Class 12th Geography Chapter 7 Notes In Hindi | तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप कक्षा 12 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर

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Class 12th Geography Chapter 7 Notes In Hindi | तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप कक्षा 12 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter07
अध्याय का नाम | Chapter Nameतृतीयक और चतुर्थ
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectभूगोल | Geography
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

पाठ के मुख्य बिंदु | Main Point of This chapter

* पूँजीवादी अर्थव्यवस्था — इस अर्थव्यवस्था के अंतर्गत उत्पादन के साधनों पर वैयक्तिक स्वामित्व होता है।

★ सेवा क्षेत्र – आर्थिक विकास के लिए सेवाएँ बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। 

Class 12th Geography Chapter 7 Notes In Hindi | तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप कक्षा 12 पाठ 7 के प्रश्न उत्तर
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★ सेवाओं के प्रकार- शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण, मनोरंजन तथा वाणिज्यिक सेवाएँ। उच्चस्तरीय सेवाएँ – इसमें वित्त, बीमा, परामर्श, वचत तथा सूचना सेवाएँ सम्मिलित है।

★ सेवाओं के घटक — विज्ञापन, परामर्श, वित्त, बीमा, बचत परिवहन, मनोरंजन, शिक्षा, वातावरण तथा ग्रामीण विकास । 

★ तृतीयक व्यवसाय तृतीयक व्यवसाय में समुदायों को दी जाने वाली व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक सेवाएँ सम्मिलित हैं। 

★ सेवाएँ—वे क्रियाकलाप जिनमें वस्तुओं का उत्पादन नहीं होता। 

*वाणिज्यिक सेवाएँ—वे सेवाएँ जो अत्यंत उन्नत हों और जो सभी आर्थिक क्रियाओं का केंद्रबिन्दु होती हैं, जैसे—वित्त, बीमा, शोध-विकास तथा सूचना संग्रहण आदि। 

★ वैश्विक नगर—वे नगर जिनमें बड़ी-बड़ी वैश्विक कंपनियों के मुख्यालय हैं, वैश्विक नगर कहलाते हैं। 

★ चतुर्थक क्रियाकलाप-वे उच्च बौद्धिक व्यवसाय, जिनका दायित्व चिन्तन और शोध व विकार के लिए नए विचार देना है। सूचना प्रौद्योगिकी कई प्रकार की प्रौद्योगिकी का संयुक्त रूप जिसमें सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिकी, कम्प्यूटर, दूरसंचार शामिल हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न | VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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Q. 1. आर्थिक विकास के लिए सेवाएँ बहुत महत्त्वपूर्ण कैसे हैं ? 

Ans. सेवाओं में फुटकर बिक्री, स्वास्थ्य और कल्याण, शिक्षा, अवकाश, मनोरंजन और वाणिज्यिक सेवाएँ शामिल हैं। वाणिज्यिक सेवाएँ दूसरी कंपनियों की उत्पादकता या क्षमता में वृद्धि करती हैं। यही नहीं ये उनके विशेष कामों के स्तर को भी यथावत् बनाए रखने में मदद करती हैं।

Q. 2. निरोद्योगीकरण किसे कहते हैं ? 

Ans. विनिर्माण में रोजगार के अवसर घटने की प्रक्रियाओं तथा सकल घरेलू उत्पाद में उनका अनुपात कम हो जाने प्रक्रिया को सामान्यतः निरोद्योगीकरण कहा जाता है। 

Q.3. सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि के क्या कारण रहे हैं ? 

Ans. विकसित देशों में प्रति व्यक्ति आय के बढ़ने से विभिन्न प्रकार की सेवाओं की माँग में बहुत वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मनोरंजन और परिवहन ऐसी ही सेवाएँ हैं। समय के मूल्य में वृद्धि के कारण अनेक घरेलू कार्य बाजार से करवाए जाते हैं।

class 12th NotesMCQ
HistoryPolitical Science
EnglishHindi

Q.4. ज्ञान का उत्पादन और सूचना का प्रवाह किसे कहते हैं ? 

Ans. अत्यधिक औद्योगिक देशों में सूचना पर आधारित भूमंडलीय अर्थव्यवस्था में अधिक उन्नत और विशिष्ट सेवाओं को जन्म दिया है। ऐसी सेवाओं में मुख्य हैं वित्त बीमा, परामर्श, सूचना, संग्रहण, शोध तथा वैज्ञानिकों द्वारा नई वस्तुओं का निर्माण या पुरानी वस्तुओं में उपयोगी परिवर्तन। ये सेवाएँ सभी आर्थिक क्रियाकलापों की केन्द्रविन्दु होती हैं। संक्षेप में इन्हें ज्ञान उत्पादन

Q.5. वाणिज्यिक सेवाएँ क्या हैं ?

और सूचना प्रवाह कह सकते हैं। Ans. वे सेवाएँ जो दूसरी कम्पनियों की उत्पादकता या क्षमता में वृद्धि करती हैं, उन्हें वाणिज्यिक सेवाएँ कहते हैं। ये इन कम्पनियों के विशेष कामों के स्तर को भी यथावत् बनाए रखने में मदद करती हैं।

Q.6. असंगठित सेवाएँ क्या हैं ?

Ans. असंगठित सेवाएँ ऐसा अनौपचारिक क्षेत्र हैं जिसमें अकुशल श्रमिकों के कार्य सम्मिलित हैं। इन अकुशल श्रमिकों को काफी कम मजदूरी पर रखा जाता है। असंगठित सेवाओं के अन्तर्गत गृहणियों और बाल मजदूरों की सेवाएँ भी सम्मिलित हैं। 

लघु उत्तरीय प्रश्न | SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Class 12th geography
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Q.1. चतुर्थक क्रियाकलाप से क्या समझते हैं? रोजगार के अवसर विश्व में क्यों बढ़ रहे हैं? तीन कारण बताएँ । 

Ans. वे बौद्धिक व्यवसाय जिनका दायित्व सोचना है और शोध और विकास के लिए नए विचार देना है, चतुर्थक क्रियाकलाप हैं। इनमें शिक्षा, सूचना, शोध, अनुसंधान और विकास जैसे क्रियाकलाप सम्मिलित हैं।

इनमें विश्व में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। इसके तीन कारण निम्न हैं- 

  • 1. चतुर्थक क्रियाकलाप में लगे लोगों के वेतनमान ऊँबे हैं।
  • 2. ये अपनी पद-प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए बहुत अधिक प्रगतिशील होते हैं। 
  • 3. सूचना प्रौद्योगिकी कम्प्यूटर के कारण अधिक बढ़ गया है।

Q.2. भूमंडलीय अर्थव्यवस्था के विस्तार पर संक्षेप में चर्चा कीजिए। 

Ans. जैसे-जैसे मुमंडलीय अर्थव्यवस्था का विस्तार होता है इसमें नई इकाइयाँ जुड़ती जाती हैं और नए संबंध बन जाते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के ज्यार्जिया, नेप्रास्का जैसे राज्यों में सेवाओं के क्रियाकलापों के संसाधान के प्रादेशिक केंद्र विकसित हो गए हैं। ऐसे ही केंद्र यूरोप के पासलोन, माइंस सुटगार्ट तथा एशिया के मुंबई, बैंकाक और शंघाई में विकसित हो गए हैं, लेकिन ऐसे क्रियाकलापों के विकेन्द्रीकरण का संबंध मुख्य रूप से सहायक कार्यालयों से होता है। 

ऐसे कार्यालयों में बड़े पैमाने पर लेन-देन के सौदों का संसाधन होता है। इनमें उन्हीं रणनीतियों का क्रियान्वयन किया जाता है जिन्हें भूमंडलीय नगरों में स्थित कंपनियों के केन्द्रों और मुख्यालयों में तय किया जाता है। उदाहरण के लिए एक ही देश यू.के. में 500 सबसे बड़ी कंपनियों के मुख्यालयों में से 198 को पुनः लंदन में स्थापित किया गया है। 

Q.3. पूर्व औद्योगिक चरण क्या है ?

Ans. इस चरण में अधिकांश श्रम-शक्ति प्राथमिक व्यवसाय में कार्यरत होती है। द्वितीयक व्यवसाय में बहुत कम लोग होते हैं और वे मुख्यतः दस्तकारी में ही व्यस्त रहते हैं। इन व्यवसायों को पुनः दो भागों में दौटा जाता है–खुदरा व थोक व्यापार तथा अन्य साधारण तृतीय वर्ग के व्यवसायों में अपेक्षाकृत अधिक श्रम रहता है। इसका कारण व्यापार में कम दक्षता तथा कुछ अविकसित देशों में व्यक्तिगत तथा घरेलू सेवाओं का होना है। चतुर्थ व्यवसायों में भी कम श्रम लगता है।

Q. 4. प्रारम्भिक औद्योगिक चरण की संक्षिप्त में व्याख्या कीजिए । 

Ans. इस चरण में द्वितीयक व्यवसाय की वृद्धि आरम्भ हो जाती है। यह चरण औद्योगिक क्रांति के समान होता है। जब उद्योग-धंधे पूरी तरह स्थापित हो जाते है तद इनमें और भी अधिक श्रमिकों की आवश्यकता होती है। इस चरण के अन्त तक औद्योगिक श्रम का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है। प्राथमिक व्यवसाय में कमी आनी आरम्भ हो जाती है क्योंकि कृषि श्रम को अधिक दक्षतापूर्ण ढंग से प्रयोग किया जाता है। इस चरण में तृतीय एवं चतुर्थ व्यवसायों पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है क्योंकि ये सेवाएँ संबंधित क्षेत्र को सामान्यतः अन्य क्षेत्रों से प्राप्त होती है। 

Q.5. अन्तिम औद्योगिक चरण के विषय में चर्चा कीजिए।

Ans. इस चरण में कृषि श्रम की संख्या तेजी से घटती है और इस चरण के अन्त तक यह बहुत कम हो जाती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में यह चरण सन् 1920 के आस-पास आरंभ हुआ था। इस चरण में औद्योगिक श्रम में निरंतर वृद्धि होती जाती है और इस चरण के अन्त तक यह अधिकतम होती जाती है।

इस बीच तृतीय व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसका कारण यह है कि उद्योग तथा औद्योगिक श्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई प्रकार की सेवाएँ, जैसे— परिवहन, व्यापार आदि आरंभ हो जाती हैं। इस चरण के आरम्भ में चतुर्थ व्यवसायों में कोई विशेष वृद्धि नहीं होती लेकिन बाद में ज्यों-ज्यों समाज तथा उसकी अर्थव्यवस्था अधिक जटिल होती जाती है, चतुर्थ श्रेणी के व्यवसायों का महत्त्व बढ़ता जाता है।

Q.6. औद्योगिक चरण की व्याख्या कीजिए । 

Ans. यह चरण सबसे अन्त में आता है। इस चरण में संयुक्त राज्य अमेरिका ने सन् 1960 के आस-पास तथा इसके पश्चात् पश्चिमी यूरोप और जापान ने प्रवेश किया। इस चरण में जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया जाता है। 

प्राथमिक व्यवसाय अपनी न्यूनतम सीमा तक पहुँच जाता है। कृषि में बहुत कम श्रम संलग्न होता है क्योंकि तकनीकी विकास तथा कृषि में मशीनीकरण के कारण थोड़े से कृषि श्रमिक ही शेष जनसंख्या के लिए भोजन तथा अन्य कृषि उत्पादों की व्यवस्था कर सकते हैं। 

उद्योगों में स्वचालित मशीनों का अधिक प्रयोग होने लगता है जिससे औद्योगिक श्रम में भी कमी आनी शुरू हो जाती है। औद्योगिक क्षेत्र में कम श्रम तथा अधिक पूँजी की माँग करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है। जापान में तो कई क्षेत्रों में मशीनी मानव का प्रयोग होने लगा है। इस चरण में अधिक विशिष्टीकरण होता है और यह संतृप्त अवस्था को प्राप्त करता है, लेकिन चतुर्थ व्यवस्था में तेजी से वृद्धि होती है जिससे पूरे सामाजिक तथा आर्थिक ढाँचे में परिवर्तन आ जाता है।

आज भारत के कुल उत्पादन का लगभग 40% अन्य सेवाओं से प्राप्त होता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था में होने वाले परिवर्तन का अनुमान लगाया जा सकता है।

Q.7. विकासशील देशों में सेवा क्षेत्र उन्नत देशों से किस प्रकार भिन्न है ? व्याख्या करें 

Ans. किसी भी अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास के लिए सेवाएँ बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। वर्ष पूर्व तक सेवा क्षेत्र की तुलना में वस्तुओं के उत्पादन पर अधिक ध्यान दिया जाता था लेकिन विकसित तथा विकासशील दोनों प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं में अब सेवाओं पर आधारित विकास में बड़ी तेजी आई है। 

विकसित देशों में सेवाओं की माँग बढ़ने का एक कारण प्रति व्यक्ति आप का बढ़ना है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ने से यहाँ विभिन्न प्रकार की सेवाओं की माँग में वृद्धि हुई है। जैसे— स्वास्थ्य, मनोरंजन व परिवहन समय के मूल्य में वृद्धि के कारण अनेक घरेलू कार्य बाजार से करवाए जाते हैं। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और जापान में सकल घरेलू उत्पाद में चिकित्सा सेवाओं का अनुपात भी बढ़ा है। 

ऐसी वृद्धि का कारण इन देशों की जनसंख्या की जनांकिकीय संरचना में परिवर्तन होने के कारण है। विकसित देशों में कम जनसंख्या और विनिर्माण उद्योगों में रोजगार के अवसर कम होने के बावजूद सेवा क्षेत्र में रोजगार की तीव्र वृद्धि हुई है। इन देशों में विनिर्माण उद्योगों की तुलना में सेवा क्षेत्र में अधिक संख्या में महिलाएँ कार्यरत हैं। कुछ

विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में भी सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय संपदा में भी इसका योगदान काफी है लेकिन इन सेवाओं का लेखा-जोखा अच्छी तरह से नहीं रखा जाता है। इसका कारण यह है कि यहाँ लोग असंगठित सेवाओं में लगे हैं, जिसे अनौपचारिक क्षेत्र भी कहते हैं। अकुशल ग्रामीण प्रवासी नगरों में आकर इस अनौपचारिक क्षेत्र में कार्य करते हैं क्योंकि ये अकुशल होते हैं, अतः इन्हें कम मजदूरी दी जाती है इस श्रेणी में गृहणियों और बाल मजदूर भी आते हैं जिनकी सेवाओं कोई ब्यौरा (हिसाव किताव ) नहीं होता।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Long Answer Type Questions

Class 12th geography
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Q.1. चतुर्थक क्रियाकलापों के विषय में वर्णन कीजिए। 

Ans. विगत कुछ वर्षों से आर्थिक क्रियाकलाप बहुत विशिष्ट और जटिल हो गए हैं जिसके परिणामस्वरूप चतुर्थक के रूप में क्रियाकलापों का एक नया वर्ग बन गया है। अप्रत्यक्ष उत्पादों में भी ज्ञान से संबंधित क्रियाकलापों जैसे शिक्षा, सूचना, शोध और विकास को सेवाओं का एक भिन्न वर्ग मान लिया गया है। चतुर्थक शब्द से तात्पर्य उन अधिक बौद्धिक व्यवसायों से हैं, जिनका दायित्व सोचना है और शोध और विकास के लिए नए विचार देना है।

विगत कुछ वर्षों से सूचना प्रौद्योगिकी में क्रांति के फलस्वरूप ज्ञान आधारित उद्योगों का विकास हुआ है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों का विकास हुआ है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित औद्योगिक संकुलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन, सा घूसेट्स और कैलीफोर्निया में ऐसे औद्योगिक संकुलों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी पार्क कहा जाता है।

सूचना प्रौद्योगिकी कई प्रकार की प्रौद्योगिकी का संयुक्त रूप है। इसमें सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक, कम्प्यूटर, दूरसंचार प्रसारण और आष्ट्रो इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल है। दो दशक में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से प्रौद्योगिकी में नए आविष्कार हुए है। आनुवांशिक इंजीनियरी इसका एक अच्छा उदाहरण है। इसके अलावा ऊर्जा संसाधनों, चिकित्सा अनुप्रयोगों, परिवहन और विनिर्माण तकनीकों में बहुत नई उद्भावनाएँ हैं।

बीसवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में सूचना का अंकीकरण हो जाने पर दूरसंचार कम्प्यूटर में मिल गया है। इससे संचार के समन्वित संजाल का निर्माण हुआ है। इस कार्य में इंटरनेट की भूमिका उल्लेखनीय है। सारे संसार में दूरसंचार के साधनों का विकास हुआ है। वित्तीय साधनों का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से लेन-देन अब अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का केन्द्रबिन्दु बन गया है। इस व्यवस्था के द्वारा बैंक क्षण भर के नोटिस पर पूँजी को संसार के किसी भी कोने में स्थानान्तरित कर सकते हैं।

वित्तीय बाजार के अंतर्राष्ट्रीयकरण का सबसे उल्लेखनीय प्रभाव वैश्विक नगरों के विकास के रूप में पड़ा है। लंदन, न्यूयार्क और टोक्यो ऐसे ही वैश्विक नगर हैं। सूचना पर आधारित अर्थव्यवस्था में इन तीन नगरों की भूमिका बहुत उल्लेखनीय रही है। क्षेत्र के

Q.2. भूमंडलीकरण, उदारीकरण और निजीकरण के बावजूद सार्वजनिक आकार और भूमिका, दोनों में वृद्धि हो रही है। क्यों ?

Ans. क्योंकि प्रायः सरकार ही सबसे अधिक लोगों को रोजगार देती है और यह लोगों को सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई तथा कानून व्यवस्था जैसी अनेक प्रकार की सेवाएँ प्रदान करती हैं। विकसित देशों के अंदर सेवा क्षेत्रों के स्तर में वृद्धि हुई है। यही नहीं सेवाओं का निर्यात भी किया जाता है। इसलिए इन देशों में सेवा क्षेत्र में वृद्धि हो रही है। अनेक देश विदेशी ग्राहकों को सेवाएँ बेचकर भारी कमाई कर रहे हैं। विश्व स्तर पर सेवाओं को बेचकर भारी कमाई कर रहे हैं। विश्व स्तर पर सेवाओं का बड़े पैमाने पर व्यापार हो रहा है तथा अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में इनका 20% का योगदान है।

मुख्य रूप से पुरुष प्रधान विनिर्माण उद्योग की तुलना में सेवा क्षेत्र में महिलाओं को अधिक संख्या में रोजगार मिला हुआ है। विकासशील देशों में कुल मिलाकर विनिर्माण उद्योगों की तुलना में सेवा क्षेत्र में कम वेतन दिया जाता है।

इस आर्टिकल में किसी भी प्रकार का त्रुटि आपको मिलती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश करेंगे क्योंकि लिखने समय सबसे गलती हो जाती है 😅😅😅😅😅😅😅😅😅

  • अध्याय 1 जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन
  • अध्याय 2 प्रवासन: प्रकार, कारण और परिणाम
  • अध्याय 3 मानव विकास
  • अध्याय 4 मानव बस्तियाँ
  • अध्याय 5 भूमि संसाधन और कृषि
  • अध्याय 6 जल संसाधन
  • अध्याय 7 खनिज और ऊर्जा संसाधन
  • अध्याय 8 विनिर्माण उद्योग
  • अध्याय 9 योजना और भारतीय संदर्भ में सतत विकास
  • अध्याय 10 परिवहन और संचार
  • अध्याय 11 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
  • अध्याय 12 चयनित मुद्दों और समस्याओं पर भौगोलिक परिप्रेक्ष्य
  • अध्याय 1 डेटा – इसका स्रोत और संकलन
  • अध्याय 2 डाटा प्रोसेसिंग
  • अध्याय 3 डेटा का चित्रमय प्रतिनिधित्व
  • अध्याय 4 डाटा प्रोसेसिंग और मैपिंग में कंप्यूटर का उपयोग
  • अध्याय 5 फील्ड सर्वेक्षण
  • अध्याय 6 स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी

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FAQs

Q. 1. उन देशों के नाम बताएँ जो इंटरनेट द्वारा सबसे अच्छी तरह से जुड़े हैं। 

Ans. स्कैंडिनेविया के देश, कनाडा और आस्ट्रेलिया इंटरनेट के द्वारा सबसे अच्छी तरह से जुड़े हैं।

Q.2. विश्व के किन महाद्वीपों के अधिकतर लोग इंटरनेट का बहुत कम या बिल्कुल ही उपयोग नहीं करते ? 

Ans. एशिया, अफ्रीका व दक्षिणी अमेरिका के अधिकतर लोग इंटरनेट का बहुत कम या बिल्कुल ही उपयोग नहीं करते।

Q3. सूचना प्रौद्योगिकी का क्या अर्थ है ?

Ans. सूचना प्रौद्योगिकी कई प्रकार की प्रौद्योगिकी का संयुक्त रूप है, जिसमें सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक, कम्प्यूटर ( मशीन व सॉफ्टवेयर), दूरसंचार प्रसारण और ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक शामिल हैं। बीसवीं शताब्दी के विगत दो दशकों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से प्रौद्योगिकी में नए आविष्कार हुए हैं। अप्रत्यक्ष उत्पादों (सेवाओं) के उत्पादन में ज्ञान, सूचना और संचार का बहुत अधिक महत्त्व है। 

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