Ncert class 12 Psychology Most Important Questions In Hindi

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Ncert class 12 Psychology Most Important Questions In Hindi

Class12th 
ChapterImportant Model Question Paper
BoardHidi Board
Book NCERT
SubjectPsychology
Medium Hindi
Study MaterialsFree Study Materials

class 12 psychology objective question most important questions

Ncert class 12 Psychology Most Important Questions In Hindi

1.स्पीयरमैन के अनुसार बुद्धि के कितने तत्व हैं? 

 (a) 4

(b) 3

(c) 1

(d) 2

Ans.(d)

2.बच्चों में स्व का विकास किस आयु से होने लगता है? (In which age self is developed in a child?)

(a) 1 वर्ष (1 year)

(b) 1 वर्ष 8 महीना (1 year 8 month)

(c) लगभग 2 वर्ष (about 2 years)

(d) छः महीना (6 months)

Ans.(c)

3.निम्न में से कौन पर्यावरणीय प्रतिबल है? (Which is an environ-mental stress ?

(a) भूकम्प (Earthquake)

(b) कुंठा (Frustration)

(c) तनाव (Tension)

(d) विवाह-विच्छेद (Marriage break)

Ans.(a)

4.निम्न में से कौन असामान्यता का प्रकार नहीं है? (Which is not a kind of abnormality?)

(a) मनःस्नायुविकृति (Psychoneurosis)

(b) मनोविकृति (Psychosis)

(c) मानसिक दुर्बलता (Mental retardation) 

(d) अभियोजन की उपयुक्तता (Adjustability)

Ans.(d)

5.मनोविश्लेषण प्रविधि का प्रतिपादन किसने किया था? (Who formed the Psychoanalytic theory?)

(a) जे.बी.वाटसन (J.B. Watson)

(b) फ्रायड (Freud)

(c) मुंग (Jung) निम्न में

(d) हॉर्नी (Horney) 

Ans.(b)

6.इनमें से कौन रूढ़ियुक्तियों की विशेषता नहीं है? 

(a) मानसिक प्रतिमा (Mental picture)

(b) पूर्ण सम्मत विश्वास (Widely agreed belief)

(c) अतिरंजित सामान्यीकरण (Exaggerated generalization)

(D)इनमें से कोई नही (None of these)

Ans.(d)

7. किसी समूह के लिए व्यक्तियों की संख्या कम-से-कम कितनी होनी चाहिए? (For a group what is the minimum number of persons?)

(a) 4

(b) 3 

(c) 2

(d) 5

Ans.(c)

8.’विश्व पर्यावरण दिवस’ कब मनाया जाता है? Environment Day’s is celebrated on)

(a) 2 जून (2 June) 

(b) 5 जून (5 June)

(c) 7 जून (7 June)

(d) 1 जून (1 June) 

Ans.(b)

9,निम्न में से कौन परामर्श का क्षेत्र नहीं है? (Which is not the field of counselling?)

(a) निजी (Personal)

(b) शैक्षिक (Education)

(c) व्यवसाय (Business)

(d) निर्देशन (Instruction)

Ans.(a)

10.डा. मोहसिन सामान्य बुद्धि परीक्षण किस प्रकार का परीक्षण है? (Dr. Mohsin’s General Intelligence test is which type of test?)

(a) शाब्दिक (Verbal)

(b) अशाब्दिक (Non-verbal)

(c) a तथा b दोनों (Both a and b) 

(d) इनमें से कोई नहीं (None of these)

Ans.(a)

Q. 11. स्व से आप क्या समझते हैं? 

Ans. स्वयं करे

Q. 12. प्रतिबल क्या है? (What is stress?) 

Ans. दबाव का तात्पर्य उद्दीपन के प्रति की जानेवाली अनुक्रियाओं से है जो शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक संतुलन को बाधित करती है तथा समाधान करने की क्षमता की बढ़ाती है। बाह्य दबाव की प्रतिक्रिया को ही प्रतिबल कहते हैं। 

Q. 13. मनोवृत्ति क्या है? 

Ans. स्वयं करे

Q. 14. समूह क्या है? (What is group?)

Ans. जब दो या दो से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित होते हैं. तो उसे समूह कहा जाता है। परन्तु, समूह के लिए दो आवश्यक शर्तें हैं-दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होना तथा उनके बीच कार्यात्मक सम्बन्धों का होना। लिण्डग्रेन ने लिखा है, “दो या दो से अधिक व्यक्तियों को किसी कार्यात्मक सम्बन्ध में व्यस्त होने पर समूह का निर्माण होता है।” समूह के कई कार्य होते हैं।

Q. 15. कोलाहल क्या है? (What is noise?) 

Ans. कोलाहल, ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। यह एक अवांछित ध्वनि है जो मानव के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। ऐसी कोई भी ध्वनि जिससे व्यक्ति कष्ट का अनुभव करता है कोलाढाल कहलाता है।

Q. 16. कौशल क्या है? (What is skill ?)

Ans. कौशल एक पद को प्रवीणता, दक्षता या निपुणता के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसका अर्जन या विकास प्रशिक्षण अनुभव द्वारा किया जाता है। वेबस्टर शब्दकोश ने इसके “उन गुणों को आत्मायत्तीकरण के रूप में परिभाषित किया है जिससे कुछ किया जाता है या दूसरों से करवाया जाता है।”

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Q. 17. प्रतिभाशालिता क्या है? (What is giftedness ?)

Ans. ‘प्रतिभाशाली’ शब्द अंग्रेजी के ‘Gifted’ शब्द का हिन्दी अनुवाद है। इसका तात्पर्य एक ऐसे व्यक्ति से है जो उपहार या उपहारों, विशेष रूप से असाधारण योग्यता या बुद्धि से सम्पन्न है। प्रतिभाशालिता को नैतिक, दैहिक, भावनात्मक, सामाजिक, बौद्धिक मानव जाति के सौन्दर्यपूर्ण जीवन सहित किसी भी तरह के सार्थक मानवीय प्रयास की धारा में श्रेष्ठ योग्यता के रूप में परिभाषित किया जाता है।

Q. 8. प्रक्षेपी प्रविधि से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by projective technique?)

Ans. अचेतन प्रेरकों एवं भावनाओं का आकलन करने के लिए भिन्त सरकार की उद्दीपक सामग्री का उपयोग करके तरह-तरह की प्रक्षेपी तकनीकों का विकास किया गया है जिनमें परीक्षार्थी के उद्दीपकों के लिए अनुक्रिया देनी पड़ती है। प्रक्षेपी तकनीक की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

1. उद्दीपन अंशतः या पूर्णतः असंरचित रहते हैं। 

2. जिस व्यक्ति का आकलन किया जा रहा है, उसे आकलन के उद्देश्य एवं फलांकन एवं विवेचन की विधि से अनभिज्ञ रखा जाता है। होती। 

3. व्यक्ति को बताया जाता है कि कोई भी अनुक्रिया ‘सही’ या ‘गलत’ नहीं

4. प्रत्येक अनुक्रिया को व्यक्तित्व के महत्त्वपूर्ण पहलू को प्रकट करने वाला समझा जाता है।

5. फलांकन एवं विवेचन लम्बा तथा आत्मपरक होता है।

Q. 19. दुर्भीति मनोविकृति से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by phobia disorder?)

Ans. स्वयं करे

Q. 20. मनोचिकित्सा का अर्थ स्पष्ट कीजिए। (Explain the meaning of psycho-therapy?)

Ans. रुग्ण व्यक्तियों के स्वास्थ्य में पुनर्लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को ‘चिकित्सा’ या ‘उपचार’ कहते हैं तथा चिकित्सा के लिए जो प्रणाली या प्रविधि उपयोग में लायी जाती है उसे उपचार की प्रविधि कहते हैं। मानसिक रोग अथवा संवेगात्मक उपद्रवों के शमन हेतु प्रायः मनोवैज्ञानिक पद्धतियाँ उपयोग में लायी जाती हैं जिसे मनोचिकित्सा कहते हैं।

अतः मनोचिकित्सा की परिभाषा यह कहकर दी जा सकती है कि यह संवेगात्मक उपद्रवों से ग्रसित रोगी और उनके संवेगात्मक उपद्रवों की अवस्था को दूर करने हेतु प्रशिक्षित एवं पेशेवर चिकित्सक के बीच होने वाली पारस्परिक बातचीत की प्रविधि है।

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Q. 21. युंग का व्यक्तित्व प्रकार की चर्चा संक्षेप में करें। 

Ans. चुंग ने व्यक्तित्व का वर्गीकरण व्यक्ति के शीलगुणों के आधार पर किया है। उन्होंने दो प्रकार के व्यक्तित्व का उल्लेख किया है-

(i) अन्तर्मुखी व्यक्तित्व (Introvert Personality) इस प्रकार के व्यक्ति एकांतप्रिय, संकोची एवं आत्मकेन्द्रित होते हैं। ये वातावरण की उत्तेजनाओं के प्रति उदासीन रहते हैं, हमेशा कल्पना की दुनिया में खोए रहते हैं। ये स्ढ़िवादी होते हैं और पुराने मूल्यों में विश्वास करते हैं। जैसे-दार्शनिक, चित्रकार, कवि इत्यादि। 

(ii) बहिर्मुखी व्यक्तित्व (Extrovert Personality) ऐसे व्यक्ति की अभिरुचि मुख्यतः वातावरण के पहलुओं में होती है। ये अपनी शारीरिक इच्छाओं की अवहेलना करते हैं, जिससे कि उन्हें लाभ मिलनेवाला होता है। ये दूसरों की सेवा करते हैं। ये लोगों से मिलने-जुलने वाले होते हैं। इनके व्यवहार में लचीलापन कम होता है। ये नए मूल्यों को अधिक पसंद करते हैं तथा आदर्शवादी होते हैं जैसे-समाज-सुधारक, नेता आदि। 

Q. 22. व्यथा एवं प्रतिबल में क्या अंतर है? 

Ans: एक आंतरिक व्यवस्था है जो शरीर की दैहिक माँगों या वैसी पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियों जो यास्तव देने वाली हपहुँचाने वाली अनियंत्रित तथा निबटने के मौजूद साधनों को देनेवाली पत्रिका का तात्पर्य दुख अनुभूति या भाव से है हो हमारे कार्य करने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। दूसरे शब्दों में जो हमारे दैनिक क्रियाकलापों को प्रभावित करता है। यह मनेवैज्ञानिक विकार है

Q:23. मनोवृत्ति निर्माण में परिवार की भूमिका क्या है? (What is the role of family in attitude formation?) 

Ans: परिवार मनोवृत्ति अर्जन की प्राथमिक पाठशाला होती है। बच्चे सामाजिक जगत के बारे में प्राथमिक जानकारी अपने माता-पिता, भाई-बहन या वयस्क सदस्यों से प्राप्त कर तद्नुरूप मनोवृत्तियाँ विकसित करते हैं। विभिन्न दूसरे धारा पारिवारिक मित्रों, दुश्मनी, विभिन्न स्थानों, परम्पराओं, रीति-रिवाजों, – धर्म विश्वास आदि के बारे में परिवार सूचना सम्प्रेषण का प्राथमिक स्रोत। होता है जिसके अनुसार मनोवृत्तियों विकसित होती है। 

Q.24. चिंता मनोविकार से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by anxiety disorder?)

Ans. चिंता मनःस्नायुविकृति एक ऐसा मानसिक रोग है, जिसमें रोगी हमेशा अज्ञात कारणों से चिंतित रहा करता है। सामान्य चिंता एक सामान्य स्वाभाविक और सर्वसाधारण मानसिक अवस्था है। जीवन में जटिल परिस्थितियो में यह अनिवार्य रूप से होता है।

वर्तमान भयावह परिस्थितियों से डरना या चिंतित होना सामान्य अनुभव है। इसके लिए व्यक्ति डर की प्रतिक्रिया व्यक्त करता है। जैसे-बाघ को सामने आता देखकर व्यक्ति सामान्य चिंता के फलस्वरूप भयभीत होने या भागने की क्रिया करता है। व्यक्ति में ऐसी भयावह परिस्थिति की जवगति रहती है। उसी के संतुलन के लिए वह किसी प्रकार की प्रतिक्रिया करता है। सामान्य चिंता का सम्बन्ध वर्तमान भयावह परिस्थितियों से रहता है। 

लेकिन सामान्य चिंता के समान से असामान्य चिंता पूर्णतः भिन्न है। इसमें व्यक्ति चिन्तित या भयभीत रहता है, लेकिन सामान्य चिता के समान उसकी चिंता का विषय नहीं रहता। उसकी अपनी चिंता का कारण ज्ञात नहीं रहता। उसकी चिंता पदार्थहीन होती है। अतः अपने विभिन्न शारीरिक उपद्रवों को व्यक्त करता है। वस्तुतः उसे अपने मानिसक उपद्रव का ज्ञान नहीं रहता। इसके अतिरिक्त उसकी थिता का सम्बन्ध हमेशा भविष्य से रहता है, वर्तमान से नहीं। 

इसलिए उसमें निराकरणात्मक सामान्य चिंता की तरह प्रतिक्रिया देखने में नहीं आती है, अतः हम कह सकते हैं कि सामान्य चिंता भयावह परिस्थितियों की प्रतिक्रिया है। सामान्य चिंता के सम्बन्ध में असामान्य चिंता आंतरिक भयावह परिस्थितियों की प्रतिक्रिया है।

सामान्य चिंता के सम्बन्ध में फिशर (Fischer) महोदय ने कहा है “सामान्य चिंता उन उलझी हुई कठिनाइयों की प्रतिक्रिया है जिसका परित्याग करने में व्यक्ति अयोग्य रहता है।” (Normal anxiety is a reaction to an unapproachable difficults which the individual is unable to avoid.), जबकि असामान्य चिंता उन आंतरिक या व्यक्तिगत उलझी हुई कठिनाइयों की प्रतिक्रिया है, जिसका ज्ञान व्यक्ति को नहीं रहता।” (Neurotic anxiety is an reaction to an unapproachable inner or subjective difficult of which the individual has no idea.) 

Q. 25. परीक्षा कौशल से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by testing skill?)

Ans. साक्षात्कार, कर्मचारी चयन की एक ऐसी तकनीक है जो अभ्यर्थी के कौशल, ज्ञान, योग्यता, मनोवृति, अभिरुचि आदि का एक ही साथ मूल्यांकन करने में सक्षम है।

कर्मचारी चयन की यह तकनीक, अभ्यर्थी में कार्य की माँग एवं अपेक्षाओं के अनुरूप वांछित योग्यता एवं क्षमता का मूल्यांकन करती है।

कर्मचारी चयन की प्रक्रिया में अभ्यर्थी और साक्षात्कारकर्ता के बीब आमने-सामने प्रत्यक्ष पारस्परिक अंतःक्रिया होती है जिस‌के आधार पर अभ्यर्थी की योग्यता एवं क्षमता का बेहतर मूल्यांकन हो जाता है। यही कारण है कि कर्मचारी चयन में साक्षात्कार का उपयोग अत्यधिक प्रचलित हो गया है। 

Q. 26. सृजनात्मक बुद्धि से आप क्या समझते हैं? (What do you mean by creative intelligence?)

Ans. सृजनात्मक बुद्धि उस योग्यता को कहते हैं जो दिए हुए आँकड़ों से परे जाकर नये तथ्य एवं रुचिकर विचारों को उत्पन्न कर लेती है।

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Q. 27. भारतीय संदर्भ में बुद्धि के स्वरूप का उल्लेख करें। (Describe the nature of intelligence in Indian context.)

Ans. भारतीय चिंतन परम्परा में मानवीय क्षमता के परिप्रेक्ष्य में बुद्धि के स्वरूप पर गम्भीरता से विचार किया गया है। संस्कृत भाषा में बुद्धि के लिए जिन शब्दों का उपयोग किया गया है वे सामान्यतया निम्नलिखित अर्थों की ओर संकेत करते हैं-

1. संकल्पनाओं एवं सामान्य अवधारणाओं का निर्माण करने और उनके स्मृति में बनाये रखने की मानसिक शक्ति तथा उत्साह ।

2. तर्क, मानसिक विभेद की क्षमता एवं निर्णय की शक्ति।

3. प्रत्यक्ष ज्ञान, परिज्ञान, बोध एवं समझ ।

4. आत्मज्ञान, विवेक, संकल्प शक्ति एवं इच्छा।

5. कौशल एवं प्रत्युत्पन्नमति ।

भारतीय चिंतन परम्परा में बुद्धि की अवधारणा में केवल संज्ञानात्मक ही नहीं वरन् जीवन के भावात्मक एवं अभिप्रेरणात्मक पक्ष भी शामिल हैं। अर्थात् बुद्धि की विशेषता ज्ञान विभेदन एवं निर्णय की क्षमता ही नहीं बल्कि इसमें निश्चय मानसिक प्रयास तथा अनुभूति एवं विचार जैसी विशेषताएँ भी सम्मिलित हैं।

Q. 28. रोर्शाक का स्यासी-धब्बा परीक्षा की चर्चा संक्षेप में करें। (Describe briefly the Rorschach’s ink-blot test.) 

Ans. रोर्शा मसिलक्ष्म परीक्षण-यह परीक्षण हर्मन रोशा (Hermann Rorschach) द्वारा विकसित किया गया है। इस परीक्षण में 10 मसिलक्ष्म या स्याही-धब्बे होते हैं। उनमें से पाँच काली और सफेद रंगों के हैं, दो कुछ लाल स्याही के साथ हैं और बाकी तीन पेस्टल रंगों के हैं। धब्बे एक विशिष्ट आकृति या आकार के साथ सममितीय रूप में दिए गए हैं। 

प्रत्येक धब्बा 7″×10″ के आकार के एक सफेद कार्ड बोर्ड के केन्द्र में मुद्रित (छपा) हुआ है। ये धब्बे मूलतः एक कागज के पन्ने पर स्याही गिराकर फिर उसे आधे पर से मोड़कर बनाए गए थे। (इसलिए इन्हें मसिलक्ष्म परीक्षण कहा जाता है)। इन काडों को व्यक्तिगत रूप से प्रयोज्यों को दो चरणों में दिखाया जाता है। पहले चरण को निष्पादन मुख्य अथवा निष्पादन उपयुक्त (performance proper) कहते हैं जिसमें प्रयोज्यों को कार्ड दिखाए जाते हैं और उनसे पूछा जाता है कि प्रत्येक कार्ड में वे क्या देख रहे हैं। 

दूसरे चरण को पूछताछ (inquiry) कहा जाता है जिसमें प्रयोज्य से यह पूछकर कि कहाँ, कैसे और किस आधार पर कोई विशिष्ट अनुक्रिया उनके द्वारा की गई है, इस आधार पर उनकी अनुक्रियाओं का एक विस्तृत विवरण तैयार किया जाता है। प्रयोज्य की अनुक्रियाओं को एक सार्थक संदर्भ में रखने के लिए बिल्कुल ठीक या सटीक निर्णय आवश्यक है। इस परीक्षण के उपयोग और व्याख्या के लिए विस्तृत प्रशिक्षण आवश्यक होती है। प्रदत्तों की व्याख्या के लिए कम्प्यूटर तकनीकों को भी विकसित किया गया है। 



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