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Home Science Class 12 Chapter 14 Notes In Hindi PDF

Class12th 
Chapter Nameवस्त्रों के चयन को प्रभावित करने वाले कारक | Factors Influencing Selection of Clothing
Chapter number14
Book NCERT
SubjectHome Science
Medium Hindi
Study MaterialsImportant questions answers
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वस्त्रों के चयन को प्रभावित करने वाले कारक | Factors Influencing Selection of Clothing


यदि आप वस्त्रों से अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं तो ध्यानपूर्वक ऐसे वस्त्रों को चुनिए, जो आपकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करें। वातावरण का कपड़ों पर अधिक प्रभाव पड़ता है। फैशन और कपड़ों में सामयिक परिवर्तन के वस्त्र लोकप्रियता और मान बढ़ाते हैं । वस्त्र ऐसे होने चाहिए कि शारीरिक त्रुटियाँ ढँक जाएँ ।

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वस्त्रों को अवसर के अनुसार उपयुक्त होना चाहिए, जैसे कोई व्यक्ति परम्परागत वस्त्र और रंग पहनता है । शारीरिक आकार और व्यक्तित्व के अनुरूप जो सबसे ज्यादा जैचें, वही वस्त्र और रंग पहनने चाहिए ।

वस्त्र व्यवयास से सम्बन्धित होते हैं। व्यवसायी व्यक्ति को अनौपचारिक परिधानों की अधिक आवश्यकता होती है। आयु का फैशन, रंग और कपड़े से गहरा सम्बन्ध है ।

Q.1. फैशन तथा सामयिक परिवर्तन किस प्रकार यवों के चयन पर प्रभाव डालता है?

Ans. नया फैशन के अनुसार कपड़े शरीर और व्यक्तित्व को लुभावना बनाते हैं। 

Q.2. बरसात के मौसम के लिए उपयुक्त कपड़े की चार विशेषताएँ बताइए ।

Ans. वर्षा ऋतु के वस्त्र इस प्रकार के होने चाहिए जो जन प्रतिरोधी हो अथवा उसमें जल-अवशोषकता का गुण कम-से-कम हो। सूती वस्त्रों का वर्षाऋतु में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये शीघ्रता से गीले हो जाते हैं तथा फिर सूखते भी देरी से हैं । कृत्रिम तंतुओं से बने वस्त्र इस तातु के लिए अनुकूल रहते हैं क्योंकि ये गीले होने पर बहुत शीघ्रता से सूख जाते है जैसे नायलॉन, ऑरलान तथा डाईनेल । 

Q.3. आसान देख-रेख वाले वस्त्र के चयन का क्या महत्त्व है ?

Ans. आसान देख-रेख वाले वस्त्रों का चयन इसलिए महत्त्व रखता है कि इनके रख-रखाव में कम समय और शक्ति लगती है और व्यय के हिसाब से भी ये वस्त्र सस्ते पड़ते हैं

Q.4. वस्त्रों के चयन पर आयु का क्या प्रभाव पड़ता है ?

 Ans. वस्त्र पहनने वाले की आयु भी वस्त्रों के चुनाव को प्रभावित करती है। भिन्न-भिन में भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्र उपयुक्त होते हैं। शिशुओं के वस्त्र मुलायम, ढीले-ढाले व आरामदायक होने चाहिए । शिशुओं के वस्त्रों में मोड़ में बढ़ाने का प्रावधान रखना चाहिए। बढ़ती

हुई आयु की महिलाओं के वस्त्र सौम्य और शालीन हाँ तो अच्छा रहता है । 

Q.5. मौसम किस प्रकार से वस्त्र के चयन को प्रभावित करता है ?

Ans. भिन्न-भिन्न मौसम में भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्र लुभाते हैं। यही कारण है कि वस्त्रों का चुनाव करते समय ऋतु का ध्यान रखना अत्यन्त आवश्यक है। गर्मी के मौसम में सूती, पसीना सोखने वाले, महीन व हल्के रंग के वस्त्र अच्छे लगते हैं।

Q.6. वस्त्रों के चुनाव में व्यक्तित्व का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है ?

Ans. वस्त्रों के चुनाव में व्यक्तित्व को ध्यान में रखना अति आवश्यक है। जहाँ पर सही वस्त्र व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं वहाँ पर गलत या त्रुटिपूर्ण वस्त्र व्यक्तित्व के दोषों को और भी उभार सकते हैं। ऊँची और मोटी महिला को यदि बहुत बड़े प्रिण्ट की साड़ी पहना दी जाये तो वह और भी की साड़ी पहना दी जाये तो वह छोटी लगेगी ।

Q.8. शरीर के अनुसार उपयुक्तता किस प्रकार वस्त्रों के चयन को प्रभावित करती है ?

Ans. शारीरिक त्रुटियों ढकने के लिए ऐसी लकीरों और डिजाइनों का प्रयोग करें जिससे और व्यक्तित्व में उभार आए ।

Q.9. व्यवसाय / कार्य पर आधारित वस्त्रों का चयन से क्या तात्पर्य है ?

Ans. व्यवसायी लोगों को अनौपचारिक परिधानों की अधिक आवश्यकता पड़ेगी न कि फैशन मॉडल नमूनों की । 

Q. 10. अवसर के अनुसार वस्त्रों की उपयुक्तता से क्या तात्पर्य है ? 

Ans. वस्त्रों को अवसर के अनुसार उपयुक्त होना चाहिए। परिधान न ही अधिक साधारण हों और न ही तड़क-भड़क वाले ।

Q. 11. मौसमी कारक वस्त्रों के चयन पर कैसे प्रभाव डालता है

Ans. वातावरण का कपड़ों पर धन व्यय का प्रभाव पड़ता है, जैसे दक्षिण में रहने वाले परिवारों के लिए ऊनी वस्त्रों पर कुछ खर्च नहीं करना पड़ता है, परन्तु उत्तर में रहने वालों के लिए ऊनी कपड़े आवश्यक हैं।

Q. 12. एक लम्बी व दुबली लड़की के लिए उपयुक्त परिधान की दो विशेषताएँ लिखिए। 

Ans. 

1. क्षैतिज रेखाएँ चौड़ाई और सहजता और स्थिरता का भ्रम उजागर करती है । 

2. बारीक टेड़ी रेखाएँ सीढ़ी जैसी ऊपर चढ़ाई का प्रभाव डालती हैं। 

Q. 13. शारीरिक त्रुटियाँ छुपाने के लिए एक उपाय बताएँ ।

Ans. ऐसी लकीरों और डिजाइनों का प्रयोग करें जिससे आपके शरीर और व्यक्तित्व में उभार आये ।


लघु उत्तरीय प्रश्न (SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS)


Q. 1. आपकी बहन के लिए, जो कद में छोटी है, साड़ी का डिजाइन कैसा हो व क्यों ? दो कारण लिखिए ।

Ans. कद में छोटी अपनी बहन के लिए, साड़ी के डिजाइन का चयन करते समय उसकी आयु को ध्यान में रखते हुए निम्न बातें ध्यान में रखी जायेंगी- 

1. वह एक किशोरी है, साड़ी का डिजाइन व रंग उसकी आयु के अनुकूल हो ।

2. उसे साड़ी को कभी-कभी पहनना है, जैसे पार्टी व विवाह उत्सव आदि पर डिजाइन व रंग उसकी त्वचा के रंग तथा कद के अनुरूप हो । रंगीन, प्रभावशाली व आकर्षक डिजाइन उसके अनुकूल होगी ।

Q. 2. अपने कद से छोटी तथा मोटी बहन के लिए जो कपड़ा आप चुनेंगे उसके डिजाइन की दो विशेषताएँ समुचित कारण सहित बताइए ।

Ans. अपने कद में छोटी व मोटी बहन के लिए कपड़े का चयन करते समय निम्न विशेषताओं को ध्यान में रखा जाएगा (1) उसकी आयु को ध्यान में रखते हुए जो एक किशोरी है डिजाइन तथा वस्त्र का रंग उसके अनुरूप हो । (2) मोटी व कद में छोटी होने के कारण उसे भड़कीले चमकीले रंग तथा आकर्षक डिजाइन वाले वस्त्र पहनने चाहिए

Q. 3. आरामदेह नाइट सूट के लिए कपड़ा खरीदते समय कपड़े की किन विशेषताओं पर ध्यान देंगे ?

(i) कपड़े का धागा उलझना खुलना नहीं चाहिए (फँसना या अलग होना या धागा निकलना) 

(ii) धुलाई के बाद सिकुड़ना व रंग खराब नहीं होना चाहिए ।

(iii) अच्छी तरह तथा सहजता से इस्वी होनी चाहिए । (iv) रंग निकलकर / रगड़कर दूसरे कपड़ों पर नहीं लगना चाहिए ।

(v) कपड़े में धागा नहीं छूटना चाहिए। (क्या आपको स्मरण है कि धागा छूटना (Yarn slippage) क्या होता है ?

(vi) कपड़े में अधिक सिलवटें नहीं पड़नी चाहिए ।

(vii) कपड़ा अति गर्म व कष्टदायक नहीं होना चाहिए ।

Q. 4. राधा एक पतली-लम्बी लड़की है, अपनी पोशाकों का चयन करते समय उसे अपनी पोशाकों में कौन-से दो गुण नहीं अपनाने चाहिए ?

Ans. राधा को अपनी पोशाक चुनते समय निम्न चीजों को नहीं चुनना चाहिए-

(i) पोशाकों का रंग हल्का नहीं होना चाहिए ।

(ii) उसको झालर, चुन्नट, चौड़ी बेल्ट व पफ वाहों रहित पोशाकों का प्रयोग करना चाहिए। 

Q.5. परिधान के लिए कपड़ा खरीदते समय पहनने के अवसर का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है

Ans. हमारे समाज में विभिन्न अवसरों पर विभिन्न प्रकार के परिधान पहने जाते हैं, जैसे विवाह तथा जन्मदिन, धार्मिक त्यौहार, मृत्यु अथवा क्रिया की रस्म आदि सामान्यत: दफ्तर के कार्य, विद्यालय के लिए ऐसे परिधान पहने जाते हैं, जो कार्य के अनुरूप

एवं सुविधाजनक हों । व्यक्तित्व में निखार तथा स्वयं की पहचान के लिए विवाह तथा जन्मदिन की पार्टी में सभ्य एवं सौरभ परिधान पहने जाते हैं। ये वस्त्र भद्दे तथा असभ्य नहीं होने चाहिए।

Q.6. कला के तत्त्वों को ध्यान में रखते हुए पतली, लंबे कद की लड़की के लिए पोशाक चुनते समय ध्यान दी जाने वाली चार बातें बताइए ।

Ans. लम्बी तथा दुबली लड़की इस वर्ग की लड़कियों के लिए जिन वस्त्रों का चयन किया जाए, वे आड़ी रेखाओं से बने डिजाइन के होने चाहिए। ऐसे शरीर पर चेक वाले डिजाइन भी बहुत अच्छे लगते हैं । 

कोट आदि वस्त्रों की लम्बाई कम रखनी चाहिए जिसका लाभ यह होता है कि लम्बाई कम होने का आभास मिलता है । फिटिंग ढीली रखनी चाहिए क्योंकि इससे

भी लम्बाई अखरती नहीं है। कैम्ब्रिक, वायल, सूती साड़ी आदि का प्रयोग इस वर्ग की लड़कियों 1 के व्यक्तित्व को आकर्षक बना देता है।

Q.7. छः महीने के बच्चे के लिए कपड़े खरीदते समय आपको किन चार बाता का ध्यान रखना चाहिए । 

Ans. (1) शिशुओं के लिए सूती कपड़ा सर्वोत्तम वस्त्र होता है। सूती वस्त्र में भी कोमल तथा हल्का बस्त्र शिशु की कोमल त्वचा को हानि नहीं पहुँचाता । 

(2) छः महीने के बच्चे क बस्त्र ऐसे होने चाहिए जिन्हें बार-बार धोया तथा सुखाया जा सके । 

(3) बच्चे के वस्त्र ऐसे होने चाहिए जो पानी तथा डिटॉल या कीटाणुनाशक पदार्थ को सहन कर सकें और गर्म पानी में सिकुडें भी नहीं ।

4. बच्चे के वस्त्र मांडरहित तथा इलास्टिक वाले नहीं होने चाहिए तथा रंग ऐसे होने चाहिए जो धोने पर निकले नहीं।

Q.8. व्यक्ति की आयु का वस्त्रों के चयन पर क्या प्रभाव पड़ता है ? बताइए ।

Ans. किसी व्यक्ति के लिंग के अतिरिक्त किसी व्यक्ति स्त्री या पुरुष की आयु वस्त्रों के चुनाव का मूल आधार है । वस्त्रों के रंगों का चयन आयु के अनुसार निम्न प्रकार से होना चाहिए। बच्चे तथा किशोर अपने लिए गहरे तथा चमकीले रंगों का चुनाव करें । प्रौढ़, मध्यम आयु वाली स्त्री या पुरुषों को अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रभावशाली रंग व डिजाइनों का प्रयोग करना चाहिए ।

वृद्ध व्यक्तियों को आयु के अनुरूप श्वेत अथवा क्रीम रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।

Q.9. कला के तत्त्वों को ध्यान में रखते हुए एक मोटी नाटी के लिए पोशाक के चयन के लिए चार बातें सुझाइए ।

Ans. मोटी तथा नाटी लड़की मोटी तथा नाटी लड़की को भी अपने अनुकूल वस्त्रों के डिजाइन, कटाई आदि का ध्यानपूर्वक चयन करना चाहिए। इन्हें आड़ी रेखा वाले वस्त्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इनसे न केवल मोटाई अधिक दिखाई देती है अपितु कद भी कम प्रतीत होता है। बड़े-बढ़े कोट, दोहरी छाती वाले कोट, ऊंचे कोट आदि का प्रयोग इन महिलाओं को कदापि नहीं करना चाहिए। 

बड़े फूल तथा चौड़े बॉर्डर वाले वस्त्र भी उनके लिए त्याज्य हैं इन्हें तो केवल लम्बी रेखाओं वाले वस्त्रों का प्रयोग करना चाहिए। इन्हें वस्त्रों की फिटिंग पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए। वस्त्र न तो बहुत तंग होने चाहिए और न बहुत ही ढीले वस्त्रों T के ढंग होने पर शारीरिक दोष उभर आते हैं और ढीले वस्त्र चौड़ाई फैलाने वाले होते हैं। ऐसी महिलाओं को एक ही रंग के छोटे नमूने वाले, बिना बेल्ट के छोटी कालर वाले वस्त्र प्रयोग में लाने चाहिए।

Q. 10. आप अपनी लम्बी व दुबली मित्र के लिए किस प्रकार के डिजाइनों का चुनाव करेंगी ? उनके विवरण के लिए दो बातें बताइए और अपने चुनाव के कारण भी लिखिए।

Ans. अपनी लम्बी व दुबली मित्र के लिए आधुनिक फैशन के अनुसार डिजाइन का चुनाव किया जाएगा । इनमें चमकीले रंगों वाले आधुनिक डिजाइन, छोटे फूल, गहरे रंगों अथवा विपरीत रंगों के कढ़ाई वाले डिजाइन शामिल हैं। ऐसे चयन का कारण यह है कि लड़की युवा है, दुबली व लम्बी है। उसके शरीर पर साड़ियाँ अथवा जीन्स नहीं जंचेंगी। डिजाइन तथा रंग ऐसे होने चाहिए जिससे व्यक्तित्व में निखार आये ।

Q. 11. दो वर्ष की बालिका के लिए विशेष अवसर पर पहनने के लिए परिधान के रंग का चुनाव करते समय आप किन दो बातों का ध्यान रखेंगी

Ans. दो वर्ष की बालिका के लिए विशेष अवसर पर पहनने के परिधान-बालिका को शोर व रंगों के चमकीले व आधुनिक फैशन के चटकीले तथा भड़कीले परिधान पहनाए जा सकते हैं। अतः विशेष अवसर पर पहने जाने वाले परिधान सुन्दर तथा प्रसन्नतादायक होने चाहिए। शारीरिक तथा आत्मिक सौंदर्य को और भी निखारते हुए कीमती कपड़े अलग व महत्त्वपूर्ण स्थान प्रदान करते हैं


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (LONG ANSWER TYPE QUESTIONS)


Q.1. विभिन्न प्रकार की शारीरिक रचना वाली महिलाओं के लिए पोशाक का चुनाव कैसे करेंगे

Ans. विभिन्न प्रकार की शारीरिक रचना वाली महिलाओं के लिए पोशाक (Clothes according to built and appearance)-

1. लम्बी और मोटी महिला — इस प्रकार की महिलाओं के लिए वस्त्रों का चुनाव करना बहुत कठिन काम है । इसलिए ऐसी महिलाओं के लिए वस्त्रों का चयन करते समय अत्यन्त सावधानी बरतनी चाहिए। इसका कारण यह है कि इन महिलाओं को जहाँ एक ओर ऐसे वस्त्रों की आवश्यकता होती है जो मोटाई कम होने का अहसास कराएँ वहीं दूसरी ओर ऐसे वस्त्रों की जिससे लम्बाई बढ़ती हुई दिखाई न दे।

ऐसी वस्त्र- योजना के लिए तिरछी रेखाओं वाले वस्त्र उचित रहते हैं क्योंकि ये ऊपरी भाग की चौड़ाई को कुछ कम करने का भ्रम पैदा करते हैं। इस वर्ग की महिलाओं के लिए वस्त्रों की सिलाई करते या कराते समय कालर, कफ, योक आदि सीधी रेखाओं में रखने चाहिए। इन्हें बहुत चुस्त तथा बहुत ढीले वस्त्र भी नहीं पहनने चाहिए।

2. मोटी तथा नाटी महिला मोटी तथा नाटी महिला को भी अपने अनुकूल वस्त्रों के डिजाइन, कटाई आदि का ध्यानपूर्वक चयन करना चाहिए। इन्हें आड़ी रेखा वाले वस्त्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इनसे न केवल मोटाई ही अधिक दिखाई देती है अपितु कद भी कम प्रतीत होता है। बड़े-बड़े चौड़े कोट, दोहरी छाती वाले कोट, ऊँचे कोट आदि का प्रयोग इन महिलाओं को कदापि नहीं करना चाहिए ।

बड़े फूल तथा चौड़े बॉर्डर वाले वस्त्र भी उनके लिए त्याज्य हैं। इन्हें तो केवल लम्बी रेखाओं वाले वस्त्रों का प्रयोग करना चाहिए। इन्हें वस्त्रों की फिटिंग पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए। वस्त्र न तो बहुत चुस्त होने चाहिए और न बहुत ही ढीले वस्त्रों के चुस्त होने पर शारीरिक दोष उभर आते हैं और ढीले वस्त्र चौड़ाई फैलाने वाले होते हैं। ऐसी महिलाओं को एक ही रंग के छोटे नमूने वाले, बिना बेल्ट के छोटी कालर वाले वस्त्र प्रयोग में लाने चाहिए ।

3. पतली महिला पतले शरीर वाली महिलाओं के शरीर पर वे सभी वस्त्र फबते हैं जो मोटी महिलाओं के लिए त्याज्य हैं। इन महिलाओं को ऐसे वस्त्रों का चयन करना चाहिए जो पतलेपन को छिपाने वाले हों। तीखे तथा चटक रंग, चुन्नट, झालर, चौड़ी बेल्ट, बड़ी जेबें, फूली हुई बाहें आदि डिजाइन वाले वस्त्र इन महिलाओं के व्यक्तित्व को अत्यन्त आकर्षक रूप प्रदान करते हैं । कपड़े तथा सिलाई के डिजाइनों का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि वे लम्बी रेखाओं के स्थान पर आड़ी अथवा भग्न एवं वक्र रेखा वाले हों । 

4. लम्बी तथा दुबली महिला – इस वर्ग की महिलाओं के लिए जिन वस्त्रों का चयन किया जाए, वे आड़ी रेखाओं से बने डिजाइन के होने चाहिए। ऐसे शरीर पर चेक वाले डिजाइन भी बहुत अच्छे लगते हैं । कोट आदि वस्त्रों की लम्बाई कम रखनी चाहिए जिसका लाभ यह होता है कि लम्बाई कम होने का आभास मिलता है। फिटिंग ढीली रखनी चाहिए क्योंकि इससे भी लम्बाई अखरती नहीं है। कैम्ब्रिक, वायल, सूती साड़ी आदि का प्रयोग इस वर्ग की महिलाओं के व्यक्तित्व को आकर्षक बना देता है ।

5. छोटी तथा दुबली महिला/पुरुष – इन महिलाओं के लिए वस्त्रों का चुनाव करते समय दो बातों का ध्यान रखना पड़ता है-एक तो यह कि उनका शरीर भरा हुआ दिखाई दे, और दूसरा यह कि वे लम्बी प्रतीत हों । लम्बवत् रेखाएँ जहाँ बढ़ी हुई लम्बाई का आभास देती हैं|

वहाँ आड़ी रेखाएँ बढ़ी हुई चौड़ाई का। अतएव इन महिला/पुरुष को ऐसे डिजाइनों के चुनने चाहिए सम्बा और चौड़ाई दोनों ही बढ़ाती हुए प्रतीत हो। ऐसी स्थिति में आड़ी खड़ी रेखाओं के योग से बने डिजाइन सर्वाधिक उपयुक्त रहते हैं। चुस्त पोशाक शारीरिक दुर्बलता को व्यक्त करती है | अतएव इन महिलाओं के शरीर को भरा-पूरा दिखाने वाले ढीली फिटिंग होनी चाहिए चुस्त नहीं। 

6. भारी नितम्ब वाली महिलाएं—इस वर्ग की महिलाओं को ऐसे डिजाइनों के वस्त्र चुनने चाहिए जो नितम्बों की चौड़ाई कम करके दिखाएं। तिरछे, वृत्ताकार तथा वक्र रेखाओं से बने डिजाइन इस उद्देश्य की पूर्ति में बाधक होते हैं। नितम्ब के पास वस्त्रों की फिटिंग चुस्त नहीं होनी चाहिए । इन्हें मोटी झालर तथा बड़ी-बड़ी जेबों वाले वस्त्र भी नहीं पहनने चाहिए”।

7. भारी यक्ष वाली महिलाएँ इस वर्ग की महिलाओं को वस्त्रों का चयन करते समय सदैव लम्बवत् रेखाओं वाले डिजाइनों का प्रयोग करना चाहिए । तिरछी तथा वक्र रेखाओं वाले डिजाइनों के वस्त्र ऐसे शरीर पर बहुत अच्छे लगते हैं। वस्त्रों को सिलाई के समय इस बात का 1 ध्यान रखना चाहिए कि गला V आकार का हो और छाती की फिटिंग चुस्त न हो। यदि कमर के पास चुन्नट अथवा छोटे डार्ट दे दिये जाएँ तो छाती के भारी होने का अहसास नहीं होता।

8. मोटी बाँहों वाली महिलाएं इस वर्ग की महिलाओं को बिना आस्तीन वाले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। इसका कारण यह है कि बिना आस्तीन के वस्त्र उन्हीं महिलाओं पर फबते हैं। जिनकी बाहें न तो बहुत मोटी होती हैं और न ही पतली । मोटी बाहों वाली स्त्रियों के लिए हो ढीली फिटिंग की बाहों वाले वस्त्र ही शोभा देते हैं ।

9. निकला हुआ पेट इस वर्ग की महिलाओं को ऐसे डिजाइन के वस्त्र चुनने चाहिए जिससे पेट थोड़ा दबा हुआ लगे । इस दृष्टि से बहुत तीखे रंगों के ब्लाउज तथा विषम रंगों को साड़ियाँ नहीं चुननी चाहिए । खड़ी रेखाओं वाले वस्त्र इस वर्ग की महिलाओं के लिए अच्छे रहते हैं । फिटिंग कुछ ढीली होनी चाहिए और गले के आस-पास ऐसी सजावट होनी चाहिए जिससे देखने वाले की दृष्टि उसी ओर जाए ।

2. शिशुओं के वस्त्रों का चुनाव आप किस प्रकार करेंगी ?

Ans. (i) शिशुओं के वस्त्रों का चुनाव (Selection of Clothes for Infants ) शिशुओं के लिए सूती कपड़ा सर्वोतम वस्त्र होता है । सूती वस्त्र में भी कोमल तथा हल्का वस्त्र शिशु की कोमल त्वचा को क्षति नहीं पहुँचाता । सूती वस्त्र में सरंभ्रता ( Porous ) होने के कारण शिशु की त्वचा का पसीना सोख लेता है, उसे चिपचिता नहीं होने देता। शिशुओं के लिए रेशमी या नायलान वस्त्र कष्टदायक होता है। 

(ii) शिशु के वस्त्रों को बार-बार गंदे होने के कारण कई बार धोना पड़ता है । इसलिए शिशुओं के वस्त्र ऐसे होने चाहिए जिन्हें बार-बार धोया तथा सुखाया जा सके । वस्त्र ऐसा नहीं होना चाहिए जिसे घर में न धोया जा सके या जिसे सूखने में बहुत समय लगता हो ।

(iii) शिशुओं के वस्त्र हमेशा साफ तथा कीटाणुरहित होने चाहिए। वस्त्रों को कीटाणुरहित करने के लिए उन्हें गर्म पानी में धोना चाहिए तथा डेटॉल के पानी में भिगोना चाहिए । इसलिए वस्त्र ऐसा होना चाहिए जो गर्म पानी तथा डेटॉल या कीटनाशक पदार्थ को सहन कर सके । 

(iv) उसके गर्म कपड़े भी ऐसे होने चाहिए, जो गर्म पानी में सिकुड़ें नहीं ।

(v) शिशुओं के कपड़ों की संख्या अधिक होनी चाहिए क्योंकि उसके कपड़े गंदे हो जाने। पर दिन में कई बार बदलने पड़ते हैं।

(vi) शिशुओं के कपड़े मांडरहित होने चाहिए तथा कसे इलास्टिक वाले नहीं होने चाहिए। 

(vii) शिशुओं के कपड़े सामने, पीछे या ऊपर की ओर खुलने चाहिए, जिससे शिशु को सिर से कपड़ा न डालना पड़े । 

(viii) शिशुओं के वस्त्रों में पीछे की ओर बटनों (Buttons) के स्थान पर कपड़े से बाँधने वाली पेटियाँ (ties) या बंधक (faster) होने चाहिए क्योंकि बटन पीछे होने से शिशु के लेटने पर उसे चुभ सकते हैं

(ix) शिशुओं के कपड़ों के रंग व डिजाइन अपनी रुचि के अनुसार होने चाहिए, परन्तु रंग ऐसे होने चाहिए जो धोने पर निकलें नहीं क्योंकि शिशुओं के वस्त्रों को बहुत अधिक धोना पड़ता है।

(x) शिशुओं के वस्त्रों में मजबूती का इतना महत्व नहीं होता है क्योंकि शिशुओं की वृद्धि बहुत तीव्र गति से होती है। जब तक शिशु के कपड़ों के फटने की स्थिति आती है, वे छोटे हो चुके होते हैं।

Q.3. वस्त्रों का चुनाव, व्यक्ति की आयु और उसके व्यवसाय पर निर्भर करता है। इसकी पुष्टि के लिए चार कारण बताइए ।

Ans. भिन्न-भिन्न आयु वाले व्यक्तियों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्र उपयुक्त होते. हैं। शिशुओं के लिए वस्त्र मुलायम, ढोल-ढाले व आरामदायक होने चाहिए ताकि शिरा स्वतंत्रतापूर्वक हिल-डुल सके । जहाँ तक संभव हो, बढ़ाने का प्रावधान रखना चाहिए। गर्मियों के लिए क्रीम, नीला, गुलाबी लैमन आदि रंगों के हल्के प्रिण्ट अच्छे लगते हैं तथा सर्दियों में गहरे शेड भी लिये जा सकते हैं।

वस्त्रों की सीवन दोहरी होनी चाहिए तथा बटन मजबूती से लगे होने चाहिए। युवाओं के लिए विभिन्न रंगों के परिधान उपयुक्त लगते हैं, क्योंकि इनसे इनकी तरुनाई खिल उठती है तथा नई ताजगी, नई उमंग व उत्साह का आभास होता है ।

बढ़ती हुई आयु में हल्के व शीतलता प्रदान करने वाले रंग अच्छे लगते हैं। सम्पूर्ण व्यक्तित्व में शालीनता एवं सौम्यता को प्रदर्शित करने वाले शोभनीय वस्त्रों का चयन करना चाहिए। पुरुषों के लिए चुने गए वस्त्र मजबूत, आसानी से धोए जाने व प्रेस किए जाने वाले मिश्रित, तन्तुओं से निर्मित उपयुक्त रहते हैं। व्यवसाय

(Occupation ) — विभिन्न व्यवसाय एवं कार्य की दशाएँ भी वस्त्रों के चुनाव को प्रभावित करते हैं। एक व्यक्ति अलग-अलग आयु में अलग-अलग काम करता है। नीचे कुछ उदाहरण दिये जा रहे हैं- बच्चों के स्कूल के परिधान (School Uniform ) प्राय: बच्चों के लिए स्कूलों में एक

निर्धारित परिधान होता है जिसको यूनिफॉर्म (Uniform) कहते हैं। यूनिफार्म के वस्त्र एक स्कूल मैं जाने वाले सभी बच्चों के लिए समान होते हैं, जैसे सफेद शर्ट या सलवार और नेवी ब्लू, चेक, ब्राउन, स्लेटी इत्यादि रंग की स्कर्ट या पैंट यूनिफार्म होने से बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास में अंतर आता है जैसे गरीब बच्चों के मन में धनी बच्चों के अच्छे कपड़े देखकर हीन भावना नहीं आती । इसलिए स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यूनिफार्म का होना अत्यन्न आवश्यक है। 

यूनिफार्म साफ-सुथरी ठीक से इस्तरी की होनी चाहिए। यूनिफॉर्म के कपड़ों की फिटिंग ठीक होनी चाहिए। यूनिफॉर्म कहीं से फट्टी हुई नहीं होनी चाहिए न ही कोई बटन टूटे होने चाहिए। बच्चों के बाल सही ढंग से सँवरे होने चाहिए। मोजे ऊपर तक खिंचे रहने चाहिए तथा बेल्ट, टाई और रिबन सब अपनी-अपनी जगह होने चाहिए। जूते पालिश किये होने चाहिए ।

इसी प्रकार पूरी यूनिफार्म पहनकर सही तरीके से तैयार हुए बच्चे को आत्म विश्वास होता है। वह बच्चा चुस्त तथा अच्छा दिखाई देता है। इसलिए कक्षा में अध्यापक का ध्यान भी उसकी ओर जाता है। अध्यापक का ध्यान अधिक मिलने से वह पढ़ाई में अच्छा होता है। इस प्रकार स्कूल जाने वाले बच्चों के वस्त्रों का चुनाव, उसकी पढ़ाई को प्रभावित करता है ।

Q.4. विभिन्न प्रकार के अवसरों पर पोशाक चुनाव कैसे करेंगे ? 

Ans. अवसर (Occasion ) अलग-अलग अवसर पर अलग-अलग पोशाकें ही अच्छी लगती हैं। खुशी के मौके पर डाली जाने वाली पोशाक, कार्यस्थल पर पहनी जाने वाली पोशाक से भिन्न होती है । वह पोशाक जिसको डालकर योग (Yoga), जोगिंग (Jogging) किया जाता है, वह सदैव डिनर पार्टी पर पहनकर जाने वाली पोशाक से अलग होती है।

(i) खुशी के अवसर के लिए वस्त्र ( Selection of clothes for a happy occasion like parties, marriages etc.)-

1. खुशी के अवसर पर परिधान ऐसे होने चाहिए, जो मन की खुशी को प्रदर्शित करें । 

2. परिधान सुंदर, भड़कीले, चमकीले, जरी गोटे, तीव्र रंगों वाले कीमती होने चाहिए । 

3. खुशी का अवसर यदि दिन की रोशनी में मनाया जाए तो वस्त्रों की तड़क-भड़क थोड़ी कम होनी चाहिए ।

4. जो भी वस्त्र पहने जाएँ वे अपने शरीर तथा अपनी जीवन शैली को प्रदर्शित करने वाले हों।

5. सुंदर परिधान के साथ, मेकअप तथा आभूषण भी डाले जा सकते हैं जिससे व्यक्ति सुभावना प्रतीत हो । 

6. स्त्रियों के वस्त्र ऐसे होने चाहिए जो उनके शरीर की कोमलता तथा नारीत्व को दर्शाएँ विद्या पुरुषों के वस्त्र ऐसे होने चाहिए जो पौरुषत्व को दिखाएँ । वस्त्रों से स्त्रियों तथा पुरुषों के अलग-अलग व्यक्तित्व का पता लगना चाहिए ।

7. जूते, सैंडिल इत्यादि यस्त्रों से मेल खाते हुए हो, परन्तु हल्के और आरामदायक होने चाहिए। 

8. खुशी के अवसर पर जो भी वस्त्र, आभूषण, साज-सज्जा कर उन सबका एक-दूसरे तालमेल हो, वे देखने में अलग न लगे, न अलग हों।

(ii) सार्वजनिक समारोह (Selection of clothes for public function ) 

1. सार्वजनिक समारोह में परिधान, मर्यादापूर्ण, सौम्यता तथा शालीनता प्रदान करने वाले होने चाहिए ।

2. साफ, स्वच्छ, सँवरे हुए कपड़े होने चाहिए ।

3. सुन्दर, स्वच्छ, शालीनतापूर्ण, इस्तरी किए हुए, दाग-धब्बे रहित तथा फोटोजनिक: पहनने चाहिए ।

4. समय, मौसम तथा शरीर के अनुरूप वस्त्र होने चाहिए ।

5. सार्वजनिक समारोह में गहरे रंगों (Bright colours) की अपेक्षा हल्के रंग (Light colour) अच्छे लगते हैं।

6. सार्वजनिक समारोह में कम आभूषणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जैसे हल्की-पतली चेन, कान में टाप्स, एक दो चूड़ी या कड़ा घड़ी इत्यादि ।

(iii) शोक के अवसर ( Selection of clothen for mouring & funeral)

1. इस समय के लिए वस्त्र हल्के रंग अथवा सफेद रंग के होने चाहिए ।

2. भड़कीले नहीं होने चाहिए । 

3.आभूषण तथा अलंकरण नहीं होने चाहिए ।

4. कपड़े साफ- -सुथरे, सँवरे हुए तथा अवसर की गंभीरता को बनाये रखने वाले होने चाहिए। 

(iv) खेल (Selection of clothes for active play)-

1. सुंदर तथा सुविधाजनक होने चाहिए ।

2. वस्त्र ऐसे होने चाहिए जिसमें लचीलापन (Flexibility) हो । 

3. आसानी से धोये जा सकने वाले हों, जिन पर से मैल आसानी से उतर सके।

4. पसीना सोखने वाले हों।

5. बहुरंगीय हों, छोटे हों तथा बहुत ढीले न हों-जैसे निकर ।

6. जूते ऐसे होने चाहिए जिनको डालकर आसानी से भाग-दौड़ किया जा सके, खेला जा सके। 

7. साड़ी या पायजामा ऐसे अवसर के अनुकूल नहीं होते ।

(v) यात्रा (Selection of clothes for travelling)-

1. यात्रा के समय कपड़ों की संख्या कम होनी चाहिए। कपड़े ऐसे होने चाहिए जो आसानी से धोये जा सकें ।

2. कपड़े पसीना सोखने वाले तथा लचीले (flexible) होने चाहिए जिनसे चलने-फिरने में आसानी हो।

3. कपड़े ऐसे होने चाहिए जो जल्दी ही खराब व मैले न हों।

4. जूते और चप्पल मजबूत होने चाहिए जो चलते-चलते टूटें नहीं ।

(vi) विश्राम तथा अवकाश के समय के वस्त्र ( Selection of clothes for relaxing & holidaying )

1. स्वच्छ, धुले तथा इस्तरी किए हुए वस्त्र होने चाहिए क्योंकि पसीने वाले गंदे वस्त्रों को डालकर पूरा आराम नहीं मिल पाता और छूट्टी या अवकाश का मजा नहीं आता है ।

2. आराम तथा छुट्टी के कपड़े ढीले-ढाले और आरामदायक होने चाहिए ।

3. कसे हुए जूते, बेल्ट इत्यादि का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।

4. कपड़े ऐसे होने चाहिए जिनको डालकर आप अन्य परिवारजनों के साथ उठ-बैठ सकें। 

5. यदि अवकाश मनाने तथा आराम करने कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बनाते हैं, जैसे समुद्र के किनारे (Sea-beach) तो स्थान के अनुकूल वस्त्र डालने चाहिए ।

Q.5. ऑफिस में कार्य करने वाली अपनी दुबली व लम्बी बहन के लिए साड़ी का चुनाव करते समय आप किन-किन बातों का ध्यान रखेंगी ?

Ans. इस वर्ग की महिलाओं के लिए जिन वस्त्रों का चयन किया जाए वे आझे रेखाओं से बने डिजाइन के होने चाहिए। ऐसे शरीर पर चेक वाले डिजाइन भी बहुत अच्छे लगते हैं वस्त्रों की लम्बाई कम रखनी चाहिए जिसका लाभ यह होता है कि लम्बाई कम होने का आभास मिलता है। फिटिंग ढोली रखनी चाहिए क्योंकि इससे भी लम्बाई अखरती नहीं है। 

कैम्बिक, बायल, सुती साडी आदि का प्रयोग इस वर्ग की महिलाओं के व्यक्तित्व को आकर्षक बना देता है। आफिस में जाने वाली महिलाओं की साड़ी औपचारिक साफ- 5-सुथरी, संवरी हुई, आरामदेह, सोफियाने तथा शालीनतापूर्ण होने चाहिए जिसे पहनकर वे स्मार्ट व गंभीर लगे ।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि कार्यस्थल पर पहने जाने वाले परिधान औपचारिक, स्फूर्तिदायक, सादे तथा गम्भीरता का प्रदर्शन करने वाले होने चाहिए। ये परिधान सुन्दरता से ज्यादा स्मार्टनेस तथा शालीनता की तरफ झुके रहने चाहिए ।

Q.6. अपनी माताजी के लिए घर में काम करते समय पहनने के लिए परिधान खरीदते समय आप किन बातों का ध्यान रखेंगी ? 

Ans. 1. बढ़ती आयु के साथ-साथ शरीर में परिवर्तन आ जाते हैं। उन परिवर्तनों के कारण युवावस्था में जो वस्त्र उन्हें सुंदर लगा करते थे, वे इस आयु में उनके शरीर पर नहीं फबते । 

2. उनके कपड़ों के रंग, डिजाइन इत्यादि उनकी शरीर की बनावट के अनुरूप होने चाहिए। 

3. माताजी को रोजमर्रा के लिए ऐसे वस्त्रों की आवश्यकता होती है, जो सादे, सौम्य, सुंदर व टिकाऊ तथा आरामदायक हों। 

4. कपड़ों के डिजाइन सरल होने चाहिए तथा उनमें सीधी और उल्टी और का झंझट नहीं होना चाहिए ।

5. कपड़े आसानी से धुलने, सूखने तथा इस्तरी करने वाले हों । 

6.वस्त्रों की सिलाई मजबूत हो ।

7. कपड़े उनकी उम्र की गंभीरता को बनाये रखें।

8. वस्त्रों का चुनाव करते समय फैशन की अपेक्षा ऋतु तथा कीमत की ओर अधिक ध्यान जाता है ।

Q.7. नौकरी करने वाली एक लड़की के लिए परिधान खरीदते समय आप किन चार बातों का ध्यान रखेंगी ? अपने उत्तर का कारण दीजिए ।

Ans. 1. नौकरी करने वाली लड़की के लिए बस्त्र ऐसे हों जो उस पर खिलें, सुंदर लगे और उसके आत्मसम्मान को बढ़ाएँ । वस्त्र अश्लील न हों ।

2. वस्त्र कोमल, लचीले तथा विभिन्न अलंकरणों द्वारा सजाये हुए हों। वस्त्र शरीर को बनावट त्वचा, आँखों तथा बालों के रंग के अनुरूप होने चाहिए ।

3. कपड़े औपचारिक हों । वस्त्र सादे, साफ-सुथरे तथा सँवरे हुए होने चाहिए जिनको पहनकर वह स्मार्ट तथा गंभीर लगे ।

4. कपड़े आरामदेह, सोफियाने तथा शालीनतापूर्ण (Comfortable and dignified) होने चाहिए तथा कार्य के अनुरूप हों ।

Q.8. कार्यस्थल तथा समारोह में पहने जाने के लिए भिन्न प्रकार के वस्त्र तथा भिन्न जोड़ों की आवश्यकता के चार कारण स्पष्ट करें ।

Ans. कार्यस्थल पर पहने जाने वाले वस्त्रों का चुनाव :

1. किसी भी कार्यस्थल पर पहने जाने वाले व्यक्तियों के कपड़े औपचारिक होने चाहिए ।

2. वस्त्र सादे, साफ-सुथरे तथा सँवरे हुए होने चाहिए जिनको पहनकर व्यक्ति स्मार्ट तथा मोर लगे तथा कार्य करने के लिए तैयार प्रतीत हो ।

3. कपड़े आरामदेह, सोफियाने तथा शालीनतापूर्ण होने चाहिए तथा कार्य के अनुरूप होने चाहिए ।

4. अश्लील या असभ्य वस्त्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए । समारोह में पहने जाने वाले वस्त्रों का चयन :

5. सार्वजनिक समारोह में परिधान मर्यायपूर्ण, सौम्यता तथा शालीनता प्रदान करने काले होने चाहिए।

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