NCERT Class 12 Sociology-II Chapter 7 Notes In Hindi जनसंपर्क साधन और जनसंचार Easy pdf

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NCERT Class 12 Sociology-II Chapter 7 Notes In Hindi जनसंपर्क साधन और जनसंचार Easy pdf


जनसंपर्क साधन और जनसंचार (MASS MEDIA AND COMMUNICATIONS)


मास मीडिया यानी जनसंपर्क के साधन अनेक प्रकार के होते हैं, जैसे-टेलीवि समाचारपत्र, फिल्मे, पत्रिकाएँ, रेडियो, विज्ञापन, वीडियो खेल और सीधी आदि। उन्हें पारा मीडिया इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये एक साथ बहुत बड़ा संख्या के दर्शकों श्रोताओं एवं पा तक पहुँचते हैं। उन्हें कभी-कभी जनसंचार (मास कम्युनिकेशन) के सामन भी कहा जाता है। 

आपकी पीढ़ी के बहुत से लोगों के लिए जनसंपर्क के किसी माध्यम से विहीन दुनिया का करना भी संभवतः कठिन होगा। संचार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच पनाओं विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान है। संचार का हमारे जीवन में बहुत महल है। इसके अभाव में हमारा जीना संभव नहीं है। सभ्यता के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मास मीडिया हमारे दैनिक जीवन का एक अंग है। देश भर के अनेक मध्यवर्गीय परिवारों में लोग प्रायः विस्तार से उठते ही सबसे पहले रेडियो या देशीविजन चालू करते हैं अथवा प्रातः कालीन समाचार पत्र देखते हैं उन्हीं परिवारों के बच्चे सर्वप्रथम अपने मोबाइल फोन पर यह देखने के लिए नजर डालते हैं कि कोई ‘मिस्ड कॉल’ तो नहीं आयी है। 

अनेक नगरीय क्षेत्रों में नगरीय क्षेत्रों के नलसाज बिजली मिस्त्री, बढ़ई, रंगसाज और अन्य विभिन्न प्रकार की सेवाएँ देने वाले अपना एक मोबाईल फोन रखते हैं जिसपर उनसे आसानी से संपर्क किया जा सकता है। अब तो नगरों में अधिकतर दुकानें एक छोटा टेलीविजन सेट भी रखने लगी है। आने वाले ग्राहक दुकानदार से टेलीविजन पर दिखाई जा रही फिल्म या क्रिकेट मैच के बारे में छिटपुट बातचीत भी कर लेते हैं। 

विदेशों में रहने वाले भारतीय लोग टेलीफोन और इन्टरनेट की सहायता से पेश में रहने वाले अपने मित्रों एवं परिवारों के साथ बराबर संपर्क बनाए रखते हैं। नगरों में रहने वाले प्रवासी कामगार वर्ग के लोग भी गाँवों में रहने वाले अपने परिवारों से दूरभाष द्वारा नियमित रूप से संपर्क बनाए रखते हैं। 

जनसंचार कई मामलों में संचार के अन्य रूपों से अलग है जनसंचार सूचना शिक्षा और मनोरंजन के अलावा एजेण्डा तय करने का भी काम करता है जनसंचार माध्यमों से लोगों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ते हैं। नकारात्मक प्रभावों के प्रति हमें सचेत रहना चाहिए। वास्तव में वर्तमान समय में मास मीडिया और जनसंचार के साधनों का अनुकूल प्रभाव मनुष्य के दैनिक जीवन पर पड़ा है। इनसे मानवीय जीवन में गतिशीलता उत्पन्न हुयी है।


NCERT Class 12 Sociology-II Chapter 7 Notes In Hindi जनसंपर्क साधन और जनसंचार Easy pdf

NCERT Class 12 Sociology II Chapter 7 Notes In Hindi जनसंपर्क साधन और जनसंचार Easy pdf 1

Class12th 
Chapter Nameजनसंपर्क साधन और जनसंचार
Chapter numberChapter 7
PART B
Book NCERT
SubjectSociology
Medium Hindi
Study MaterialsNotes & Questions answer
Download PDFSociology PART B class 12 chapter 7 pdf

sociology class 12 chapter 7 questions and answers


अति लघु उत्तरीय प्रश्न (VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS)


1. आजादी के बाद भी हमारे देश के सामने बहुत सारी चुनौतियाँ हैं। आज समाचार-पत्रों को उनके प्रति किस हद तक संवेदनशील पाते हैं ? 

Ans. आजादी के बाद हमारे देश के सामने अनेक चुनौतियाँ उठ खड़ी हुई हैं। इनमें प्रमुख हैं

– बेरोजगारी से निपटने की चुनौती

– देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने की चुनौती

-भ्रष्टाचार से निपटने की चुनौती -आतंकवाद से जूझने की चुनौती

-लोकतंत्र में जनमत को शिक्षित करने की चुनौती

हम जब समाचार-पत्रों पर दृष्टिकोण करते हैं तो हमें लगता है कि अनेक समाचार-पत्र इन चुनौतियों के प्रति संवेदनशील हैं। राष्ट्रीय स्तर के समाचार-पत्र अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। डॉ. क्षेत्रीय समाचार-पत्र कई बार स्थानीय माफिया से डर जाते हैं या लोभ में आ हे हैं। 

2. निजी टी. वी. चैनल अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाते हैं ? टी. वी. कार्यक्रमों से उदाहरण देकर समझाइए ।

Ans. टी. वी. के निजी चैनल अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए कई बार ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं जिनसे सनसनी फैलती है। वे रहस्य को और गहरा करते हैं। कार्यक्रम को कई किश्तों में दिखाते हैं ताकि दर्शकों की उत्सुकता निरंतर बढ़ती चली जाए। चटपटे

(विशेषकर सेक्स संबंधी) कार्यक्रम परोसकर वे अपनी रेटिंग बढ़ाते हैं। पिछले दिनों ‘स्टिंग ऑपरेशन’ द्वारा भी कई पर्दे के पीछे छिपे सभ्य ‘कृत्यों’ का भंडाफोड़ किया गया। अधिकांश टी. वी. चैनल कोई-न-कोई रहस्यात्मक कार्यक्रम दिखाने के चक्कर में रहते हैं। चैनल-7, आज तक, स्टार टी.वी. तथा जी चैनल पर ऐसे कई कार्यक्रम दिखाए गए। 

3. किन्हीं दो हिंदी पत्रिकाओं के समान अंकों को (समान अवधि के) पीढ़िए और उनमें निम्न बिंदुओं के आधार पर तुलना कीजिए-

  • आवरण पृष्ठ
  • सूचनाओं का क्रम
  • अंदर के पृष्ठों की साज-सज्जा
  • भाषा-शैली

Ans. हम ‘नवनीत’ और ‘कादम्बिनी’ पत्रिकाओं के जुलाई मास के अंकों को लेते हैं-

  • आवरण पृष्ठ : यद्यपि दोनों पत्रिकाओं का आवरण पृष्ठ सुंदर है, पर ‘नवनीत’ का अवरण पृष्ठ अधिक आकर्षक है।
  • अंदर के पृष्ठों के साज-सज्जा : ‘कादम्बिनी’ पत्रिका में अंदर के पृष्ठों की साज-सज्जा पर विशेष ध्यान दिया गया है। चित्रों का प्रयोग सटीक है। ‘नवनीत’ में इस ओर कम ध्यान दिया गया है। सूचनाओं का क्रम : प्रायः दोनों पत्रिकाओं में सूचनाओं के क्रम का अभाव है। ‘कादम्बिनी’ में यह क्रम थोड़ा ठीक है।
  • भाषा-शैली : दोनों पत्रिकाओं की अपनी विशिष्ट भाषा-शैली है। ‘नवनीत’ की भाषा-शैली अधिक सरल, सुबोध एवं प्रभावशाली है। 

4. इंटरनेट पत्रकारिता में सूचनाओं को तत्काल उपलब्ध कराया जाता है, परंतु इसके साथ ही उसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।

Ans. यह सही हैं कि इंटरनेट पत्रकारिता में सूचनाएँ तत्काल उपलब्ध हो जाती हैं। इसके साथ-साथ इसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं। जैसे यह अश्लीलता, दुष्प्रचार और गंदगी फैलाने का जरिया भी है। इसके माध्यम से अश्लील बातों तथा चित्रों को आसानी से प्रचारित किया जा सकता है। 

5. श्रोताओं या पाठकों को बाँधकर रखने की दृष्टि से प्रिंट माध्यम, रेडियो और टी.वी. में से सबसे सशक्त माध्यम कौन है ? पक्ष-विपक्ष में तर्क दें। 

Ans. श्रोताओं या पाठकों को बाँधकर रखने की दृष्टि से टी. वी. माध्यम सबसे सशक्त माध्यम है। इसके पक्ष में निम्नलिखित बातें हैं-

(i) इसमें समाचार सचित्र होते हैं जो अधिक प्रामाणिक एवं तथ्यपरक होते हैं। 

(ii) इसमें कम समय में अधिक बातें बताई जा सकती हैं। 

(iii) इसमें अनपढ़ दर्शक/श्रोता भी समाचार देख-सुन सकते हैं।

(iv) टी. वी. का प्रयोग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। 

(v) इस माध्यम से समाचार दिन भर नये-नये रूप में मिलते रहते हैं। टी. वी. माध्यम के विपक्ष में 

(i) इस माध्यम का लाभ वही लोग उठा सकते हैं जहाँ विद्युत की आपूर्ति निर्वाध रूप से होती है। 

(ii) टी. वी. का रंगीन पर्दा आपत्तिजनक चित्रों व भाव-भंगिमाओं का साकार दृश्य प्रस्तुत अश्लीलता एवं चरित्रहीनता को बढ़ावा दे रहा है। 

(iii) मूल्यवान समय की बर्बादी इसका एक अत्यंत हानिकारक प्रभाव है। 

6. उपग्रह संचार के विषय में आप क्या जानते हैं ? 

Ans. उपग्रह संचार के द्वारा विभिन्न माध्यमों के बोध संसार के किसी भी क्षेत्र में संचार एवं संबंध स्थापित किये जा सकते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी में परिवर्तन के फलस्वरूप दूरसंचार टेलीविजन और कंप्यूटर, टेलीफोन तथा अन्य उपकरणों का संबंध उपग्रह के साथ स्थापित करके हसार के कोने-कोने से सूचनाएँ प्राप्त की जाती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह एक बड़ा कदम है। 

7. श्रव्य दृश्य माध्यम से क्या अभिप्राय है ?

Ans. वह माध्यम जो देखने और सुनने की सुविधाओं को संचारित करता है, श्रव्य दृश्य माध्यम कहलाता है। इसमें कंप्यूटर, टेलीविजन आदि को सम्मिलित किया जाता है। इनके द्वारा दैनिक घटनाओं की जानकारी, मौसम की जानकारी, स्थानीय राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं हो जाती है। संचार पुछ राजनीति और प्राकृतिक विपदाओं के संबंध में जानकारी तुरंत उपलब्ध के ये माध्यम लोगों को एक-दूसरे के निकट लाते हैं।



8. भारत में परंपरागत सूचना स्रोत कौन-से थे? 

Ans. जब टेलीविजन अथवा इंटरनेट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थी लोग पारस्परिक संवाद के द्वारा सूचनाएँ प्राप्त करते थे। इन स्रोतों में धार्मिक उपदेशक, मानव संवादवाहक, व्यापारी यात्री तथा दूसरे परंपरागत माध्यम प्रमुख थे। संचार के नये साधन उपलब्ध हो जाने से परंपरागत सूचना स्रोतों की लोकप्रियता कम हुई हैं।

9. जन संचार का क्या अर्थ है ? 

Ans. जन का अर्थ है-सामान्य नागरिक और संचार का अर्थ है-फैलाब, अर्थात् जन संधार में लोगों तक सूचना भेजना जन संचार कहलाता है।

10. जन संवाद से क्या अभिप्राय है ?

Ans. जनसंवाद वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सूचनाएँ बहुत से लोगों तक पहुँचाई जाती हैं।

11. जनसंचार के तीन प्रमुख साधन कौन-से हैं ? 

Ans. जन संचार के तीन माध्यम हैं-

(i) मुद्रित संचार

(ii) विद्युत संचार

(iii) श्रव्य दृश्य संचार।

12. मनोरंजन क्रांति से क्या अभिप्राय है ? 

Ans. सूचना प्रौद्योगिकी में क्रांति के फलस्वरूप मनोरंजन के क्षेत्र में क्रांति हुई है। आज दूरदर्शन, कंप्यूटर, टेलीफोन एक साथ मिल गए हैं। इंटरनेट के माध्यम से आज हम सारे संसार से जुड़ गए हैं।

13. प्रेस किस प्रकार सृजनात्मक क्रियाएँ करते हैं ? 

Ans. प्रेस और अन्य संचार माध्यम जब पर्यावरण प्रदूषण, मानवाधिकार, मद्य-निषेध, परिवार नियोजन, सूखा, बाढ़, भूकंप आदि के विषय में लोगों को जागृत करते हैं तो वे सृजनात्मक कार्य करते हैं। समाज के उपेक्षित वर्गों के उनके अधिकार दिलाने में उनका विशेष योगदान है। 


लघु उत्तरीय प्रश्न (SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS)


1. संचार माध्यमों का क्या कार्य है ?

Ans. संचार माध्यम लोगों तक दैनिक घटनाओं की सूचना पहुँचाते हैं। इनमें सभी वस्तुओं का समावेश होता है। चाहे वे मौसम की जानकारी हो, त्यानीय राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ, नीति युद्ध या प्राकृतिक विपदा इन सभी घटनाओं की जानकारी संचार माध्यमों द्वारा होती है। 

संचार का दूसारा महत्वपूर्ण कार्य मनोरंजन करना है। अधिकतर स्थानीय टेलीविजन चैनल लोगों का पर्याप्त मनोरंजन करते हैं। बच्चों के समाजीकरण में भी संचार साधनों का महत्त्वपूर्ण योगदान है। संगीत, खेलकूद, नृत्य, अभिनय आदि से नये विचार और व्यवहार सीखने को मिलते है। 

संचार माध्यमों द्वारा प्रसारित विचारों और विश्वासों, मनोवृत्तियों और मूल्यों को तरुण शीघ्रता से ग्रहण कर लेते हैं। सांस्कृतिक निरंतरता को बनाये रखने में संचार साधन हमारी सहायता करते हैं। 

2. संचार साधनों के नकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।

Ans. संचार माध्यम लोगों को दैनिक घटनाओं की जानकारी देते हैं। लोगों का मनोरंजन करते हैं, बच्चों के समाजीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सांस्कृतिक निरंतरता को बनाये रखने में सहायक हैं, परंतु कुछ विद्वानों और शिक्षाविदों ने संचार के प्रभावों की तीखी आलोचना की है। उनमें से कुछ आलोचनाएँ निम्नलिखित हैं-

(i) जन-संचार व्यक्तिगत रुचियों को नष्ट कर सांस्कृतिक एकरूपता की ओर अग्रसर करता है। 

(ii) जन संचार निष्क्रियता उत्पन्न करता है और जीवन की गंभीर वस्तुओं से ध्यान हटाता है।

(iii) जन संचार पलायनवाद को बढ़ाता है। 

(iv) जन संचार सामग्रियों को बेचने के लिए विज्ञापनों में महिलाओं का इस्तेमाल करता है। 

(v) जन संचार वास्तविकता की गलत तस्वीर प्रस्तुत करता है। ये तर्क राज्य व समाज की संचार नीतियों को प्रतिबिंब करते हैं जहाँ उन चैनलों का संचालन होता है।

3.भारत में मुद्रित संचार माध्यम की प्रगति को स्पष्ट कीजिए।

Ans. मुद्रित संचार के अंतर्गत विभिन्न समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ शामिल हैं। भारत में समाचार-पत्रों के रजिस्ट्रार की वर्ष 2002 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं की कुल संख्या 49145 थी। इनमें दैनिक 5364, अर्द्ध साप्ताहिक 339, साप्ताहिक 17749, पाक्षिक 6553, मासिक 13616 पत्र थे। 101 बोलियों और भाषाओं में समाचार-पत्रों का प्रकाशन हुआ। सबसे अधिक समाचार-पत्र हिन्दी (19685) में और इसके बाद अंग्रेजी (7175) और उर्दू (2848) में प्रकाशित हुए। 

देश में समाचार-पत्रों का प्रकाशन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से किया जाता है। मुंबई से प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र ‘बांबे समाचार भारत का सबसे पुराना समाचार-पत्र है। 1956 में समाचार पत्रों के अखबारी कागज के आवंटन के लिए ‘द रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स इन इंडिया’ की स्थापना की गई। समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं को समाचार एकत्र करने और पहुँचाने के लिए ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ और ‘यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ जैसी इकाइयों की स्थापना की गई। 

प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने और समाचार-पत्रों और समाचार एजेंसियों के स्तर को सुधारने के लिए ‘प्रेस काउंसिल आफ इंडिया’ की स्थापना की गई। सरकार सूचनाओं के प्रसार के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो तथा प्रकाशन विभाग बनाये हुए है। 

4. भारत में विद्युत संचार में प्रमुख दो साधनों का उल्लेख कीजिए ।

Ans. रेडियो और टेलीविजन भारत में विद्युत संचार के दो प्रमुख साधन हैं। आकाशवाणी भारत में 1927 से ही निजी स्वामित्व वाले ट्रांसमीटरों द्वारा प्रसारण आरंग कर दिया गया था। 1930 में सरकार ने इन ट्रांसमीटरों को अपने हाथ में से लिया और इंडिय ब्रांडकोस्टिंग सर्विस के नाम से प्रसारण किया जाने लगा। 

1957 से यह आकाशवाणी के नाम से जाना गया। वर्तमान में भारत में आकाशवाणी के 208 रेडियो स्टेशन है। राष्ट्रीय सार पर भारत में प्रसारण सेवा का विस्तार क्षेत्र की दृष्टि से 90.6 प्रतिशत और जनसंख्या की दृष्टि से 98.8 प्रतिशत हो चुका है।

दूरदर्शन भारत में टेलीविजन संचार के सबसे स्थलीय नेटवर्कों में से एक है। भारत में 15 सितंबर, 1959 को दिल्ली में टेलीविजन का प्रारंभ हुआ। 

हिन्दी में समाचार बुलेटिंग के साथ नियमित सेवा का प्रारंभ 15 अगस्त, 1965 को हुआ था। इसके बाद मुंबई, श्रीनगर और अमृतसर, कोलकाता, चेन्नई और लखनऊ में टेलीविजन केंद्र स्थापित किये गये। अब दू केंद्रो द्वारा अलग-अलग भाषाओं में शैक्षणिक टेलीविजन कार्यक्रम प्रसारित होते हैं। 

छाब दर्शन का एक विशेष शैक्षिक चैनल प्रारंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त अब देश में 100 से अधिक निजी टी. वी. चैनल और केवल नेटवर्क हैं जो विभिन्न भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। 

6. भारत में श्रव्य-दृश्य संचार साधन के रूप में चलचित्रों के विकास का उल्लेख कीजिए । 

Ans. भारत में संचार के माध्यमों में चलचित्र सबसे लोकप्रिय सायन हैं। भारत में समू 1912-13 से ही फिल्में बनाई जा रही हैं। सन् 1912 में सर्वप्रथम पुंडलिक फिल्म बनाई गई गोविंद फालके ने वर्ष 1913 में राजा हरिश्चंद्र नाम का एक फिल्म बनाई। 1931 में मूक पो के स्थान पर बोलती फिल्में बनाई गई। 

पहली बोलती फिल्म आदेशीर ईरानी ने ‘आलम’ प्रस्तुत की। फीचर फिल्म के वार्षिक उत्पादन में भारत संसार में अग्रणी देश है। भारत में फिल्मों का प्रदर्शन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के प्रमाण-पत्र के बाद ही किया जा सकता है। वर्ष 2000 के दौरान 855 भारतीय फिल्मों और 252 विदेशी फीचर फिल्मों को प्रमाणित किया गया था। इसके अतिरिक्त 2071 अन्य छोटी-बड़ी फिल्मों को भी प्रमाण पत्र दिया गया। भारत सरकार ने वर्ष 1948 में स्वतंत्र भारत की उपलब्धियों को अंकित करने के लिए फिल्म डिवीजन की स्थापना की। फिल्म डिवीजन आज समाचार पत्रिकाओं और वृत्तचित्रों के उत्पादन और विवरण की सबसे बड़ी राष्ट्रीय एजेंसी हैं।

7. प्रिंट मीडिया एवं ऑडियो विजुअल मीडियो (श्रव्य दृश्य माध्यम) के बीच अंतर बताइए ।

Ans. सूचना और शिक्षा के द्वारा जनता के बीच ज्ञान के प्रसार में जन-संचार की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। देश में मुद्रित और श्रव्य दृश्य माध्यमों का विकास हुआ है। मुद्रित संचार माध्यम-मुद्रित संचार माध्यमों के विभिन्न प्रकार के समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ शामिल हैं। भारत में समाचार-पत्रों के रजिस्ट्रार की वर्ष 2000 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार भारत में समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं की कुल संख्या 49145 थी।

श्रव्य दृश्य संचार-भारत में जन-संचार का सबसे लोकप्रिय माध्यम फिल्में रही हैं। भारत में 1912-13 से ही फिल्में बनाई जा रही हैं। फीचर फिल्मों के उत्पादन में भारत संसार के अग्रणी – देशों में से हैं। फिल्मों के माध्यम से व्यक्ति परदे पर एक साथ देख और सुन सकता है। नई चीजों और स्थानों के विषय में अब लोग पहले से अधिक जानने लगे हैं। 

सांस्कृतिक परिवर्तन का सूत्रपात हो रहा है। सूचना के आधुनिक माध्यमों के विस्तार ने कई सांस्कृतिक चुनौतियों को जन्म दिया है। अब इनके माध्यम से अपनी संस्कृति की पहचान बनाने में सहायता मिल रही है और साथ ही अन्य संस्कृतियों की जानकारी भी प्राप्त होती है।

8 संचार किस प्रकार समाज में विकास एवं परिवर्तन लाने में सहायक होता है ?

 Ans विकास और परिवर्तन में सूचना एक महत्वपूर्ण कारक है। जन संचार के द्वारा नये’ का प्रसारण परिवर्तन के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। मनोवृत्ति और मूल्यों परिवर्तन लाने के अतिरिक्त सूचना, नवीन कौशल और तकनीक का ज्ञान भी प्रदान करती। है। सूचना लोगों के मानसिक ज्ञान की सीमा के विस्तार में सहायता पहुंचाती है। 

समाचार-पत्र) अब सही अर्थ में जन माध्यम बन गए है। टेलीविजन भी मनोरंजन और सूचना के प्रसारण सामान्य स्रोत बन चुका है। सूचनाओं ने परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज किया है। नये विचारों, थानों और पदार्थों के विषय में अब लोग अधिक जानने लगे हैं। सूचना के विभिन्न माध्यमो हे सांस्कृतिक परिवर्तन का सूत्रपात हो रहा है। सूचना के आधुनिक माध्यमों ने नई सांस्कृतिक नीतियों को भी जन्म दिया है। अब पारंपरिक सामूहिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं। 

9. मनोरंजन क्रांति क्या है ?

Ans. मनोरंजन संचार का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। लोग न केवल फिल्मों से मनोरंजन करते हैं बल्कि संचार द्वारा दी गई सूचनाओं से भी मनोरंजन करते हैं। स्थानीय समाचार कार्यक्रम हिंसक, अपराधों तथा खेलकूद विषयों का विवरण देकर लोगों को सूचनाएँ तो देते हैं साथ ही उनका मनोरंजन भी करते हैं। टेलीविजन के चैनल लोगों का संगीत नृत्य, खेलकूद अभिनय आदि के द्वारा भरपूर मनोरंजन करते हैं। 

टेलीविजन अकेला ही दृश्य और श्रव्य मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन बन गया है। संसार के विभिन्न क्षेत्रों में घटने वाली घटनाओं को टेलीविजन उसी समय हमें दिखा देता है जब व घटित हो रही है। अब सामान्य व्यक्ति भी संसार के विभिन्न भागों में घटित सूचनाओं से अपना मनोरंजन करने में समर्थ हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (LONG ANSWER TYPE QUESTIONS)


1. संचार के माध्यमों से सांस्कृतिक परिवर्तन किस प्रकार होता है ? 

Ans. विकास और परिवर्तन में सूचना एक महत्वपूर्ण कारक है। जन-संचार के द्वारा नये विचारों का प्रसारण परिवर्तनों के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। मनोवृत्ति और मूल्यों में बदलाव लाने के लिए अतिरिक्त सूचना, नवीन कौशल और तकनीक का ज्ञान भी प्रदान करती है। सूचना लोगों के मानसिक ज्ञान की सीमा के विस्तार में भी सहायता पहुँचाती है। 

लोगों की आकांक्षाओं के स्तर को ऊँचा उठाने में भी इसका उपयोग होता है। मुद्रित सामग्री का महत्त्व नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाचार पत्र अब नगरों और ग्रामों में समान रूप से लोकप्रिय है। आज समाचार-पत्र जन-माध्यम बन गए हैं। टेलीविजन भी सूचना के प्रसारण में बहुत अधिक योगदान देता है। जन-संचार की बढ़ती लोकप्रियता ने लोगों के जीवन में क्रांति ला दी है। 

सूचना विविध प्रकार से परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज करती है। संस्कृति में अब कई नये तत्व शामिल हो रहे हैं। संचार के विभिन्न माध्यमों से सांस्कृतिक परिवर्तन हो रहे हैं। इससे सांस्कृतिक चुनौतियों को भी जन्म मिल रहा है। अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को लोग पहचानने लगे हैं। परंपरागत सामूहिक गतिविधियाँ पुनः मजबूत हुई हैं। लोक सांस्कृति संस्थाएँ नई सांस्कृतिक परंपराओं के साथ जुड़ रही हैं। इसे समाजशास्त्रियों ने भारतवासियों का सांस्कृतिक लचीलापन कहा है।

2. संचार माध्यमों का समाचर पर प्रभाव दर्शाइये। 

Ans. सार्वजनिक संदेश के उत्पादन और प्रसारण के संगठित स्वरूप को जन-संचार कहा जाता है जिसके अंतर्गत टेलीविजन, रेडियो, फिल्म, समाचार-पत्र तथा पत्रिकाएँ सम्मिलित हैं। संचार माध्यम लोगों तक दैनिक घटनाओं की सूचना पहुँचाते हैं इनमें सभी वस्तुओं का समावेश होता है, चाहे मीसम की जानकारी हो या राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ। 

जन-संचार के माध्यम हमें सारे संसार की घटनाओं की जानकारी देते हैं। संचार माध्यम मनोरंजन के प्रभावशाली साधन है। लोग फिल्मों से तो मनोरंजन करते ही करते हैं। बल्कि जन संचार द्वारा दी गई सूचना से भी अपना मनोरंजन करते हैं अधिकतर टेलीविजन चैनल लोगों का मनोरंजन भी करते हैं और लाभ भी कमाते हैं। 

हम जानते हैं कि परिवार और विद्यालय बच्चों के समाजीकरण के प्रमुख सायन हैं। फिर भी जन संचार के विकास के कारण बच्चों पर संचार व्यवस्था का काफी सक्रिय प्रभाव पड़ रहा है। संगीतकार नर्तक, खिलाड़ी अभिनेता, अभिनेत्रियाँ सभी तरुणों को नये विचार प्रदान करते हैं। उनके मूल्यों विश्वासों और मनोवृत्तियों को प्रभावित करते हैं। टेलीविजन धनवान होने की मानवीय इच्छा को तृप्त करता है। कामुक इच्छाओं की संतुष्टि का प्रबंध करता है। टेलीविजन हमारा ध्यान यथार्थ जीवन से हटाता है और सोचने की क्षमा में कमी लाता है।

CLASS 12 NCERT SOLUTION IN ENGLISHCLASS12 NCERT SOLUTION IN HINDI
Historyइतिहास
Geography भूगोल
Political science राजनीति विज्ञान
English SubjectResult
Hindi SubjectHistory answer keys

FAQs


Q. संचार साधन मनोरंजन के क्षेत्र में किस प्रकार सहायक हैं ?

Ans. सामचार पत्र और पत्रिकाएँ मनोरंजन के क्षेत्र में उपयोगी भूमिका निभाते हैं। इनमें प्रकाशित कहानियाँ, किस्से, कविताएँ, बालोपयोगी साहित्य न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि ज्ञान वृद्धि में भी सहायता करता है। टेलीविजन से हास्य व्यंग्य के सीरियल, फिल्म, ज्ञानवर्धक चर्चाएँ और खेतों का आनंद लिया जा सकता है।

Q. जन संचार और जन संवाद में क्या अंतर है ? 

Ans. प्रायः जन संचार और जन संवाद शब्दों का प्रयोग साथ-साथ किया जाता है। कुछ विद्वानों ने इनमें अंतर किया है। जन संवाद यह प्रक्रिया है जिसके द्वारा सूचना काफी लोगों तक सूचनाओं को पहुंचाने का साधन है। संदेश और सूचना को भेजने वालों पहुंचाई जाती है।

Q. जन संचार क्या है ? इसके तीन साधन कौन-से हैं ? Or, भारत में जन संचार के प्रचलित प्रकारों का उल्लेख कीजिए।

Ans. सार्वजनिक संदेश के उत्पादन और प्रसारण के संगठित स्वरूप को जन संचार कहा जाता है जिसके अंतर्गत टेलीविजन, रेडियो, फिल्म, समाचार-पत्र तथा पत्रिकाएँ सम्मिलित हैं। संचार के इन साधनों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभक्त किया जाता है- (i) मुद्रित संचार, (ii) विद्युत संचार, (iii) श्रव्य दृश्य संचार ।

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NOTES & QUESTIONS ANSWER


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  7. suggestions for projects work
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements

MCQS IN ENGLISH


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements

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NOTES & QUESTIONS ANSWER


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  7. suggestions for projects work
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements

MCQS IN ENGLISH


  1. Introducing Indian Society
  2. The Demographic Structure of the Indian Society
  3. Social Institutions: Continuity and Change
  4. The Market as a Social Institution
  5. Patterns of Social Inequality and Exclusion
  6. The Challenges of Cultural Diversity
  1. Structural Change
  2. Cultural Change
  3. The Story of Indian Democracy
  4. Change and Development in Rural Society
  5. Change and Development in Industrial Society
  6. Globalisation and Social Change
  7. Mass Media and Communications
  8. Social Movements

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