Class 12th Geography Chapter 4 Notes In Hindi | मानव विकास कक्षा 12 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर

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मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यह लेख 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से भूगोल में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

Class 12th Geography Chapter 4 Notes In Hindi | मानव विकास कक्षा 12 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter04
अध्याय का नाम | Chapter Nameमानव विकास
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectभूगोल | Geography
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

पाठ के मुख्य बिंदु | Main Point of This chapter

★ मानव विकास मानव विकास मनुष्य की आकांक्षाओं एवं उन्हें उपलब्ध जीवन-यापन की सुविधाओं के स्तर को विस्तृत करने की प्रक्रिया है। 

★ आर्थिक विकास —आर्थिक विकास से तात्पर्य उत्पादन व उत्पादकता के संदर्भ में मानव की आय बढ़ाने की प्रक्रिया।

★ जीवन प्रत्याशा — मानव की औसत आयु जिस पर उसकी मृत्यु होती है। शिशु मृत्यु दर में परिवर्तन के साथ यह भी बदलती है । प्रौढ़ साक्षरता — कुल प्रौढ़ जनसंख्या में साक्षर लोगों का अनुपात जो साक्षरता का न्यूनतम स्तर प्राप्त करते हैं।

Class 12th Geography Chapter 4 Notes In Hindi | मानव विकास कक्षा 12 पाठ 3 के प्रश्न उत्तर
image credit: down to earth

★ इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। क्रय शक्ति समता—समायोजित प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय उत्पाद को व्यक्त करने के लिए उच्च जीवन स्तर का संकेतक ।

महत्वपूर्ण प्रश्न | important question

Q.1. मानव विकास शब्द से आपका क्या अभिप्राय है ?

Ans. मानव विकास के दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के मुख्य तत्त्व हैं। मानव विकास के अन्य विकल्प हैं, राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव दोनों पर अधिकारों की गारंटी, आत्म निर्भरता तथा स्वाभिमान के विविध घटक । लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है।

मानव बिकास की कल्पना केवल अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित न होकर, मानव के संपूर्ण विकास से संबंधित है। आर्थिक कारकों के समान राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कारकों को भी उतना ही महत्त्व दिया जाता है। इसके अतिरिक्त विकास के लक्ष्य और साधनों, भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मानव विकल्पों के विस्तार को तो विकास का लक्ष्य माना जाता है लेकिन आपके विस्तार कहो इसका आवश्यक साधन माना जाता है। 

Q.2. मानव विकास अवधारणा के अंतर्गत समता और सतत पोषणीयता से आप क्या समझते हैं ? 

Ans. मानव विकास अवधारणा के चार स्तंभों में से एक है । समता तथा दूसरा स्तंभ है सतत पोषणीयता ।

समता का आशय प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों के लिए समान पहुँच की व्यवस्था करना है। लोगों को उपलब्ध अवसर लिंग, प्रजाति, आय और भारत के संदर्भ में जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान होने चाहिए। यद्यपि ऐसा ज्यादातर तो नहीं होता फिर भी यह लगभग प्रत्येक समाज में घटित होता है। 

उदाहरण के लिए किसी भी देश में यह जानना रुचिकर होता है कि विद्यालय से विरत अधिकांश छात्र किस वर्ग से हैं। तब ऐसी घटनाओं के पीछे कारणों का पता लगना चाहिए। भारत में स्त्रियाँ और सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए वर्गों के व्यक्ति बड़ी संख्या में विद्यालय से विरत होते हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा तक पहुँच न होना किस प्रकार इन वर्गों के विकल्पों को सीमित करता है। 

सतत पोषणीयता- सतत पोषणीय मानव विकास के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पीढ़ी को समान अवसर मिलें। समस्त पर्यावरणीय वित्तीय एवं मानव संसाधनों का उपयोग भविष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए। इन संसाधनों में से किसी भी एक का दुरुपयोग भावी पीढ़ियों के लिए अवसरों को कम करेगा।

बालिकाओं का विद्यालय भेजा जाना एक अच्छा उदाहरण है। यदि एक समुदाय अपनी बालिकाओं को विद्यालय में भेजने के महत्त्व पर जोर नहीं देता तो युवा होने पर इन स्त्रियों के लिए अनेक अवसर समाप्त हो जाएँगे। उनकी वृत्तिका के विकल्पों में तीव्रता से छँटनी हो जाएगी और यह उनके जीवन के अन्य पक्षों को भी प्रभावित करेगा। अतः प्रत्येक पीढ़ी को अपनी भावी पीढ़ियों के लिए अवसरों और विकल्पों की उपलब्धता को सुनिश्चित करना चाहिए।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न | VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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Q. 1. किन राज्यों में साक्षरता की दर सर्वाधिक है ?

Ans. 9 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में शिक्षा की दर सर्वाधिक है। इनमें केरल सर्वप्रथम स्थान पर है। यहाँ साक्षरता दर 90.92 प्रतिशत है। ये राज्य हैं-केरल, मिजोरम, लक्षद्वीप, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़, पांडिचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दमन व दीव |

Q. 2. प्राथमिक विद्यालय स्तर की आयु सीमा क्या है ? 

Ans. प्राथमिक विद्यालय स्तर की आयु सीमा 6 से 11 वर्ष है। कुछ छात्र इस आयु सीमा से अधिक या कम आयु के हैं।

Q. 3. पर्यावरण को प्रभावित करने वाले तत्त्वों के विश्लेषण के लिए किस सूत्र का प्रयोग किया जाता है ?

Ans. I = PAT जहाँ 

  • I = पर्यावरणीय प्रभाव,
  • P = जनसंख्या (घनत्व और वृद्धि), 
  • A= प्रचुरता तथा
  • T = उत्पादन में प्रयुक्त हानिकारक प्रौद्योगिकी।

Q. 4. विकास का क्या अर्थ है ? 

Ans. विकास का अर्थ गुणात्मक परिवर्तन है जो मूल्य सापेक्ष होता है।

Q.5. विकास के महत्त्वपूर्ण पक्ष कौन-से हैं ?

Ans. किसी देश में लोग जीवन की गुणवत्ता का जो आनंद लेते हैं, उन्हें जो अवसर उपलब्ध हैं और जिन स्वतंत्रताओं का वे भोग करते हैं, विकास के महत्त्वपूर्ण पक्ष हैं।

Q. 6. मानव विकास का विचार किन संकल्पनाओं पर आधारित है ? 

Ans. मानव विकास का विचार समता, सतत पोषणीयता, उत्पादकता और सशक्तीकरण की संकल्पनाओं पर आश्रित है।

Q.7. मानव विकास के उपागम कौन-कौन से हैं ? 

Ans. (क) आय उपागम

  • (ख) कल्याण उपागम
  • (ग) न्यूनतम उपागम 
  • ( घ) क्षमता उपागम ।
class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

Q.8. मानव विकास सूचकांक (HDI) का क्रम क्या है ?

Ans. मानव विकास सूचकांक का क्रम 0 से 1 के बीच के स्कोर पर आधारित होता है एक देश, मानव विकास के महत्त्वपूर्ण सूचकों में से प्राप्त करता है।

Q. 9. विकास से आप क्या समझते हैं ?

Ans. विकास का अर्थ है लोगों के रहन-सहन के स्तर एवं मानव कल्याण सामान्य जो दशाओं को बढ़ावा देना। 

Q. 10. प्रदेश क्या है ?

Ans. वह भू-भाग जिसमें भौगोलिक दशाओं की समानता तथा विकास संबंधी समस्याओं की समरूपता हो।

लघु उत्तरीय प्रश्न | SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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Q.1. ‘विकास और पर्यावरण ह्रास, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।’ यह उक्ति कहाँ तक सही है ।

Ans. धीरे-धीरे मानव ने प्राकृतिक बाधाओं को दूर करने की तकनीक खोज ली। जलवायु की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कपड़ों और आवास का उपभोग प्रारंभ कर दिया तथा जीव जन्तुओं का पालन तथा पेड़-पीयों को उगाना आरंभ कर दिया। सामाजिक और आर्थिक संगठनों की प्रगति और प्रौद्योगिकी के विकास से प्राकृतिक संसाधनों के दोहन द्वारा वस्तुओं के उत्पादन तथा सेवाओं के विकास की क्षमता में बहुत उन्नति हुई। परिवहन के साधनों के विकास ने संसाधनों के दोहन की प्रक्रिया को तेज कर दिया। औद्योगिक क्रांति के साथ मानव ने अत्यधिक ज्ञान, कार्य कुशलता, शक्ति और प्रौद्योगिकी विकसित कर ली। 

इसके द्वारा अब उसने प्रकृति पर नियंत्रण शुरू कर दिया तथा पदार्थों और ऊर्जा के साधनों का बड़े पैमाने पर दोहन प्रारंभ कर दिया। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक संसाधनों की समाप्ति, अभाव, अधिक शोषण और पर्यावरण हास होने लगा। इस प्रकार मानव प्रकृति का विनाशक बन गया। पर्यावरण पर मानव का प्रभाव, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग द्वारा पड़ता है। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि मानव विकास और पर्यावरण हास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ।

Q. 2. मानव विकास की संकल्पना की विवेचना कीजिए । 

Ans. मानव विकास में दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के मुख्य तत्त्व हैं। मानव विकास के अन्य विकल्प हैं, राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों की गारंटी, आत्म निर्भरता तथा स्वाभिमान के विविध घटक लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। मानव विकास की संकल्पना केवल अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित न होकर, मानव के संपूर्ण विकास से संबंधित है। 

आर्थिक कारकों के समान राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कारकों को भी उतना ही महत्त्व दिया जाता है। इसके अलावा विकास के लक्ष्य और साधनों, दोनों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मानव विकल्पों के विस्तार के तो विकास का लक्ष्य माना जाता है। लेकिन आय के विस्तार को इसका आवश्यक सायन माना जाता है।

Q.3. मानव विकास और मानव संसाधन विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए । 

Ans. मानव विकास लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। दीर्घ और स्वस्थ्य जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव के विकास के प्रमुख तत्त्व हैं।

मानव संसाधन विकास मानव विकास के लिए आवश्यक संसाधनों को मानव संसाधन विकास कहते हैं। राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों की गारंटी, आत्मनिर्भरता तथा स्वाभिमान, मानव विकास के अनिवार्य विकल्प हैं। विकास लोगों के लिए हो न कि लोग विकास के लिए विकास सहभागीय होना चाहिए। लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशिक्षण की क्षमताओं को सुधारने के लिए विनिवेश के अवसर मिलने चाहिए। लोगों को अपनी क्षमताओं का पूरा-पूरा उपयोग करने के अवसर मिलने चाहिए।

Q.4. मानव विकास का कल्याण उपागम क्या है ?

Ans. यह उपागम मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य के रूप में देखता है। यह उपागम शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुख-साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है। लोग विकास में प्रतिभागी नहीं है लेकिन वे केवल निष्क्रिय प्राप्त कर्त्ता हैं। सरकार कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार हैं।

Q.5. भूटान विश्व में अकेला देश है जिसने सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GNH) को देश की प्रगति का आधिकारिक माप घोषित किया है। इस पर टिप्पणी कीजिए । 

Ans. भूटानियों ने अपने पर्यावरण अथवा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन के अन्य पहलुओं को भौतिक प्रगति और प्रौद्योगिकी विकास से होने वाली संभावित नुकसान को सतर्कतापूर्वक अथवा ध्यान में रखकर अपनाया है। इसका साधारण सा अर्थ है कि प्रसन्नता की कीमत पर भौतिक प्रगति नहीं की जा सकती। सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता हमें विकास के आध्यात्मिक, भौतिकता और गुणात्मक पक्षों को सोचने के लिए प्रोत्साहित करती है।

Q.6. आर्थिक विकास और मानव विकास की संकल्पनाओं में क्या अंतर है ? 

Ans. आर्थिक विकास और मानव विकास दोनों में आधारभूत अंतर है। आर्थिक विकास में केवल आय बढ़ाने पर बल दिया जाता है जबकि मानव विकास का अर्थ मानवीय विकल्पों के परिवर्तन पर बल देना है। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास मानव विकास के मुख्य विकल्प हैं। इन सबके विकास के लिए आर्थिक विकास अनिवार्य है। आर्थिक विकास का मूल सिद्धांत विकास कार्यों में आय का सदुपयोग है न कि आय। इसी से मानवीय विकल्पों में वृद्धि होती है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक सम्पदा उसके लोग हैं। अतः मानव विकास होना चाहिए।

Q.7. अंतर स्पष्ट कीजिए-

(क) मानव विकास और मानव संसाधन विकास 

(ख) आर्थिक विकास और मानव विकास ।

Ans. (क) मानव विकास और मानव संसाधन विकास-

मानव विकास- लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के प्रमुख तत्त्व हैं। मानव संसाधन विकास मानव विकास के लिए आवश्यक संसाधनों को मानव संसाधन विकास कहते हैं। राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों की गारंटी, आत्मनिर्भरता तथा स्वाभिमान, मानव विकास के अनिवार्य विकल्प हैं। विकास लोगों के लिए हो न कि लोग विकास के लिए। विकास सहभागीय होना चाहिए। लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशिक्षण की क्षमताओं

को सुधारने के लिए विनिवेश के अवसर मिलने चाहिए। लोगों को अपनी क्षमताओं का पूरा-पूरा उपयोग करने के अवसर मिलने चाहिए।

(ख) आर्थिक विकास और मानव विकास- आर्थिक विकास- आर्थिक विकास में मानव की आय बढ़ाने पर ही मुख्य रूप से बल दिया। जाता है। आर्थिक, सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास के लिए आर्थिक विकास अनिवार्य है। आर्थिक विकास में आय का सही उपयोग है न कि आय। मानव विकास-लोगों के विकल्पों में परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन-स्तर मानव के विकास के प्रमुख तत्त्व हैं।

Q. 8. मानव विकास की संकल्पना की विवेचना कीजिए । 

Ans. मानव विकास में दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा और उच्च जीवन स्तर मानव-विकास के मुख्य तत्त्व हैं। मानव विकास के अन्य विकल्प हैं, राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों की गारंटी, आत्म निर्भरता तथा स्वाभिमान के विविध घटक। लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। 

मानव विकास की संकल्पना केवल अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित न होकर, मानव के संपूर्ण विकास से संबंधित है। आर्थिक कारकों के समान राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कारकों को भी उतना ही महत्त्व दिया जाता है। इसके अलावा विकास के लक्ष्य और साधनों, दोनों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मानव विकल्पों के विस्तार के तो विकास का लक्ष्य माना जाता है। लेकिन आय के विस्तार को इसका आवश्यक साधन माना जाता है।

Q.9. मानव विकास क्यों आवश्यक है, व्याख्या कीजिए । 

Ans. निम्नलिखित कारणों से मानव विकास आवश्यक है- 1. विकास का उद्देश्य मानवीय दशाओं को सुधारना तथा लोगों के लिए विकल्पों को बढ़ाना है।

2. मानव विकास उच्चतर उत्पादकता का साधन है। सुपुष्ट, स्वस्थ, शिक्षित, कुशल और सतर्क श्रमिक अधिक उत्पादन करने में समर्थ होते हैं। अतः उत्पादकता के आधार पर मानव विकास में विनिवेश न्यायसंगत है।

Q. 10. स्वास्थ्य संकेतक के प्रतिरूप का वर्णन कीजिए ।

Ans. स्वास्थ्य संकेतक का मापन जन्म दर, मृत्यु दर, पोषण और जन्म के समय जीवन प्रत्याशा के रूप में किया जाता है मृत्यु दर भारत में तेजी से घटी है। 1951 में मृत्यु दर 25.1 थी लेकिन वह घटकर 1999 में 8.7 रह गई। लेकिन जन्म दर में कोई कमी नहीं आई। 1999 में शिशु मृत्यु दर सन् 1951 की तुलना में आधी रह गई है। चार वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु दर काफी घट गई है। 1971 में यह 51.9 प्रति हजार थी जो 1999 में 22.5 रह गई।

अतः मृत्यु का खतरा जीवन की प्रत्येक अवस्था में घट गया। प्रजनन दर भी धीमी गति से घटी है। 1951 में यह 40.8 प्रति हजार थी जो 1999 में घटकर 26.1 रह गई। 1951 से 1999 तक जनांकिकीय संकेतकों का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है।

Q. 11. मानव विकास प्रक्रिया में शिक्षा का क्या स्थान है ? व्याख्या करो । 

Ans. शिक्षा सामाजिक संकेतक का अंग है। शिक्षा को सर्वत्र मानव संसाधन का प्रमुख घटक माना गया है। लोगों के लिए साक्षरता का न्यूनतम निश्चित स्तर अनिवार्य है। यह लोगों के गरीबी के दुश्चक्र के बाहर निकालती है। इसलिए मानव विकास का मूल्यांकन साक्षरता संबंधी के संदर्भ में किया जाता है। शिक्षा मानव के जीवन स्तर को ऊँचा उठाकर विकास में योगदान देती है। शिक्षा और उच्च मानव जीवन स्तर मानव विकास के प्रमुख तत्त्व हैं। 

Q. 12. भारत में आर्थिक विकास की विवेचना कीजिए ।

Ans. विकास का अंतिम लक्ष्य प्रगति है। आर्थिक विकास का अर्थ है आय बढ़ाना । आर्थिक उत्पादकता मानव विकास का अनिवार्य अंग है। आर्थिक विकास मानव प्रगति का एक साधन है। अर्थव्यवस्था और उत्पादकता में विकास का मूल्यांकन सकल राष्ट्रीय उत्पाद तथा प्रति व्यक्ति आय के द्वारा किया जा सकता है। 1950-1951 में सकल घरेलू उत्पाद स्थिर कीमत (1993-94) पर 1404.66 अरब रुपये था जा बढ़कर 1999-2000 में 11485.00 अरब रुपये था। 

इसी के अनुसार प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद स्थिर कीमत पर 1950-51 में 3687 पये था, जो बढ़कर 1999-2000 में 10,067 रुपये हो गया था। गरीबी उन्मूलन भारत के आर्थिक कास की कार्यनीति का अनिवार्य अंग रहा है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार निर्धनता का नुपात गाँवों में 27.9 प्रतिशत, नगरों में 23.62 प्रतिशत तथा संपूर्ण भारत में 26.10 प्रतिशत है। 999-2000 के अनुसार 26 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं।

Q. 13. पर्यावरण की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं ? 

Ans. पर्यावरण की गुणवत्ता तीन कारकों पर निर्भर करती है- 

  • 1. उपयोग किए गए संसाधनों की मात्रा तथा उत्पादन की प्रति इकाई के अनुसार प्रदूषण उत्पत्ति ।
  • 2. प्रति व्यक्ति उत्पादन और उपभोग ।
  • 3. जनसंख्या का आकार ।

इन तत्त्वों के पर्यावरण पर प्रभाव के विश्लेषण के लिए एक सूत्र बनाया गया है।

I = PAT

जहाँ I = पर्यावरणीय प्रभाव, P = जनसंख्या (घनत्व और वृद्धि), A = प्रचुरता तथा = उत्पादन में प्रयुक्त हानिकारक प्रौद्योगिकी। जनसंख्या के घनत्व और वृद्धि पर्यावरण प्रदूषण का प्रमुख कारक है।

Q. 15. भारत में प्राथमिक स्तर पर नामांकन का प्रतिरूप बनाएँ । 

Ans. प्राथमिक स्तर (I-V) पर कुल नामांकन में भी 5.91 गुनी वृद्धि हुई है। 1950-51 में नामांकन 1.92 करोड़ था, जो बढ़कर 1999-2000 में 11.361 करोड़ हो गया है इसमें बालिकाओं के नामांकन में वृद्धि हुई है। 1950-51 में यह 28.1 प्रतिशत था जो बढ़कर 1999-2000 में 43.6 प्रतिशत हो गया है। उच्च प्राथमिक स्तरों (VI-VIII) पर कुल नामांकन बढ़ा है, जो इसी अवधि में 31 लाख से बढ़कर 4.206 करोड़ हो गया। नामांकन में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में बहुत असमानता है। 

Q. 16. देश में मानव विकास के आर्थिक संकेतकों की प्रगति की विवेचना कीजिए।

Ans. मानव विकास के आर्थिक संकेतक वेतन, आय और रोजगार से संबंधित है। प्रति व्यक्ति घरेलू उत्पाद, गरीबी का विस्तार तथा रोजगार के अवसर इस समूह के वांछित संकेतक हैं। मानव विकास के समग्र चित्रण के लिए इन्हें मिश्र सूचकांक में परिवर्तित कर लिया गया है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में बहुत मानव विकास किया है। मानव विकास सूचकांक में भारत का 162 देशों में 115वाँ स्थान है। मानव विकास की दृष्टि से न केवल विकसित देश भारत में आगे हैं, अपितु श्रीलंका और इंडोनेशिया जैसे विकासशील देश भी भारत से बहुत आगे हैं। आर्थिक विकास में मानव की आय बढ़ाने पर बल दिया जाता है। आय के विस्तार को इसका आवश्यक साधन माना जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Long Answer Type Questions

Class 12th geography
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Q. 1. आर्थिक विकास और मानव विकास किस प्रकार एक-दूसरे से संबंधित हैं ? मानव विकास की आवश्यकता क्यों हुई ?

Ans. (क) आर्थिक विकास और मानव विकास-मानव विकास के आर्थिक संकेतक वेतन, आय और रोजगार से संबंधित हैं। प्रति व्यक्ति घरेलू उत्पाद, गरीबी का विस्तार तथा रोजगार के अवसर इस समूह के वांछित संकेतक हैं। मानव विकास के समग्र चित्रण के लिए इन्हें मिश्र सूचकांक में परिवर्तित कर लिया गया है।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत ने बहुत मानव विकास किया है। मानव विकास सूचकांक में भारत का 162 देशों में 115वाँ स्थान है। मानव विकास की दृष्टि से न केवल विकसित देश भारत से आगे हैं अपितु श्रीलंका और इंडोनेशिया जैसे विकासशील देश भी भारत से बहुत आगे हैं, आर्थिक विकास में मानव की आय बढ़ाने पर बल दिया जाता है। आय के विस्तार को इसका आवश्यक साधन माना जाता है।

(ख) मानव विकास की आवश्यकता – निम्नलिखित कारणों से मानव विकास आवश्यक है- 1. विकास का उद्देश्य मानवीय दशाओं को सुधारना तथा लोगों के लिए विकल्पों को बढ़ाना है। 2. मानव विकास उच्चतर उत्पादकता का साधन है। सुपुष्ट, स्वस्थ, शिक्षित, कुशल और सतर्क श्रमिक अधिक उत्पादन करने में समर्थ होते हैं। अतः उत्पादकता के आधार पर मानव विकास में विनिवेश न्यायसंगत है। 3. मानवीय प्रजनन की गति धीमी करके यह परिवार के आकार को छोटा करने में मदद करता है।

4. मानव विकास भौतिक पर्यावरण हितैषी भी है। गरीबी घटने से निर्वनीकरण, और मृदा अपरदन भी कम हो जाता है। 5. सुपरी मानवीय दशाएँ समाज के कल्याण में योगदान करती हैं।

6. मानव विकास सामाजिक अशांति को कम करता है तथा राजनीतिक स्थिरता को बढ़ानेमें सहायक होता है। 

Q.2. आर्थिक विकास प्राकृतिक पर्यावरण क्रिया पर प्रौद्योगिकी एवं संस्थाओं के मध्य अनुरूपी अन्तःक्रियो पर निर्भर करता है, व्याख्या करो । 

Ans. (क) विकास-लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। प्रादेशिक विकास के संदर्भ में विकास की धारणा है कि लोगों का रहन-सहन ऊँचा हो तथा मानव कल्याण की सामान्य दशाओं में वृद्धि हो। प्रति व्यक्ति आय विकास की महत्त्वपूर्ण सूचक है। इसलिए लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़े। आर्थिक उत्पाद तथा राष्ट्रीय आय में वृद्धि हो। इस प्रकार देश के सभी भागों में तथा समाज में सभी वर्गों में समान रूप से उन्नति हो ।

(ख) विकास के प्रांचल-किसी भी देश के विकास के तीन आधारभूत प्रांचल हैं- 1. प्राकृतिक पर्यावरण, 2. प्रौद्योगिकी और 3. संस्थाएँ ।

प्रांचलों का प्रभाव

1. प्राकृतिक पर्यावरण- यह आर्थिक विकास की दिशा निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए वनाच्छादित प्रदेशों में लकड़ी काटना व शिकार करना, तटीय भागों में मत्स्यन, नदी घाटियों में कृषि करना लोगों के मुख्य व्यवसाय हैं। 

2. प्रौद्योगिकी-किसी भी देश में उत्पादन का स्तर वहाँ के लोगों को उपलब्ध प्रौद्योगिकी पर निर्भर होता है। प्रौद्योगिकी वह अस्त्र है जिसके माध्यम से मनुष्य अपने प्राकृतिक वातावरण का उपयोग करता है । भारतवर्ष प्राकृतिक संसाधनों में निर्धन नहीं है, बल्कि प्रौद्योगिकी में निर्धन है। 

3. संस्थाएँ आर्थिक विकास को प्रोत्साहित कराने के लिए संस्थाएँ बनाई जाती है। ये संस्थाएँ समाज को सुचारु रूप से संचालित करती हैं। कई बार इन संस्थाओं की आलोचना के कारण आर्थिक विकास रुक जाता है।

Q.3. पर्यावरण पर मानव के प्रभाव को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।

Ans. जनसंख्या, पर्यावरण और विकास में संबंध है। पर्यावरण पर मानव का प्रभाव प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग द्वारा पड़ता है। यही नहीं, वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन और उपभोग की प्रक्रिया से उत्पन्न प्रदूषकों के पर्यावरण में उत्सर्जन से भी वह प्रदूषित होता है। जनसंख्या के आकार और उसमें निरन्तर वृद्धि से भी पर्यावरण दूषित होता है। पर्यावरण की गुणवत्ता निम्नलिखित तीन कारकों पर निर्भर करती है-

  • 1. उपभोग किए गए संसाधनों की मात्रा तथा उत्पादन की प्रति इकाई के अनुसार प्रदूषण की उत्पत्ति ।
  • 2. प्रति व्यक्ति उत्पादन और उपभोग ।
  • 3. जनसंख्या का आकार । इन तत्त्वों के पर्यावरण पर प्रभाव के लिए एक सूत्र बनाया गया है।

इसमें

  • I=PAT I = पर्यावरणीय प्रभाव
  • P = जनसंख्या (घनत्व और वृद्धि )
  • A= = प्रचुरता T = उत्पादन में प्रयुक्त हानिकारक प्रौद्योगिकी।

जनसंख्या का घनत्व और वृद्धि प्रमुख कारक हैं। इसमें संसाधनों पर दबाव पड़ता है जिससे वे समाप्त हो जाते हैं या उनका अभाव या अति शोषण हो जाता है। इससे पर्यावरण का हास होता है। प्रौद्योगिकी तीसरा कारक है जो पर्यावरण को अत्यधिक प्रभाव करती है।

इस आर्टिकल में किसी भी प्रकार का त्रुटि आपको मिलती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करेंगे क्योंकि लिखने समय सबसे गलती हो जाती है 😅😅😅😅😅😅😅😅😅


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FAQs

Q. 1. विकास का मुख्य लक्ष्य क्या है ?

Ans. विकास का मुख्य लक्ष्य, मानव जीवन की समृद्धि है। दीर्घ और स्वस्थ जीवन, शिक्षा . और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के प्रमुख तत्त्व हैं।

Q. 2. मानव विकास सूचकांक से आप क्या समझते हैं ?

Ans. मानव विकास के मापन के लिए जिस मापक का प्रयोग किया जाता है। उसे मानक सूचकांक कहते हैं। (1) दीर्घजीविता, (2) ज्ञान आधार और (3) उच्च जीवन स्तर मुख्य मानव सूचकांक है।

Q.3. ‘मानव विकास’ के संकेतकों के तीन समूहों के नाम बताइए । 

Ans. स्वास्थ्य संकेतक, सामाजिक संकेतक तथा आर्थिक संकेतक मानव विकास के संकेतक हैं।

Q.4. मानव विकास में विश्व में भारत का क्या स्थान है ? 

Ans. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा 162 देशों के लिए विकसित मानव विकास सूचकांक में भारत का 115वाँ स्थान है। भारत को मध्यम विकास के देशों में स्थान मिला है। 

Q. 5. सामाजिक संकेतक किस प्रकार मानव विकास को प्रभावित करते हैं ?

Ans. शिक्षा मानव विकास संसाधन का प्रमुख घटक है। यह लोगों को गरीबी के दुष्क से बाहर निकाल सकता है।

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