Class 12th Geography-III Chapter 4 Notes In Hindi (Practical Work) | अध्याय 4 डाटा प्रोसेसिंग और मैपिंग में कंप्यूटर का उपयोग कक्षा 12 के प्रश्न उत्तर

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मैं खुद 12वीं का टॉपर रहा हूं और मुझे पता है कि 12वीं की परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। वर्तमान में, मैं एक शिक्षक की भूमिका भी निभा रहा हूँ, और अपने छात्रों को कक्षा 12वीं की महत्वपूर्ण जानकारी और विषयों का अभ्यास भी कराता हूँ। मैंने यह लेख 5 वर्षों से अधिक के अपने अनुभव के साथ लिखा है। इस पोस्ट की मदद से आप परीक्षा में इस अध्याय से भूगोल में बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

Class 12th Geography-III Chapter 4 Notes In Hindi (Practical Work) | अध्याय 4 डाटा प्रोसेसिंग और मैपिंग में कंप्यूटर का उपयोग कक्षा 12 के प्रश्न उत्तर

कक्षा | Class12th 
अध्याय | Chapter04
भाग | Part III
अध्याय का नाम | Chapter Nameडाटा प्रोसेसिंग और मैपिंग में कंप्यूटर का उपयोग
बोर्ड | Boardसभी हिंदी बोर्ड
किताब | Book एनसीईआरटी | NCERT
विषय | Subjectभूगोल | Geography
मध्यम | Medium हिंदी | HINDI
अध्ययन सामग्री | Study Materialsप्रश्न उत्तर | Question answer

कंप्यूटर का परिचय

कार्य के अतिरिक्त भी अनेक कार्य करता है। इसीलिए इसे सुपर कैल्कुलेटर, टाइप राइटर और टेलीविजन का संगम कहा जाता है। वर्तमान में विकसित अत्याधुनिक कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो निर्देशों के कम्प्यूटर मानव मस्तिष्क से भी तेज गति से कार्य करता है।

समूह (प्रोग्राम) के नियन्त्रण में आँकड़ें या लक्ष्य पर क्रिया करके सूचना उत्पन्न करता है। यह एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जिसमें निम्नलिखित क्षमताएँ है- करना।

कम्प्यूटर के अनुप्रयोग (APPLICATIONS OF COMPUTER)

  • मानव द्वारा प्रदत्त डाटा को स्वीकार करना। कम्प्यूटर के विविध उपयोगों के कारण इसके अनेक (2) इनपुट, संग्रह या स्टोर करके निर्देशों को क्रियान्वित अनुप्रयोग हैं। अब इसका प्रयोग सभी क्षेत्रों में होने लगा है। इसके कुछ उपयोग नीचे दिए जा रहे हैं-
  • गणितीय क्रियाओं व तार्किक क्रियाओं को क्रियान्वित करना। (4) मानव या उपयोगकर्ता की आवश्यकतानुसार
  • घर तथा व्यक्तिगत कार्यों में कम्प्यूटर को निम्नलिखित रूपों में घरों में या व्यक्तिगत कार्यों में प्रयोग किया जाता है।
  • परिणाम देना। वर्तमान समय में कम्प्यूटर मानव जीवन के प्रत्येक का रसोई सम्बन्धी यन्त्रों यथा माइक्रोवेव ओवन में प्रयोग क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बहुत तीव्र होता है। गति से कार्य करता है। इसकी गणनाएँ शुद्ध एवं सही होती है। कम्प्यूटर जटिल एवं दोहराए जाने वाले कार्यों को बिना किसी गलती के अच्छी तरह कर सकता है। 
  • इसमें संग्रह करने की अद्भुत क्षमता होती है। इसमें सम्पन्न कार्य भविष्य के लिए संरक्षित रहता है तथा आवश्यकता पड़ने पर डाटा सूचना तत्काल उपलब्ध करा देता है। कम्प्यूटर को हिन्दी में संगणक कहा जाता है जिसका अर्थ होता है-गणना करने वाला यन्त्र । किन्तु कम्प्यूटर गणना रसोईघर में- इलेक्ट्रॉनिक प्रोसेसर और मेमोरी कम्प्यूटरीकृत कार- आधुनिक कारों में कम्प्यूटर के द्वारा सभी नियन्त्रण संचालित होते हैं, जैसे-कार मालिक की आवाज पहचानकर दरवाजा खुल जाना, पेट्रोल की उचित मात्रा की चेतावनी, कार की सतह को इच्छानुसार परिवर्तित करना, सड़क व शहर का मानचित्र उपलब्ध कराना आदि।
  • कम्प्यूटरीकृत घर–अब घरों को कम्प्यूटरीकृत बनाया जा रहा है अर्थात् वे कम्प्यूटर से नियन्त्रित होने लगेसी.बी.एस.ई. है। घर मालिक के होने पर वे मेहमानों का स्वागत करते हैं तथा लॉन में पानी लगाते हैं। ये तापमान को भी स्वतः नियन्त्रित करते हैं।
  • व्यक्तिगत रोबोट नौकर रोबोट कम्प्यूटर द्वारा संचालित एक यान्त्रिक मानव होता है जो व्यक्तिगत कार्यों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। 
  • घर में बैंकिंग एवं खरीददारी इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर प्रणाली बैंक की एक ऐसी सुविधा है जिससे हम बैंकों, यातायात एजेन्सियों और दुकानदारों से रुपयों का लेन-देन घर से ही कर सकते हैं। घर में लगा कम्प्यूटर टेलीफोन लाइन से जुड़ा रहता है जिसका सम्पर्क इण्टरनेट से होता है।
  • आधुनिक कुटीर उद्योग- आजकल कम्प्यूटर ने सूचना को विक्रय योग्य एवं उपयोगी वस्तु बना दिया है। जिससे घर में चलाए जा सकने वाले व्यवसायों का उदय हुआ है।
  • शिक्षा में कम्प्यूटर-1940 और 1950 के दशक में कम्प्यूटर को तेजी से गणना करने के लिए स्थापित किया गया था। इस क्षेत्र में सबसे पहले जॉन कैमेनी ने 1960 के दशक में प्रवेश किया, जबकि उन्होंने बेसिक कम्प्यूटर भाषा का प्रयोग किया। शिक्षा के क्षेत्र में इसके निम्नांकित उपयोग है- (i) कम्प्यूटर सीखना – आजकल कम्प्यूटर के कई विषयों, जैसे- कम्प्यूटर विज्ञान, कम्प्यूटर सूचना प्रणाली, कम्प्यूटर क्रियाएँ, कम्प्यूअर भाषाएँ, इण्टरनेट, ई. कॉमर्स, ई. बिजनेस का अध्ययन किया जाता है।
  • कम्प्यूटर एक शिक्षक के रूप में- -कम्प्यूटर का सॉफ्टवेयर CAI (Computer Assisted Instruc tion) है जो कम्प्यूटर को एक शिक्षक का रूप देता है। सी. एम. आई. (Computer Managed Instruction, OMI) कम्प्यूटर पर पुस्तकें पढ़ने की सुविधा देता है।
  • (समस्या समाधान-अध्ययन में कठिन समस्याओं को कम्प्यूटर सरल कर देता है। कम्प्यूटर एक समस्या के हल के लिए अनेक व्यक्तियों के तर्कों का उपयोग तेजी से कर लेता है जिससे समस्या शीघ्र हल हो जाती है।
  • मनोरंजन में कम्प्यूटर- (a) खेल (b) चलचित्र, (c) संगीत, (d) कला।
  • विज्ञान एवं औषधि में कम्प्यूटर – (a) विज्ञान- कम्प्यूटर का मौसम की भविष्यवाणी में प्रमुख उपयोग है। मौसम का अनुमान लगाने के लिए, वर्तमान मौसम की स्थिति के डाटा कम्प्यूटर में इनपुट किए जाते हैं जिनकी भूतकाल के मौसम की स्थितियों से कम्प्यूटर तुलना करता है। मौसम की भविष्यवाणी की प्रक्रिया चौबीस घण्टे चलती रहती है। 
  • इसमें डाटा की संख्या अ क रहती है। इसलिए इस कार्य के लिए सुपर कम्प्यूटर की राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग किया जाता है। अन्तरि यात्रियों को अन्तरिक्ष यानों में सवार करके हम कम्प्यूटर की सहायता से उन्हें अन्तरिक्ष यात्रा करवाते हैं। सिमूलेशन एक ऐसी तकनीक है जिसमें कम्प्यूटर किसी वास्तविक वस्तु का गणितीय मॉडल बना देता है और उसका परीक्षण किया जाता है। इस प्रकार भवनों, कार, वायुयान, प्रेक्षपात्रों, अन्तरिक्ष यानों के मॉडल सिमूलेशन तकनीक से बनाकर उनका परीक्षण किया जाता है। सिमूलेशन की यह क्रिया कम्प्यूटर एडेड डिजाइनिंग या कैंड कहलाती है।
  • औषधि कम्प्यूटर के चिकित्सा के क्षेत्र में निम्नलिखित अनुप्रयोग हैं-
  • कम्प्यूटर असिस्टेड डाइग्नोसिस – यह एक ऐसी सुविधा है जिसमें हार्डवेयर अथवा सॉफ्टवेयर चिकित्सको को रोगियों के परीक्षण में सहायता करते हैं। रोगी के लक्षणों को कम्प्यूटर मे इनपुट किया जाता है तब सॉफ्टवेयर इस रोगी के रोगों की तुलना अब तक के पिछले रोगियों के कम्प्यूटर में संगृहीत लक्षणों व रोगों से करते हैं और रोग का पता लगाते हैं।
  • कम्प्यूटर टोमोग्राफी- यह एक ऐसी सुविधा है जिसमें कैट स्कैनिंग की जाती है। इसमें एक्स किरण, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मिलकर रोगी के आन्तरिक अंगों को त्रिविमीय चित्र प्रस्तुत करते हैं।
  • कम्प्यूटराइज्ड लाइफ सपोर्ट प्रणाली यह नर्सिंग सहायता है जिससे गम्भीर अवस्था में रोगों का लगातार प्रेक्षण किया जाता है और रोगी को हृदय गति तापमान और रक्तचाप में प्राणघातक बदलाव को अलार्म से सूचित किया जाता है।
  • सूचना प्रौद्योगिकी कम्प्यूटर के क्षेत्र के विस्तृत होने से एक नई प्रौद्योगिकी का जन्म हुआ है जिसे सूचना प्रौद्योगिकी कहते हैं। इसके निम्नांकित अनुप्रयो कम्प्यूटर द्वारा किए जाते हैं-
  • इण्टरनेट-इण्टरनेट कम्प्यूटर का अन्तर्राष्ट्रीय नेटवर्क है। दुनियाभर के कम्प्यूटर नेटवर्क इण्टरनेट से जुड़े होते हैं और हम कहीं से भी कम्प्यूटर के माध्यम से वान्छित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विषय चुनने के लिए इण्टरनेट पर सर्च इंजन होते हैं जो वेबसाइट का पता लगाते हैं। बेवसाइट की शुरुआत www से होती है। जिसका आशय World Wide Web होता है।

आँकड़ों के प्रक्रमण एवं मानचित्रण में कम्प्यूटर का प्रयोग

(b) ई. बिजनेस कम्प्यूटर में क्रिया इलेक्ट्रॉनिक विधि से होती है, अतः आधुनिक व्यवसाय जो कम्प्यूटर या इण्टरनेट के सहयोग से किया जाता है, ई-बिजनेस या इलेक्ट्रॉनिक बिजनेस कहलाता है। यह व्यवसाय एक विषय ई-कॉमर्स के अन्तर्गत आता है।

(6) बायोमैट्रिक सुरक्षा प्रणाली में कम्प्यूटर – यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें कम्प्यूटर के फिजियोलॉजीकल डिवाइसेस भौतिक गुणों, जैसे- अंगुलियों के निशान आदि की पहचान करते हैं।

कम्प्यूटर प्रणाली के भाग

कम्प्यूटर प्रणाली के दो आधारभूत अंग होते हैं-

(1) हार्डवेयर (Hardware) एवं (2) सॉफ्टवेयर (Software)

1. हार्डवेयर (Hardware) कम्प्यूटर के यान्त्रिक, वैद्युत तथा इलेक्ट्रॉनिक भाग कम्प्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं अर्थात् ऐसे भाग जिन्हें छूकर अनुभव किया जा सकता है, कम्प्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं। इसकी प्रमुख इकाइयाँ निम्नलिखित हैं-

(i) केन्द्रीय प्रक्रम इकाई (Central Process तन्त्रिका तन्त्र होता है। यह वह भाग है जहाँ डाटा तथा प्रोग्राम जाते हैं। इसकी तीन इकाइयाँ हैं-स्मृति (Memory), नियन्त्रण इकाई (Control Unit) तथा अंकगणितीय इकाई (Arithmetic Unit)। यह भाग मिलने वाले आदेश, डाटा तथा प्रोग्राम को अपनी भाषा में समझकर उनका प्रक्रमण कर परिणामों को निर्गत इकाई (Output Unit) में भेजता है। चिप एक पतली सिलिकॉन की पत्ती है।

जो वैद्युत परिपथ के वृहत् जाल को धारण करती है। यह एक ब्लॉक होता है जिनमें कार्यों का सम्पादन होता है। इन कार्यों में गणितीय संक्रिया करना, संगणक की स्मृति के रूप में सहयोग करना प्रमुख हैं। कम्प्यूटर के तन्त्र में विभिन्न संग्राहक जैसे हार्ड डिस्क, फ्लॉपी, कॉम्पेक्ट डिस्क, कार्टिज आदि लगे होते हैं। जिनका प्रयोग आँकड़ों तथा कार्यक्रम-निर्देशों को संचित करते हैं। करने के लिए होता है। इन युक्तियों की संग्रहण करने की क्षमता मेगाबाइट से जीगाबाइट तक होती है।

(ii) दृश्य-प्रदर्शक इकाई (Visual Display Unit, VDU)- यह टेलीविजन की तरह होती है जिसमें एक कैथोड-रे-ट्यूब लगी रहती है। इस पर समस्त प्रोग्राम पढ़कर प्रदर्शित किया जाता है। आलेखो और मानचित्र

अनुप्रयोगों के लिए रंगों के प्रदर्शन की सम्भव विशाल भित्रता तथा रंगों के प्रारूपों में तीव्र परिवर्तन के लिए ‘लुक अप’ (LUT) तालिकाओं से युक्त एक तस्य विच्छेदन प्रदर्शन तन्त्र को वरीयता दी गयी।

(iii) आगत इकाई (Input Unit)- इसी इकाई द्वारा कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए कहा जाता है। इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण की-बोर्ड होता है। इसमें आँकड़ों और निर्देशों को कम्प्यूटर में प्रविष्ट करने के लिए प्रयोग किया जाता है। कम्प्यूटर को खोलते समय उसकी स्क्रीन पर एक स्फुट बिन्दु (Flash Point) दिखायी देता है, जिसे प्रसंकेतक (Cursor) कहते हैं। जब की-बोर्ड पर किसी कुंजी को दबाया जाता है तो जहाँ प्रसंकेतक होता है वहाँ संप्रतीक प्रदर्शित हो जाता है तथा प्रसंकेतक (Cursor) एक स्थान आगे बढ़ जाता है।

(iv) निर्गत इकाई (Output Unit)- इस भाग में मुख्य रूप से दो उपकरण प्रयोग किए जाते हैं-मॉनीटर तथा प्रिंटर मॉनीटर पर हमें सब कुछ दिखायी देता है तथा प्रिंटर के द्वारा प्रिंट होता है।

(v) संग्रहक इकाई (Storage Unit)- कम्प्यूटर में अनेक संग्रहक इकाइयाँ, जैसे-हार्ड डिस्क, फ्लॉपी, टेप, मैग्नेटो ऑप्टिकल डिस्क, कॉम्पेक्ट डिस्क (सी. Unit C.P. U. ) – यह आंकिक कम्प्यूटर प्रणाली का एक डी.) आदि होती है।

(2) सॉफ्टवेयर (Software) कम्प्यूटर में तैयार किए गए कार्यक्रमों के समूह को सॉफ्टवेयर कहते हैं। कम्प्यूटर हार्डवेयर को संचालित करने के लिए मानव द्वारा निर्देश देने की विधि सॉफ्टेवयर के रूप में होती है। सॉफ्टवेयर, मानव तथा कम्प्यूटर के बीच परस्पर सम्पर्क स्थापित करता है।

एक निश्चित कार्य को करने के लिए निर्देशों का समूह कार्यक्रम (प्रोग्राम) या सॉफ्टवेयर कहलाता है। यह किसी समस्या को हल करने के लिए अनेक पदों को एक प्रक्रिया होती है जिसमें समस्या को कम्प्यूटर में हल करने की विधि को निर्देशों के द्वारा व्यक्त किया जाता है। 

(4) मानचित्र पुनरुत्पादन कम्प्यूटर में रेखापुंज प्रयोग प्रिण्टर की सहायता से फिल्म पर रंग सम्मिश्र तैयार चित्रों को अंकों में परिवर्तित कर लिया जाता है। इसके करने, फिल्म पर प्रत्येक रंग के लिए रंग सम्मिश्र जैसे बाद प्रिण्टर द्वारा आंकिक मानचित्रों का कागज या फिल्म स्थान, मैजेण्टा, पीला तथा काला करने के लिए किया जा पर रंग आभाएँ बनाने में प्रयोग किया जाता है। इनका सकता है।

स्मरणीय तथ्य (Points to Remember)

  • कम्प्यूटर के यान्त्रिक, वैद्युत तथा इलेक्ट्रॉनिक भाग कम्प्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं अर्थात् ऐसे भाग जिन्हें छूकर अनुभव किया जा सकता है, कम्प्यूटर हार्डवेयर कहलाते हैं। • दृश्य-प्रदर्शक इकाई टेलीविजन की तरह होती है जिसमें एक कैथोड-रे-ट्यूब लगी रहती है। इसपर समस्त प्रोग्राम पढ़कर प्रदर्शित किया जाता है।
  • कम्प्यूटर में हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, मैगनेटो ऑप्टीकल डिस्क, कॉम्पेक्ट डिस्क, कार्टेज आदि अनेक
  • संग्राहक लगे रहते हैं जिनका प्रयोग आँकड़ों तथा कार्यक्रम निर्देशों को संचित करने के लिए होता है।
  • • स्थानिक आँकड़े वे होते हैं जो भौगोलिक स्थानों को दर्शाते हैं। इनके अभिलक्षण बिन्दु, बहुभुज, रेखाएँ आदि होते हैं। गैर-स्थानिक आँकड़े वे हैं जो स्थानिक आँकड़ों का वर्णन करते हैं। इन्हें न्यास भी कहा जाता है। भू-नियन्त्रक बिन्दु धरातलीय अवस्थितियों के ज्ञात बिन्दु होते हैं। इन्हें हवाई चित्रों अथवा उपग्रह चित्रों पर सही-सही अवस्थित किया जा सकता है।

एन. सी. ई. आर. टी. कॉर्नर (NCERT CORNER)

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर 125 शब्दों गैर-स्थानिक आंकड़े-स्थानिक आँकड़ों का वर्णन

अन्तर है? उदारहण सहित स्पष्ट कीजिए। 

(B) भौगोलिक आँकड़ों के तीन प्रकार कौन से हैं? कौन-से हैं? करने वाले आँकड़े गैर-स्थानिक आँकड़े कहलाते हैं। 

(A) स्थानिक व गैर-स्थानिक आँकड़ों में क्या उदाहरणार्थ, यदि आपके पास आपके विद्यालय की स्थिति दर्शाने वाला मानचित्र है तो आप विद्यालय का नाम, इसके द्वारा प्रदत्त विषयधारा, प्रत्येक वर्ग में छात्रों की अनुसूची, 

(C) भौगोलिक सूचना तन्त्र के तीन प्रमुख घटक पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, उपकरणों इत्यादि की सुविधा जैसे सूचनाओं को संलग्न कर सकते हैं। अन्य शब्दों में आप स्थानिक आँकड़ों के गुणों की व्याख्या कर रहे होते हैं। इस प्रकार स्थानिक आँकड़ों को गुण न्यास (अथवा और स्थानिक आँकड़े) के रूप में भी जाना जाता है। से अधिक में न दें-

उत्तर–(A) स्थानिक आँकड़े-स्थानिक आँकड़े भौगोलिक दिक्स्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिन्दु रेखाएँ और बहुभुज उनके अभिलक्षण होते हैं। बिन्दु आँकड़े मानचित्र पर प्रदर्शित विद्यालय, कुँए, नलकूप, कस्बे और गाँवों जैसे कुछ भौगोलिक लक्षणों की अवस्थिति सम्बन्धी विशेषताओं का प्रदर्शन करते हैं। इसी प्रकार रेखाएँ सड़कों, रेलवे लाइनों, नदियों, नहरों, संचार पथों जैसे रैखिक लक्षणों को चित्रित करती है। बहुभुज किसी क्षेत्र विशेष को परिबद्ध करती हुई अन्तर्सम्बन्धित अनेक रेखाओं से बनते हैं और इनका प्रयोग प्रशासकीय इकाइयों (देश, जिले, राज्य और सकता है। खण्ड); भूमि उपयोग प्रकारों (कृषि क्षेत्र, वन्य भूमियों, तालाब, झीलों इत्यादि जैसे लक्षणों को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।)

(B) भौगोलिक आँकड़े के अनुरूप (मानचित्र और वायव फोटोग्राफ) अथवा आंकिक रूप (क्रमवीक्षित प्रतिबिम्बों) में उपलब्ध होते हैं। अनेक मानचित्र सॉफ्टवेयर जैसे कि आर्क जी. आई. एस. आर्क व्यू, जियो मीडिया ग्राम इतरिसी, जियोमेटिका इत्यादि व्यावसायिक रूप में उपलब्ध हैं। कुछ मुफ्त डाउनलोड करने योग्य सॉफ्टवेयर भी हैं जिन्हें इण्टरनेट की सहायता से डाउनलोड किया जा

(C) भौगोलिक सूचना तन्त्र के तीन प्रमुख घटक है- (i) हार्डवेयर – हार्डवेयर में प्रक्रमण भण्डार प्रदर्शन और निवेश तथा बहिर्वेशी उपतन्त्र समाविष्ट होते हैं।

(ii) सॉफ्टवेयर आँकड़ा प्रविष्टि, सम्पादन, अनुरक्षण विश्लेषण, रूपान्तरण, हेरफेर, आँकड़ा प्रदर्शन और बहिर्वेशी के लिए सॉफ्टवेयर माड्यूल्स ।

(iii) आँकड़े-सूचन आधार प्रबन्ध तन्त्र स्थानिक आँकड़े और सम्बन्धित तालिका रूपी आँकड़े भौगोलिक सूचना तन्त्र की रीढ़ है। वर्तमान आँकड़ों को आपूर्तिदाता से प्रग्रहित किया जा सकता है। आंकिक मानचित्र भौगोलिक सूचनातन्त्र के आधारभूत आँकड़ा निवेश की रचना करता है। एक भौगोलिक सूचना तन्त्र स्थानिक आँकड़ों को आँकड़ों के अन्य स्रोतों से समन्वित करता है और यहाँ तक कि सूचना आधार प्रबन्ध प्रणाली (DBMS) का भी प्रयोग करता है।

एक मानचित्रण सॉफ्टवेयर स्थानिक और गुण न्यास निवेश के माध्यम से स्क्रीन पर क्रमवीक्षित मानचित्रों के अंकीकरण, त्रुटियों के निष्कासन, मापनी के रूपान्तरण और प्रेक्षण, आँकड़ा समन्वय, मानचित्र डिजाइन, प्रदर्शन और विश्लेषण की क्रियाएँ प्रदान करता है।

एक अंकीय मानचित्र में तीन फाइलें होती हैं। इन फाइलों के विस्तारण shp, shx और dbf है। dbf फाइल डी-बेस फाइल है जिसमें गुण न्यास होता है और यह shx और shp से जुड़ी होती है। दूसरी ओर shx और के आरेखन द्वारा अत्यन्त सरल बना देता है। shp फाइलों में स्थानिक (मानचित्र) सूचना होती है। dbf फाइल का सम्पादन एम. एस. एक्सेल में किया जा सकता है।

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए-

(i) एक्सेल में विजार्ड फंक्शन आपको समर्थ बनाता है। कैसे?

(ii) एक कम्प्यूटर के विभिन्न भागों की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं? (iii) आँकड़ा प्रक्रमण और प्रदर्शन की हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ

(iv) वर्कशीट क्या होती है?

उत्तर- (i) एक्सेल में विजार्ड फंक्शन हमको ग्राफ रचना में समर्थ बनाता है एम. एस. एक्सेल में अनेक अन्त: निर्मित सांख्यिकीय एवं गणितीय क्रियाएँ हैं। व क्रियाएँ ‘इंसर्ट’ मेन्यू में स्थित है।

(ii) कम्प्यूटर हस्तेन विधि की तुलना में कम समय में अधिक तीव्र गति से कार्य करता है। यह जोड़, घटाव, गुणा तथा भाग जैसी साधारण अंकगणितीय संक्रियाएँ कम समय में कर सकती है। यह जटिल गणितीय सूत्रों को भी हल कर सकती है। इसमें आँकड़ों को संग्रह करने की क्षमता होती है। इससे कार्य दक्षता में वृद्धि होती है।

(iii) हस्तेन विधियों की तुलना में कम्प्यूटर के प्रयोग के निम्नलिखित लाभ है- 

(अ) यह वास्तव में अभिकलन और आँकड़ों के प्रक्रमण की गति को बढ़ा देता है। 

(ब) यह आँकड़ों की विशाल मात्रा का निपटारा कर सकता है जो सामान्यतः हाथों द्वारा सम्भव नहीं है। 

(स) यह आसानी से आँकड़ों को प्रमाणीकरण पड़ताल: और संशुद्धियों के योग्य बनाता है। 

(द) कम्प्यूटर तुलनात्मक विश्लेषण को मानचित्रों

(iv) एम. एस. एक्सेल को वर्कशीट अथवा स्प्रेडशीट भी कहा जाता है। एक स्प्रैडशीट एक आयताकार पेज होती है जो सूचना का भण्डारण करती है। स्प्रैडशीट वर्कबुक्स अथव एक्सेल फाइलों में अवस्थित होती है। एक एक्सेल कार्यविधि पत्र में 16,384 पंक्तियाँ होती है। जिन पर 1 से 16,384 तक संख्या लगाई जाती है और 256 स्तम्भ होते हैं। जिन्हें अक्षर A से Z, AA से AZ, BA से BZ से लेकर IA से 12 द्वारा चूक व्यतिक्रम से प्रदर्शित किया जाता है।

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FAQs

स्थानिक और गैर-स्थानिक डेटा के बीच क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: स्थानिक डेटा: स्थानिक डेटा एक भौगोलिक स्थान का प्रतिनिधित्व करता है। उन्हें बिंदुओं, रेखाओं और बहुभुजों द्वारा चित्रित किया जाता है। बिंदु डेटा मानचित्र पर कुछ भौगोलिक विशेषताओं जैसे स्कूलों, अस्पतालों, कुओं, नलकूपों, कस्बों और गांवों आदि की स्थिति संबंधी विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करता है। दूसरे शब्दों में, यदि हम मानचित्र पर वस्तुओं की घटना को आयाम रहित पैमाने पर प्रस्तुत करना चाहते हैं, लेकिन स्थान के संदर्भ में, हम बिंदुओं का उपयोग करते हैं।

कंप्यूटर में भौगोलिक डेटा के तीन रूप कौन से हैं?

उत्तर: कंप्यूटर में भौगोलिक डेटा के तीन रूप होते हैं। इन फाइलों के एक्सटेंशन shp, shx और dbf हैं। Dbf फ़ाइल dbase फ़ाइल है जिसमें विशेषता डेटा होता है और यह shx और shp फ़ाइलों से जुड़ा होता है। दूसरी ओर, shx और shp फ़ाइलों में स्थानिक (मानचित्र) जानकारी होती है। डीबीएफ फाइल को एमएस एक्सेल में संपादित किया जा सकता है

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