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Home Science Class 12 Chapter 4 Notes In Hindi PDF

Class12th 
Chapter Nameबच्चों की वैकल्पिक देख-रेख | Substitude Child Care
Chapter number04
Book NCERT
SubjectHome Science
Medium Hindi
Study MaterialsImportant questions answers
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बच्चों की वैकल्पिक देख-रेख | Substitude Child Care


प्रस्तुत अध्याय में बच्चों की वैकल्पिक देखरेख के संबंध के जानकारी की बातें प्रस्तुत की। गयी हैं। बच्चों की देखरेख करना उनके विकास के लिए आवश्यक है। विशेष रूप से घर तथा बाहर बच्चों की देखरेख बच्चों की उचित वृद्धि एवं विकास के लिए बहुत आवश्यक है। परिवार ही एक ऐसी संस्था है जो बच्चे के पालन-पोषण के लिए उचित वातावरण प्रस्तुत करती है। 

माता-पिता के प्यार व सुरक्षा में रहते हुए बच्चा अनेक बातें सीखता है सामान्य बालक दैनिक व्यवहार में घर के अंदर तथा बाहर कई व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं। जैसे-माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी, पड़ोसी, क्रेश तथा अन्य शिशुगृह ।

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बच्चा माता-पिता तथा अन्य संबंधित लोगों के संपर्क में आता है तथा वे आपस में जुड़ जाते हैं और मिले-जुले प्रयत्नों से वह शारीरिक तथा मानसिक रूप से योग्य बनाया जाता है । घर पर मिलने वाले वातावरण तथा देख-रेख उसके सम्पूर्ण व्यक्तितव को प्रभावित करते हैं पारिवारिक प्रभाव जैसे माता-पिता, संरक्षकों भाई-बहनों, रिश्तेदारों का बच्चों के संवेगात्मक और बौद्धिक विकास में प्रत्यक्ष रूप से पाया जाता है। 

शिशुओं तथा बालकों के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएँ जैसे शिशुगृह दिवसकालीन देखभाल केंद्र, बालवाड़ी, समेकित बाल विकास सेवाएँ, आँगनवाड़ी। शिशुओं तथा बालकों के लिए वैकल्पिक देखरेख होने से उनका शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास समुचित रूप से होता है ।

डीघर में एक साथ रहते हैं यहाँ माता-पिता की अनुपस्थिति में परिवार के अन्य सदस्य की देखभाल करते हैं। घर में दादा-दादी व अन्य सदस्यों की उपस्थिति बच्चे के व्यक्तिव गहरा प्रभाव डालती है। इसके अतिरिक्त परिवार के बड़े सदस्य दादा-दादी बच्चे के लालन-पा में माता-पिता को सहयोग करते हैं और माता-पिता का मार्गदर्शन भी करते हैं। 

दादा-दादी को प्यार, सुरक्षा तथा पहचान देते हैं, जो शायद उसे अपने माता-पिता से भी नहीं मिल पाता है। दादा-दादी बच्चे को कहानियाँ, कथाएँ व पहेलियाँ सुनाकर उनमें भौतिक गुणों का विकास का हैं और उसे अपनी परम्पराओं, सभ्यताओं के बारे में बताते है।

Q. 1. एकीकृत बाल विकास योजना का लक्ष्य समूह क्या है ?

Ans. (i) 0-6 वर्ष की आयु के बच्चे ।

(iii) गर्भवती व स्तनपान कराने वाली सभी माताएँ ।

(ii) 15-40 वर्ष आयु की महिलाएँ।

Q. 2. बच्चों के स्वास्थ्य को बढ़ाने में बालवाड़ी किन चार प्रकार से मदद कर सकती है।

Ans. बालवाड़ी ( Balwadi) (i) जो बालक 3 वर्ष के हो जाते हैं, उन्हें नर्सरी स्क या बालवाड़ी में भेजा जाता है ताकि वह अपने आपको बड़े स्कूल में जाने के लिए तैयार कर सके।

(ii) यहाँ पर बालकों को अनौपचारिक तरीकों से शिक्षा दी जाती है । (iii) यह खेल-खेल में ही आरम्भिक प्रत्ययों (Concept) के बारे में सीखते हैं

(iv) बालक के अन्दर छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने व उभारने के अवसर मिलते हैं। बालकों को कहानियों गीत, चित्रकला आदि के माध्यम से शिक्षा दी जाती है।

Q. 3. वैकल्पिक शिशु देखभाल के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?

Ans. (1) बड़े भाई-बहन से (2) सम्बन्धियों/पड़ोसियों से (3) किराए पर ली सहायता से (4) क्रेच/टेकेर केन्द्र से (5) प्री नर्सरी/नर्सरी स्कूल /बालवाड़ी से ।

Q.4. चलते-फिरते क्रेच से क्या तात्पर्य है ?

Ans. माता-पिता के कार्य क्षेत्र के साथ-साथ चलाये गये क्रेच चलते फिरते क्रेच कहला हैं। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान, प्रमाणों का प्रयोग, प्रकाशन व सूचना का प्रसारण किया जाता है।

Q.5. वैकल्पिक शिशुपालन क्या है ?

Ans. माता अथवा पिता की अनुपस्थिति में बच्चे की मूल जरूरतों को पूरा करने के लिए उसकी देखभाल करना, वैकल्पिक शिशुपालन कहलाता है।

Q.6. एकीकृत बाल विकास योजना क्या है ?

Ans. – यह योजना 1975 में इस धारणा से स्थापित की गई थी कि सामूहिक योजनाएँ एक मुश्त सुविधाएँ देने में अधिक प्रभावकारी हैं। अतः यह एकीकृत बाल विकास योजना कहलाती हैं।

Q. 7. दस वर्षीय मालती अपने दो वर्षीय भाई की देखभाल करती है। इस व्यवस्था के दो लाभ व हानियाँ बताइये।

Ans. लाभ- (i) कोई खर्चा नहीं होता। (ii) परिचित वातावरण में ही बच्चे का रहना हानि- 

(1) दस वर्ष के बच्चे में शिशुपालन की योग्यता नहीं होती बच्चे इस देखभाल के लिए परिपक्व नहीं होते । (ii) दस वर्ष के

Q.8 तीन वर्ष तक की आयु के बच्चों की विशेष आवश्यकताएँ कौन-कौन सी है?

Ans. (1) बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार खिलाना

(2) बच्चे को साफ-सुथरा रखना

(3) उसे आराम की तथा सोने की सुविधा प्रदान करना 

(4) खेलने के लिए खिलौने देना ।

(5) व्यायाम की सुविधा देना ।

(6) साफ तथा सुरक्षित वातावरण देना ।

Q. 9. आई सी. डी. एस. के उद्देश्य बताइये

Or आई. सी. डी. एस. एकीकृत बाल विकास योजना के सम्पूरक पोषण कार्यक्रम के दो उद्देश्य लिखिए ।

Ans.आई. सी. डी. एस. के उद्देश्य (Objective of ICDS ) – 

(क) 0-6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के स्वास्थ्य तथा आहार में सुधार। 

(ख) बच्चों के मनोवैज्ञानिक, शारीरिक विकास की नींव रखना । 

(ग) कुपोषण, मृत्यु, अस्वस्थता व स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाना । 

(घ) आई. सी. डी. एस. को सफल बनाने के लिए योजनाएँ बनाना एवं उन्हें क्रियान्वित करने में सामंजस्य रखना । 

(ड.) बच्चों की सामान्य स्वास्थ्य एवं आहार-संबंधी आवश्यकताओं के बारे में माताओं की जानकरी बढ़ाना

Q. 11. आई. सी. डी. एस. की दो उपयोगी सेवाएँ क्या हैं ?

Ans. 1. पूरक आहार एवं 2. टीकाकरण ।

Q. 12. श्रीमती वर्मा अपने दो साल के बच्चे को अपनी दस वर्षीय लड़की की अपेक्षा क्रेश (Creche) में रखना अधिक पसन्द क्यों करेगी ?

Ans. यदि दस वर्षीय लड़की से छोटे भाई-बहन की देखभाल करवाई जाती है तो निम्न चार हानियाँ अथवा खतरे हो सकते हैं-

(i) बच्चा, छोटे भाई-बहन को गिरा सकती है; परिणामस्वरूप चोट लग सकती है। 

(ii) उसे शिशु की मूल आवश्यकताओं, जैसे पानी तथा दूध पिलाने का ज्ञान नहीं होता. जिससे शिशु भूख-प्यास से पीड़ित रहेगा । 

(iii) दस वर्षीय लड़की, छोटे भाई-बहन के मुँह में ठोस आहार डाल सकती है, जिससे बच्चे का गला रुक जाता है और श्वसन अवरुद्ध हो सकता है। 

(iv) वह छोटे बच्चे द्वारा पेशाब करने अथवा मलत्याग करने की परिस्थिति को संभालने योग्य नहीं होती है।

Q. 13. बालवाड़ी के चार कार्य बताइए । 

Ans. (1) अनाथ व असहाय बच्चों के लिए एक घरेलू निवास स्थान का प्रबन्ध करना।

(2) उनके भोजन तथा वस्त्रादि का प्रबन्ध करना । 

(3) उन्हें शिक्षित करना ताकि वे अच्छे नागरिक बन सकें ।

(4) उन्हें दूसरों के प्रति सद्भावना तथा प्रेम, प्यार सिखाना ।

Q. 14. प्रतिरक्षी टीके लगवाने के अतिरिक्त एक माता को कौन-से दो उपाय करने- चाहिए ताकि शिशु बीमार न पड़े ?

Ans. प्रतिरक्षी टीकों के अतिरिक्त एक माता को निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए जिससे उसका बच्चा बीमारी से बचा रहे-

(क) स्वच्छता के निमयों का पालन करना चाहिए। दूध पिलाने में स्वच्छता बरतनी चाहिए शारीरिक स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए ।

(ख) बच्चे को संतुलित व पौष्टिक आहार देकर व समय-समय पर डॉक्टरी जाँच करवा

Q. 15. वैकल्पिक शिशु पालन को परिभाषित कीजिए ।

Ans. माता अथवा माता-पिता दोनों की अनुपस्थिति में बच्चे की मूल आवश्यकताएँ पूरी करना उसकी देखभाल करना वैकल्पिक शिशु पालन कहलाता है।

Q. 16. क्रेच किसे कहते हैं ?

Ans. यह एक ऐसी जगह है जहाँ बच्चे को सही देखभाल में तब तक छोड़ा जा सकता है जब तक उसके माता-पिता अपने काम पर से न लौट आयें। यह एक आवासीय, बच्चे की देखभाल वाला स्थान है।

Q. 17. चलते-फिरते क्रेच से क्या तात्पर्य है ?

Ans. – चलते-फिरते क्रेच बच्चों की देखभाल के वो स्थान हैं, जहाँ बच्चों के कामकाजी माता-पिता, खेतों, उद्योगों एवं कारखानों में व्यस्त लोगों के बच्चों की देखभाल की जाती है यह केन्द्र माता-पिता के कार्यक्षेत्र के साथ-साथ ही चलाये जाते हैं, इसलिए इन्हें चलते-फिर क्रेच कहा जाता है

Q. 18. समन्वित बाल विकास योजना द्वारा कौन-कौन सी सेवाएँ उपलब्ध करा जाती हैं ?

Or एकीकृत बाल विकास योजना के अन्तर्गत उपलब्ध तीन सेवाओं को समझाइये। 

Ans. समन्वित बाल विकास योजना नीचे लिखी सेवाएँ उपलब्ध कराती है।

(क) पूरक आहार

(ख) स्वास्थ सेवाएँ

(ग) टीकाकरण

(घ) स्वास्थ्य व आहार शिक्षा

(ङ) अनौपचारिक शिक्षा

ग्रामों में यह सभी सेवाएँ आँगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पहुंचाई गई हैं।


लघु उत्तरीय प्रश्न (SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS)


Q. 1. बालवाड़ी के चार कार्य बताएं ?

Ans. यह सेवा कार्य महाराष्ट्र में कोसवाद और गुजरात में भावनगर से शुरू हुआ था। इस वे दोनों सेवाएँ आती हैं जो शिशुगृह तथा नर्सरी स्कूलों द्वारा भी उपलब्ध होती हैं। बालवाटी संस्था 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों की सभी आवश्यकताएँ पूरा करती है। इसके का

निम्नलिखित हैं- 

(क) कामकाजी महिलाओं के शिशुओं की 0-6 वर्ष तक देखभाल करना । 

(ख) टीकाकरण, डाक्टरी जाँच, मनोरंजन व मध्याह भोजन आदि की व्यवस्था करना

(ग) सामाजिक भावना का विकास करना ।

(घ) बालक को अपनी देखभाल स्वयं करने की आदत डालना ।

(ङ) बच्चों को अस्वस्थ वातावरण से निकालना ।

Q. 2. माता-पिता के बाहर काम पर जाने पर किन चार तरीकों से भाई-बहन बच्चे देखभाल कर सकते हैं ?

Ans. माता-पिता अपनी सन्तान के सही लालन-पालन के जिम्मेदार होते हैं। जब माता-पिता दोनों ही बाहर काम करने जाते हो तो बच्चे का पालन-पोषण बहुत ही कठिन कार्य होता है। शहरीकरण, आत्मनिर्भरता तथा संयुक्त परिवारों के टूटने से माता-पिता को अपने बच्चों को किसी अन्य देख-रेख में रखने के लिए बाध्य होना पड़ता है ।

परिवार के बड़े बच्चे भी अपने छोटे भाई बहन की देखभाल में अपने माता-पिता को महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। नीचे दिये गये चार तरीकों से वह छोटे बच्चे की देखभाल कर सकते हैं-

(क) बच्चे को सही तापमान पर एवं सही वक्त पर दूध पिलाना ।

(ख) बच्चे के साथ खेलना ।

(ग) बच्चे को कहानी सुनाकर बहलाना ।

(घ) बच्चे को अन्य आवश्यकताएँ पूरी करना, उनकी सुरक्षा पूरी तौर पर करना, उसमें अनुशासन की शिक्षा लाना । 

Q. 3. एक अच्छे फ्रेश में उपलब्ध चार सुविधाओं की सूची बनाइए ।

Ans. एक फ्रेश वह स्थान है जहाँ कामकाजी (नौकरी करने वाले) माता-पिता के बच्चों तथा शिशुओं अथवा रुग्ण माताओं के बच्चों को रखा जाता है। उनका घरेलू वातावरण में पालन-पोषण किया जाता है। उन्हें पैतृक देखभाल तथा प्यार दिया जाता है। एक अच्छे क्रेश में निम्नलिखित आवश्यक सुविधाएँ चाहिए-

(i) एक सुयोग्य प्रौढ़ महिला जो शिशुओं व बच्चों की देखभाल कर सके ।

(ii) खेलने के लिए पर्याप्त खिलौने एवं सामग्री (झूले इत्यादि ) ।

(iii) दूध, भोजन तथा अन्य द्रव्य (पेय) पदार्थों की उपस्थिति । 

(iv) सोने के लिए आरामदायक बिस्तरे तथा रक्षात्मक वातारण ।

Q. 4. घर से बाहर काम पर जाते समय कमला अपनी एक वर्षीय बेटी को अपनी दस वर्षीय बेटी की रेख-देख में छोड़कर जाती है। उसकी इस व्यवस्था के लाभ व हानियां लिखिए ।

Ans. बड़ी बहन की देखरेख करने से लाभ (i) छोटी बच्ची को तैयार करके कहीं बाहर ले जाने का झंझट नहीं रहता और बच्चा बाहर जाने के मौसम के कुप्रभाव से भी बच सकता है।

(ii) वह उसके साथ खेल सकती है, दूध पिला सकती है, कहानी सुना सकती है तथा उसे घुमा सकती हैं।

हानियाँ— (i) दोनों के ही व्यक्तित्व पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है ।

(ii) बच्चा छोटी बहन को गिरा सकती है । परिणामस्वरूप चोट लग सकती है । 

(iii) उसे शिशु की मूल आवश्यकताओं, जैसे पानी तथा दूध पिलाने का ज्ञान नहीं होता है, जिससे शिशु भूख-प्यास से पीड़ित रहेगा । 

(iv) वह छोटी बहन के मुँह में ठोस आहार डाल सकती है जिससे बच्चे का गला रुक सकता है और श्वसन अवरुद्ध हो सकता है। 

Q.5. छः महीने के बच्चे के लिए क्रेच का चुनाव करते समय ध्यान देने योग्य चार की सूची बनाइए । 

Ans. (क) क्रेच किसी अच्छे आवासीय क्षेत्र (कालोनी) में होना चाहिए ।

(ख) क्रेच के व्यवस्थापक तथा अन्य कर्मचारी सभ्य एवं शिक्षित होने चाहिए। 

(ग) क्रेच की महिलाएँ वयस्क होनी चाहिए (बूढ़ी नहीं)। वे दयालू, कोमल हृदय वाली

हों तथा उन्हें शिशुपालन का पूर्ण ज्ञान हो ।

(घ) उसमें शिशु के लिए सभी सुविधाएँ जैसे दूध, पेयजल, ताजा भोजन तथा खिलौने होने चाहिए ।

 Q. 6. वैकल्पिक शिशुपालन का क्या अर्थ है ?

Ans. – माता-पिता अथवा माता की अनुपस्थिति में बच्चे की मूल जरूरतों को पूरा करने के लिए उसकी देखभाल करना । प्रतिपालन की सुविधा घर में (भाई-बहन तथा सम्बन्धियों द्वारा) एवं घर से बाहर क्रेच व डेकेअर केन्द्रों (Day Care Centres) दोनों जगह प्राप्त हो सकती है।

Q. 7. श्रीमती मेहरा अपने पड़ोसी के दो वर्षीय बच्चे की देखभाल करती हैं। दो वर्ष के बच्चे को पड़ोसी की देखरेख में छोड़ने के दो लाभ-हानियाँ बताइए।

Ans. लाभ- (i) अधेड़ आयु की परिपक्व महिला होने के नतो वह बच्चे की देखभाल अधि क प्रभावशाली ढंग से कर सकती है। (ii) वह बच्चे के बीमार हो जाने अथवा चोट लग जाने की आतापकालीन स्थिति को संभाल सकती है।

हानियाँ— (i) वह बच्चे की देखभाल के लिए पर्याप्त समय नहीं निकल पायेगी क्योंकि उसे अपना घर भी संभालना है। (ii) धन अभाव के कारण बच्चे के खानपान, वस्त्र आदि की समस्या

तथा बच्चे के मलमूत्र त्यागने पर हुई समस्या को पूरी तरह से नहीं सुलझा सकती । 

Q. 8. छः वर्षीय बच्चे द्वारा भाई बहन की देखभाल करवाने के विकल्प की चार कमियों की ओर ध्यान दिलाइए ।

Ans. यदि छः वर्षीय बच्चे द्वारा छोटे भाई-बहन की देखभाल करवाई जाती है तो निम्न चार हानियाँ अथवा खतरे हो सकते हैं-

(1) बच्चा, छोटे भाई-बहन को गिरा सकता है, परिणामस्वरूप चोट लग सकती है । (2) उसे शिशु की मूल आवश्यकताओं-जैसे पानी तथा दूध पिलाने का ज्ञान नहीं होता, जिससे शिशु भूख-प्यास से पीड़ित रहेगा।

(3) छः वर्षीय बच्चे छोटे भाई-बहन के मुँह में ठोस आहार डाल सकते है, जिससे का गला रुक सकता है और श्वसन अवरुद्ध हो सकता है।

(4) वह छोटे बच्चे द्वारा पेशाब करने अथवा मलत्याग करने की परिस्थिति को सम्भाल योग्य नहीं होते हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (LONG ANSWER TYPE QUESTIONS)


Q. 1. बच्चों के स्वास्थ को बढ़ावा देने में सहायक आँगनवाड़ी के चार कार्यों की सू बनाइए ।

Ans. आँगनवाड़ी समेकित बाल विकास सेवा योजना संबंधी सेवाएँ प्रदान करने के लि प्रत्येक ग्राम अथवा शहरी नदी बस्तियों में स्थित आंगनवाड़ी होती है। 700 (आदिवासी)-100- (ग्रामीण व शहरी) जनसंख्या के पीछे एक आँगनवाड़ी होती है। आँगवाड़ी का संचालन ए आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, जो कि स्थानीय समुदाय की महिला स्वैच्छिक कार्यकर्ता होती है, द्वारा कि जाता है। 

उसकी सहायता के लिए एक सहायिका होती है। 30.09.1993 की स्थिति के अनुसा इस योजना के अंतर्गत 1.95 करोड़ बच्चे और माताएँ पूरक पोषाहार प्राप्त कर रहे थे। इस हो अलावा 3-6 वर्षों की आयु के 9336 लाख बच्चे स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं

आँगनवाड़ी केन्द्रों में अन्तर क्षेत्रीय सेवाओं का तथा अन्य सेवाओं का संकेन्द्रण किया जाता है कुछ मुख्य सेवाएँ निम्नलिखित हैं-

(1) बच्चों और माताओं को पूरक पोषाहार की प्राप्ति,

(ii) स्वास्थ्य शिक्षा तथा स्वास्थ संबंधी विभिन्न सेवाएं, जैसे-टीकाकरण, प्रसव पूर्व तक प्रसव पश्चात् की उचित देखभाल, नियमित स्वास्थ्य चेक अप । 

(iii) स्कूल पूर्व शिक्षा

(iv) महिलाओं की आयु वृद्धि संबंधी शिक्षा तथा प्रशिक्षण तथा औपचारिक शिक्षा

Q. 2. वैकल्पिक शिशु देखभाल के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं ? 

Ans वैकल्पिक शिशु देखभाल के विभिन्न प्रकार (Kinds of Substitute Child Care ) — वैकल्पिक शिशु देखभाल निम्नलिखित से प्राप्त की जा सकती है-

(i) बड़े बहन-भाई से

(ii) सम्बन्धियों/पड़ोसियों से

(iii) किराये पर ली गई सहायता (Hired Help) से

(iv) डे केअर केन्द्रों (Day Care Centres) से

(v) प्रो. नर्सरी/ नर्सरी स्कूल / बालवाड़ी (Pre-nursery / Nursery/Balwadi) से अब आप उपर्युक्त सभी सुविधाओं की योग्यताओं का अध्ययन करेंगे

भाई-बहन की देखभाल (Sibling Care ) — निम्न आर्थिक स्थिति के परिवारों में आम है। छोटे-छोटे बच्चे आयु में कुछ बड़े बच्चों की देख-रेख में छोड़ दिये जाते हैं। आपको छः वर्ष का बच्चा अक्सर दो या तीन वर्ष की आयु के बच्चों की देखभाल करता दिखेगा। 

यह देखभाल कितनी सुरक्षित हो सकती है ? अधिक नहीं क्योंकि छः वर्ष के बच्चे में शिशुपाल की योग्यता नहीं होती। कुछ बड़े बच्चे भी इस देखभाल के लिए परिपक्व नहीं होते। इसलिए

शिशुपालन के लिए कोई और उपाय खोजना चाहिए । संबंधी व पड़ोसी (Relatives and Neighbours ) घर पर ही रहकर बच्चे को अच्छी देखभाल करने में सहायता कर सकते हैं एवं करते हैं। बड़े-बूढ़ों का परिवार में होना बच्चों

के लिए बहुत बड़ा वरदान है। दादा-दादी, नाना-नानी से बच्चों को प्यार व सुरक्षा मिलती है। पड़ोसी भी परिवार से अलग अपना ही परिवार होता है । 

माता की अनुपस्थिति में पड़ोसी बच्चे की वैकल्पिक देखभाल में सहायता कर सकते हैं। ऐसी देख-रेख आम तौर पर अल्पकालीन ही होती है।

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