.)

(1) सही (True)

(2) गलत (False )

Ans. (2)

32. प्राणायाम में सांस का संचालन निहित है। (Breathing is involved in Pranayam.)

(1) सही (True)

(2) गलत (False )

Ans. (1)

33. फ्रायड ने मानसिक रोगों का कारण दमित इच्छाओं को माना है। (Freud considered repressed desires as a reason of mental diseases.)

(1) सही (True )

(2) गलत (False )

Ans. (1)

34. आयुर्वेद में जीवनशैली के कुल तत्व कितने हैं ? (How many original elements of life-style are there in Ayurveda ?)

(1) दो (Two)

(2) चार (Four )

(3) छः (Six)

(4) आठ (Eight)

Ans. (3)

35.मनोचिकित्सा का अर्थ है (Meaning of Psychotherapy is)

(1) मानसिक रोगों का उपचार करना (Treating or treatment of mental diseases)

(2) शारीरिक रोगों का उपचार करना (Treating or treatment of Physical ailments)

(3) (1) और (2) दोनों (Both (1) and (2))

(4) इनमें से कोई नहीं (None of these)

Ans. (3)


SECTION – A खंड- ‘क’


( अति लघु उत्तरीय प्रश्न ) ( Very short answer type questions) किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दें। (Answer any Five questions)

1. मनोवृत्ति का क्या अर्थ है ? (What is meant by Attitude ?)

Ans. मनोवृत्ति व्यक्ति की मानसिक एवं स्नायविक अवस्था है जो संबंधित वस्तुओं एवं परिस्थितियों के प्रति की जानेवाली प्रतिक्रियाओं को गति प्रदान करता है। 

2. रूढ़ियुक्तियों का क्या अर्थ है ? (What do you mean by

Ans. रूढ़िकृति किसी विशिष्ट समूह की विशेषताओं से संकट विचारों का एक पुंज या गुच्छा होती है। रूढ़िकृति को रूढ़धारण कहा जाता है। रूढ धारणाएँ लक्ष्य समूह के बारे में अवांछित विशेषताओं से युक्त होती है और ये विशिष्ट समूह के सदस्यों के बारे में एक नकारात्मक अभिवृत्ति या पूर्वाग्रह को जन्म देती है। वास्तव में,

रूढ़िकृति एक कल्पित विचार होता है जो विभिन्न समूहों के बारे में बने रहते हैं। 

3. पर्यावरण मनोविज्ञान क्या है ? (What is Environment Psychology ?)

Ans. पर्यावरणीय मनोविज्ञान मानसिक प्रक्रियाओं एवं मानवनिर्मित भौतिक परिवेश के पारस्परिक सम्बंधों का अध्ययन है। पर्यावरणीय मनोविज्ञान पर्यावरण से सम्बंधित होता है। इस तरह का पर्यावरण में मनुष्य अपना जीवन बिताता है उसी तरह वह व्यवहार करता है।

4. संचार क्या है ? (What is Communication ? ) 

Ans. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संवाद के रूप में अर्थ के पहुँचने की प्रक्रिया को संचार कहते हैं जिसमें संवाद प्राप्त करने वाला प्रेषक अर्थ को हू-ब-हू रूप में ग्रहण करता है।

5. मौखिक बुद्धि परीक्षण क्या है ? 

Ans. मौखिक बुद्धि परिक्षण को शाब्दिक बुद्धि परिक्षण भी कहा जाता है। मौखिक बुद्धि परिक्षण वैसे बुद्धि परिक्षण को कहा जाता है जिसके एटाश की अभिव्यक्ति भाषा के रूप में होती है। दूसरे शब्दों में इसके एकांश शब्दों या वाक्यों के रूप में लिखे होते हैं। इसके निर्देश भी लिखित होते हैं। 

परीक्षार्थी इन एकांशों को पढ़ पढ़कर जवाब देता है तथा दिए गए उत्तरों के आधार पर उसकी बुद्धि की जाँच की जाती है। बिने-साइमन बुद्धि परिक्षण एक प्रमुख शाब्दिक बुद्धि परिक्षण है। भाषा के कारण आत्मभावतः ऐसे परीक्षणों का उपयोग केवल पढ़े-लिखें व्यक्तियों की बुद्धि मापने में ही किया जाता है।

6. साक्षात्कार किसे कहते हैं ? (What is Interview ?) 

Ans. साक्षात्कार एक ऐसी विधि है जिसके द्वारा किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को जानने के लिए उपयोग किया जाता है। साक्षात्कार कम-से-कम दो व्यक्तियों के बीच आमने-सामने का वार्तालाप है। किसी भी व्यक्ति का साक्षात्कार लेने के पूर्व एक योजना बनाई जाती है और उस योजना के अनुरूप साक्षात्कार का संचालन किया जाता है। 

इसमें व्यक्ति से विभिन्न विषयों, घटनाओं के बारे में बातचीत / प्रश्न करके उसकी प्रतिक्रिया, निर्णयन क्षमता, स्वभाव के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। साक्षात्कार दो प्रकार के होते हैं-संरचित तथा असंरचित असंरचित रूप में साक्षात्कारकर्त्ता व्यक्ति के बारे में एक छाप या अवधारणा बनाता है तथा अपने आकलनों का उपयोग करता है या फिर व्यक्ति को उस तथ्यों को विस्तृत रूप से बताने को कहा जाता है जो उसके व्यक्तित्व को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण हो । 

संरचित साक्षात्कार में विशिष्ट प्रश्न होते हैं तथा निश्चित प्रक्रिया का अनुसरण किया जाता है। यह साक्षात्कार किए गए व्यक्तियों को वस्तुनिष्ट तुलना करने के लिए आयोजित किया जाता है। मूल्यांकनों को मानकीकृत करने के लिए मूल्य निर्धारण मापनियों का भी उपयोग किया जाता है।

7. समानुभूति का क्या अर्थ है ? (What is the meaning of Empathy ?)

Ans. परामर्श की प्रक्रिया में समानुभूति (empathy) एक महत्वपूर्ण पक्ष है। इससे लाभार्थी की समस्या के प्रति परामर्शदाता की संवेदनशीलता का संकेत मिलता है। समानुभूति का अर्थ होता है- ‘समान तरह की अनुभूति का होना।”

इसमें प्रत्यक्षीकरना और संप्रेषण (Percention and Cornmunication) है। परामर्शदाता जय लाभार्थी को सुनता है तो प्रत्यक्षण का तत्व महत्वपूर्ण होता है और जब परामर्शदाता सामार्थी से कुछ कहता है जिससे लाभार्थी को ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी बातों को सही परिप्रेक्ष्य में समझा गया है तो यहाँ सम्प्रेषण का होता है। ‘समानुभूति’ के प्रभावी उपयोगी के लिये लाभार्थी के सांस्कृतिक परिवेश का ज्ञान लाभप्रद होता है। समानुभूति को और अच्छी तरह समझने के लिये अध्ययन लाभप्रद होगा।


SECTION B खंड- ‘ख’


(लघु उत्तरीय प्रश्न) (Short answer type questions) किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दें (Answer any Five questions)

8. मनोवृत्ति की विशेषताओं को लिखें। (Write the characteristics of Attitude.)

Ans. नीतिव्यक्ति के मन की ऐसी अवस्था है मनोवृत्ति की निम्नलिखित विशेषताएं होती है-

(i) मनोवृत्ति की एक विशेषता यह है कि इसमें कर्णण शक्ति पानी सकारात्मकता और नकारात्मकता पायी जाती है।

(ii) मनोवृत्ति की एक विशेषता यह भी है कि इसमें एक चरम सीमा होती है। 

(iii) मनोवृत्ति की एक विशेषता यह भी है कि इसमें सरलता और जटिलता दोनों विशेषता पायी जाती है।

(iv) मनोवृत्ति में केन्द्रिता की विशेषता भी पायी जाती है।

(v) मनोवृत्ति के मन की उपज और जैसा मन सोचता है उसी की अनुरूप व्यक्ति व्यवहार करता है।

9. प्रसामाजिक या समाजोपयोगी व्यवहार क्या है?

सभी धर्म हमें यह सिखाते हैं कि हमलोगों को उनकी मदद या सहायता करनी चाहिए जो जरूरतमंद हो। इस व्यवहार को प्रसामाजिक व समाजोपकारी (pro-social behaviour) कहा जाता है। समाजोपकारी व्यवहार बहुत कुछ “परहितवाद (altruism) के समान है जिसका अर्थ है बिना किसी आत्म-हित के भाव से दूसरों के लिए कुछ करना या उनके कल्याण के बारे में सोचना।

10. वायु प्रदूषण से व्यक्ति के व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है। (How does air pollution affect on a person’s behaviour 2)

Ans. जय पर्यावरण में वायु प्रदूषित हो जाता है तो उसे वायु प्रदूषण कहा जाता है। वायु प्रदूषण से व्यक्ति के व्यवहार पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वायु

प्रदूषण न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को हानि पहुंचाती है बल्कि व्यक्ति के व्यवहार पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।

11. निर्धनता के कारण क्या हैं? (What are the causes poverty 7) 

Ans. निर्यनता को गरीबी कहा जाता है। निर्धनता रहने से व्यक्ति का जीवन स्तर निम्न बन जाता है। निर्यनता के निम्न कारण है-

(i) व्यक्ति की आय जब व्यय से कम रहती है तो व्यक्ति निर्यनता की स्थिति में जा जाता है।

(ii) रोजगार की कमी रहने से व्यक्ति की आय कम हो जाती है जिसके कारण व्यक्ति निर्धन बन जाता है।

(iii) जब व्यक्ति के पास काम करने और आमदनी कमाने का अनुकूल वातावरण नहीं रहता है तो ऐसे में व्यक्ति की जाय कम हो जाती परिणाम व्यक्ति निर्धन बन जाता है।

(iv) अशिक्षा रहने और प्रशिक्षण की कमी रहने से व्यक्ति किसी भी काम करने में कुशल नहीं हो जाता है। ऐसी व्यक्ति रोजगार का हासिल नहीं कर पाता है। परिणामस्वरूप आमदनी नहीं होने के कारण व्यक्ति निर्धन बन जाता है।

12. संचार के कौन-कौन साधन हैं ? (What are the means of communication ?)

Ans. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संवाद के रूप में अर्थ के पहुँचने की प्रक्रिया को संचार कहते है जिसमें संवाद प्राप्त करने वाला प्रेषक अर्थ को हृदय में ग्रहण करता है।

संचार तकनीक में शब्द प्राक्रमक, लेजर प्रिंटर, फैक्स मशीन, टी.वी., ई. मेल आदि उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

13. साक्षात्कार के कितने चरण या अवस्थाएँ हैं ? (How hany stages are there in the interview ?)

Ans. प्रत्येक साक्षात्कार के तीन चरण होते है-प्रारंभिक तैयारी, प्रश्न सत्र और समापन हुन अवस्थाओं का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित हैं-

1. प्रारंभिक तैयारी साक्षात्कार के इस चरण में लोग भले ही बहुत कम समय लगाते हो, किन्तु वास्तव में यह साक्षात्कार का सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मनोवैज्ञानिकों का विचार है कि किसी साक्षात्कार में लगभग 50 प्रतिशत निर्णय पहले 60 सेकण्ड में और उसके बाद 25 प्रतिशत निर्णय अगले 15 मिनटों में ले लिया जाता है। साक्षात्कार के प्रारंभ में ही यदि आपका निष्पादन अच्छा नहीं होगा, तो साक्षात्कार में सफल होना बहुत कठिन हो जाता है। 

2. प्रश्नोत्तर सत्र– साक्षात्कार का एक बड़ा भाग इसी चरण में लगता है। इसमें साक्षात्कारकर्ता प्रश्न पूछता है और साक्षात्कार देने वाले को इन प्रश्नों का उत्तर देना होता है। उत्तर देते समय यह आवश्यक नहीं है कि उत्तर ‘हो’ या ‘नहीं’ में हो हो प्रश्न को सुनकर कुछ क्षण के लिए रुककर सोचना चाहिए तव उत्तर देना चाहिए।

3. समापन साक्षात्कार के प्रारंभ की तरह ही इसका समापन भी महत्वपूर्ण है। आखिरी कुछ मिनटों में आपको यह विचार करना चाहिए कि साक्षात्कार में आपने कैसा किया और साक्षात्कारकर्ता के मन में बनने वाली किसी प्रतिकूल धारणा को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। साक्षात्कारकर्ता साक्षात्कार समाप्त करते समय जब भी आपके याचिक या अवाचिक संकेतों की ओर ध्यान दे रहा हो|

14. पर्यावरण प्रतिबल से आप क्या समझते हैं ? (What do you Mean by environmental stress ? )

Ans. पर्यावरणागत–अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाएँ जैसे—अकाल, भूकंप, बाद आदि पर्यावरणीय प्रतिबल होते हैं।

पर्यावरण में प्राकृतिक अथवा मानव के प्रयासों में उत्पन्न गम्भीर समस्याओं के मानव पर पड़ने वाली आघातपूर्ण प्रभाव को पर्यावरणीय प्रतिबल कहते हैं।

पर्यावरणीय प्रतियल कई प्रकार के होते हैं जिनमें शोर (noise), प्रदूषण (pollution), भीड़ (crowding) तथा प्राकृतिक विपदाएँ (natural disasters) इत्यादि

प्रमुख हैं। पर्याय प्रतिबल का प्रभाव कभी-कभी इतना तीव्र होता है कि मानव का जीवन खतरे में पड़ जाता है। अत्यधिक शोर होने से मानव बहरा हो सकता है।

प्रदूषण से कई प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती है जिसके परिणामस्वरूप मानव जीवन संकट में पड़ सकता है। अत्यधिक भीड़ से कभी-कभी भयानक परिणाम सामने आते है। जिससे मानव का जीवन संकट में पड़ जाता है। साथ ही साथ प्राकृतिक आपदाएँ भी मानव के जीवन को संकट में डाल देते हैं। इसके भयानक परिणाम सामने आते हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि पर्यावरणीय प्रतिबल से मानव का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसके भयानक परिणाम सामने आते हैं।


SECTION C खंड- ‘ग’


(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न) (Long answer type questions) 5×3 = 15 किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (Answer any Three questions)

15. पूर्व- धारणाओं को नियंत्रित या दूर करने के क्या उपाय हैं ? (What are the ways to control or remove prejudice ?)

Ans. पूर्वाग्रह दूर करने या कम करने के उपाय : विभिन्न समूहों के बीच संपर्क का अवसर प्रदान करना – अंतर्सामूहिक संघर्ष घटाने की एक महत्वपूर्ण तकनीक यह है कि विभिन्न समूहों को एक-दूसरे से सीधा संपर्क बनाने के लिए अधिक अवसर दिया जाए।

16. सूचना माध्यम और संचार क्रांति के प्रभाव की चर्चा संक्षेप में करें। (Describe briefly the impact of media and communication revolution.)

Ans. सूचना माध्यम और संचार क्रांति का व्यक्ति और समाज पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संवाद के रूप में अर्थ के पहुँचने की प्रक्रिया को संचार कहते हैं जिसमें संवाद प्राप्त करने वाला प्रेपक अर्थ को हू-ब- रूप में ग्रहण करता है। संचार तकनीक में शब्द प्रक्रमक, लेजरप्रिंटर फैक्स मशीन, टी.वी., ईमेल आदि उपकरणों का उपयोग किया जाता है। [अवस्था है? 

(वर्तमान समय में संचार या संप्रेषण को एक क्रांति का नाम दिया गया है। क्योंकि आजकल संचार क्रांति का बहुत अधिक महत्व बढ़ गया है। इस क्रांति ने मानवीय

जीवन को बहुत अधिक प्रभावित किया है। संचार क्रांति के विभिन्न उपकरणों और मै क्षेत्र से मनुष्य समाचारों और संदिशों का आदान-प्रदान जल्द से जल्द कर लेता है। नकल संचार क्रांति का मानवीय जीवन पर अनुकूल प्रभाव पड़ा है। यह माना जाता कि जीवन का अर्थ संवाद है। अर्थात् जीने के लिए संवाद का होना नितांत आवश्यक है। संवादहीन जीवन वस्तुतः मृत्यु समान है। संवाद संचार एक कला है जो जीवन को सरल बनाता है। क्योंकि इससे जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान होता है। संचारही सामाजिक जीवन का स्तंभ होता है जिसके बिना सामाजिक जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती । 

व्यक्ति का संपूर्ण जीवन विस्तार का लगभग 80% से भी अधिक समय दूसरे लोगों के साथ संचार में व्यतीत होता है। यह संचार दूसरों को संवाद भेजने और पाने की प्रक्रिया द्वारा होता है। संचार वाचिक, सांकेतिक (अवाधिक) रूप से प्रकट कर लिखकर या विविध माध्यमों द्वारा चुनकर किए जाते हैं। जीवन की सफलता एवं असफलता बहुत कुछ संचार की कुशलता पर निर्भर करती है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र जैसे परिवार, कार्यक्षेत्र, मित्रता, राजनीति, व्यवसाय खेल का मैदान यात्रा आदि में संचार आवश्यक होता है। वास्तव में आजकल मानवीय जीवन पर संचार प्रांति का महत्व अधिक बढ़ गया है।

17. प्रभावी मनोवैज्ञानिक क्या है ? इसकी विशेषताओं का वर्णन करें। (What is effective psychologist? Describe his/her characteristics.) 

Ans. एक प्रभावी मनोवैज्ञानिक होने के लिए व्यक्ति में ज्ञान, कौशल, प्रेरणा और मूल्यों का उत्तम संयोग आवश्यक है। एक शोधकर्ता के रूप में मनोवैज्ञानिक किसी विशेष रूप में ज्ञान बढ़ाने में योगदान करता है। व्यावसायिक मनोवैज्ञानिक जैसे परामर्शदाता, चिकित्सक, विद्यालय मनोवैज्ञानिक, बाल मनोवैज्ञानिक, कार्मिक प्रबंधक, मानव संबंध, सलाहकार के रूप में मनोवैज्ञानिक अपने ज्ञान तथा कौशल का उपयोग कर व्यक्ति और संस्था की सेवा करता है। 

अपनी इन भूमिकाओं को निभाने के लिए मनोवैज्ञानिकों को विशेष प्रशिक्षण और अनुभव की आवश्यकता पड़ती है। वर्तमान संदर्भ में मनोवैज्ञानिक बनने की प्रक्रिया में निहित सामान्य या मूलभूत पक्षों की ओर ध्यान दिया जाना अपेक्षित है।

एक प्रभावी मनोवैज्ञानिक की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं- 

(i) क्षमता मनोवैज्ञानिक को जैसी शिक्षा, प्रशिक्षण या कार्य अनुभव मिला होता है, यह उसी के अनुरूप सेवा कर पाता है या सेवा कार्य में वैसी ही तकनीकों का उपयोग कर पाता है अतः एक मनोवैज्ञानिक के रूप में आपको कार्य का ऊँचा स्तर बनाए रखना होता है और साथ ही अपनी सामर्थ्य की सीमा और कार्यकुशलता के स्तर को पहचानना होता है।

(ii) वैज्ञानिक मानसिकता जैसा कि आप जानते है कि कोई भी वैज्ञानिक कार्य जाँच किए जाने योग्य तथा लोगों के लिए उपयोगी ज्ञान की वस्तुनिष्ठ समझ पर आधारित होता है। अतः इसके लिए मनोवैज्ञानिक को अपने कार्य में वस्तुनिष्ठता तथा लगन का भाव बनाए रखना आवश्यक होता है। उसे अपने कार्य के प्रति तटस्थ पक्षपात से मुक्त, ईमानदार और निर्मल दृष्टिकोण वाला बना रहना चाहिए।

(iii) उत्तरदायित्व का बोध मनोवैज्ञानिकों पर व्यवसायिक स्तर को उच्च बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है। उन्हें अपने क्रियाकलापों के लिए पूरी जिम्मेदारी लेनी होती है और भिन्न-भिन्न समूहों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त विधियाँ अपनानी होती है। इसके साथ ही उन्हें उस समय समुदाय और समाज के प्रति भी अपने कर्तव्यों से अवगत रहना होता है, जिसमें वे रहते हैं एक व्यवसाय क्रिया मनोवैज्ञानिक के रूप में आपको अपने रोगियों या आपके कार्यों से लाभान्वित हो सकने वाले अन्य लोगों के हितों की देखभाल करनी पड़ती है।

(iv) लोगों के अधिकारों तथा सम्मान के प्रति सम्मान भाव मनोवैज्ञानिक जिन लोगों के साथ अंतःक्रिया करता है, उनके मौलिक अधिकारों, सम्मान और क्षमता का सम्मान करना चाहिए। एक मनोवैज्ञानिक के रूप में आपको सहभागियों तथा लाभार्थियों की निजता, गोपनीयता, आत्म-निर्णय तथा आत्म्यत्तता संबंधी अधिकारों का आदर करना होता है। मनोवैज्ञानिक को सांस्कृतिक और वैयक्तिक भिन्नताओं के बारे में जानकारी रहनी चाहिए और इनके कारण पक्षपात के प्रभावों को दूर करने का यत्न करना चाहिए।

(v) दूसरों के कल्याण की सोच यह मानोवैज्ञानिकों का कर्तव्य है कि वे उन लोगों के कल्याण में योगदान दें, जिनके साथ वे व्यावसायिक रूप से जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए, उन्हें अपने रोगियों, मुवक्किलों, सहकर्मियों, कर्मचारियों या विद्यार्थियों के कल्याण की देखभाल करनी होती है। मनोवैज्ञानिकों को अपने व्यवसायिक क्रियाकलापों के दौरान या उसके बाद लोगों को गुमराह या उनका शोषण नहीं करना चाहिए। उन्हें समतावादी मूल्यों का सहभागी होना चाहिए। 

(vi) अंतर्वैयक्तिक संवेदनशीलता मानव व्यवहार प्रायः सामाजिक परिप्रेक्ष्य में घटित होते हैं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ही व्यवहार को अर्थ प्रदान करते हैं। इस प्रकार किसी भी वाचिक या अवाधिक व्यवहार का अर्थ स सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में निहित होता है। उसे लोगों के बीच अंतःक्रियाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

(vii) नए विचारों के प्रति खुलापन आपने अनुभव किया होगा कि मनोविज्ञान में अनेक सैद्धान्तिक परिप्रेक्ष्य है। आपने यह भी देखा होगा कि लोगों के विचार और दृष्टिकोणों में भिन्नता पाई जाती है। मनोवैज्ञानिक को विचारों के इस विविधता को आत्मीकार करना चाहिए और अपने विचारों, दृष्टिकोणों पर अभिवृत्तियों को लेकर बहुत आग्रही नहीं होना चाहिए। उसे नवीन विचारों के प्रति खुला होना चाहिए।

(vii) निरीक्षण की योग्यता- लोगों के साथ प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए मनोवैज्ञानिक को एक अच्छा निरीक्षणकर्ता या प्रेक्षक होना चाहिए। किसी परिस्थिति में जो व्यवहार या घटनाएं होती है, मनोवैज्ञानिक को उन स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और पहचानना चाहिए। केवल एक कुशल निरीक्षणकर्ता ही समस्याओं को ठीक तरह से पहचानकर उनके समाधान का प्रयास कर सकता है।

18. अपशिष्ट प्रबंधन क्या है ? इससे किस प्रकार वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं? (What is waste management ? How can it protect the environment ?). 

Ans. अपशिष्ठ प्रबंधन खुले में शौच करने की प्रथा के उन्मूलन के पश्चात आम पंचायत की स्वच्छता संबंधी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में अगली प्राथमिकता नियमित रूप से उत्पन्न होने वाली अपशिष्ट सामाग्री का असुरक्षित एवं अनुचित निस्तारण से कई तरह की बीमारियाँ फैलती है। वास्तव में मानव क्रियाकलापों द्वारा मूल रूप से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों में गंदा जल तथा फुड़ा कचड़ा प्रमुख हैं।

कुछ अपशिष्ट पदार्थ क्षरण शील होते हैं जबकि अन्य अपशिष्ट पदार्थ जो कभी नष्ट नहीं होते हैं जैसे-पलास्टिक के थैले, कागज कांच आदि अपशिष्ट पदार्थ पर्यावरण के लिए खतरनाक होते हैं। अपशिष्ट प्रबंध द्वारा वातावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। इन अपशिष्ट पदार्थों को नष्ट करके वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अपशिष्ट पदार्थों के पुनः प्रयोग के लिए लोगों को प्रेरित करना और पर्यावरण उपर्युक्त क्रियाकलापों को विकसित करने से वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। 

19. निर्धनता पर नियंत्रण के उपायों का वर्णन संक्षेप में करें (Describe briefly the measures to control poverty.) 

Ans. व्यक्ति के लिए निर्धनता अभिशाप माना जाता है। व्यक्ति के सामने हमेशा गरीबी रहने से व्यक्ति का जीवन स्तर निम्न बना रहता है इसलिए निर्धनता और गरीबी पर निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं-

(i) देश में रोजगार के अवसर को बढ़ाने से लोगों को अधिक रोजगार मिल सकता है लोग काम करके अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। परिणामस्वरूप व्यक्ति की निर्धनता कम हो जाती है और जीवन सकार में सुधार होता है। 

(ii) देश में जनसंख्या का नियंत्रण लगाने से लोगों के बीच बहुत हद तक निर्धनता कम हो सकती है। हम दो हमारे का नियम लागू करने से संतान कम रहते हैं। परिवार में सदस्य संख्या भी कम रहती है। जिससे निर्धनता पर नियंत्रण लगाया जा सकता है।

(iii) समाज के लोगों में कौशल योजना लागू करने बुद्धि से विकास हो सकता है और ये अधिक परिश्रम करके अधिक आय कमा सकते हैं। जिससे निर्धनता की समस्या खत्म हो सकती है।

(iv) समाज के लोगों को अधिक-से-अधिक शिक्षित और प्रशिक्षित करना चाहिए। जिससे वे कार्यकुशल बन कर अपना कार्य सही ढंग से कर सके। ऐसा होने से व्यक्ति की आय में वृद्धि हो सकती है और गरीबी कुछ कम हो सकती है।



Leave a Comment