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History Class 12 Important Questions In Hindi

Class12th 
ChapterImportant Model Question Paper
BoardAll Hindi boards
Book NCERT
SubjectHistory
Medium Hindi
Study MaterialsFree Study Materials

history class 12 important objective questions in Hindi

Class 12 Important Model Question Paper PDF 2

Q.1. सिंधु सभ्यता का कौन-सा स्थल ‘मृतकों का टीला’ के रूप में विख्यात है? (Which place is famous as ‘mound of dead’ in Indus Civilization ?)

(a) चन्हुदड़ो (Chanhudaro)

(c) हड़प्पा (Harappa)

(b) मोहनजोदड़ो (Mohenjodaro)

(d) कालीबंगन (Kalibangan)

Ans.(b)

Q.2. महाभारत का युद्ध कितने दिनों तक चला था? (For how many days did Mahabharat war take place ?)

(a) 14 दिन (14 days) 

(b) 15 दिन (15 days)

(c) 18 दिन (18 days)

(d) 20 दिन (20 days) 

Ans.(c)

Q.3. महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था (Mahatma Buddha was born at)

(a) बोधगया में (Bodh Gaya)

(b) लुम्बिनी में (Lumbini)

(c) सारनाथ में (Sarnath)

(d) कुशीनगर में (Kushinagar) 

Ans.(b)

Q.4. मौर्य साम्राज्य का तृतीय शासक कौन था? (Who was the third ruler of the Maurya Empire?) 

(a) अशोक (Ashoka)

(b) बिन्दुसार (Bindusar)

(c) चन्द्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya)

(d) महेन्द्र (Mahendra)

Ans.(b)

Q.5. गुप्त राजवंश के किस शासक को ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है? (Which king of Gupta dynasty was called ‘The Napoleon of India’?)

(a) चन्द्रगुप्त (Chandragupta)

(c) स्कन्दगुप्त (Skandagupta)

(b) समुद्रगुप्त (Samudragupta)

(d) कुमारगुप्त (Kumargupta)

Ans.(b)

Q.6. अलबेरुनी किसके साथ भारत आया था? (With whom did Al-Beruni come to India?)

(a) महमूद गजनी

(b) मुहम्मद गोरी

(c) मोहम्मद-बिन-कासिम (Mohammad Bin-Quasim)

(d) नादिरशाह (Nadir Shah)

Ans.(a)

Q.7. ‘बीजक’ में किसका उपदेश संगृहीत है? (‘Bijak’ is the collection of teaching of)

 (a) कबीर (Kabir)

(c) चैतन्य (Chaitanya)

(b) गुरु नानक (Guru Nanak)

(d) रामानन्द (Ramananda)

Ans.(a)

Q.8. ‘आमुक्तमाल्यद’ नामक ग्रंथ के लेखक कौन थे? (Who was the writer of the book “Amuktamalyada”?)

(a) देवराय प्रथम (Devaray 1) 

(b) देवराय द्वितीय (Devaraya II)

(c) कृष्णदेवराय (Krishnadevaraya)

(d) अच्युतदेवराय (Achyutdevaraya)

Ans.(b)

Q.9. किस मुगल शासक ने हिन्दुओं पर से जजिया कर हटाया था? (Who was the Mughal emperor to have lifted the Jaziya tax on Hindus?)

(a) बाबर (Babar)

(c) जहाँगीर (Jahangir)

(b) अकबर (Akbar)

(d) शाहजहाँ (Shah Jahan)

Ans.(b)

Q.10. बुलंद दरवाजा कहाँ है? (Where is Buland Darwaja situated?)

(a) फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri)

(b) दिल्ली (Delhi)

(c) लाहीर (Lahore)

(d) अजमेर (Ajmer) 

Ans.(a)

Q.11. बंगाल और बिहार में स्थायी बंदोबस्त किसने शुरू किया? (Who introduced permanent settlement in Bengal and Bihar?)

(a) लार्ड कार्नवालिस (Lord Cornwallis)

(b) लार्ड वेलेस्ली (Lord Wellesley)

(c) लार्ड रिपन (Lord Ripon)

(d) लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon)

Ans.(a)

Q.12. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना किस वर्ष में हुई थी? (In which year was the Indian National Congress established?)

(a) 1881 ई. में (1881 A.D.)

(b) 1885 ई. में (1885 A.D.)

(c) 1886 ई. में (1886 A.D.)

(D) 1893 ई. में (1893 A.D.)

Ans.(b)

Q.13. स्वराज पार्टी के संस्थापक कौन थे? (Who was the founder of the Swaraj Party?)

(a) जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru)

(b) मोतीलाल नेहरू (Motilal Nehru)

(c) सी.आर. दास (C.R. Das)

(d) b और दोनों (Both band c)

Ans.(d)

Q.14. असहयोग आन्दोलन की शुरुआत किसने की? (Who started non-coperation movement?) 

(a) सुभाष चन्द्र बोस (Subhash Chandra Bose)

(b) महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi)

(c) बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak)

(d) गोपालकृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale) 

Ans.(b)

Q.15. भारतीय संविधान किस तिथि को और किस वर्ष लागू हुआ? (On which day and year was the Constitution of India implemented?) 

(a) 26 नवम्बर, 1949 (26th November, 1949)

(b) 26 जनवरी, 1950 (26th January, 1950)

(c) 26 जनवरी, 1951 (26th January, 1951)

(d) 26 जनवरी, 1952 (26th January, 1952)

Ans.(b)

class 12 History important questions and answers in Hindi

Q. 16. प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के कौन-कौन से स्रोत है (What are the sources of study of Ancient Indian History?)

Ans. (i) पुरातात्विक स्रोत, (b) साहित्यिक स्रोत।

Q. 17. अकबर का जन्म कब और कहाँ हुआ था? (When and where was Akbar born?) 

Ans. 23 नवम्बर, 1542 ई. में अमरकोट में।

Q. 18. भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले चार पुरुषों के नाम लिखिए। (Name four men who played important

role in Indian freedom movement.) 

Ans. 

(i) महात्मा गाँधी, 

(ii) बी.आर. अम्बडेकर, 

(iii) जवाहरलाल नेहरू,

(iv) सुभाषचन्द्र बोस ।

Q. 19. मोहनजोदड़ो के विशाल स्नानागार के विषय में आप क्या जानते हैं? (What do you know about the Great Bath of Mohen- jodaro?)

Ans. स्वयं करे

Q. 20. महाजनपद से आप क्या समझते हैं? (What do you understand by Mahajanapada?)

Ans. छठी शताब्दी ई.पू. में भारत में 16 महाजनपदों का उल्लेख बौद्ध एवं जैन ग्रंथों में (मलता है। इनमें से कतिपय राज्य राजतंत्रात्मक थे और कुछ गणराज्य थे। इस युग में सोलह महाजनपद निम्नलिखित थे-

1. जंग, 2. मगध, 3. काशी, 4. कोशल, 5. वज्जि, 6. मल्ल, 7. चेदि, 8. वत्स, 9. कुरु, 10. पंचाल, 11. मत्स्य, 12. सूरसेन, 13. अश्यम अस्सक, 14. अवन्ति, 15. गान्धार, 16. कम्बोज।

Q. 21. हीनयान और महायान में अंतर स्पष्ट करें। (Specify the difference between Hinayana and Mahayana.) 

Ans. स्वयं करे

Q.22. ‘किताब-उल-हिन्द’ के विषय में आप क्या जानते हैं? (What do you know about ‘Kitab-ul-Hind’?)

Ans. किताब-उल-हिन्द-इस ग्रंथ की रचना उज्बेकिस्तान के यात्री अल-बिरूनी द्वारा अरबी भाषा में की गई। इसकी भाषा सरत और स्पष्ट है। इसमें कुल 80 अध्याय है जिसके मुख्य विषय धर्म और दर्शन, त्योहार, खगोल विज्ञान, कीमितया, रीति-रिवाज

तथा प्रयाये, सामाजिक जीवन, भारतील, मापन विधियाँ, मूर्तिकला, कानून, मापतंत्र, विज्ञान आदि हैं। 

उसने प्रत्येक अध्याय में एक विशिष्ट शैली का प्रयोग किया है। प्रारम्भ में एक प्रश्त, फिर संस्कृतवादी परम्पराओं पर आधारित वर्णन और अंत में अन्य संस्कृतियों की एक तुलना है। अलबरूनी गणित का भी प्रेमी था इसलिए गणित का भी जिक्र है। उसने अपने लेखन में अरबी भाषा का प्रयोग किया है। उसकी कृतियों उपमहाद्वीप के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समर्पित है।

Q. 23 अमर नायक कौन थे? विजयनगर प्रशासन में उनका क्या योगदान था? (Who were Amar Nayakas? What was their contribution to Vijayanagar administration ?)

Ans. स्वयं करे 

Q. 24. अकबर के दरबार में नवरत्न के बारे में आप क्या जानते हैं? (What do you know about Navaratna of Akbar’s court?) 

Ans. अकबर के दरबार में निम्नलिखित नवरत्न थे-अबुल फजल, बीरबल, टोडरमल, भगवानदास, मानसिंह, तानसेन, अब्दुर्रहीम, खानखाना, मुल्ला दो प्याजा, फैज़ी एवं हकीम हुकाम। ये सभी अपने क्षेत्र के अत्यन्त प्रवीण और प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। मुगल दरबार में इनका बड़ा योगदान था। अबुल फजल-अकबर के दरबारी और नवरत्नों में प्रमुख थे। उन्होंने ही ‘अकबरनामा’ और ‘आइने-अकबरी’ नामक ग्रंथों की रचना की थी। वे इतिहास और धर्म, साहित्य, दर्शनशास्त्र के श्रेष्ठ ज्ञाता थे। उनमें अभूतपूर्व रचनात्मक प्रतिभा थी।

बीबरल-कुशाग्रबुद्धि वाले विनोदप्रिय व्यक्ति थे। उनकी सलाह पर अकबर अनेक समस्याओं का हल आसानी से कर पाता था।

टोडरमल-अकबर के वित्तमंत्री (दीवान-ए-अशरफ) थे। अकबर ने उन्हें साम्राज्य की भूमि की मापी का काम सोपा था। उनके द्वारा कराया गया भू-सर्वेक्षण आगामी शासकों के लिए आधार बन गया।

तानसेन-महान संगीतज्ञ थे। उन्होंने कई रागों का निर्माण किया। उस समय में ही ध्रुपद गायन-शैली का विकास हुआ। फैजी-अबुल फजल के बड़े भाई थे। वे ‘दीन-एलाही’ के कट्टर समर्थक और अनुयायी थे। वे अकबर के दरबार में राजाकवि के पद पर आसीन थे।

अब्दुर्रहीम खानखाना-एक मनसबदार भी थे। वे एक सहृदय कवि थे। रहीम वैरम खाँ के पुत्र थे। उन्होंने हिन्दी में वरवै छन्द में ‘नायिकाभेद’ और दोहों की रचना की थी। उन्होंने ‘बाबरनामा’ का फारसी में अनुवाद किया था।

Q. 25. संथाल विद्रोह के मुख के मुख्य कारणों

का उल्लेख करें।

Ans. स्वयं करे

Q. 26. 1857 के विद्रोह के लिए डलहौजी कहाँ तक उत्तरदायी था? (How far Dallhousie was responsible for the Revolt of 1857)

Ans. स्वयं करे 

Q. 27. रौलेट एक्ट एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। 

Ans. रौलेट एक्ट-1914-18 के दौरान अधिगों ने प्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया था और बिना जाँच के कारावास के अनुमति दे दी थी। बाद में कठोर उपायों को जारी रखने के लिए सर सिडनी शैलेट की अध्यक्षता वाली समिति के सुझाव पर भारतीयों के विरोध के बावजूद रौलेट एफ्ट पास किया गया। इसके अंतर्गत राजनीतिक शक्तियों सरकार को दे दी गई। गाँधी जी ने इस कानून का विरोध करने का निश्चय किया। 

Q. 28. भारत के संविधान निर्माण में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की भूमिका का वर्णन करें। (Describe the role of Dr. B.R. Ambedkar in framing the Constitution of India.) 

Ans, स्वयं करे

Q. 29. मोहनजोदड़ो की नगर-निर्माण योजना की प्रमुख विशिष्टताओं का उल्लेख करें। (Mention the salient features of the town-planning of Mohenjodaro.)

Ans उत्पनन से प्राप्त साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि सैन्धव सभ्यता के लोग नगर-निर्माण कला में पूर्णरूपेण कुशल थे। उनकी नगर-निर्माण योजना की निम्नलिखित अनूठी विशेषताएँ थी—

(1) इनकी नगर योजना सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक थी।

(ii) मोहनजोदड़ो नगर लगभग 1 मील में विस्तृत था। इसके चारों ओर सुरक्षा हेतु चहारदीवार का निर्माण किया गया था। ऐसी व्यवस्था हड़प्पा में भी थी।

(iii) नगरों में सड़क की व्यवस्था उत्तम थी। सड़कें और गलियों सीधी वनायी गयी थी। वे एक-दूसरे को समकोण पर काटती थी। मुख्य सड़क में गलियों आकर मिलती थी।

(iv) सड़कों के दोनों ओर मकान बने होते थे।

(V) मोहनजोदड़ों शहर की एक अनूठी विशेषता उसकी सुनियोजित जल निकास प्रणाली थी।

(vi) आधुनिक युग के समान हड़प्पा सभ्यता के लोग भी नालियों के निर्माण प्रयोग से परिचित थे। थे। प्रत्येक घर की नाली सड़क के किनारे बनी मुख्य नाली में

एवं मिल जाती थी। एक विशेष प्रकार की मिट्टी और चूने से बनी नालियाँ इंटों से ढँकी रहती थी। यह व्यवस्था विश्व में अनुपम है।

(vii) नगर में स्वास्थ्य एवं सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता था। 

(viii) मोहनजोदड़ो में सार्वजनिक प्रयोग के लिए विशाल मालगोदाम और एक विशाल स्नानागार प्राप्त हुआ है।

Or, गौतम बुद्ध के जीवनी एवं शिक्षाओं का वर्णन करें। (Describe the life and teachings of Gautama Buddha.) 

Ans. स्वयं करे

Q. 30. विजयनगर साम्राज्य में कितने राजवंशों ने राज किया? कृष्णदेवराय की उपलब्धियों का मूल्यांकन करें। (How many dynasties ruled over Vijaynagar? From an estimate of the achievements of Krishnadevaraya.)

Ans. विजयनगर में चार राजवंशों का राज था-(1) संगम वंश, (ii) सलुवंश, (iii) तुलुवा वंश, (iv) आर्गविडु वंश।

कृष्णदेवराय-दक्षिण भारत के अंतर्गत विजयनगर साम्राज्य के प्रमुख शासक कृष्णदेव राय तुलुक वंश से सम्बन्धित है। वह एक महान योद्धा और वीर सेनानायक थे। सर्वप्रथम उन्होंने अपने विद्रोहियों का दमन किया। उन्होंने बहमनी राज्य और उड़ीसा के गणपति शासकों पर नियंत्रण स्थापित किया। 

कृष्णदेव राय ने पुर्तगालियों की बढ़ती शक्ति पर लगाम ही नहीं लगाया बल्कि गोवा पर बढ़ी उनकी व्यापारिक गतिविधियों पर अंकुश भी लगाया। उसी के शासनकाल में रायचूर दोआब का महत्त्वपूर्ण प्रदेश विजय नगर साम्राज्य का अंग बना। उन्होंने बीजापुर के सुल्तान को पराजित किया। कृष्णदेव राय का शासन सांस्कृतिक विकास के लिए इतिहास में प्रसिद्ध है। 

उन्हें आंध्रभोज कहा जाता है। उनके राजदरबार में आठ महान कवियों का सम्मेलन उपस्थित था। इनमें तेलग साहित्य के विख्यात विद्वान पेद्दन का नाम सर्वाधिक प्रसिद्ध है। प्रसिद्ध तेनालीराम उन्हीं के राजदरबारी रत्नों में से एक था। तेनालीराम की तुलना आलर के महान जवरालों में एक बीस्थल से भी जाती है। देव राय का शासन तेलगू साहित्य के विकास र स्वर्ण माना जाता है। 

उनी महान मु आमुक्तगाल्यदम तेलगू साहित्य की महान रचना मानी जाती है। देव राय का शासन स्थापत्य मन्ता र विकास भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पानी को काटकर मंदिरों तत्र निर्माण किया। पुरुदेव राय द्वारा निर्मित मंदिरों में विश्यध मंदिर और विटूठलस्वामी मंदिर विश्वविख्यात है।

Or, कमीर के जीवन एवं मुख्य उपदेशों का उल्लेख करें। (Discuss the life and main teachings of Kabir) 

Ans. कबीर परम सत्य को अल्लाह, खुर, हजरत और पऔर बहते थे। उन पर वेदांत दर्शन का प्रभाव था। गतः यह सत्य को अतख या जदूरय, निराकार मदन और आपन बनकर राथोषित करते थे। वीर एकेश्वरवाद में विश्वास करते थे। कबीर मूर्तिपूजा के विरुद्ध थे। मूर्ति पूजा की आलोचना करते हुए उन्होंने पड़ा कि यदि “पावर पूजे हरि गिते तो में पूजे पहाड़।” कबीर ‘नाम सिमन’ की हिन्दू पल्पत में विश्वास करते थे। 

कबीर ने पार्मिक क्षेत्र में व्याप्त पाखंडी एवं बाबा आडम्बरों का पोर विशेष विल्या, हिन्दू-मुस्लिम दोनों के धर्मग्रंथों की अंधभक्ति, मूर्तिपूजा, सीर्थयात्रा तथा अन्य आडम्बरों की उन्होंने कटु आलोचना की। कबीर ने परम सत्य का वर्णन उलटयांसी (उलटी कही गई उक्तियों) के माध्यम

से किया है। इसके अंतर्गत उनके रोजमर्रा के अर्थ तरे उलट दिया गया। इन उलटयाँसी रचनाओं का तात्पर्य परम सत्य के स्वस्य को समढ़ाने की मुश्किल दर्शाना है। “केवल ज मूल्या पूल विन” और “सामंवरि लागि आग” जैसी अभिव्यंजनाएँ कबीर की रहस्यवादी अनुभूतियों को दर्शती है। 

Q.31 1857 ई. के विद्रोह की विफलता के कारणों का उल्लेख करें। (Mention the causes of the failure of the Revolt of 1857.)

Ans. 1857 के विद्रोह की असफलता के कुछ महत्वपूर्ण कारण इस प्रकार है- 

(1) यह विद्रोह किसी सकारात्मक विचारधारा से प्रेरित नहीं थी। इसके पीछे कोई उच्चतर राजनीतिक प्रणाली स्थापित करने की विचारधारा भी नहीं थी। विहीन तो कोई सुनियोजित कार्यकम था और न पन की कोई स्थापी व्यवस्था थी। वियेहियो का केवल एक ही मकसद था-विदेशी शास्त्न को समाप्त करना।

(ii) विद्रोही नेताओं में राजनीतिक नेतृत्व, सैनिक अनुभव और सामरिक दूर-दृष्टि का अभाव था। उनमे से किसी नेता को दिल्ली के पतन के परिणामों कर आभास नहीं था और उनके द्वारा इसकी संयुक्त सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए गए।

*(iii) विद्रोहियों में अनुशासन की कमी थी और उनकी निष्ठाएँ स्थानीय शक्तियों के प्रति ज्यादा थी। बौद्धिक दृष्टि से वे अपने शत्रु की तुलना में कुछ भी नहीं LL थे। अंग्रेज सैन्य तकनीक आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित थी, जबकि विद्रोहियों ने पारम्परिक हथियारों तीर-धनुष, भाले, बड़े आदि का प्रयोग किया। ऐसी स्थिति में विद्रोहियों की असफलता निश्चित थी। अंग्रेजों ने रेल, सड़क, डाक एवं तार, टेलीग्राफ जैसे परिवहन एवं नए संचार माध्यमों का यथासंभव प्रयोग किया जिसमे उन्हें

अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने में मदद मिली। विद्रोही संचार के नए साधनों का उपयोग करने में पीछे रहे। 

(iv) रणनीति और रण-कौशल की दृष्टि से भी अंग्रेजी सेनाएँ भारतीय विदेहियों से बहुत आगे थे। तत्कालीन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एवं सुगठित ब्रिटिश सरकार के आदेशों के अधीन कार्य करती थी। ब्रिटिश सरकार के पास जनशक्ति के पर्याप्त स्रोत के साथ-साथ प्रचुर संसाधन उपलव्ध थे।

(v) विद्रोहयों में ऐसा कोई एक महान नेता नहीं था जो इधर-उधर बिखरे हुए तत्वों को ऐसी प्रबल शक्ति के रूप में संगठित कर सके जिसकी एक सुनिश्चित नीति और सुनिर्धारित कार्यक्रम हो। विद्रोही नेताओं की गतिविधियों भी उनके स्वार्थों के कारण सीमित ही रही।

(vi) इस विद्रोह में बड़े जमीदार और बुद्धिजीवी मध्यम वर्ग ने कोई रुचि नहीं ली और न ही उनका समर्थन किया। उनका तटस्थ रहना विद्रोह के लिए पातक साबित हुआ।



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