Class 12 Sociology Important Questions and Answers In Hindi

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class 12 sociology important questions and answers in Hindi

Class12th 
ChapterImportant Model Question Paper
BoardAll Hindi boards
Book NCERT
SubjectSociology
Medium Hindi
Study MaterialsFree Study Materials

Sociology Objective Questions and answers pdf in Hindi

Class 12 Sociology Important Questions and Answers In Hindi

Q.1. समाजशास्त्र की स्थापना हुई वर्ष

(a) 1820

(d) 1828

(c) 1797

(b) 1838

Ans.(b)

Q.2. वर्ग संघर्ष का सिद्धान्त किसने दिया? (Who gave the theory of class struggle?)

(a) कार्ल मार्क्स (Karl Marx)

(b) कूते (Cooley)

(c) सोरोकिन (Sorokin)

(d) मेकाइवर (Maclver) 

Ans.(a)

Q.3. संयुक्त परिवार व्यवस्था पाई जाती है (Joint family system is found in)-

(a) नगरीय समाज में (Urban Society) 

(b) जीद्योगिक समाज में (Industrial Society)

(c) ग्रामीण समाज में (Rural Society)

(d) इनमें से कोई नहीं (None of these) 

Ans.(a) 

Q.4. निम्न में कौन परिवार की विशेषता है? (Which among the following is/are the feature(s) of family?)

(a) सीमित आकार (Limited size)

(b) सार्वभौमिकता (Universality)

(c) भावनात्मक आधार (Emotional basis)

(d) इनमें से सभी (All of these)

Ans.(a)

Q.5. भारत का सबसे बड़ा जनजातीय समूह कौन है? (Which is the largest tribal community of India?)

(a) मुण्डा (Munda) 

(b) भील (Bhil)

(c) संचाल (Santhal)

(d) गोंड (Gond)

Ans.(b) 

Q.6. कौन समस्या जनजातीय जीवन से सम्बन्धित नहीं है? (Which problem is not related to tribal life?)

(a) युवागृह (Youth dormitory)

(b) छुआछूत (Untouchability)

(c) जाति संस्तरण का विकास (Development of caste stratification)

(d) भूमि निष्कासन (Land expulsion)

Ans.(b)

Q.7. जाति व्यवस्था है (Caste system is)-

(a) पार्मिक व्यवस्था (Religious Institution)

(b) आर्थिक व्यवस्था (Economic Institution)

(c) सामाजिक व्यवस्था (Social Institution)

(d) राजनीतिक व्यवस्था (Political Institution)

Ans.(a)

Q8. जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान किसे प्राप्त है? (Which country has the highest population in the world?)

(a) चीन (China)

(b) पाकिस्तान (Pakistan)

(c) भारत (India)

(d) नेपाल (Nepal) 

Ans.(a)

Q.9. भारतीय समाज का इतिहास कितने वर्षों की अवधि का है? is the time period of the history of Indian society in years?)

(a) 3000 वर्ष (3000 years) 

(b) 4000 वर्ष (4000 years)

(c) 5000 वर्ष (5000 years) 

(d) 6000 कई (6000 years) 

Ans.(c)

Q.10.जी.पी. मारडॉक ने कितने प्रकार के द्वितीयक नातेदारों का उल्लेख किया? (How many types of secondary kinship are there according to the GP. Murdock?)

(a) 45 

(b) 33 

(c) 133 

(d) 142

Ans.(b)

Q.11. ‘राज्य एक समिति है।’ किसने कहा?

(a) गार्नर (Garner)

(c) मेकाइवर (MacIver)

(b) आगवर्न (Ogburn)

(d) विल्सन (Wilson)

Ans.(a) 

Q.12. दिल्ली में सिखों के विरुद्ध दंगा’ किस वर्ष हुआ था? 

(a) 1984 

(b) 1992 

(c) 1990 

(d) 1994 

Ans.(a)

Q.13. सरहुल किस राज्य का प्रसिद्ध पर्व ? (Sarhul is a famous festival of which state?)

(a) असम (Assam)

(b) पंजाब (Punjab)

(c) झारखण्ड (Jharkhand)

(d) तमिलनाडु (Tamil Nadu) 

Ans.(c) 

Q.14. श्रम विभाजन का सिद्धान्त किसने दिया? (Who gave the theory of Division of Labour?) 

(a) दुखर्जीम (Durkheim)

(c) कार्ल मार्क्स (Karl Marx)

(b) मैक्स वेवर (Max Weber)

(d) डी.एन. मजुमदार (D. N. Majumdar) 

Ans.(c)

Q.15. नातेदारी कितने प्रकार के हैं? (How many types of Kinship are there?)

(a) एक (One)

(b) दो (Two)

(c) तीन (Three)

(d) चार (Four)

Ans.(b)

Q.16. ‘आत्मा का दर्पणवाद’ की अवधारणा किसने दी? (Who gave the concept of ‘looking glass self ?)

(a) सी.एच. कूले (C.H. Cooley)

(b) मैक्स वेबर (Max Weber) 

(c) कार्ल मार्क्स (Karl Marx)

(d) मेकाइबर (Maclver)

Ans.(a)

Q.17. ताना भगत आन्दोलन सम्बन्धित है (Tana Bhagat movement is related to) 

(a) पिछड़ी जाति से (Backward class)

(b) जनजाति से (Tribes)

(d) इनमें से सभी (All of these)

(c) दलित से (Dalit)

Ans.(b)

Q.18. ‘आर्य समाज’ के संस्थापक कौन हैं? (Who is the founder of ‘Arya Samaj’?) 

(a) दयानंद सरस्वती (Dayanand Saraswati)

(b) विवेकानन्द (Vivekananda)

(c) राजा राममोहन राय (Raja Rammohan Roy) 

(d) सहजानंद सरस्वती (Sahajananda Saraswati)

Ans.(a) 

Q.19. भारतीय संविधान में ‘अनुच्छेद 334’ का सम्बन्ध किससे है? (‘Article 334’ in the Consitution of India is related to)

(a) मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)

(b) शिक्षा का अधिकार (Right to Education)

(c) अपराध (Crime)

(d) अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु आरक्षण (Reservation for SC/ST) 

Ans.(d)

Q.20. नियोजित औद्योगीकरण क्या है? (What is planned industri- alization?

(a) एक व्यवस्था (A System) 

(b) एक योजना (A Planning) 

(c) एक पढ़ना (A Phenomenon)

(d) इनमें से कोई नहीं (None of these)

Ans.(a)

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Q.21. लिंग अनुपात (Sex Ratio)

Ans. सन् 2011 के आंकड़ों के अनुसार देश में पुरुषों की संख्या 62.37 करोड़ है जबकि स्त्रियों की संख्या 58.64 करोड़ है। प्रति 1000 पुरुषों के पीछे 993 महिलाएँ हैं। केरेल राज्य में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। हरियाणा राज्य में महिलाओं का औसत सवसे कम अर्थात् प्रति 1000 पुरुषों के पीछे 879 महिलाएँ है।

Q.22. हरित क्रांति (Green Revolution)

Ans. हरित क्रांति का अर्थ है-विभिन्न प्रकार की फसलों अथवा कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि करना है।

Q.23. जाति-व्यवस्था की विशेषताओं की विवेचना करें। (Discuss the characteristics of Cast Caste-system.)

Ans. जाति में श्रेणी में प्रस्थिति में संयोजित अनेक जातियों की व्यवस्था शामिल होती है। प्रत्येक व्यक्ति किसी-न-किसी जाति से सम्बन्ध रखता है। जाति

में अपनायी गयी सदस्यता में खान-पान के नियम भी शामिल होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की अपने माता-पिता व पूर्वजों द्वारा अपनायी गयी जाति को ही अपनाना होता है। वह अपनी जाति का परित्याग नहीं कर सकता और न वह इसे बदल सकता है। दूसरी तरफ जाति उस व्यक्ति को जाति से निकाल भी सकती है।

प्रत्येक जाति में विवाह सम्बन्धी कठोर नियम भी शामिल होते हैं। विवाह जाति के सदस्यों में ही किया जा सकता है, किसी अन्य जाति के साथ नहीं। 

Q.24. क्षेत्रवाद (Regionalism)

Ans. एक खास क्षेत्रीय पहचान के लिए प्रतिबद्ध विचारधारा, जो भौगोलिक क्षेत्र के अलावा भाषा, सजातीयता आदि अन्य विशेषताओं पर आधारित होता है, क्षेत्रवाद कहलाती है।

Q.25. जनसंख्या नीति (Population Policy)

Ans. जनसंख्या की गतिशीलता एक महत्त्वपूर्ण विषय है। किसी देश की जनसंख्या वहाँ की विकास की संभावनाओं को प्रभावित करती है। भारत पिछले पचास वर्षों से अधिक समय से एक अधिकारिक जनसख्या-नीति का पालन कर रहा है। भारत ही विश्व में एक ऐसा पहला देश था जिसने 1952 में अपनी जनसंख्या-नीति की घोषणा कर दी थी।

किसी देश की जनसंख्या यहाँ की जनता के स्वास्थ्य और कल्याण को निर्धारित करती है। अत्यधिक जनसंख्या वाले देशों में लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सा सुविधाएँ व भोजन इत्यादि उपलब्ध करवाने की गम्भीर समस्याएँ बनी रहती है, जबकि कम जनसंख्या वाले देशों को इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। हमारी जनसंख्या-नीति ने राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम के रूप मैं एक ठोस रूप धारण किया। इस कार्यक्रम के कुछ उद्देश्य थे जो अभी तक समान हैं। ये उद्देश्य है-

(i) जनसंख्या संवृद्धि की दर और स्वरूप को प्रभावित करके सामाजिक दृष्टि से वांछनीय दिशा की ओर जाने का प्रयत्न करना।

(ii) जन्म नियंत्रण के कई उपायों के माध्यम से जनसंख्या संवृद्धि की दर को कम करना।

(iii) जनसंख्या के स्तरों में सुधार लाना व जनसंख्या तथा स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के बारे में जानकारी देना।

अतः कहा जा सकता है कि भारत ने पिछले 50 वर्षों में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की है।

Q.26. जाति एवं वर्ण में अंतर स्पष्ट करें। (Discuss the differences between caste and class.) 

Ans. स्वयं करे

Q.27. भारत में महिला कल्याण से सम्बन्धित क्या प्रयत्न हुए हैं? (What efforts have been done regarding women welfare in India?)

Ans. भारत में महिला सशक्तिकरण की राष्ट्रीय नीति, 2001 के मुख्य उद्देश्य

(1) महिलाओं को अपनी पूर्ण क्षमता को पहचानने का मौका मिले इस नीति का उद्देश्य सकारात्मक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों द्वारा ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें महिलाओं को अपनी पूर्ण क्षमता को पहचानने का मौका मिले, साथ ही उनका पूर्ण विकास हो।

(ii) सभी क्षेत्रों में महिलाओं को समान स्तर-महिलाओं को पुरुषों की भाँति राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और नागरिक सभी क्षेत्रों में समान अवसर मिले।

(iii) सार्वजनिक पदों पर महिलाओं को समान सुविधाएँ देखभाल, प्रत्येक स्तर पर उन्नत शिक्षा, जीविका एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन, समान पारिश्रमिक, सामाजिक समान सुविधाएँ मिलें।

(iv) महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव का उन्मूलन-न्याय व्यवस्था को मजबूत करके महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना।

Q. 28. समाजशास्त्र के छात्र के रूप में हमारा सहभाग क्या है? (What is our sharing as student of sociology?)

Ans. सामाजिक सहभाग के प्रति समाजशास्त्र का ज्ञान हमें एक अलग दृष्टि

देता है। इस सहभागिता के अनेक रूप हो सकते हैं। उदाहरणार्थ-व्यवहारिक ज्ञान की प्राप्ति, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का बोध, विघटनकारी दशाओं का विरोध, निर्णय में वैज्ञानिकता, आधुनिकता निकता का विरोध, न्याय और समानता के लिए संघर्ष तथा विवेकपूर्ण परिवर्तन को प्रोत्साहन आदि। इन्हीं कार्यों के द्वारा हम सामाजिक जीवन के लिए रचनात्मक सहभाग कर सकते हैं।

Q. 29. मानव अधिकार क्या है? (What are human rights?)

Ans. मानव अधिकारों से अभिप्राय “मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी प्राणी हकदार है।” अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं के उदाहरण के रूप

में जिनकी गणना की जाती है, उनमें नागरिक और राजनैतिक अधिकार सम्मिलित है, जैसे कि जीवन और आजाद रहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के साथ-ही-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार, भोजन काअधिकार, काम करने का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार इत्यादि।

Q. 30. जनजातीय समस्या क्या है? (What is tribal problem?)

Ans. जनजातीय इलाकों व लोगों की स्थिति स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् कुछ सम्मानजनक नहीं थी। इन लोगों पर काफी दबाव था। इन इलाकों में वनों की कटाई व कारखानों की स्थापना इत्यादि के कारण यहाँ के व्यक्तियों को आश्रय-स्थल छोड़ना पड़ा। परन्तु लम्बे संघर्ष के बाद इन जातियों के हितों के बारे में सोचा गया है। झारखंड और छत्तीसगढ़ को अलग-अलग राज्यों का दर्जा मिल

गया है। परन्तु पहले मिली असफलताओं के कारण इन सफलताओं का कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के अनेक राज्य कई दशकों से ऐसे विशेष कानूनों के अंतर्गत जीवनयापन कर रहे हैं जिससे वहाँ के निवासियों की नागरिक स्वतंत्रताएँ सीमित हो गई हैं। झारखंड और छत्तीसगढ़ को अपने नवार्जित राज्यत्व

का अभी पूरा-पूरा उपयोग करना है। इन राज्यों की राजनीतिक व्यवस्था बड़ी संरचनाओं के शिकंजे से निकलकर स्वायत्त नहीं हुई है।

इसके अतिरिक्त मणिपुर या नागालैंड जैसे राज्यों को ‘उपद्रवग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इन राज्यों के नागरिकों को भारत के अन्य नागरिकों की तरह अधिकार प्राप्त नहीं है। सशस्त्र विद्रोह, सरकार द्वारा इन जातियों के व्यक्तियों के दमन के लिए उठाए गए कठोर कदम और फिर भड़के विद्रोहों के

दुश्चक्र में पूर्वोत्तर राज्यों की अर्थव्यवस्था, संस्कृति को भारी हानि पहुंचाई है। परन्तु इन इलाकों में सरकार द्वारा धीरे-धीरे शिक्षा का प्रचार किए जाने से इन वर्गों के लोगों व जातियों का विकास हो रहा है।

Q. 31. उपनिवेशवाद की विशेषताओं का वर्णन करें। (Discuss the features of colonialism.)

Ans. उपनिवेशवाद की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

(1) उपनिवेशवाद शक्तिशाली राष्ट्रों की विस्तारवादी प्रकृति को स्पष्ट करता

(ii) उपनिवेशवाद वह दशा है जिसमें एक शक्तिशाली देश अपने से दुर्बल

देश पर अधिकार करके यहाँ शासन तथा कानून व्यवस्था स्थापित कर लेता है। (iii) उपनिवेशवाद दीर्घकालीन शोषण नीति पर आधारित होता है।

(iv) उपनिवेशवाद में विदेशी सस्कार द्वारा विभिन्न प्रकार की वैसी नीतियों को लागू किया जाता है जिससे देश के मूल निवासी आर्थिक दृष्टि से बहुत ही कमजोर हो जाते हैं।

(v) उपनिवेशवाद में शासक देश द्वारा देश के मूल निवासी पर प्रत्यक्ष रूप से अपनी संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और आर्थिक क्रियाओं में परिवर्तन लाने के लिए दबाव डाला जाता है।

Q.32. संस्था के तीन प्रमुख कार्यों को विश्लेषित करें। (Analyse the three main functions of Institution.)

स्वयं करे

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Q. 33. नातेदारी के प्रकार पर प्रकाश डालें। (Throw light on the type of kinship.)

Ans. नातेदारी के प्रकार (1) वैवाहिक नातेदारी-जब किसी पुरुष द्वारा

किसी कन्या से विवाह किया जाता है तो उसका सम्बन्ध न केवल कन्या से होता है बस्नु कन्या के परिवार के उनके सदस्यों से भी उसका सम्बन्ध स्थापित हो जाता है।

(ii) समरक्तीय नातेदारी-समरक्तीय नातेधारी के सम्बन्ध रक्त के आधार पर होते हैं। उदाहरण के लिए, माता-पिता तथा बच्चों के बीच सम-रक्तीय सम्बन्ध होते हैं।

Q. 34. परियोजना कार्य का अर्थ क्या है? (What is the meaning

of project work?) Ans. परियोजना कार्य / योजना कार्य का अर्थ (Meaning of Project Work)-शाब्दिक दृष्टि से प्रोजेक्ट कार्य दो शब्दों प्रोजेक्ट कार्य से मिलकर बना है। प्रोजेक्ट का अर्थ योजना से और कार्य का आशय कार्यप्रणाली या विधि से इस प्रकार प्रोजेक्ट कार्य का अभिप्राय योजना की कार्यप्रणाली से है। वास्तव में, प्रोजेक्ट कार्य की धारणा केवल शाब्दिक अर्थ से स्पष्ट नहीं हो सकती है। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से प्रोजेक्ट कार्य की धारणा पर्याप्त और व्यापक है।

प्रोजेक्ट कार्य में किसी वास्तविक सामाजिक समस्या के बारे में क्षेत्र में जाकर वैज्ञानिक पद्धति के विभिन्न स्तरों का पालन करते हुए तथ्यों को एकत्रित करना होता है। तथ्यों को एकत्रित करने में क्रमबद्ध सत्य से निरीक्षण, वर्गीकरण, परीक्षण, तुलना, निष्कर्षीकरण आदि के कठिन स्तरों से गुजरना होता है।

सामान्य रूप से प्रॉजेक्ट कार्य के लिए सामाजिक सर्वेक्षण विधि का अनुसरण किया जाता है। सामाजिक सर्वेक्षण (Social Survey) सामाजिक विद्वानों की एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन पद्धति है। यह सामाजिक समस्याओं के अध्ययन का एक वैज्ञानिक सायन है।

सामाजिक सर्वेक्षण के समान प्रोजेक्ट कार्य का भी अंतिम लक्ष्य उपयोगितावादी या रचनात्मक है। प्रोजेक्ट कार्य से जो ज्ञान प्राप्त किया जाता है वह उपयोगी व व्यावहारिक होता है। संभवतया इसी बात को स्पष्ट करते हुए श्री आई.बी. वर्मा ने लिखा है, “ज्ञान उपयोगी व व्यावहारिक होना चाहिए।

प्रोजेक्ट कार्य इस उपयोगिता को सुनिश्चित करता है क्योंकि यह बनावटी नहीं होता वरन् स्वाभाविक परिस्थितियों के अंतर्गत क्रियान्वित किया जाता है। यह अच्छे परिणाम देता है और इसमें बर्बादी कम-से-कम होती है। यह बालकों के पूर्ण संतुष्टि व उपयोगी

प्रशिक्षण देता है।” उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत किसी वास्तविक सामाजिक समस्या का समाजशास्त्र के विद्यार्थियों अथवा सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा क्षेत्र में जाकर अध्यापक महोदय अथया विशेषज्ञों के निर्देशन में सर्वेक्षण किया जाता है और इस प्रक्रिया में सर्वेक्षण या प्रोजेक्ट कार्य के आयोजन से लेकर सामग्री,

विश्लेषण व निर्वाचन, तथ्यों के प्रदर्शन और रिपोर्ट की तैयारी तक के सभी स्त से क्रमबद्ध रूप से गुजरना होता है। इस प्रकार अंत में प्रोजेक्ट कार्य की रिपोन भी विद्यार्थियों द्वारा अध्यापक महोदय के निर्देशन में तैयार की जाती है। चूंकि प्रोजेक्ट कार्य के स्वयं के क्षेत्र कार्य (Field Work) का परिणाम है, इसलिए उन्

व्यावहारिक स्तर पर समाज के बदलते हुए परिवेश व समस्याओं का आयाम (Dimension of Problems) के बारे में वास्तविक जानकारी प्राप्त होती है।

Q. 35. आधुनिकीकरण की प्रकृति पर प्रकाश डालें। (Throw light on the nature of modernization.)

Ans. स्वयं करे

Q. 36. ग्रामीण एवं नगरीय समुदाय में अंतर स्पष्ट करें। (Distinguish between rural and urban community.)

Ans. ग्रामीण समुदाय एक ऐसा समुदाय है जिसमें सभी लोग एक छोटे से केन्द्र के चारों ओर संगठित होते हैं तथा जिनके बीच सामान्य और प्राथमिक सम्बन्ध होते हैं। इसके विपरीत नगरीय समुदाय एक ऐसा समुदाय है जिसमें सभी लोग एक व्यापक केन्द्र के चारों ओर संगठित होते हैं।

इनके बीच सामान्य और प्राथमिक सम्बन्ध प्रभावी होता है। ग्रामीण समुदाय नगरीय समुदाय की तुलना में कम व्यवस्थित सुविधाओं जैसे आवासीय पेयजल, विद्युत तथा परिवहन का उपयोग करते हैं। यही बात शिक्षा व स्वास्थ्य के सम्बन्ध में भी देखा जा सकता है।

Q. 37. भारत में राज्य की भूमिका को स्पष्ट करें। (Discuss the role of state in India.)

Ans. भारत जैसे बहुल तथा असमान समाज में राज्य की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित तथ्य उल्लेखनीय बनाय है- (i) देशी रियासतों को मुख्य धारा में लाना-स्वाधीनता के बाद भारत में

देशी रियासतों मुख्यधारा में लाने में सफलता प्राप्त हुई है। संघीय शासन प्रणाली में राज्य ने देश के कोने-कोने के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया है।

(ii) साझी संस्कृति का संरक्षण-साझी संस्कृति के, संरक्षण में सुसंगठित सरकार एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विशेष महत्त्व है। सामाजिक असमानता से

जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं समस्याओं के समाधान में राज्य की भूमिका उल्लेखनीय रही है। सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए लोगों के विकास हेतु कासार प्रयास किये गये हैं।

(iii) धर्मनिरपेक्षता-बहुल समाज के स्थायित्व के लिए धर्मनिरपेक्ष विचारथ ारा आवश्यक है। विश्व के विभिन्न देशों के हालतों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि अल्पसंख्यक भारत में सबसे अधिक

(iv) खुशहाली-बेंथम ने कहा है सुरक्षित हैं। कि राज्य की भूमिका अधिक-से-अधिक लोगों को खुशहाल बनाने से सम्बन्धित है। रूसो ने बताया कि व्यक्ति के जीवन को सुंदर बनाने के लिए राज्य का अस्तित्व है। भारत में वंचित समूहों को संरक्षण प्रदान किया गया है।

(v) भूमि सुधार-भूमि सुधार कार्यक्रमों के द्वारा देश में व्याप्त विषमताओं को एक सीमा तक समाप्त किया जा सकता है। लेकिन इस भूमिका असंतोषजनक है। क्षेत्र में राज्य की

(vi) कृषि के क्षेत्र में-कृषि के क्षेत्र में उत्पादन तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है, फिर भी इसे संतोषजनक नहीं कह सकते हैं क्योंकि कहीं बाढ़, कहीं सूखा या प्राकृतिक विपदाओं के कारण किसानों का मनोबल टूट रहा है।

(vii) शिक्षा- भारत के क्षेत्र में राज्य में भूमिका महत्त्वपूर्ण है। शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने की कोशिश की जा रही है। शिक्षा को अनिवार्य बना दिया गया है फिर भी भारी संख्या में लोग अशिक्षित हैं। तकनीकी संस्थानों का वितरण भी असमान है।

(viii) स्वास्थ्य-भारत में चिकित्सालयों तथा अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों की हालत दयनीय है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य की भूमिका संतोषजनक नहीं है। ऊपर की व्याख्या से यह स्पष्ट है कि बहुल तथा असमान समाजों में राज्य का महत्त्व बहुत अधिक है।

Q.38. पर्यावरणीय आन्दोलन पर प्रकाश डालें। (Throw light on environmental movement.) the

Ans, स्वयं करे

Q. 39. भारत में जाति व्यवस्था की विशेषताओं का वर्णन करें। (Discuss the features of caste system in India.)

Ans. स्वयं करे

Q. 40. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें एवं दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें (Read the following passage and answer the following question)- समाजशास्व को प्रायः समाज का अध्ययन करने वाले एक शास्त्र के

रूप में परिभाषित किया जाता है। समाज की सीमा को अंकित करना आसान नहीं है। एक गाँव का अध्ययन विभिन्न सामाजिक समूहों और उनके समाजों तक ही सीमित नहीं होता उसमें यह भी देखना होता है कि उस गाँव का समाज बाहरी दुनिया से कैसे जुड़ा है।

वह जुड़ाव पहले से कहीं आज संगत हो गया है। कोई भी समाजशास्त्री या सामाजिक मानव शास्त्री एक समाज का अलग-अलग रूप में अध्ययन नहीं कर सकता। स्थान और समय की दूरियाँ सिकुड़ जाने से यह परिवर्तन हुआ है। समाजशास्त्रियों को इन भूमण्डलीय अन्तःसम्बन्धों को ध्यान में रखते हुए समाज का अध्ययन करना होगा।

(a) समाजशास्त्र को परिभाषित कीजिए। (Give the definition of sociology.)

(b) समाज की सीमाओं को निर्धारित करना क्यों आसान नहीं है? (Why is it not easy to restrict the limits of society?)

Ans. (a) समाजशास्त्र ‘समाज’ का अध्ययन करने वाली एक शास्त्र के रूप

में परिभाषित किया जाता है। कोई भी समाजशास्त्री या सामाजिक मानव शास्त्री एक समाज का अलग-अलग रूप में अध्ययन नहीं कर सकता। समाजशास्त्रियों को इन भूमण्डलीय अन्तःसम्बन्धों को ध्यान में रखते हुए समाज का अध्ययन करना होगा।

(b) समाज की सीमा को अंकित करना आसान नहीं है। एक गाँव का अध्ययन विभिन्न सामाजिक समूहों और उनके समाजों तक ही सीमित नहीं होता बल्कि उसमें यह भी देखना होता है कि उस गाँव का समाज बाहरी दुनिया से कैसे जुड़ा है। वह जुड़ाव पहले से कहीं आज अधिक संगत हो गया है।


NOTES & QUESTIONS ANSWER SOCIOLOGY


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  7. suggestions for projects work
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements


MCQS IN ENGLISH


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements

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कक्षा 12 समाजशास्त्र एनसीईआरटी नोट्स


  1. भारतीय समाज का परिचय
  2. भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
  3. सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता और परिवर्तन
  4. एक सामाजिक संस्था के रूप में बाजार
  5. सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
  6. सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ
  7. परियोजना कार्य के लिए सुझाव
  1. भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास
  2. सांस्कृतिक परिवर्तन
  3. भारतीय लोकतंत्र की कहानी
  4. ग्रामीण समाज में परिवर्तन और विकास
  5. औद्योगिक समाज में परिवर्तन और विकास
  6. भूमण्डलीकरण और सामाजिक परिवर्तन 
  7. जनसंपर्क साधन और जनसंचार
  8. सामाजिक आंदोलन

वस्तुनिष्ठ प्रश्न MCQs


  1. भारतीय समाज का परिचय
  2. भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
  3. सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता और परिवर्तन
  4. एक सामाजिक संस्था के रूप में बाजार
  5. सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
  6. सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ
  1. भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास
  2. सांस्कृतिक परिवर्तन
  3. भारतीय लोकतंत्र की कहानी
  4. ग्रामीण समाज में परिवर्तन और विकास
  5. औद्योगिक समाज में परिवर्तन और विकास
  6. भूमण्डलीकरण और सामाजिक परिवर्तन 
  7. जनसंपर्क साधन और जनसंचार
  8. सामाजिक आंदोलन

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