Class 12th Geography Chapter 2 Notes In Hindi | विश्व जनसंख्या वितरण घनत्व और वृद्धि कक्षा 12 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर

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मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यह लेख 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से भूगोल में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

Class 12th geography chapter 2 notes In Hindi | विश्व जनसंख्या वितरण घनत्व और वृद्धि कक्षा 12 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter02
अध्याय का नाम | Chapter Nameविश्व जनसंख्या वितरण घनत्व और वृद्धि
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectभूगोल | Geography
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

पाठ के मुख्य बिंदु | Main Point of This chapter

★ विश्व जनसंख्या घनत्त्व जनसंख्या घनत्त्व मानव व भूमि का अनुपात है। विश्व में औसत घनत्त्व 41 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है।

★ जनसंख्या वृद्धि के निर्धारक – जन्म दर, मृत्यु-दर, जनसंख्या की गतिशीलता। 

Class 12th Geography Chapter 2 Notes In Hindi | विश्व जनसंख्या वितरण घनत्व और वृद्धि कक्षा 12 पाठ 2 के प्रश्न उत्तर
Image credit; original lab

★ मानवीय विकास—मानवीय विकास मानव जीवन के उत्तम गुण उत्पन्न करने की क्रिया है। 

★ मानवीय विकास के सूचकांक जीवन प्रत्याशा अवधि, साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय मुख्य सूचक हैं। भारत का मानवीय विकास में विश्व में 108वां स्थान है। जन्म-दर-प्रतिहजार में जीवित शिशु संख्या। 

★ मृत्यु-दर- प्रति हजार जनसंख्या में मृत्यु संख्या * जीवन प्रत्याशा- प्रति हजार जनसंख्या पर उत्तरजीवी जनसंख्या 

★ जनसांख्यिकीय संरचना जनसंख्या मृत्युदर, जन्मदर, लिंग आश्रित अनुपात एवं उसकी अर्जक शक्ति के अनुसार अध्ययन। 

★ सम्पूर्ण जनसंख्या–कुल जनसंख्या । 

★ जनसंख्या घनत्त्व – प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने बाले लोगों की औसत संख्या 

★ वृद्धि दर प्रति हजार व्यक्तियों पर एक वर्ष में मरने वालों की संख्या मृत्यु-दर कहलाती है। जन्म दर तथा मृत्यु दर के मध्य अन्तर को जनसंख्या की वृद्धि दर कहते हैं। 

★ प्रवास — एक स्थान से दूसरे स्थान पर जनसंख्या का स्थानान्तरण । 

★ उत्प्रवास—एक ग्राम या नगर से अधिक आबादी, रोजगार की कमी के कारण जब लोग उस स्थान को छोड़कर अन्यत्र स्थानान्तरण करते हैं तो इस क्रिया को बाहूय प्रवास या उत्प्रवास कहते हैं। 

★ आप्रवास बड़े नगरों, व्यापारिक केन्द्रों, औद्योगिक नगरों, बन्दरगाहों आदि रोजगार पाने के लिए लोगों का आकर बस जाना।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न | VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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Q.1. जनसंख्या वृद्धि से आपका क्या तात्पर्य है ? 

Ans. यह किसी एक क्षेत्र विशेष में निवासियों की संख्या में, एक निश्चित समय के भीतर जैसे 10 वर्ष में परिवर्तन को दर्शाता है। इस परिवर्तन को कुल संख्या या प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 

Q. 2. प्रवास से आपका क्या तात्पर्य है ? संक्षिप्त उत्तर दीजिए ।

Ans. प्रवास जनसंख्या परिवर्तन का तीसरा महत्त्वपूर्ण घटक है। इसे मनुष्य तथा संसाधन के बीच बेहतर संतुलन प्राप्त करने की दिशा में एक स्वस्फूर्त प्रभाव के रूप में विश्लेषित किया जा सकता है। यह मनुष्य के निवास का स्थायी या अर्द्ध-स्थायी परिवर्तन है। प्रवास किसी क्षेत्र में जनसंख्या की संरचना और परिवर्तन को निश्चित करने वाला प्रजनन और मृत्यु की अपेक्षा सम्भवतः एक अधिक महत्त्वपूर्ण कारक है। 

Q. 3. विश्व के दस सर्वाधिक आबादी देशों में विश्व की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। इन दस देशों में से छह एशिया में अवस्थित हैं । उन देशों के नाम बताइए ।

Ans. 1. चीन, 2. भारत 3. इंडोनेशिया, 4. पाकिस्तान, 5. बांग्लादेश, 6. जापान 

Q.4. जनसंख्या का घनत्व किसे कहते हैं ? 

Ans. लोगों की संख्या और भूमि के आकार के बीच का अनुपात जनसंख्या का घनत्व कहलाता है। 

Q.5. विश्व के किन क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व सबसे कम है ?

Ans. उत्तरी और दक्षिणी व के निकट, ऊष्ण और शीत मरुस्थल और विषुवत रेखा के निकट उच्च वर्षा के अन्य क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अत्यंत कम है।

Q.6. मध्यम जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र कौन-कौन से हैं ? 

Ans. पश्चिमी चीन, दक्षिणी भारत एशिया में तथा नार्वे और स्वीडन यूरोप में। 

Q.7. जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि क्या है ?

Ans. यदि दो समय अंतराल के बीच जनसंख्या कम हो जाए तो उसे जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि कहते हैं । यह तब होती है जब जन्म दर मृत्यु दर से कम हो जाए अथवा लोग अन्य देशों में प्रवास कर जाएँ। 

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HistoryPolitical Science
EnglishHindi

Q.8. जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि किसे कहते हैं ?

Ans. किसी क्षेत्र विशेष में दो समय अंतरालों में जन्म और मृत्यु के अंतर से बढ़ने वाली जनसंख्या को उस क्षेत्र की प्राकृतिक वृद्धि कहते हैं। 

प्राकृतिक वृद्धि = जन्म – मृत्यु।

Q.9. जनसंख्या वृद्धि धीमी होने का क्या कारण है ?

Ans. एड्स / एच.आई.वी. जैसी घातक महामारियों ने अफ्रीका, स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल के कुछ भागों और एशिया में मृत्यु दर बढ़ा दी है और औसत प्रत्याशा घटा दी है। इससे जनसंख्या वृद्धि धीमी हुई है।

Q. 10. गत 500 वर्षो में मानव जनसंख्या में कितनी वृद्धि हुई ?

Ans. गत 500 वर्षों में मानव जनसंख्या में दस गुणा से अधिक की वृद्धि हुई।

लघु उत्तरीय प्रश्न | SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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1. जनसांख्यिकीय संक्रमण के पाँच प्रकार कौन-कौन से हैं? 

Ans

  • (क) आदिकालीन जनसांख्यिकीय अवधि तथा परिवर्तनशील जन्मदर और मृत्यु दर 
  • (घ) प्रसरणशील या युवा जनसांख्यिकीय या युवा जनसांख्यिकीय अवधि उच्च जन्म-दर तथा पीमी जनसंख्या वृद्धि। और पटती मृत्यु दर तथा जनसंख्या में तीव्र वृद्धि । 
  • (ग) परवर्ती प्रसरणशील जनसांख्यिकीय अवधि घटती जन्म की जन्म दर तथा निम् मृत्युदर तथा जनसंख्या वृद्धि की घटती दर। 
  • (घ) निम्न परिवर्तनशील अथवा परिपक्व जनसांख्यिकीय निम्न जन्म-दर और उच्च मृत्यु-दा तथा घटती जनसंख्या। 
  • (द) जनसंख्या की लगभग शून्य वृद्धिदर, जन्म-दर और मृत्यु दर के लगभग समान होने से। 

Q.2. जन्म दर को प्रभावित करने वाले कारक मुख्य रूप से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक होते हैं, भौतिक नहीं । संक्षिप्त विवेचना कीजिए । 

Ans. जन्म दर को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाला एक अन्य कारक जनसंख्या संरचना है, विशेषतः यह जनसंख्या की आयु संरचना है। जन्म-दर तथा प्रजनन दरों में तुलना इस कारक का महत्त्व स्पष्ट करेगी। 

उदाहरणतः 1982 में सिंगापुर तथा स्पेन दोनों में ही एक सी अशोरि त जन्म दरे (17.2 और 15.2 प्रति हजार 421) थी लेकिन, सिंगापुर की प्रजनन दर (58) से स्पेन की दर से (73.1) काफी कम थी, क्योंकि उसकी आयु संरचना अधिक युवा थी। 

दूसरे शब्दों में, उच्च युवा प्रीड़ों के उच्च अनुपात वाले क्षेत्र में उच्च जन्म दर की संभावना हो सकती है। नए नगर, नई बस्तियों तथा उच्च आव्रजन दर वाले प्रदेश इस वर्ग में आते हैं। इस प्रकार ह यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि प्रजनन दर को प्रभावित करने वाले कारक मुख्य रूप से । आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक होते हैं, भौतिक नहीं।

Q.3. जनसांख्यिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था की संक्षिप्त में विवेचना कीजिए। 

Ans. प्रथम अवस्था आर्थिक विकास की प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले की जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों को प्रकट करती है। इससे औद्योगिक विकास से पहले की यूरोप की जनसांख्यिकीय अथवा जापान की उन्नीसवीं सदी के मध्य में या सम्भवतः ऊम्ण वनों में एकांकी निवास करने वाली एक जनजाति समुदाय की जनसांख्यिकीय विषमताओं को प्रदर्शित करती है। 

इस काल की सामान्य विशेषता यह है कि जनसंख्या का आकार छोटा होता है और कुछ समय के लिए स्थिर शुद्ध वृद्धि दर लगभग 1 प्रतिशत होती है। जन्म तथा मृत्यु-दर दोनों ही बहुत उच्च हैं लेकिन सम्पन्नता के काल में मृत्यु-दर में कमी आती है, जबकि अकाल, महामारियों या युद्ध के समय में इनमें वृद्धि होती है।

Q. 4,अन्तर्राष्ट्रीय प्रवास किसे कहते हैं ?

Ans. अंतर्राष्ट्रीय प्रवास देशों तथा महाद्वीपों के बीच लोगों के स्थानांतरण को कहते हैं अपेक्षाकृत कम समय में ही जनसंख्या के प्रतिरूपों में परिवर्तन लाने में प्रवास की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। हाल के दशकों में अंतर्राष्ट्रीय प्रवास में पुनः वृद्धि हो रही है। स्वैच्छिक प्रवास बहुतों को अधिक आर्थिक लाभ या अन्य रोजगार के अवसर प्रदान करता है। दूसरी ओर समुचित संख्या में लोगों को दूसरे देशों में जाना पड़ता है जो आजकल सामान्य बात नहीं है। इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में, संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार विश्वभर में लगभग 12 करोड़ लोग अपनी जन्मभूमि से बाहर रह रहे थे जिसमें 1.5 करोड़ शरणार्थी थे।

Q. 5. आंतरिक प्रवास क्या है ? 

Ans. आंतरिक प्रवास एक अपेक्षाकृत प्रचलित जनसांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसमें हजारों लाखों लोग गाँव छोड़कर नगरों की ओर या अति घने आबाद क्षेत्र से बेहतर अवसर प्रदान करने वाले प्रदेशों की ओर प्रवास करते हैं। इनमें उच्च वेतन, सस्ती भूमि, अच्छा स्तर तथा आर्थिक प्रगति के अवसर शामिल हैं। ऐसे स्थानांतरण के फलस्वरूप ग्रामीण प्रवासियों का अधिकांश भाग नगरों की ओर पलायन करता है। इसके कारण नगरों में बड़ी संख्या में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों की संख्या बढ़ रही है। 

Q6. सीपानी प्रवास किसे कहते हैं ?

Ans. ऐसे देशों में जहाँ कुल जनसंख्या का तीन चौथाई भाग नगरीकृत है, वहाँ एक नगर से दूसरे नगर के बीच अर्थात अंतर्नगरीय प्रवास अधिक प्रचलित है। ऐसे प्रवासी प्रायः नगरीय केन्द्र से दूसरे नगरीय केन्द्र में आते-जाते रहते हैं। कुछ ऐसे भी उदाहरण हैं कि गाँवों से लोग पहले निकटवर्ती नगर में जाते हैं तथा कुछ समय वहाँ रहने के पश्चात् उससे बड़े नगर में चले जाते हैं। इसे सोपानी प्रवास कहा जाता है।

आज पूरे विश्व के महानगरों में शक्तिशाली चुंबकीय आकर्षण है। नगर से नगर की ओर प्रवास आर्थिक कारणों से होता है, क्योंकि छोटे नगरों की तुलना में यहाँ रोजगार के बेहतर और विविध अवसर और अनेकों अन्य सुविधाएँ प्राप्त हैं। – परिणामस्वरूप बड़े नगर अनुपात से अधिक बड़े होते जा रहे हैं, जबकि छोटे नगरों में वृद्धि रुक सी गई है।

Q.7. जनसंख्या में कमी होना चिंता का विषय क्यों है ? 

Ans. क्योंकि जो संसाधन किसी दिए गये स्तर पर एक जनसंख्या का पालन करते थे, उस जनसंख्या का पालन करने में अब वे सक्षम नहीं हैं। यदि जन-प्रवास को विपरीत दिशा में नहीं मोड़ा जाता तो उस समाज की आधारभूत संरचना स्वयंमेव अस्थिर हो सकती है। जनवृद्धि सामाजिक समृद्धि और उन्नति की सूचक होती है, क्योंकि संसाधन के आधार बढ़ते हैं। फिर भी, यदि भूमि तथा अन्य महत्त्वपूर्ण संसाधन कम हैं, तो इसे एक अन्य विशिष्ट समस्या के रूप में देखा जाता है।

विकसित देशों में जहाँ संसाधन आधार समुचित मात्रा में या भरपूर अथवा उनका अल्प उपयोग हुआ हो, वहाँ जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाली नीतियाँ अपनाई जाती हैं, जैसे – प्राकृतिक वृद्धि के लिए प्रोत्साहन, बड़े परिवार के लिए करों में समुचित छूट और अप्रवास को स्वीकृति आदि जैसी नीतियों को अपनाया जाता है। 

Q.11. वर्तमान जनसंख्या वृद्धि दर से विश्व के प्रमुख देशों की जनसंख्या कब दुगुनी हो जायेगी ?

Ans. वर्तमान जनसंख्या वृद्धि की दर 2 से 2.9 प्रतिशत वृद्धि के अनुसार 71 देशों की जनसंख्या अगले 24 से 30 वर्षों में दुगुनी हो जायेगी। 3 से 4.4 प्रतिशत वृद्धि दर वाले 14 देशों की जनसंख्या को दो गुनी होने में 16 से 23 वर्ष लगेंगे। विश्व की एक चौथाई जनसंख्या 90 देशों में निवास करती है। जिनकी जनसंख्या एक या दो पीढ़ी में दुगुनी हो जायेगी। भारत एक मध्यम उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ वर्तमान वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत है। इसी दर पर देश की एक अरब आबादी को दो अरब होने में 36 वर्ष लगेंगे।

Q.12.ख्यिकीय संक्रमण मॉडल क्या है ?

Ans. वर्तमान जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति को देखने से यह स्पष्ट होता है कि विकासशील देशों में वार्षिक जनसंख्या वृद्धि विकसित देशों की तुलना में 20 गुना से भी अधिक है। यद्यपि दोनों ही समूहों में अशोधित मृत्यु-दर भिन्न है, तथापि औसत अशोधित जन्म-दर विकासशील देशों में विकसित देशों की तुलना में लगभग तीन गुणा अधिक है। ऐसा क्यों है ? नोटेस्टीन नामक जनसांख्यिकीयविद ने आर्थिक विकास की प्रक्रियाओं एवं जनसंख्या वृद्धि के बीच एक निकट का संबंध देखा है।

जब एक कृषि प्रधान ग्रामीण समाज प्रौद्योगिकी आधारित नगरीय समाज में बदलता है तब जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों में भी परिवर्तन होता है। औद्योगीकरण एवं आर्थिक विकास से सम्बद्ध नगरीकरण प्रक्रिया सहसम्बंधित जनसंख्या की गत्यात्मकता में परिवर्तन को जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल के रूप में दर्शाया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Long Answer Type Questions

Class 12th geography
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Q. 1. कायिक या फिजियोलॉजिकल घनत्व का वर्णन करे। 

Ans. साधारण अंकगणितीय घनत्व की तुलना में कायिक या पोषक घनत्व, मनुष्य और भूमि के अनुपात की गणना की अधिक परिष्कृत विधि है। इसमें कुल क्षेत्रफल की जगह कुल कृषि भूमि या फसल क्षेत्र से कुल जनसंख्या को विभाजित किया जाता है।

कायिक घनत्व = कुल जनसंख्या कुल कृषि क्षेत्र

इस प्रकार यह कुल जनसंख्या और कुल कृषि क्षेत्र के बीच अनुपात है विकासशील देशों में जहाँ जीवन निर्वाह कृषि, आर्थिक क्रियाओं में सबसे महत्त्वपूर्ण है, कायिक धनत्व से कृषि की गहनता प्रतिबिंबित होती है। 

एशिया के लगभग सभी अधिक जनसंख्या वाले विकासशील देशों में जैसे-भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में औसत प्रति व्यक्ति फसल क्षेत्र एक एकड़ से कम (0.4 हेक्टेयर) है। भारत में एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर 5 व्यक्ति, चीन में 12 व्यक्ति, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में 1.5 व्यक्ति आश्रित है। अधिकांश कृषि प्रधान देशों में फसलों के लिए उपयुक्त लगभग सारी भूमि पर खेती की जा रही है। 

अतः ज्यों-ज्यों जनसंख्या बढ़ रही है, अधिक-से-अधिक जनसंख्या को वर्तमान में उपलब्ध कृषि क्षेत्र पर ही आश्रित होना पड़ रहा है। चूँकि कृषि उत्पादकता में स्थान-स्थान पर विभिन्नता पायी जाती है, अतः कायिक घनत्व भी जनसंख्या के दबाव का एक काम चलाऊ मापन ही प्रस्तुत करता है। 

Q2. विगत कुछ शताब्दियों में जनसंख्या वृद्धि तीव्र क्यों हो रही है ? इसकी व्याख्या ‘कीजिए

Ans. विकास की प्रारम्भिक अवस्थाओं में आखेटक, संग्राहक तथा कृषक केवल साधारण औजारों का प्रयोग करते थे और एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे। 8000 से 12000 वर्ष पूर्व आई कृषि-क्रांति के बाद भी विश्व की जनसंख्या बहुत कम थी और उनके क्रिया-कलाप साधारण प्रकृति के थे। इस प्रकार मानव का प्रकृति के ऊपर बहुत कम प्रभाव था । 

जनसंख्या, वृद्धि धीमी थी, जिसकी पुष्टि इस बात से की जा सकती है कि पहली शताब्दी में विश्व की कुल जनसंख्या मात्र 2.5 करोड़ ही थी। सोलहवीं तथा सत्रहवीं शताब्दी में व्यापार के विस्तार से जनसंख्या में तेजी से औद्योगिक क्रांति के प्रारंभ (लगभग 1705 ) में विश्व की जनसंख्या लगभग 50 करोड़ थी। तथापि अठारहवीं सदी में औद्योगिक क्रांति के बाद जनसंख्या में विस्फोट हुआ। 

प्रौद्योगिकी में आए नाटकीय परिवर्तनों की श्रृंखला ने बड़ी तीव्रता से संसाधन आधार को विस्तृत किया। जिससे जनसंख्या की तीव्र वृद्धि को आधार मिला और यह सिलसिला दो शताब्दियों तक चलता रहा है। भाप के इंजन के विकास के बाद पहले तो वह मनुष्य तथा पशु ऊर्जा का पूरक बना और बाद में इसका स्थान ग्रहण कर लिया। जिसने जल और पवन को यांत्रिकृत ऊर्जा प्रदान की।

यांत्रिकरण से कृषि और औद्योगिक उत्पादन में सुधार आया। वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिक उन्नति के कारण आर्थिक रूप से सम्पन्न देशों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हुई चिकित्सा सुविधाओं तथा स्वच्छता में सुधार से भूमण्डलीय (वैश्विक) जनसंख्या में नाटकीय रूप से और तेजी से परिवर्तन आया है। महामारियों और अन्य संक्रामक बीमारियों के टीके लगाने, कई रोगों की जीवाणुओं को नष्ट करने या उन्हें कम करने तथा स्वच्छता में सुधार होने से लगभग सभी देशों में मृत्यु दर में काफी तेजी से कमी आई है।

0.12 प्रतिशत की दर से बढ़ रही थी। लेकिन बाद में यह दर अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 1930 तक 1 प्रतिशत और 1960 तक 2.1 प्रतिशत हो गयी। जनसंख्या की यह तीव्र वृद्धि दर विश्व के लिए चिंता का विषय बन गयी है। अनेक विकसित देशों ने इस पर तुरंत ध्यान दिया है। छोटे-छोटे विकासशील देश इस तीव्र वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। विगत चार दशकों में वृद्धि दर में धीमी

गति से कमी आयी है। वर्तमान वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत है। एक अनुमान है कि विश्व जनसंख्या 2010 में 6.8 अरब तथा वर्ष 2025 में 8 अरब तक पहुँच जायेगी। ऐसा माना जा रहा है कि अगले 25 वर्षों में होने वाली कुल जनसंख्या की वृद्धि का 98 प्रतिशत से अधिक (लगभग 2 अरब) भाग विकासशील देशों का होगा। विकसित राष्ट्रों में जहाँ आज विश्व की 20 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है, वहाँ वर्ष 2025 में केवल 15 प्रतिशत जनसंख्या ही रहेगी।

Q-3  विश्व में जनसंख्या वितरण तथा जनसंख्या के घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए ।

Ans. पृथ्वी पर जनसंख्या के असमान वितरण, घनत्व एवं वृद्धि को अनेक कारकों ने प्रभावित किया है। जनसंख्या के घनत्व और वितरण को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं-

1. भौतिक कारक – धरातल पर जनसंख्या के वितरण तथा वृद्धि को प्रभावित करने में भौतिक विशेषताओं का महत्त्वपूर्ण योगदान माना गया है। उच्चावच, जलवायु, मिट्टी, प्राकृतिक वनस्पति, जल, खनिज संपदा कुछ महत्त्वपूर्ण भौतिक कारक हैं। पर्वतीय तथा उबड़-खाबड़ प्रदेश मानव के रहने के लिए अनुपयुक्त होते हैं। अनुकूल भौतिक पर्यावरण को हमेशा ही मानव बसाव में प्रमुखता दी गई है। हजारों वर्ष पहले पश्चिमी एशिया और मिस्र की मरुभूमि, यहाँ बसने वाली नील, दजला और फरात नदियों के कारण अत्यधिक उपजाऊ भू-भाग थे। इसीलिए यहाँ प्राचीन सभ्यताओं का विकास हुआ।

2. सांस्कृतिक कारक– जनसंख्या के वितरण में मनुष्य की संस्कृति की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। प्राचीन परम्परायें तथा व्यवहार, धर्म और भाषा भी जनसंख्या के संकेन्द्रण तथा बिखराव को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के लिये, संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न भागों में जर्मन, स्पेनिश, फ्रांसीसी तथा चीनी जैसी अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के लोगों का जमाव, स्पष्टतः उनकी अपनी पसंद को प्रकट करता है। इस जमाव का मुख्य कारण लोगों का अपनी-अपनी संस्कृति से जुड़ा होना ही है।

3. आर्थिक कारक– कठिन आर्थिक दशाओं, बेरोजगारी, धर्म, जातीय या राजनीतिक असहिष्णुता वर्ग संघर्ष तथा युद्ध जैसे विभिन्न प्रतिवर्ष कारकों के प्रभाव से लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में प्रवास कर सकते हैं। दूसरी ओर उन्नत आर्थिक अवसर जैसे अपकर्ष कारक लोगों को एक स्थान पर आकर्षित कर सकते हैं। आधुनिक विश्व के ‘विविध बस्ती प्रतिरूप प्रतिकर्ष एवं अपकर्ष कारकों के सम्मिलित प्रभाव को दर्शाते हैं। 

उदाहरणार्थ-लगभग दस लाख से अधिक आइरिश लोग अपने देश में 1864 के आलू- अकाल के पश्चात् उत्तरी अमेरिका में जाकर बस गए। इन अप्रवासियों को सस्ती कृषि भूमि और कारखानों में रोजगार मिल गया। उनके मित्रों और रिश्तेदारों के द्वारा उत्तरी अमेरिका में रोजगार के अधिक अवसर होने की खबर यूरोप और एशिया में पहुँची तो प्रवासियों के समूह वहाँ जाकर बसने लगे। संयुक्त राज्य अमेरिका तथा दूसरे विकसित देशों में आजकल भारत से कम्प्यूटर – विशेषज्ञों (पेशेवर लोगों) का जाना, इस प्रकार का एक अन्य उदाहरण है।

4. राजनीतिक कारक-आर्थिक कठिनाइयों, राजनीतिक अशांति और युद्ध के कारण जनसंख्या का स्थानांतरण इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। विगत दशकों की कुछ घटनाओं ने लाखों-लाख लोगों को शरणार्थी बना दिया है।

ऐसी घटनाओं में फारस की खाड़ी का युद्ध, कांगो लोकतांत्रिक गणतंत्र (जायर), इथियोपिया, सूडान और चाड़ के गृहयुद्ध रवांडा और श्रीलंका के जातीय झगड़े एवं क्रांतियाँ, हैती की सैनिक क्रांतियाँ, सोवियत संघ का विघटन तथा 15 स्वतंत्र राष्ट्रों का उदय, युगोस्लाविया तथा चेकोस्लोवाकिया का जातीय विभेद के आधार पर अनेक कारण संक्षेप में, यह कहा जा सकता है कि वर्तमान जनसंख्या का प्रतिरूप गतिशील है और के नये पुराने दोनों ही प्रकार की जनांकिकीय प्रवृत्तियों को प्रतिबिंबित करते हैं। 

उदाहरणार्थ- चीन, भारत, दक्षिण-पूर्वी एशिया में बड़ी नदियों की घाटियों तथा डेल्टाई भागों में कृषि के उच्च उत्पादन के फलस्वरूप लंबे समय से बहुत बड़ी जनसंख्या का भरण-पोषण हो रहा है। दूसरी और पश्चिम यूरोप तथा उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में सपन नगरीय जनसंख्या के बसाव के औद्योगिक क्रांति, आर्थिक विकास तथा उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के वृहत् स्तर पर हुआ प्रवास है।

इस आर्टिकल में किसी भी प्रकार का त्रुटि आपको मिलती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करेंगे क्योंकि लिखने समय सबसे गलती हो जाती है 😅😅😅😅😅😅😅😅😅


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FAQs

Q. 1. मनुष्य मानव भूगोल का केन्द्र बिंदु है, कैसे ?

Ans. संसाधनों के उत्पादक, निर्माता तथा उपयोगकर्ता के रूप में वह पर्यावरण को प्रभावित करने के साथ-साथ उसे समयानुसार परिवर्तित भी करता है।

Q. 2. महाद्वीपों पर जनसंख्या का वितरण असमान हैं। क्यों ?

Ans. पृथ्वी पर-जनसंख्या के असमान वितरण एवं वृद्धि को अनेक कारकों ने प्रभावित किया है, जैसे-भौतिक कारक, सांस्कृतिक कारक, आर्थिक कारक, राजनीतिक कारक । 

Q. 3. जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक की संक्षिप्त में व्याख्या कीजिए ।

Ans. धरातल पर जनसंख्या के वितरण तथा वृद्धि को प्रभावित करने में भीतिक विशेषताओं का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। उच्चावच, जलवायु, मिट्टी, प्राकृतिक वनस्पति, जल, खनिज संपदा कुछ महत्त्वपूर्ण भौतिक कारक हैं। 

Q.4. जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले सांस्कृतिक कारकों की संक्षिप्त में व्याख्या कीजिए ।

Ans. जनसंख्या के वितरण में मनुष्य की संस्कृति की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। प्राचीन परम्परायें तथा व्यवहार, धर्म और भाषा भी जनसंख्या के संकेन्द्रण तथा बिखराव को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न भागों में जर्मन, स्पैनिश, फ्रांसिसी तथा चीनी जैसे अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के लोगों का जमाव, स्पष्टतः उनकी पसंद को प्रकट करता है।

Q.5. आर्थिक कारक जनसंख्या के वितरण को कैसे प्रभावित करते हैं ? संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए ।

Ans. कठिन आर्थिक दशाओं, बेरोजगारी, धर्म, जातीय या राजनीतिक असहिष्णुता, वर्ग संघर्ष तथा युद्ध जैसे विभिन्न प्रतिकर्ष कारकों के प्रभाव से लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में प्रवास कर सकते हैं। दूसरी ओर उन्नत आर्थिक अवसर जैसे अपकर्ष कारक लोगों को एक स्थान पर आकर्षित कर सकते हैं।

Q. 6. राजनीतिक कारक जनसंख्या की वितरण प्रणाली को कैसे प्रभावित करते हैं ? संक्षिप्त में बताइये ।

Ans. आर्थिक कठिनाइयों, राजनीतिक अशांति और युद्ध के कारण जनसंख्या का स्थानांतरण इतिहास के अभूतपूर्व घटना हैं। विगत दशकों की कुछ घटनाओं ने लाखों-लाख लोगों को शरणार्थी बना दिया है। ऐसी घटनाओं में फारस की खाड़ी का युद्ध, रवांडा और श्रीलंका के जातीय झगड़े, सोवियत संघ का विघटन तथा 15 स्वतंत्र राष्ट्रों का उदय आदि प्रमुख घटनाएँ हैं। 

Q. 7. जनसंख्या वितरण के प्रतिरूप में जनसंख्या घनत्व की क्या भूमिका है ? संक्षिप्त उत्तर दीजिए ।

Ans. जनसंख्या का घनत्व, जनसंख्या वितरण को विश्लेषित करने वाला एक महत्त्वपूर्ण माप है। यह एक देश में जनसंख्या तथा क्षेत्रफल के बीच के अनुपात को प्रदर्शित करता है। अंकगणितीय जनसंख्या घनत्व, कुल जनसंख्या को कुल क्षेत्रफल से विभाजित कर प्राप्त करते हैं। यह जनसंख्या के संकेंद्रण की मात्रा को समझने का सबसे सरल तरीका है।

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